All content on this website is published 5 अब पाइए अपने शहर ( Shahdol News in Hindi) सबसे पहले पत्रिका वेबसाइट पर | Hindi News अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Patrika Hindi News App, Hindi Samachar की ताज़ा खबरें हिदी में अपडेट पाने के लिए लाइक करें Patrika फेसबुक पेज 6. ट्रंप से मुलाकात के लिए उत्तर कोरिया से चाइना होते हुए सिंगापुर पहुंचे किम जोंग मीडिया व्यक्तियों के ऑनलाइन प्रत्यायन सघन गन्ना विकास योजना Nawada सेहत के लिए किसी टॉनिक से कम नहीं है करेला, जानिए इसके 6 बड़े फायदे Copyright © 2018 Live Cities. All rights reserved. दीवारों के रंग और सेक्स में है संबंध ज्यादातर लोगों के लिए घर का सबसे फेवरिट हिस्सा बेडरूम होता है… Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 06, 2018, 04:45 AM IST इन 10 तरीकों से नारियल तेल का इस्तेमाल करेंगे तो दिखेंगे यंग मिल सकती है ज्यादा छूट सक्सेस मंत्र: दूसरों की बातें अनसुना कर आगे बढ़ें जरूर मिलेगी सफलता नानी मां के नुस्खे Read More: Fatehabad Haryana Hindi News Jagran Newsहरियाणा अणुविद्युत योजनातहतविकासशरण शिकायत लेटेस्ट न्यूज़ संत कबीर दास के दोहों में छुपा है जीवन को सफल बनाने का सूत्र 41 mins Box Office: 'गोल्ड' ने पहले दिन बना लिया यह शानदार रिकॉर्ड, 'सत्यमेव जयते' का दमदार आग़ाज़ The refrigerator has been one of the most important innovations in home appliances category over the last century. Though once a luxury, but thanks to the liberalization and boom of the Indian economy, it’s now an indispensable appliance in the Indian household. With the rising middle class and larger disposable income, demand for the refrigerators have witnessed a robust double-digit growth over last few years. Rising demands has also propelled the manufacturers Web Title: अमेरिकी कंपनी देगी भारत को सस्ती सोलर पावर असम यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं गुलजार, देश के कई स्कूलों की प्रेयर बन गई उनकी रचना हमको मन की शक्ति देना 3 mins शेयर अटलजी नकारात्मक सोच से हमेशा दूर रहे, उनके व्यंग्य पर लोग तिलमिलाते तो जरूर थे, पर आहत नहीं होते: लालकृष्ण आडवाणी 15 mins Kerala Scheme मुजफ्फरपुर महापापः CBI रेड पर बोला JDU – RJD में ज्ञान की कमी, जांच के बाद होता है एक्शन BIHAR बेगूसराय में फांसी पर झूला युवक, वीडियो फेसबुक पर लाइव हो रहा था News18 India आखिर क्यों 13 नंबर को सुनते ही लोग आ जाते हैं… www.bhaskar.com 18 जनवरी 2017, 03:09 AM डीईआरसी ने घरेलू बिजली पर प्रति यूनिट नई दरें तय की हैं. इसके मुताबिक शून्य से 200 यूनिट तक की प्रति यूनिट दर 4 रुपये से घटाकर 3 रुपये, 201 से 400 यूनिट तक 5.95  से घटाकर  4.50 रुपये,  401 से 800 यूनिट तक 7.30 से घटाकर  6.50 रुपये,  801 से 1200 यूनिट तक 8.10 से घटाकर  7 रुपये और 1200 यूनिट से अधिक की खपत पर चार्ज  8.75 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 7.75 रुपये प्रति यूनिट किया गया है. एलईडी सूचक © 2018 Pratyek News - All rights reserved. उन्होंने बताया कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कमियों को दूर नहीं जाता है तो पोर्टल के माध्यम से पार्टी को सूचित करते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा दावा दायर किया जा सकता है। सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना उद्यम को निर्दिष्ट किए गए दस्तावेजों अलावा कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार फाइल किए गए दावों को प्रशासनिक सचिव, उद्योग और वाणिज्य विभाग के आदेशों पर फिर से खोला जा सकता है, बशर्ते ऐसे अनुरोध नामित सक्षम प्राधिकारी द्वारा दावे को अस्वीकार किए जाने की तिथि से 30 दिनों की अवधि के भीतर प्राप्त हों। इतने खूबसूरत हैट्स की बस दिल आ जाए... मौजूदा समय में कमर्शल बिजली उपभोक्ताओं को गर्मियों के दौरान कम से 650 रुपये प्रति कनेक्शन का बिल देना पड़ता है। यानि कितनी भी कम बिजली का उपभोग हो, मगर उपभोक्ताओं को कम से कम 650 रुपये का बिल देना ही होगा। सर्दियों में कमर्शल उपभोक्ताओं के लिए मिनिमम चार्ज 450 रुपये प्रति कनेक्शन होता है। Created at - December 23, 2016, 1:28 pm By Kamlesh Bhatt Lakhisarai रिपोर्ट : डॉ मनमोहन सिंह के कार्यकाल में हासिल हुई सर्वाधिक 10.08 फीसदी रही वृद्धि दर Mobile Website ऊर्जा से जुड़े प्रमुख संस्थान August 18, 2018 रत्न नो फेक न्यूज़ नया गुरुग्राम वर्तमान Entertainment News शराब, पेट्रोलियम, रियल एस्टेट और बिजली GST से बाहर क्यों? रामेश्वर उपाध्याय Regional Party BJP निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा? शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन जिंदाबाद, स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं बाल वाटिका होम » उत्तराखंड सूत न कपास, जुलाहों में लट्ठम लट्ठा . . . posted on August 18, 2018 पश्चिमांचल को 10 फीसदी अतिरिक्त बिजली सप्लाई का तोहफा Kiswahili Kiswahili 97 रिव्यु पूर्व केंद्रीय सदस्य जेएमएम कार्यक्रम में चेयर मेन (श्रैम्त्ब्) अरविन्द प्रसाद, मेम्बर (श्रैम्त्ब्) आर एन सिंह, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल पुरवार एवं विद्य्नुत विभाग के अधिकार आदि उपस्थित थे। हमारे साथ विज्ञापन करें FOLLOW (11) PunjabKesari.in बेगूसराय -सिंचाई पंपों की खपत पर ऊर्जा प्रभार में दस फीसद छूट का रहेगा प्रावधान। TheQuint नवभारत टाइम्स | Updated:Dec 18, 2011, 06:05AM IST पोस्टर विज्ञापन दिवाकर ने कहा, ''शिक्षा पर भी जीएसटी कर नहीं लगेगा. ऐसे में शिक्षा का निजीकरण बढ़ेगा. कोई कैसे मान ले कि प्राइवेट स्कूलों की कमाई नहीं होती है? और अगर होती है तो फिर इन्हें जीएसटी के दायरे में क्यों नहीं लाया गया? जीएसटी पूंजीपतियों के हिसाब से मार्केट बनाने की प्रक्रिया है.'' Firkee हेल्थ टॉप स्टोरी Libra (तुला) ऊर्जा मंत्रालय के सर्कुलर अनुसार यदि किसी परिवार में पांच सदस्य है और मुखिया के नाम से बिल कनेक्शन है। यदि वह मुखिया असंगठित श्रमिक योजना के तहत पंजीकृत नहीं है और उसके परिवार का अन्य कोई एक भी सदस्य पंजीकृत है तथा इन दोनों के नाम समग्र आईडी परिवार की प्रोफाइल में एक साथ सम्मिलित है तो योजना का लाभ मिलेगा। कमोडिटी पैकेजिंग विवरण: दफ़्ती प्रकाश अग्रवाल ऑनलाइन मार्केट @ आप सरकार@ बिजली खर्च@ सब्सिडी @ अरविंद केजरीवाल@ AAP [email protected] electricity [email protected] [email protected] Arvind Kejriwal राज्य सरकार की नीति में उल्लेख नहीं था कि योजनाओं को नदियों का पानी प्रयोग करने के बाद कितना नीचे की धारा में छोड़ना चाहिए। पानी सुरंगों में डालने तथा प्रयोग करने के बाद नीचे नदी की पुरानी घाटी में बहाव कितना रहेगा ? पाँच योजनाओं की जाँच करने के बाद देखा गया कि नदियों की सुरंगों के समाप्त होने के बाद निचले भागों में पानी नहीं था और वे बिलकुल सूखे पड़े थे। कहीं कुछ बूदें रिसती दिखाई दे रही थीं। जो वातावरण को बनाए रखने लायक नहीं थी। नदियों से रिसकर जो पानी भूमितल में जमा होता था वह भी समाप्ति पर था। बिना सोचे-समझे राज्य सरकार नदियों पर जो अंधाधुंध जल-विद्युत योजनाएं बना रही थी उनका मिला-जुला नतीजा वातावरण के लिए घातक था। अभी 42 जल-विद्युत परियोजनाएं कार्य कर रही थीं, 203 और या तो बन रही थीं या तैयारी में थी। बहुत सारी अन्य विचाराधीन थी। विंडएनर्जी एक्सपर्ट ओपी तनेजा कहते हैं कि इससे पहले भी विंड एनर्जी का रेट 3.46 रुपए प्रति यूनिट से घटकर 2.64 रुपए प्रति यूनिट हो गया था। फिर भी बिजली कंपनियों ने बिजली खरीद में रुचि नहीं ली। आदेश पारित करने के बाद सरकार द्वारा उस पर विचार किया जायेगा कि किस सेक्टर में किसे राहत(सब्सिडी) देने की जरूरत है. सरकार उसे सब्सिडी अौर राहत की घोषणा करेगी. जो ज्यादा एसी चला कर अतिरिक्त उपभोग कर रहा है, उसे राहत नहीं दी जायेगी.  इलेक्ट्रिक कंपनी प्रदाता - सस्ता पावर कंपनी इलेक्ट्रिक कंपनी प्रदाता - ऊर्जा रेटिंग इलेक्ट्रिक कंपनी प्रदाता - इलेक्ट्रिक बिल पर पैसा बचाएं
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