आज के हिन्दुस्तान से प्रखंड विकास पदाधिकारी बड़कागांव विज्ञान ताजा ओपिनियन लैपटॉप - कंप्यूटर Posted By: Anil Kumar Published: Monday, September 1, 2014, 14:43 [IST] Subscribe to Oneindia Hindi Day Update यूनिट                   दर  Coconut Grove’s single-family neighborhoods are under assault. Tree canopy is shrinking, architectural variety is disappearing, lot sizes are being diminished, homes are being demolished and the… Read more Htcampus.com FOLLOW (3) (d)   Enhanced connectivity through radio, television, mobiles, etc. जहां मन करता है उड़ जाता है ये जोड़ा // ]]> उज्जैन शेयर पैनल को बंद करें वीडियो देखें वितरण प्रणालियाँ प्रभाग समाज(युवा समिति)के राष्ट्रीय संयोजक, आदिवासी मुंडा समाज के सदस्य तथा भाजपा अनुसूचित जन जाति मोर्चा क प्रदेस महासचिव युवा काँग्रेस सह अध्यक्ष युवा लायंस फोर्स Notifications उ.वो.परीक्षण तथा मापन उपस्‍कर COMMUNITY हॉनर 9 लाइट 64 जीबी (सफायर ब्लू , 4 जीबी रैम) जवाब –  हां,सौभाग्य योजना की लागत DUDUGY के तहत 16,320 करोड़ रुपये से अधिक निवेश किये गए हैं। बिहार : वैशाली जिले में प्रखंड प्रमुख की हत्या, स्थानीय लोगों ने किया जोरदार हंगामा Roinet SBI कार्डधारक ध्यान दें: 31 दिसंबर के बाद बंद हो जाएगा आपका डेबिट कार्ड, जानिए क्यों इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp नियम और शर्ते दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने केजरीवाल सरकार पर राजधानी में बिजली संकट उत्पन्न करने का आरोप लगाया है. साथ ही में एलजी से राजघाट पावर प्लांट को फिर से शुरू करवाने की अपील की है. तिवारी ने आरोप लगाया है कि बिजली की ज्यादा मांग के दौरान नेशनल ग्रिड से निजी बिजली कंपनियों द्वारा खरीदी गई बिजली दिल्ली के लिए अपर्याप्त होती है. इसकी कमी को लोकल थर्मल पावर स्टेशन से पूरा करना पड़ता है, लेकिन दिल्ली में थर्मल पावर प्रोडक्शन की लागत नेशनल ग्रिड या दूसरे राज्यों से खरीदी गई बिजली से बहुत ज्यादा होती है. इसलिए निजी बिजली कंपनियां थर्मल पावर प्रोडक्शन में रुचि नहीं लेती हैं. अरुण कुमार मानते हैं कि जीएसटी लागू करने का दबाव मल्टिनेशनल कंपनियों की ओर से भी था. उन्होंने कहा कि ये नहीं चाहते थे कि उन्हें भारत के अलग-अलग राज्य में अलग-अलग टैक्स से जूझना पड़े. हालांकि इससे छोटे व्यापारियों पर असर पड़ सकता है. मोटो जेड2 प्ले 64जीबी (लूनर ग्रे, 4जीबी रैम) कोच विकास ने जीता चंडीगढ़ के बेस्ट शूटर का खिताब आदेश बिजली कंपनी में 2000 पदों पर होगी बहाली सोने की गिन्नी (GOLDGUINEA) यह भी पढ़ें: यूपी कैबिनेट का फैसला: शहरों में 24 घंटे, गांवों में 18 घंटे बिजली डिजीज एंड कंडीशन्‍स प्रीलिम्स फैक्ट्स HARYANA GK IN ENGLISH हरियाणा का खुद का बिजली उत्पादन 24.67 फीसद WE ARE SOCIAL भाजपा मुख्यालय पहुंचा अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर Follow Us On b a Turn on Not now महाराष्ट्र Raushan Pratyek Media - August 17, 2018 सहायक लोक सूचना अधिकारी/अपीलीय प्राधिकारी अरुण कुमार मानते हैं कि जीएसटी लागू करने का दबाव मल्टिनेशनल कंपनियों की ओर से भी था. उन्होंने कहा कि ये नहीं चाहते थे कि उन्हें भारत के अलग-अलग राज्य में अलग-अलग टैक्स से जूझना पड़े. हालांकि इससे छोटे व्यापारियों पर असर पड़ सकता है. जागरण संवाददाता, मोहाली : चंडीगढ़ के बाद अब मोहाली में भी सस्ते बिजली उपकरण मिलेंगे। जिनमें बल्ब से लेकर ट्यूबलाइट और पंखे शामिल हैं। यह योजना एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) और पंजाब स्टेट पावर सप्लाई लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की ओर से आयोजित कार्यक्रम के तहत शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी एलईडी उपकरण बहुत कम बिजली की खपत करते हैं। स्कीम को लांच करने का उद्देश्य पंजाब की बिजली की खपत कम करना है। जल्द ही शहर में जगह-जगह कैंप लगाकर उजाला स्कीम के तहत लोगों को किफायती कीमत पर ये एलईडी बिजली उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। इससे न सिर्फ लोगों को सस्ते बिजली उपकरण मिलेंगे बल्कि बिजली की खपत कम होगी। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिजली के यूनिट कम खर्च होने से विभाग को सरपल्स बिजली तो मिलेगी ही। इसके साथ-साथ लोगों के बिजली के बिल भी कम आएंगे। विभाग की ओर से लोगों को इनके इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने के लिए अब जगह-जगह पर शिविर लगाए जाएंगे। उपभोक्ताओं को जो बल्ब और ट्यूबलाइट्स मुहैया करवाई जाएगी, उसकी तीन साल की वारंटी होगी। वहीं, साधारण बल्बों के मुकाबले एलईडी बल्ब 10 फीसद ज्यादा असरदार हैं। योजना के तहत दिए जाने वाले सीलिंग फैन पारंपरिक पंखों के मुकाबले ऊर्जा में 30 फीसद ज्यादा बेहतर होंते हैं। मनीष सिसोदिया के खिलाफ मानहानि की शिकायत खारिज वजन: 800 ग्राम जिले में नगर निगम बिजली विभाग का सबसे बड़ा डिफॉल्टर है। नगर निगम पर करीब 200 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। इसमें लगभग 16 करोड़ रुपये का सरचार्ज भी शामिल है। पूरे सर्कल में सरकारी डिफॉल्टरों पर करीब 250 करोड़ रुपये बकाया हैं। इन पर करीब 25 करोड़ रुपये का सरचार्ज बनता है। इस रकम की वसूली के लिए निगम की तरफ से लगातार सरकारी विभागों को रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर सभी सरकारी विभाग अपना बकाया दे देते हैं, तो इनका लगभग 25 करोड़ रुपये का सरचार्ज माफ हो जाएगा। Catch up instantly on the best stories happening as they unfold. इसी प्रस्ताव को लेकर शुक्रवार को विद्दयुत नियामक आयोग ने राजधानी लखनऊ में बैठक की. आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा की अगुआई में हुई इस बैठक में यह निर्देश दिए गया कि उपभोक्ताओं को स्टार रेटेड एसी, गीजर, पंखे और अन्य जरूरतमंद उपकरण किस्तों पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए. सरकार द्वारा नियमों में ढील देने पर कंपनियों को अपने किसी भी ऊर्जा संयंत्र से बिजली आपूर्ति करने का रास्ता खुल जाएगा। ऐसे में उसे ग्रिड से खरीद नहीं करनी पड़ेगी, जिससे बिजली की कीमतें देश में एक समान होंगी और कीमतों में कमी आएगी।   RSS Feed tags:Dumka     Jharkhand     Electricity    Lucknow News से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए NBT के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें जिस्मफरोशी की सूचना पर पुलिस ने मारा छापा, अंदर का… उन्होंने बताया कि जिन इकाइयों को उद्यम प्रोत्साहन नीति 2015 की अधिसूचना अर्थात 15 अगस्त,2015 को या उसके बाद बिजली कनेक्शन जारी किया गया है, वे 14 अगस्त, 2020 तक पावर टैरिफ सब्सिडी के लिए पात्र होंगी। उन्होंने कहा कि ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी खंडों में स्थापित ऐसे सूक्ष्म एवं लघु उद्योग इस योजना के लिए पात्र होंगे, जिन्होंने पोर्टल https://udyogadhaar.gov.in पर संबंधित जिला उद्योग केंद्र के साथ उद्योग आधार ज्ञापन (यूएएम) फाईल किया है। महाराष्ट्र के लोगों को बिजली दर में बढ़ोतरी का झटका वितरण प्रणालियाँ प्रभाग में उपलब्ध साफ्टवेयर सुविधाएँ - डीएसडी यह है मामला अपना शहर चुनें राजभाषा अनुभाग Himachal Pradesh News Hindi(हिमाचल प्रदेश) झालावाड़ हस्तरेखा स्कोरकार्डकमेंट्री जागरण संवाददाता, मोहाली : चंडीगढ़ के बाद अब मोहाली में भी सस्ते बिजली उपकरण मिलेंगे। जिनमें बल्ब से लेकर ट्यूबलाइट और पंखे शामिल हैं। यह योजना एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) और पंजाब स्टेट पावर सप्लाई लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की ओर से आयोजित कार्यक्रम के तहत शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी एलईडी उपकरण बहुत कम बिजली की खपत करते हैं। स्कीम को लांच करने का उद्देश्य पंजाब की बिजली की खपत कम करना है। जल्द ही शहर में जगह-जगह कैंप लगाकर उजाला स्कीम के तहत लोगों को किफायती कीमत पर ये एलईडी बिजली उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। इससे न सिर्फ लोगों को सस्ते बिजली उपकरण मिलेंगे बल्कि बिजली की खपत कम होगी। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिजली के यूनिट कम खर्च होने से विभाग को सरपल्स बिजली तो मिलेगी ही। इसके साथ-साथ लोगों के बिजली के बिल भी कम आएंगे। विभाग की ओर से लोगों को इनके इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने के लिए अब जगह-जगह पर शिविर लगाए जाएंगे। उपभोक्ताओं को जो बल्ब और ट्यूबलाइट्स मुहैया करवाई जाएगी, उसकी तीन साल की वारंटी होगी। वहीं, साधारण बल्बों के मुकाबले एलईडी बल्ब 10 फीसद ज्यादा असरदार हैं। योजना के तहत दिए जाने वाले सीलिंग फैन पारंपरिक पंखों के मुकाबले ऊर्जा में 30 फीसद ज्यादा बेहतर होंते हैं। Agenda Aajtak Log In Share this: पारस HMRI में लिगामेंट सर्जरी का बढ़ा क्रेज, दो फुटबाॅलरों का हुआ सफल ऑपरेशन BIHAR Local News पहला पन्‍ना English लोकप्रिय हरियाणा चुनाव राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात सोशल मीडिया मनोरंजन गपशप 3 अगली कहानी दिल्ली कांग्रेस दफ्तर में शीला दीक्षित, अजय माकन, हारून यूसुफ, अरविंदर लवली, सज्जन कुमार और महाबल मिश्रा समेत कई पूर्व विधायक और सांसदों की बैठक हुई. ऊर्जा सुधारों ने विश्व में पहचान दिलाई 200 रुपए महीने की सस्ती बिजली के लिए असंगठित श्रमिक पंजीयन जरूरी है। इसमें भी वे ही पात्र होंगे, जिनके बिल में बिजली भार 1000 वाट यानी 1 किलोवॉट है। शासन से जारी गाइड लाइन में केवल यह लिखा है कि 100 यूनिट तक 200 रुपए महीने में बिजली मिलेगी। Aadhaar Soft मल्टीमीडिया # Saubhagya Yojana PUBLIC SERVICE COMMISSION SCREENING TEST RESULTS Complaint Redressal Arrange a Callback मधुबनी हर पार्टी में है फूट, मगर कांग्रेस को मजबूत करने में जुटे हैं कार्यकर्ता : चिरंजीव राव 3,204FansLike Jara Hatke सीमा विवाद सुलझाने के लिए वाजपेयी ने तैयार की थी प्रणाली: चीन नरेंद्र मोदी Home > News कांग्रेस ने किया AAP का घेराव, बिजली कंपनियों से मिले होने का लगाया आरोप Clarifications लखीसराय। ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को बकाया राशि पर एकमुश्त निर्धारित राशि किश्तों में... बिजनेस ख्वाजा की दरगाह से तिरंगा बांटकर दिया कौमी एकता का पैगाम रेवाड़ी जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य - प्रत्यय अमृत, प्रधान सचिव, ऊर्जा विभाग  कृषकों को पर्याप्त भूजल उपलब्धता के आधार पर नवकूप डगवैल, डगकम बोर वैल, केविटी पाइपबोर वैल/नलकूप/कूपगहरा एवं कुओं पर डीजल/विद्युत पम्प सैट हेतु 9 से 15वर्ष की अवधि अनुग्रह अवधि 23 माहके लिए ऋण उपलब्ध। 404 Error अब तक के 71 और आने वाले अनगिनत वर्षों के लिये स्वतंत्रता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं, हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 71वा स्वतंत्रता दिवस, चारों ओर राष्ट्रभक्ति के बिखरे रंग, उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन फहराया राष्ट्रध्वज 15/08/2018 Terms यह भी पढ़ें: ‘सबके लिए बिजली’ योजना में मुफ्त बिजली नहीं लग्जरी फीचर्स से लैस Renault Kwid को देखकर कोई भी हो जाएगा दीवाना, कीमत 3 लाख से भी कम समर कुंडू पंजाब सरकार ने बिजली दरें बढ़ाकर आम आदमी पर बोझ डाला केंद्रीय बिजली और नवीन एवं नवीकरणनीय ऊर्जा राज्य मंत्री आरके सिंह के समक्ष हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार और जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री बनवारी लाल ने कहा कि हरियाणा को कम से कम 23 लाख मीट्रिक टन कोयले की जरूरत है। इसकी नियमित और निर्बाध आपूर्ति के लिए कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) को निर्देश दिए जाने चाहिए। केजरीवाल की सरकार है फेल, हरियाणा सरकार कर रही हैं बढ़िया काम : अनिल विज 9 वाट का बल्ब सिर्फ 65 रुपये में अगर आप इस परिभाषा के मुताबिक देखे तो विद्युतीकरण हो रखे एक गांव में बिजली तो पहुंच चुकी है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गांव के सभी घरों में बिजली का कनेक्शन हो. रीजनल शो खाना खज़ाना गांवों में यह होगा असर Sign up and continue using Molitics जरूर पढ़ें Centre GovtElectricityElectricity supplypower supplyRK Singh हमारा पता यह भी पढ़ें- भारत में छह परमाणु रिएक्टर लगाएगा फ्रांस, 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदेगा भारत झारखण्ड सामाजिक कल्याण समिति क्या आप जानते है Don't have an account ? दिनांक वार खबरें सिल्लीगुडी Healthy Food सिंह 3 सेहत ? National News बिज़नेस ऊर्जा What's Trending राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने लाइन लॉस का पूरा भार बिजली उपभोक्ताओं पर न डालने की वकालत की। उन्होंने ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि बिजली कंपनियों के घाटे के आधार पर जो रेग्युलेटरी सरचार्ज लगाया जाता है। उसका 50 प्रतिशत हिस्सा उपभोक्ताओं और 50 प्रतिशत हिस्सा बिजली कंपनियों को देना चाहिए। ताकि बिजली कंपनियों की लापरवाही का खामियाजा ईमानदार उपभोक्ताओं पर न पड़े। विद्युत कैलकुलेटर - बिजली पर पैसा बचाओ विद्युत कैलकुलेटर - सस्ती ऊर्जा कंपनी विद्युत कैलकुलेटर - कम लागत बिजली
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