दिसम्बर 7, 2017 Md. Saheb Ali BIHAR, आपका प्रदेश, इकॉनमी, ट्रेंडिंग 0 जीएसटी में पेट्रोलियम, बिजली, शराब और और रियल एस्टेट को शामिल नहीं किया गया है. आख़िर इन अहम चीज़ों को जीएसटी से बाहर क्यों रखा गया? इसी को लेकर हमने अर्थशास्त्री अरुण कुमार और अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर डीएम दिवाकर से बात की. कौन सा है वो राग जिसे गाते वक्त मेहदी हसन को लगता था बेसुरे होने का डर! हेल्थ अलर्ट Our Divisions electric bills #लाइट कैमरा एक्शन इलाहाबाद कंपनी ने कुल खर्च के लिए 16,900 करोड़ की मांग की है. इसमें नॉर्थ बिहार कंपनी ने 7200 करोड़ तो साउथ बिहार कंपनी लिमिटेड ने 9700 करोड़ की मांग की है. कंपनी ने अपने प्रस्ताव में दो तरह की टैरिफ सौंपी है. एक में कंपनी ने कहा है कि राज्य सरकार के अनुदान के बिना अगर शत-प्रतिशत खर्च की बात है तो उसमें 51 फीसदी से लेकर 120 फीसदी तक बिजली दर में वृद्धि की आवश्यकता होगी. लेकिन कंपनी ने कहा है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य सरकार ने 2952 करोड़ का अनुदान दिया है. मुंबई वालों ध्यान से सुन लो! बिहार में उत्पादित बिजली से दौड़ती हैं मुंबई की लोकल ट्रेनें मौके पर लालजीराम तियु का साला बबलू बिरुवा के बारे में पुलिस को जानकारी हुई की इसके द्वारा यौन शौषण के आरोपी लालजीराम को पनाह दिया था। नई राज्य ईमेल सेवा जिलाध्यछ जेएमएम कोटा: पहले भजन-हवन और अब जलस्तयग्रह का लिया सहारा, बिजली कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन जारी # Central Government Recipient's email address Updated on 7/13/2017 उत्‍तराखंड में 'सौभाग्य' योजना लॉन्च, 10400 घरों की चमकेगी किस्‍मत केंद्र सरकार की कोयले से चलने वाले बिजली उत्पादन संयंत्रों को हतोत्साहित करने की नीति के कारण एनटीपीसी दिल्ली की तीनों बिजली कंपनियों को जो बिजली 4.3 रुपया प्रति यूनिट के दर से बेचता था, अब उसके दाम 3.8 रुपए प्रति यूनिट कम कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त एनटीपीसी ने अपने थर्मल पावर प्लांटों में विद्युत उत्पादन की लागत में लगभग 14 फीसद की कमी की है। इस कारण दिल्ली के उपभोक्ताओं को लगभग 20 फीसद कम दामों पर बिजली उपलब्ध कराई जानी चाहिए, लेकिन बिजली कंपनियां अभी भी महंगे दामों पर बिजली बेच रही हैं। आयोग ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिया कि पंखों की कीमत को 10 किस्तों और एसी की कीमत को 18 किस्तों में वसूला जाए. इसके अलावा आयोग ने कहा कि सस्ते उपकरण नकद भी दिए जा सकते है. प्रोफ़ेसर अरुण कुमार का कहना है कि यह तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि पेट्रोलियम, रियल एस्टेट, शराब और बिजली को जीएसटी के दायरे में नहीं रखा गया है. विद्युत सभी के लिए Jalandhar सास-बहू के जिस्मफरोशी के धंधे से उठा पर्दा, रंगे... अगर लोग बीफ खाना छोड़ दें तो रुक जाएंगी मॉब लिंचिंग की घटनाएं- आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए अटल बिहारी वाजपेयी बोकारो समेत समस्त प्रदेश वासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं India Today एससी/एसटी वर्ग को क्रीमी लेयर लगाकर पदोन्नति में आरक्षण से वंचित नहीं किया जा सकता: केंद्र भूपेंद्र सिंह हुड्डा पड़ रहे हैं पार्टी के भीतर और जनता के बीच कमजोर 0 उदय का प्रभावित क्रियान्वयन। (उदय यानी उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना बिजली वितरण कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए 2015 में शुरू की गई है।) केरल: बाढ़-बारिश से 9 दिन में 324 लोगों की मौत, 2 लाख से ज्यादा राहत शिविरों में; मोदी करेंगे हवाई सर्वे 12 mins Story स्प्लिट प्रकार एसटीएस एकल चरण इलेक्ट्रिक मीटर, पीएलसी जी 3 आरएफ दीन रेल पावर मीटर EMAILFACEBOOKINSTAGRAMTWITTERGOOGLE+WHATSAPP RECOMMENDED ब्रेकिंग न्यूज़ Follow दीनदयाल अंत्योदय योजना इकोनॉमी मंजूरी लेने की जरूरत पर जोर दिया है। BIG BREAKING : बिहार के 3 लोगों की तेलंगाना में दर्दनाक मौत 25 Views Help Center Healthy Food योजना की पात्रता शर्तों इस प्रकार हैं – उस उद्यम को राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित प्रतिबंधित सूची में न रखा गया हो। इसके अलावा, सब्सिडी जारी करने के समय उद्यम नियमित उत्पादन कर रहा हो और यह सब्सिडी बंद इकाइयों को जारी नहीं की जाएगी। 1699914088खरीदे बच्चियों से रेप की घटना पर तेजस्वी का विराट प्रदर्शन, नीतीश कुमार को आई शर्म Shadik ब्यू गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने और सिर्फ 500 रूपए के भुगतान पर अन्य घरों को भी विद्युत कनेक्शन मुहैया कराया जाएगा। Madhya PradeshHoshangabadBetulहजारमजदूरबिजली बिलमाफीसस्ताकनेक्शन एसके अग्रवाल ने कहा कि यूपी में बिजली दरों में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यूपी में करोड़ों नए उपभोक्ता जुड़ने जा रहे हैं इसके लिए बिजली की दरों में वृद्धि किया गया है। ग्रामीण इलाकों में हमे ज्यादा नुकसार हो रहा था। इसकी भरपाई के लिए हमने यहां भी बिजली की दरों में बढ़ोतरी की है। ‘मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं: लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं?’ Home » देश » बिहार में महंगी हुई बिजली, नई दर एक अप्रैल से पहुँच क्षमता बयान वजन: 250 ग्राम विज्ञप्ति का संक्षिप्त विवरण Ph. : 0181-5067200, 2280104-107 नए आदेशों के अनुसार को सितम्बर माह से बिजली उपभोग राशि का भुगतान नई दरों से करना होगा। बिजली कंपनियों ने गठन के बाद सातवीं बार बिजली दरों में बढ़ोतरी की है। यही नहीं पड़ोसी राज्यों में तुलना में प्रदेश में बिजली दरों में प्रदेश अव्वल नंबर पर आ गया है।  Hover over the profile pic and click the Following button to unfollow any account. अजब- ग़ज़ब up next पीएम मोदी के साथ चल रही भीड़ में शामिल थे आईबी के 600 लोग, 50 शार्पशूटरों की थी नजर More From Neemuch टॉप फाइव में गुजरात व उत्तराखंड की कंपनियां 101-200         6.10 उपलब्‍ध उपस्‍कर टॉपर्स से बातचीत अटलजी के नाम पर मोदी सरकार ने शुरू की थी ये योजना, हर महीने 210 रुपए देकर पा सकते हैं 5,000 तक की गारंटीड पेंशन अशोक माँहथा Translate This page हिन्दुस्तान टीम 15-05-2018 Kiswahili Kiswahili मध्य-प्रदेश Updated on 10/25/2017 नरेगा के संगठन निविदायें     इस अवसर पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रोजेक्ट निदेशक प्रोजेक्ट आर.के.बतरा ने वित्त मंत्री को विश्वास दिलाया कि निगम द्वारा उनके सुझावों पर शत-प्रतिशत अमल किया जाएगा तथा उपभोक्ता संतुष्टि के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। बैठक में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के ऑपरेशन निदेशक एस.के.बंसल, चीफ इंजीनियर आर.के.जैन, एस.के.सोढ़ा और डी.एल. हंसू, जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. साहिब राम गोदारा, जिला राजस्व अधिकारी राजेन्द्र कुमार, डी.टी.सी. सतबीर सिवाच, अजय सिंधु, प्रो. मंदीप मलिक, सत्यपाल श्योराण, सतपाल मल्हान, शशी ढाका व बलराज लोहान सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। शहरी इलाकों में सरकार आवास के निर्माण एवं खरीद के लिए मदद करती है। इसके तहत लोन में ब्याज पर छूट मिलती है और कुछ राशि की मदद भी मिलती है। यूपीए के दौर में यह स्कीम राजीव गांधी आवास योजना के नाम से चल रही थी। भोपाल। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से कुछ माह पूर्व राज्य सरकार द्वार 1 जुलाई से लागू की गई सरल बिजली और बिल माफी की बहुप्रचारित योजना विवादों के घेरे में आ गई है। उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए काम करने वाले कार्यकर्तों का आरोप है कि शिवराज सरकार की इस योजना से बिजली कंपनियों का घाटा बढ़ेगा जिसकी भरपाई नियमित रूप से बिजली बिल भरने वालों को करनी होगी। इससे साफ है कि सरल बिजली योजना से आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। इन्हीं तथ्यों के आधार पर इस योजना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई गई है। I agree to the terms of the privacy policy दिक्चालन सूची 13 दिशानिर्देश / संकल्पों / अधिसूचनाएं इलेक्ट्रिक कंपनी प्रदाता - सस्ते बिजली योजनाएं इलेक्ट्रिक कंपनी प्रदाता - समीक्षा इलेक्ट्रिक कंपनी प्रदाता - इलेक्ट्रिक कंपनी की दरें
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