ई-शासन ऑनलाईन सेवाएं 11 फरवरी 2010. पंजाब में छोटी बिजली उत्पादक कंपनियों को कर्ज में आ रही परेशानियों को देखते हुए ऊर्जा मंत्रालय ने राज्य में काम कर रही निजी बिजली उत्पादक कंपनियों के साथ 11-12 फरवरी को एक बैठक बुलाई है। बैठक में कर्ज नियमों में ढील देने और पावर प्रोजेक्ट के लिए ज्यादा निवेशकों को आकर्षित करने पर विचार किया जाएगा। टेक प्रकाश पासवान सम्बंधित लिंक्स संभागीय जनसम्पर्क कार्यालय और माध्यमिक शिक्षा मण्डल कार्यालय में झंडा वन्दन किया गया 15/08/2018 सिंह ने उद्योग से आने वाले वर्ष में बिजली क्षेत्र में निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि उच्च आर्थिक वृद्धि दर वाली अर्थव्यवस्था के मद्देनजर बिजली की मांग बढ़ने जा रही रही है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं उद्योग से देश के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की अपील करता हूं.....’’ सरकार देश में सभी गांवों को बिजली पहुंचाने के लिये जोर-शोर से काम कर रही है. साथ ही मार्च 2019 तक सातों दिन 24 घंटे बिजली का लक्ष्य हासिल करना चाहती है. 0 पेंशन और ग्रेच्युटी देनदारियों के कारण लागत कवरेज में गिरावट। ये तकनीक इस तरह काम करता है कि गुफा के अंदर एक खाली कमरे में हवा को अतिरिक्त बिजली की मदद से कंप्रेस किया जाता है. जरूरत पड़ने पर कंप्रेस की हुई हवा को बाहर छोड़ने पर वह इलेक्ट्रिक जेनरेटर को चला सकती है और बिजली पैदा कर सकती है. दुनिया में बिजली बनाने के तो कई साधन हैं लेकिन उन्हें जमा रखने की तकनीक खोजी जा रही है. पवन बिजली हवा चलने पर ही काम करती है और सौर बिजली धूप रहने पर. अब तक पंप स्टोरेज प्लांट बिजली के उत्पादन में उतार चढ़ाव की भरपाई करती रही है. लेकिन कंप्रेस्ड एयर स्टोरेज के अपने फायदे हैं. परिजनों का कहना है कि जब तक दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती वो मृतक का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं बताया जा रहा है कि इस घटना के सामने आने के बाद बिजली विभाग के अधिकारीयों ने पहले ऐसे किसी भी घटना से इंकार कर दिया मगर बाद में सुसाइड नोट की बात सामने आने पर उन्होंने पुछताछ का फैसला किया। महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने प्रेस नोट के जरिये बताया है कि उन्होंने अपनी गलती मान ली है और एक असिस्टेंट अकाउंटेंट को निलंबित भी कर दिया गया है। बिजली कंपनी के मुताबिक इसी अकाउंटेंट की लापरवाही की वजह से इतना बड़ा बिजली बिल भेज दिया गया था। न्यूज निचोड़ At 7PM: बेटी ने दी मुखाग्नि आरसी ब्यूरो, औरंगाबाद।  बीजेपी शासित राज्य महाराष्ट्र में राज्य विद्युत वितरण कंपनी की लापरवाही की वजह से एक गरीब ने खुदकुशी कर ली। ये घटना महाराष्ट्र के औरंगाबाद की है, जहां महाराष्ट्र राज्य बिजली बोर्ड (एमएसईबी) ने भारत नगर इलाके में रहने वाले भागिनाथ शेळके को 8 लाख 64 हजार रुपये का बिजली का भेजा दिया। इसके साथ ही 17 मई तक ये बिजली बिल न जमा करने पर 10 हजार रूपये के जुर्माने की भी बात कही गयी थी। इससे परेशान इस शख्स ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार भागिनाथ शेळके अपने परिवार का भरन पोषण सब्जी बेचकर करता था। लाखों के बिजली बिल से वो काफी तनाव में था। पुलिस ने बताया है कि मरने से पहले भागिनाथ शेळके ने एक नोट भी छोड़ा है।  इस नोट में उसने भारी-भरकम बिजली का बिल होने के कारण जान देने के लिए मजबूर होने की बात लिखी है। दिल्ली कांग्रेस ने बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी पर केजरीवाल सरकार पर बिजली कंपनियों से मिले होने का आरोप लगाया है. प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन के मुताबिक, सरकार बिना किसी ऑडिट के बिजली कंपनियों को सब्सिडी के नाम पर करोड़ों की रकम दे रही है. कांग्रेस ने दलितों के अधिकारों पर 4 अप्रैल के दिन संसद घेराव की भी रणनीति बनाई है. गजब! विवादित जमीन का निपटारा करते-करते थानाध्यक्ष ही बन गया… VIDEO: पांडु नदी में छात्रा ने लगाई छलांग, रेस्‍क्‍यू जारी Home   »झारखण्ड   »बिजली दर में बढढ़ोतरी आवश्यक : अरविंद प्रसाद हनुमानगढ़ SAVE SAL'S PLACE, PROVINCETOWN DGCA ने किया हाईकोर्ट में विमानन कंपनियों का बचाव, बहुत ज्यादा किराया नहीं वसूल रहीं एयरलाइंस By Hussain Kanchwala on July 4, 2018 5:57 @AamAadmiParty राष्ट्रीयस्तर की राजनीतिक पार्टियाँ मोटे चंदे के लोभमें बड़ी कम्पनियों को आम जनता को हरप्रकार से लूटने की खुली छूट देती हैं ! LIVE: PAK के 22वें PM के तौर पर इमरान खान ने अल्लाह के नाम से शपथ... 200 बड़े ऋण खातों की निगरानी करेगा आरबीआई bihar Video गैलरी [email protected] आवेदन करें Books Web Title power companies without wilful defaulter tag cant be taken to nclt 7 शादी का झांसा देकर 5 वर्ष तक दुष्कर्म हस्तरेखा सीएचसी चंदनकियारी Next Read More: Rajasthan Alwar Dholpur Dholpurग्रामीण विद्युतयोजनाकरोड़व्यय अनुसंधान आकस्मिकता (आरसी) सेवाएं छह महीने पहले बिजली कंपनी में अनुकंपा नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। इससे मृत कर्मचारियों के बच्चों को नौकरी नहीं मिल पा रही थी। ऊर्जा विभाग के इस फैसले का कर्मचारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया था। इस पर मप्र शासन ऊर्जा विभाग ने प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में लगी अनुकंपा नियुक्तियों पर से प्रतिबंध हटा लिया और अनुकंपा नियुक्ति आवेदनों पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। इससे कंपनी के सैकड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा और उन्हें नौकरी मिल जाएगी। आरबीआई ने एक समूह बनाया है। जिसके तहत बिल पेमेंट के रिकॉर्ड के आधार पर किसी शख्स के लोन लेने की योग्यता तय करेगा। क्रेडिट रेटिंग एजंसी अभी बैंकिंग और गैर बैंकिंग कम्पनियों की वित्तीय स्थिति को देखकर स्कोर देती हैं। इससे पता चल जाता है कि भविष्य में ली गई भार भरकरम वह लौटा पाने में समर्थ होगें या नहीं।  सुप्रीम कोर्ट पहुंची चुनाव से पहले सस्ती बिजली देने और बिल माफ करने की योजना साइबर संसार दुनिया की सबसे बड़ी न्‍यूक्लियर साइट प्रियंका को निक ने पहनाई इतनी महंगी अंगूठी की कीमत जानकर आप दंग रह जाएंगे सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी विद्युत नियामक आयोग ने रेग्युलेटरी सरचार्ज में यह कटौती पिछले साल जारी बिजली टैरिफ में लागू परफॉरमेंस शर्तों के आधार पर की गई है। लाइन लॉस कम करने का तय लक्ष्य पूरा करने में नाकाम रही बिजली कंपनियों को जुर्माने के तौर पर अब तक वसूले जा रहे 2.84 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज में अलग-अलग दर पर कटौती की गई है। पश्चिमांचल के जिलों में लाइन लॉस का निर्धारित लक्ष्य पूरा हो जाने के कारण कंपनी के सरचार्ज में कोई कटौती नहीं की गई है। इसके चलते एनसीआर समेत मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर सरीखे जिलों में उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। VIDEO- जम्मू-कश्मीर में गाली गोली से नहीं, गले लगाकर बढ़ेंगे: PM मोदी संपादक की पसंद Indonesia 89887 AXIS, 3, Telkomsel, Indosat, XL Axiata वनकर्मियों की हड़ताल:- बिगड़े हालात, मचने लगी हाहाकार 9. विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म के दौरान कैमरे में कैद हुआ भूत, तस्वीरें देखकर उड़ जाएंगे होश पर्मालिंक https://p.dw.com/p/2ra7K इसे बढ़ा कर 5.86 रुपये कर दिया गया है. आयोग ने क्रास सब्सिडी की व्यवस्था समाप्त करते हुए टैरिफ का निर्धारण किया है. इस वजह से घरेलू बिजली वर्तमान दर से 98 फीसदी महंगी हो गयी है. राज्य सरकार उपभोक्ताओं का बोझ कम करने के लिए सब्सिडी प्रदान करेगी. जून महीने से बिजली बिल के साथ ही सब्सिडी प्रदान कर दी जायेगी. यह सरकार तय करेगी कि किसको, कितनी सब्सिडी दी जायेगी. पर, यह साफ है कि सब्सिडी नकद राशि के रूप में उपभोक्ताओं के बैंक खाते में नहीं जायेगी. बिल के माध्यम से इसका लाभ दिया जायेगा.  © जिला इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश , इस वेबसाईट का निर्माण एवं होस्टिंग राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव खत्म होते ही नई बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर दी गई है। बिजली दरों की बढ़ोतरी ग्रामीण और शहरी दोनों जगह हुई हैं। बिजली दरों में बढ़ोतरी के लिए गुरुवार को लखनऊ में की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई । इसमें आयोग के चेयरमैन एसके अग्रवाल ने बिजली की बढ़ी दरों के बारे में बताया। जल ज्ञानकोश अपनी पसंदीदा श्रेणी के समाचार पढ़ने कृपया नीचे दिए गए श्रेणी के ​बटन पर क्लिक करें टिप्पणियांVIDEO : बिजली बिल माफ करने की मांग मोबाईल सेवाएं गैस और इलेक्ट्रिक बिल - इलेक्ट्रिक कंपनी स्विच करें गैस और इलेक्ट्रिक बिल - विद्युत योजना की तुलना करें गैस और इलेक्ट्रिक बिल - इलेक्ट्रिक बिल कैसे कम करें
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