IBC24 SwarnaSharda Scholarship 2018 भर्ती Tweets अटल जी के आर्थिक निर्णयों ने बदला भारत का चेहरा, वरिष्ठ पत्रकार मनोज गैरोला से खास बातचीत Gadgets सम्‍पर्क रहित प्रकार की लेसर वैब्रोमापी आरएसएस पुलिस Fraud Complaints हिन्दी न्यूज़ |News|मराठी|বাংলা |ગુજરાતી|ಕನ್ನಡ|தமிழ்|తెలుగు|മലയാള July 19, 2018 2018-19 के लिए हैं नई दरें बैलगाड़ी योजनाबाहरी फ़ाइल जो एक नई विंडों में खुलती हैं सम्पर्क यह भी पढ़ें: यूपी कैबिनेट का फैसला: शहरों में 24 घंटे, गांवों में 18 घंटे बिजली खबरें / मंथन रक्षा LATEST FROM AAJ TAK विशेष August 18, 2018 केंद्र की नई पावर पॉलिसी उपभोक्ताओं को देगी सस्ती बिजली का तोहफा जनगणना गलती कंपनियों की, भुगते जनता वाजपेयी को एक वामपंथी नेता की श्रद्धांजलि: हमारे कालखंड की संसदीय राजनीति की असाधारण शख्सियत ई पेपर Terms of Use करियर & जॉब्स सिक्कालेख जागरण प्राइम टाइम न्यूज पाकुड़ मुंगेर हमेशा कनेक्टेड रहें नई दिल्ली: बिजली क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए बिजली मंत्री आर के सिंह ने कहा है कि लोगों को दूरसंचार सेवा की तरह बिजली खरीदने के लिए अपने क्षेत्र में एक से अधिक आपूर्तिकर्ताओं का विकल्प दिया जाएगा। इसके लिये बिजली कानून में संशोधन किया जाएगा। बिजली मंत्रालय आगामी बजट सत्र में बिजली संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है जिसमें अन्य बातों के अलावा बिजली आपूर्ति और वितरण नेटवर्क के कारोबार को अलग-अलग करने का प्रावधान होगा। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे सिंह ने कहा, हम बिजली कानून में कई संशोधन ला रहे हैं। नशों के खिलाफ जंग में उतरे ओलिम्पिक पदक विजेता और पंजाबी गायक मुख्य परीक्षा की रणनीति पांच श्रेणियों में बांटे गये उपभोक्ता  1999 में वेबसाइट से प्रचार करनेवाले यूपी के पहले उम्मीदवार थे अटल बिहारी वाजपेयी فارسی हरखू रविदास बिजली कंपनियां दो तरह से बिजली खरीदती हैं। वह बिजली उत्पादक कंपनी से 10 या 20 साल के लिए लॉन्ग टर्म अग्रीमेंट करती है या फिर जरूरत के मुताबिक शॉर्ट टर्म अग्रीमेंट होता है। यह पावर एक्सचेंज के जरिए या फिर बाइलेटरल (द्विपक्षीय) हो सकता है। जहां से बिजली मिल जाए वहीं से कंपनियां बिजली खरीद लेती हैं। अभी इस तरह का कोई सिस्टम नहीं है कि अगर बिजली कंपनी कम दाम पर बिजली खरीदे तो उन्हें कुछ फायदा हो। बिजली कंपनियां जिस दाम पर बिजली खरीदती है वह उसके खर्च में जुड़ जाता है और आखिरकार वह खर्च उपभोक्ताओं के हिस्से में आता है। अगर बिजली कंपनियां कम दाम पर बिजली लेंगी तो उपभोक्ताओं पर भी कम बोझ पड़ेगा। Araria संतोष मंडल एवं मधु रॉय मुख्य चिंताएं भोगोलिकी सिंचाई (मीटर) आइएएस टू  1.20  5.00 You Are At: नीतीश कुमार ने कहा कि एक सोची समझी रणनीति के तहत वर्ष 2017-18 में टैरिफ याचिका को शून्य अनुदान पर तैयार कराया गया है. इस नीतिगत निर्णय के आधार पर आयोग ने बिना अनुदान के  टैरिफ लागत का निर्धारण किया. इससे राज्य सरकार को उपभोक्तावार  अनुदान की राशि तय करने में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी. साथ ही वितरण कंपनियों की टेक्निकल व कॉमर्शियल लॉस में निरंतर कमी लाने के लिए गहन माॅनीटरिंग की जा सकेगी. नये वर्ष के लिए आयोग ने टैरिफ निर्धारित करते समय पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल अौर उत्तर प्रदेश के 2016-17 के टैरिफ से तुलना करते हुए राज्य के उपभोक्ताओं को दी जानेवाली सब्सिडी का निर्धारण किया है.  कैलेंडर 2018 1. माना की पीएम मोदी बहादुर हैं, पर प्रेस से क्यों दूर हैं? हिमाचल प्रदेश की खबरें न्यूज निचोड़ At 11 AM : वाजपेयी की हालत नाजुक Hastakshep कक्षा कार्यक्रम SENSEX सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र II वाजपेयी को संघी और फासिस्ट बताने वाले प्रोफेसर पर हमला, अस्पताल में भर्ती सुप्रीम कोर्ट का फोटो। दिनेश सिंह अन्य खबरें August 16, 2018 संदेश Google ने खुद जारी की है लिस्ट, एंड्रॉयड यूजर्स तुरंत डिलीट कर दें ये 145 एप्स Accessibility Help हनुमानगढ़ गपशप शहर को रामनगर More From Barmer सीएचसी चंदनकियारी पैन कार्ड आरबीआई ने एक समूह बनाया है। जिसके तहत बिल पेमेंट के रिकॉर्ड के आधार पर किसी शख्स के लोन लेने की योग्यता तय करेगा। क्रेडिट रेटिंग एजंसी अभी बैंकिंग और गैर बैंकिंग कम्पनियों की वित्तीय स्थिति को देखकर स्कोर देती हैं। इससे पता चल जाता है कि भविष्य में ली गई भार भरकरम वह लौटा पाने में समर्थ होगें या नहीं।  रक्सौल-काठमांडो रेल परियोजना के कार्य में तेजी लाएगा नेपाल और भारत राजसमंद Block title Choose from 30 Languages वीडियो उत्तर काशी सुरक्षा का स्तर @JarnailSinghAAP लोकसभा टीवी डिस्कशंस देवशयनी एकादशी 23 जुलाई को : इस दिन व्रत करने से पापों का होता है नाश, 4 महीनों तक नहीं होते शुभ कार्य 43 mins नल जल योजना के बिजली बिल नहीं भरे हों तो कनेक्शन न काटें: मिश्र VIDEO: जब मूसलाधार बारिश ने कांवड़ियों की सांसें रोक दी Search for: Apr 28 2018 7:15AM पहले सरकार बिजली की उपलब्धता कराए, डोमेस्टिक बिजली की दर में बढ़ोतरी राज्य की गरीब जनता के साथ अन्याय है। कांग्रेस पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी, उन्होनें इस सबंध में झारखण्ड राज्य विद्युत नियामक आयोग की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान खड़ा करते हुए कहा कि बिजली भाल्क बढ़ाने की प्रक्रिया में कई त्रुटियां है, झारखण्ड राज्य बिजली वितरण निगम लिमिटेड बिजली की क्वालिटी और क्वांटिटी मुहैया कराने में सक्षम नहीं है। बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्‍चत कराने की बजाय बिजली दर में बढ़ोतरी किया जाना अनुचित है। भाजपा वॉशिंग मशीन, बाइक और फ्रिज जितने का मौका Designed by Hocalwire आईसीआईसीआई बैंक: केरल के ग्राहकों से इस महीने ईएमआई चुकाने में देरी पर पेनल्टी नहीं लेगा 1 mins धर्म-अध्‍यात्‍म पानी की महा बचत- सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि उद्यान विभाग द्वारा डिप सैट पर अनुदान दिये जाने का भी प्रावधान आसान शर्तों पर ऋण 10 से 15 वर्ष 11 माह की अनुग्रह अवधि की अवधि हेतु उपलब्ध। अंतरराष्ट्रीय खबरें VIDEO: बागेश्वर में पिंजरे में फंसा गुलदार, देखने के लिए लगी भीड़ बिजली सप्लाई बाधित होने पर डीजल इंजन से दौड़ाई ट्रेनें Ceiling Fans # India प्रतीकात्मक फोटो. To Top मनोरंजन की खबरें 5% टैक्स स्लैब सुरक्षा उपकरण: एमसीबी -------Advertisement-------- Español नवंबर 2015 में रोशनी घर जोन के 10 फीडरों पर 33 लाख 24 हजार यूनिट बिजली की आपूर्ति की, लेकिन 29 लाख 92 हजार यूनिट बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंच पाई। 3.32 लाख यूनिट बिजली लाइन लॉस हो गई। अत: कुल 29 लाख 92 हजार यूनिट का बिजली का बिल जारी होना था, लेकिन जोन ने ऐसा नहीं किया। 45 लाख 82 हजार यूनिट का बिल जारी कर दिया। सक्सेस मंत्र: दूसरों की बातें अनसुना कर आगे बढ़ें जरूर मिलेगी सफलता आखिर कौन हैं अटल जी की दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य, जिन्होंने दी पार्थिव शरीर को मुखाग्नि इस गांव में सबके दोस्त हैं सांप, न तो काटते हैं, ना इनको मारा जाता है ऊर्जा लागत की तुलना करें - वाणिज्यिक विद्युत आपूर्ति ऊर्जा लागत की तुलना करें - गैस और इलेक्ट्रिक कंपनियां ऊर्जा लागत की तुलना करें - ग्रीन इलेक्ट्रिक
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