About Ranjeet Jha 2677 Articles अनुशंसित सेहत VIDEO: पुल पर कार्य के चलते लग रहा घंटों तक जाम, नहीं की गई वैकल्पिक व्यवस्था मनीष सिसोदिया के खिलाफ मानहानि की शिकायत खारिज 5- बून्द-बून्द सिंचाई योजना..  कंपनी की ओर दिए गए प्रस्ताव पर विनियामक आयोग अध्ययन करेगा. प्रमंडलवार शिविर आयोजित कर आम लोगों से राय ली जाएगी. अंतिम जनसुनवाई पटना में दो दिनों तक होगी. फरवरी तक सभी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. मार्च 2018 में आयोग एक अप्रैल 2018 से लागू होने वाली नई बिजली दर की घोषणा करेगा. इस मामले में ऊर्जा मिनिस्टर बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि बिजली कंपनी ने अगले साल के लिए बिजली दर तय करने को याचिका दायर की है. आयोग सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगा. नई दर आने पर राज्य सरकार जरूरत के अनुसार आवश्यक निर्णय लेगी. 3. वर्ष 2018-19 में साउथ बिहार 20 फीसदी व नॉर्थ बिहार कंपनी 22 फीसदी तक तकनीकी-व्यवसायिक नुकसान लाए। अभी कंपनी का नुकसान 36 फीसदी है। अगले वित्तीय वर्ष में नुकसान को 15 फीसदी पर लाया जाए।  हमीरपुर केरल बाढ़: पीएम मोदी ने CM संग ली समीक्षा बैठक, 500 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान फोटो गैलरी SITEMAP -25 डिग्री सेल्सियस से 85 डिग्री सेल्सियस टिप्स – ट्रिक्स Infographics गोड‍्डा 6 माह में कार्य पूरा करने वाली इन योजनाओं को शुरु हुए एक साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन किसी भी योजना के कार्य अभी तक 50 प्रतिशत का आंकड़ा भी नहीं छू पाए हैं। हालांकि दीनदयाल योजना में 55 प्रतिशत कार्य होने का दावा किया जा रहा है। सौभाग्य योजना की बात करें तो एक वर्ष में केवल 22 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। इसके अलावा आईपीडीएस का 35 प्रतिशत कार्य हुआ है। 10 दिसंबर 2017 सोयाबीन (Soybean) देश में पारेषण के सर्वोत्तम प्रथाओं बिहार : मोतिहारी में प्रोफेसर की पिटाई, जिंदा जलाने की कोशिश, अटल को बताया था संघी बुजुर्ग बोली: अरी बैठ जा, कुछ सालों बाद बोनट पर ही बैठना पड़ेगा। Europe News शेयर बाज़ार आज से इंडोनेशिया में एशियन खेलों का आगाजजकार्ता। राष्ट्रमंडल खेलों में मिली सफलता के बाद भारतीय खिलाड़ियों के हालांकि कोई सरकार के दावें पर कैसे सवाल खड़ा सकता है, अगर इन दावों को सही भी मान लिया जाए तो गांव के विद्युतीकरण से गांववालों को कोई फायदा तो हुआ नहीं है क्योंकि विद्युत आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता की हालत बनी हुई है. अगर इन्हें 24 घंटे बिजली दी भी जाती है तो इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि गांव वाले इस बिजली का उपभोग करने में सक्षम होंगे. लॉग इन रजिस्टर शहरी आवास मंत्रालय ने 2018-19 में 26 लाख, 2019-20 में 26 लाख, 2020-21 में 30 लाख और 2021-22 में 29.8 लाख मकान बनाने की योजना बनाई हुई है. हालांकि निर्माण की धीमी गति को देखते हुए यह लक्ष्य एक चुनौती की तरह लग रहा है. उदाहरण के लिए 2016-17 में सिर्फ 1.49 लाख ही मकान तैयार हो पाए थे जबकि 32.6 लाख का लक्ष्य रखा गया था. ऊर्जा सुधारों ने विश्व में पहचान दिलाई श्रेढ़ी Windows म.प्र नाबालिग से दुष्‍कर्म पर फांसी का प्रावधान करने वाला प्रथम राज्‍य -राज्यपाल, राष्‍ट्रपति पदक प्राप्‍त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से भेंट 16/08/2018 Groups Sarkari Result वास्तु The Express Group | The Indian Express | The Financial Express | Loksatta | inUth | Ramnath Goenka Awards New Delhi, New Delhi, Delhi - निजी नलकूप वाले किसानों की दरों में 35.51 तक की वृद्धि हो गई है। राजकीय नलकूप की दरें 19.79 प्रतिशत बढ़ जाएंगी। दक्षिण अफ्रीका98/10(16.4) अगर करा रखी है FD और RD तो इन 5 बातों का रखें ध्यान बीईआरसी अध्यक्ष ने बताया कि उपभोक्ताओं को बिजली बिलों का समय से भुगतान करने पर 1.5 प्रतिशत की छूट के साथ ही पोर्टल के जरिये ऑनलाइन भगुतान करने पर एक प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार समय पर बिल का भुगतान ऑनलाइन करने पर उपभोक्ता को 2.5 प्रतिशत की छूट प्राप्त होगी। इस बीच ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिजली की दरों में वृद्धि से उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। चीन में एक आदमी के कान में रहते थे 26 तिलचट्टे आयुषमान भारत योजना स्वास्थ्य मित्र नौकरियां मीट, दूध, दही, ताज़ा सब्जियां, शहद, गुण, प्रसाद, कुमकुम, बिंदी और पापड़ को जीएसटी दायरे से बाहर रखा गया है। इसके कारण खाद्य पदार्थ खासकर गेंहू और चावल सस्ते होंगे क्योंकि जीएटी लागू होने के बाद इन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा जबकि अब तक इन उत्पादों पर वैट लगता था। Last updated: सिमडेगा चरणबद्ध तरीके से जीएसटी के दायरे में लाए जाएंगे पेट्रोलियम उत्पाद, अधिया ने... See more of Aam Admi Zindabad(आम आदमी जिंदाबाद) on Facebook पिछले दो सालों में उज्ज्वला योजना के तहत 3.6 करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी किए गए हैं लेकिन इसका असर एलपीजी की खपत पर नहीं दिखता है. एलपीजी की खपत में वृद्धि दर उतनी ही बनी हुई है जितनी योजना शुरु होने से पहले थी. स्वीट हार्ट डील: काकरिया के मुताबिक डायल सहित कुछ एजेंसियों के साथ बिजली कंपनियों की स्वीट हार्ट डील है। इन्हें पब्लिक यूटिलिटी के नाम पर सस्ते में बिजली दी जाती है जबकि वहां शोरूम, पब, रेस्टोरेंट चल रहे हैं जो जरूरत से ज्यादा बिजली यूज करते हैं। इनका बोझ भी आम कंज्यूमर की जेब पर पड़ता है। इसलिए स्वीट हार्ट डील खत्म होनी चाहिए। धर्मेंद्र, सनी और बॉबी की 'यमला पगला...' में बॉलीवुड का... Languages:    हिन्दी    English झारखंड राज्य अनुसूचित जनजाति प्रदेश कोषाध्यक्ष आरामदेह और किफायती (b)   Improvement education services एसपीएलएन डी 3.00 9 -1: 2010 @JarnailSinghAAP ji please isme the dekhein yeh pahle drawing rahe they conection kaat denge maine bill bhar diya ab for bhej diya meeter bhi chal rha hai or Yeh Dear Consumer Kno: [1582812911], Please pay bill amount of Rs [6089.00] by [07-Jun-2018] to avoid penalties. # Haryana Business क्रिकेट की बात कॉन्टेस्ट India homes 13 of 25 most polluted cities in the world. This speaks volume about the appalling condition of air in the sprawling Indian cities. Delhi was making headlines all over the world past winter because of smog and dangerous levels of pollutants. According to one of the studies, 4.4 million school children in India have developed irreversible lung damage from the poisonous air. That’s for India but talking about global air conditions, World Health Organization अच्छी सेहत पावर घोटाला : "2.42 में खरीदी, "7.90 में बेची प्रधानमंत्री ने जुलाई 2015 में 24 लाख लोगों को पहले चरण में प्रशिक्षित करने के कदम के साथ इस योजना की शुरुआत की थी. हालांकि भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर हुई गड़बड़ी ने इस योजना को परवान नहीं चढ़ने दिया और राजीव प्रताप रुडी के हाथ से मंत्रालय निकल गया. उन्हें पिछले सितंबर में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था. मुरैना | बिजली बिल माफी योजना का लाभ लेने से कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे इसके लिए अधिकारी जोर-आजमाइश कर रहे हैं। बिजली कंपनी की टीम हर रोज अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों के फार्म भरवा रही है। जिन उपभोक्ताओं ने असंगठित श्रमिक योजना के तहत पंजीयन करा लिए हंै उनके बिजली बिजली माफी के लिए फार्म भरवाए जा रहे हैं ताकि उनके पुराने बिलों को माफ कराया जा सके। उपभोक्ता बिजली कंपनी कार्यालय पहुंचकर भी योजना का लाभ ले सकते हैं। नये टैरिफ में उपभोक्ताओं की श्रेणी को बदला गया है. उपभोक्ताओं को पांच  श्रेणियों घरेलू, सिंचाई, व्यावसायिक,औद्योगिक और संस्थागत उपभोक्ता के रूप  में बांटा गया है इलेक्ट्रिक चॉइस - विद्युत कंपनियां इलेक्ट्रिक चॉइस - मुफ्त बिजली इलेक्ट्रिक चॉइस - बिजली की कीमत
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