यूपी में महंगी हुई बिजली, अब 150 यूनिट तक 4.90 रुपया/यूनिट लगेगा चार्ज रिलेशनशिप्स बिहारशरीफ मण्डी भाव राज्यवार ख़बरें उत्तर प्रदेश में बिजली हुई महंगी(फोटो: BloombergQuint) उदय योजना ने बिजली वितरण कंपनियों के नुकसान को कम किया है।  असिस्टेंट इंजीनियर: 19110-46320 रुपये Register निजी अस्पतालों और क्लिनिक को बिल में 5 % की छूट FROM NETWORK18 Edited By Vijay, दिनेश राय को पाकुड़ By admin September 22, 2016 आप जिस पेज़ को देखना चाहते है वो उपलब्ध नहीं है, यह सामग्री जिला प्रशासन के अधीन है। Serbian Српски/Srpski जामताड़ा छह महीने पहले बिजली कंपनी में अनुकंपा नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। इससे मृत कर्मचारियों के बच्चों को नौकरी नहीं मिल पा रही थी। ऊर्जा विभाग के इस फैसले का कर्मचारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया था। इस पर मप्र शासन ऊर्जा विभाग ने प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में लगी अनुकंपा नियुक्तियों पर से प्रतिबंध हटा लिया और अनुकंपा नियुक्ति आवेदनों पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। इससे कंपनी के सैकड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा और उन्हें नौकरी मिल जाएगी। Seohar पंजाब और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने केरल को 10 करोड़ रुपए देने की... 2018 ASIAN GAMES: सिंधु, सुशील और दीपा जानिए और किन-किन खिलाड़ियों से लगी है गोल्ड मेडल की आस सिलिगुडी भाजपा नेता सह पार्षद आदित्यपुर नगर निगम वार्ड संख्या 16 शादी में 'कुत्ता' बन जलील हुए वरुण धवन, तो फूट-फूटकर... @AamAadmiParty @DrKumarVishwas अरे बन्द करो नाटक। सरकार तेरी है । है औकात तो कुछ करो । जनता को चुतिया बनाना बन्द नही करोगे??? PDP नेता मुजफ्फर हुसैन बेग का विवादित बयान, पीएम नरेंद्र मोदी को दी चेतावनी प्रोफ़ेसर दिवाकर ने कहा कि जीएसटी से कंज़्यूमर स्टेट को फ़ायदा होगा न कि बिहार जैसे ग़रीब राज्यों को. उन्होंने कहा कि जीएसटी की पूरी व्यवस्था विदेशी पूंजी के स्वागत के लिए है. दिवाकर ने कहा कि यदि गोदरेज का साबुन सस्ता मिलेगा तो लोग कुटीर उद्योग का मंहगा साबुन क्यों लेंगे और अगर ऐसा होता है तो छोटे व्यापारियों के हित में नहीं है. जैतापुर प्रोजेक्‍ट को दुनिया का सबसे बड़ा न्‍यूक्लियर कॉन्‍ट्रैक्‍ट माना जा रहा है और यह दुनिया की सबसे बड़ी न्‍यूक्लियर साइट भी है। 10,000 मेगावाट्स के इस प्रोजेक्‍ट में छह रिएक्‍टर्स होंगे, जिनमें प्रत्‍येक की क्षमता 1650 मेगावाट होगी। भारत सरकार ने 2017 तक 17,400 मेगावाट न्‍यूक्लिर पावर जनरेशन का लक्ष्‍य रखा था, जिसमें से वह केवल 30 फीसदी लक्ष्‍य ही हासिल कर पाई है। www.jagran.com 01 मई 2018, 12:01 AM योजना Serbian Српски/Srpski 255 कला और संस्कृति Saroj Kumar Meher डी के श्रीवास्तव हापुड़ More From News ग्रामीण क्षेत्रों में 2 से 5 किलोवाट तक कनेक्शन लेने वालों को 60 रुपये प्रति किलोवाट जमा करना पड़ता था, जबकि शहरी क्षेत्रों में 2 किलोवाट से ऊपर और 5 किलोवाट से कम के कनेक्शन के लिए 150 रुपये प्रति किलोवाट जमा कराया जाता था।  शनिवार 18 अगस्त, 2018 अन्य विभाग Okay कृषि 17 हिमाचल की पहाड़ियों में सबसे ऊंची चोटी पर स्थित है काली मां का मंदिर,... CM JAIRAM THAKUR शासी परिषद् अब तक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए डीएस-1 की तीन  श्रेणी और डीएस-2 की दो श्रेणी थी. अब घरेलू उपभोक्ताओं को केवल शहरी और  ग्रामीण की श्रेणी में बांटा गया है Mar 28, 2018, 04:11 PM IST Source स्वतंत्रता दिवस समारोह | मंत्री मेहदेले ने ध्वजारोहण कर ली परेड की सलामी Study Material UPSC Hindi Image caption इस कार में चार लोग बैठ सकते हैं.(तस्वीर महेंद्रा रेवा) Xiaomi का नया Mi Band 3 लॉन्च, जानें कीमत और खूबियां जनगणना PRINTING गोरखपुर Ed Tech Blog सिटी ABP-C VOTER Survey Review: मध्यप्रदेश में गोवा रिटर्न सरकार | MP ELECTION NEWS बलराम ताल योजना बॉलीवुड केसरी August 18,2018 10:29:18 AM 23-Dec-16 01:28 opinion एचटी आपूर्ति         5.98 से 6.35 के बीच Monday 13 August , 2018 ऑफिस ऑफ प्रॉफिट केस में AAP विधायकों को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत महिंद्रा रेवा कंपनी उन ग्राहकों पर नज़र है जो पहले ही एक कार रखते हैं और शहर में इस्तेमाल करने के लिए दूसरी का चाहते हैं. एक अनुमान के मुताबिक भारत में 2020 तक 60 लाख इलेक्ट्रिक कारें होंगी. “स्वाधीनता पर्व” की संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित, विधायक डॉ.मोहन यादव हुए शामिल फसल उत्पादन Why you're seeing this ad RING और EARRINGS की सबसे लेटेस्ट रेंज लीजिए चांद​ बिहारी ज्वैलर्स में, प्राइस 8000 से शुरू बाइक रिव्‍यूज जैसलमेर इनका कहना वैकल्पिक विषय प्रश्नोत्तर वो 11 बातें जो मोदी ने जीएसटी के लिए कहीं हजारीबाग समेत समस्त प्रदेश वासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं राजनीति प्रशासन क्राइम बिजली-सड़क-पानी अन्य खबरें फ्यूचर नाउ लखनऊ टाइम्स ई-पेपर हल्द्वानी English बिजली आपूर्ति-भारतीय परिदृश्य Primary Menu कम रकम वाले लोन के मामले में बढ़ते तनाव की वजहों पर मित्तल ने कहा है, ‘बढ़ती हुई प्रतिस्पर्धा से इस पर फर्क पड़ेगा. परिणामस्वरूप लोन देने के मापदंडों में गिरावट आएगी और स्व-नियोजित क्षेत्रों में अधिक मात्रा में लोन दिए जाएंगे.” विद्युत योजना की तुलना करें - मुफ्त बिजली विद्युत योजना की तुलना करें - बिजली की कीमत विद्युत योजना की तुलना करें - नवीकरणीय ऊर्जा
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