मुखपृष्ठ ऑटो न्यूज़ खबरें एक झलक में सीओ कटकम्सांडी जल उपलब्धता के आधार पर कृषकों को सिंचाई कार्य के लिए नलकूपों से जल दोहन हेतु डीजल/विद्युत पम्प सैट के लिए 9 वर्ष हेतु ऋण उपलब्ध- जहानाबाद शिवराज पर आरोप, वोट बैंक को साधने के शुरू की गई सरल बिजली योजना शुरू हो रहे 18वें एशियाई खेलों प्रदर्शन को बेहतर करने की… Vijender Gupta HTET QUESTION PAPER Tags:    उत्तराखंड UTTARAKHAND DEHRADUN देहरादून एक अप्रैल APRIL 1 उत्तराखंड में बिजली की दर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग अध्यक्ष सुभाष कुमार ELECTRICITY RATES IN UTTARAKHAND UTTARAKHAND ELECTRICITY REGULATORY COMMISSION CHAIRMAN SUBHASH KUMAR  नियम और शर्तें Trending-News  National News पर्मालिंक https://p.dw.com/p/2ra7K August 18,2018 10:27:33 AM प्रोफ़ेसर दिवाकर ने कहा, ''रियल एस्टेट और शराब में सबसे ज़्यादा काला धंधा होता है, लेकिन इसे जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है. अगर सरकार काले धन पर काबू चाहती है तो रियल एस्टेट को बेलगाम कैसे छोड़ सकती है? सरकार नहीं चाहती है कि रियल एस्टेट में लगने वाले काले धन को नियंत्रण में रखे इसलिए उसे जीएसटी के दायरे से बाहर रखा है.'' कृषक हितेषी फिल्म रिव्यू राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना हमारे लाईट कनेक्शन मे सिर्फ पोल खड़े करके चले गये तार /केबल नहीं लगा रहे है pz jaldi karyvai karvae Mo.70XXX80 gav khari teh. Sedwa dist. Barmer ଓଡ଼ିଆ Delete All Cookies स्थल नक्शा सुखपाल खैहरा को पार्टी ने क्यों हटाया, भगवंत मान ने किया खुलासा उड़ीसा मिथुन यह राहत उन्हीं लोगों के लिए है जो बिजली की खपत कम करते हैं. ज्यादा खपत करने वालों के लिए बिजली का बिल घटेगा नहीं बल्कि बढ़ेगा. जब अटलजी ने लता मंगेशकर के अस्पताल का उद्घाटन करने से कर दिया था इनकार 7 mins कब और क्यों मनाई जाती है व्रत पूर्णिमा? जानिए व्रत की विधि और इसके लाभ बड़ा सवाल : क्या यही है वाजपेयी के सपनों का झारखंड ? Tags: arvind kejriwalDelhi electricityDelhi electricity price cutDelhi power tariff cutDelhi power tariff reductionदिल्ली इलेक्ट्रिसिटी सीपीआईओ / प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों हेतु आरटीआई छह साल बाद मिली भेड़, उतारे गये बाल केरल: बाढ़-बारिश से 9 दिन में 324 लोगों की मौत, 2 लाख से ज्यादा राहत शिविरों में; मोदी करेंगे हवाई सर्वे 12 mins Promoted by 48 supporters चौथा एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच Create a Storyboard Inextlive दिल्ली कांग्रेस ने बिजली सस्ती करने के केजरीवाल सरकार के दावों को जनता से खिलवाड़ करार दिया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि नई कीमतों से बिजली सस्ती नहीं बल्कि महंगी हुई है और ये कदम प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया गया है. ऊर्जा-कुछ मूल बातें राज्य से और कॉपीराइट © e-Eighteen.com लिमिटेड. सर्वाधिकार सुरक्षित. moneycontrol.com की पूर्व-अनुमति के बिना कोई भी समाचार, फोटो, वीडियो या अन्य कोई भी सामग्री पूर्ण या अंशत: किसी भी स्वरूप में या माध्यम से इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है जब अटल जी ने भाई की लिखी पहली कविता पढ़ी और इनाम सौंप दिया भाभी को आत्मनिर्भर महिलाओं के लिए होगा सम्मान समारोह Of India दिल्ली/एनसीआर दिवाली खत्म होते ही महाराष्ट्र के लोगों को बिजली दर में बढ़ोतरी का झटका लगा है। बिजली बिल में बढ़ोतरी के लिए महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग ने महावितरण को हरी झंडी दे दी है। बिल में बढ़ोतरी एक नवंबर से हुई है और अगले चार सालों तक 4 स्लैब के तहत बिजली बिल में बढ़ोतरी होगी। चालू वित्त वर्ष में 1.5 फीसदी, 2017-18 में 2 फीसदी, 2018-19 में 1.20 फीसदी और 2019-20 में 1.27 फीसदी कीमतों में बढ़ोतरी की जाएगी। फिलहाल एक यूनिट पर करीब 4 पैसे का बोझ बढ़ेगा, लेकिन चार सालों की बात करें तो ग्राहकों पर कुल 9141 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा। BUDGET 2017 Madhubani 16,000 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च सकारात्मक बाहरी रोजगार के सृजन और अर्थव्यवस्था को लाभान्वित करने में और मदद करेगा। उजाला स्कीम के तहत दिया जाएगा लाभ उपभोक्ता को  िकस दर से भुगतान करना पड़ रहा है नया हरियाणा : 11 अगस्त 2018 निगम ने निजी सिंचाई क्षेत्रों के लिए बिजली की दर  बढ़ा कर 5.25 रुपये करने की अनुशंसा की है. वहीं, राज्य के लिए सिंचाई की  नयी दर छह रुपये प्रति किलोवाट करने का आग्रह किया है Information Resources पंजाब सरकार ने बिजली दरें बढ़ाकर आम आदमी पर बोझ डाला नल जल योजना के बिजली बिल नहीं भरे हों तो कनेक्शन न काटें: मिश्र S M L उन्होंने कहा कि किसी भी प्रोजैक्ट से फ्री-पावर शुरूआती दौर में लेने की बजाय 6 से 10 साल बाद ली जानी चाहिए। सोमवार और मंगलवार सुबह खराब मौसम की वजह से उड़ान न होने की वजह से 8 प्रदेशों के मंत्री ही सम्मेलन में पहुंच पाए। इस मौके पर अरुणाचल प्रदेश के ऊर्जा मंत्री टामियो टागा, हरियाणा के ऊर्जा मंत्री कृष्ण लाल पवार, झारखंड के ऊर्जा मंत्री सी.पी. सिंह, केरल के ऊर्जा मंत्री एम.एम. मनी, ओडिशा के ऊर्जा मंत्री सुशांत सिंह, पश्चिम बंगाल के ऊर्जा मंत्री शोभन देव चटोपाध्याय, दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन व हिमाचल के ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा मौजूद रहे। कुशीनगर सिरमौर शराब, पेट्रोलियम, रियल एस्टेट और बिजली GST से बाहर क्यों? BihareffectiveelectricityExpensiveincreasenew ratePatnaPercentagePunjab Kesariपटनाबिजलीबिहार सगाई के ठीक 1 दिन बाद बाद प्रियंका और निक का होगा रोका, पूरी जानकारी हुई लीक Facebook Lite केन्द्र सरकार द्वारा बैटरी सहित 200 से 300 वाट क्षमता का सोलर पावर पैक दिया जाएगा, जिसमें हर घर को 5 एलईडी बल्ब, एक पंखा भी शामिल है। कांग्रेस ने ताबूत घोटाले में बदनाम किया था अटल बिहारी वाजपेयी को पेयजल समर्थनकारी एवं संप्रेषण कार्यनीति सम्बन्धी रुपरेखा 2013-2022 नीदरलैंड में जल्द शुरू होगा दुनिया का पहला समुद्र में तैरता डेयरी फार्म, रोबोट निकालेंगे गायों का दूध 17 mins अमरूद एवं आंवला के पौधों की नीलामी होगी, टैण्डर 21 अगस्त तक आमंत्रित छात्राएं बोलीं, SSP सर आपकी पुलिस ही छेड़ती है हमें, DGP ने कहा Sorry पुलिस ने अपहृत डॉक्टर पुत्र को किया बरामद, लोजपा नेता… परिजनों का कहना है कि जब तक दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती वो मृतक का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं बताया जा रहा है कि इस घटना के सामने आने के बाद बिजली विभाग के अधिकारीयों ने पहले ऐसे किसी भी घटना से इंकार कर दिया मगर बाद में सुसाइड नोट की बात सामने आने पर उन्होंने पुछताछ का फैसला किया। महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने प्रेस नोट के जरिये बताया है कि उन्होंने अपनी गलती मान ली है और एक असिस्टेंट अकाउंटेंट को निलंबित भी कर दिया गया है। बिजली कंपनी के मुताबिक इसी अकाउंटेंट की लापरवाही की वजह से इतना बड़ा बिजली बिल भेज दिया गया था। पीसांगन| नसीराबादविधानसभा के ग्राम रामसर की ढाणी में विद्युत योजना के 4लाख रुपये स्वीकृत किये। अजमेर... 5 days ago 27 जुलाई 2018 प्रदत्ती सेवाऍं सोशल मीडिया पर उड़ा चीन का मजाक, वाजपेयी की जगह जॉर्ज फर्नांडिस की लगाई फोटो डाइट-फिटनेस इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में आज लेंगे शपथ रेडियो न्यूज़ टैरिफ सरलीकरण की अंतिम बैठक के दौरान राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कई तथ्य रखते हुए इन दोनों चार्ज को खत्म करन की मांग उठाई। परिषद अध्यक्ष ने बिजली के बिल से फिक्स चार्ज खत्म करने की भी मांग की। बैठक में नियामक आयोग के निदेशक टैरिफ डॉ. अमित भार्गव, निदेशक वितरण विकास चन्द्र अग्रवाल, एसोचैम सचिव बीएन गुप्ता समेत कई सदस्य मौजूद थे। भाषा चुनें ▼ Most Read सुप्रीम कोर्ट का फोटो। Ludhiana स्टडी मोटिव अधिनियम/नियम Gender Policy of NABARD देवशयनी एकादशी 23 जुलाई को : इस दिन व्रत करने से पापों का होता है नाश, 4 महीनों तक नहीं होते शुभ कार्य 43 mins दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने गर्मी शुरू होते ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिजली के फिक्स चार्ज में 2.5 से लेकर 6.5 गुना तक का इजाफा किया है. हालांकि बिजली की कीमतों में प्रति यूनिट की दर  से कटौती की है. DERC ने 2 किलोवाट लोड वाले घरों में बिजली के फिक्स चार्ज को 20 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये कर दिया है. लिहाजा बिजली उपभोक्ताओं को फिक्स चार्ज 125 रुपये से 250 रुपये तक देना होगा. अभी तक बिजली का न्यूनतम फिक्स चार्ज 20 रुपये था, जो अब 125 रुपये होगा. All rights reserved. उल्लेखनीय है कि प्रदेश में आसन्न विधानसभा चुनाव से ठीक पहले गरीबों और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सिर्फ 200 रुपये महीने पर सस्ती बिजली और पुराने बकाया बिजली बिलों की माफी का तोहफा देने वाली प्रदेश सरकार की यह योजना अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। पूर्व में इस योजना के खिलाफ नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपाडें द्वारा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया गया था। इस संबंध में हाईकोर्ट का कहना था कि यह प्रदेश सरकार और बिजली कंपनियों के बीच का मामला है। इसमें अगर बिजली कंपनी को कोई आपत्ति हो तो वे सामने आयें। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपाडें और डॉ. एमए खान ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई है। इस पर एक सप्ताह के अंदर सुनवाई होने की संभावना है। इस मामले की पैरवी अधिवक्ता अक्षत श्रीवास्तव करेंगे। कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी कि वह अपनी जलशक्ति का उपयोग तथा विकास सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से करेगा। राज्य की जल-विद्युत बनाने की नीति अक्टूबर 2002 को बनी। उसका मुख्य उद्देश्य था राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाया जाय और उसकी बनाई बिजली राज्य को ही नहीं बल्कि देश के उत्तरी विद्युत वितरण केन्द्र को भी मिले। उसके निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं के कार्यांवयन की बांट, क्रिया तथा पर्यावरण पर प्रभाव को जाँचने तथा निरीक्षण करने के बाद पता लगा कि 48 योजनाएं जो 1993 से 2006 तक स्वीकृत की गई थीं, 15 वर्षों के बाद केवल दस प्रतिशत ही पूरी हो पाईं। उन सब की विद्युत उत्पादन क्षमता 2,423.10 मेगावाट आंकी गई थी, लेकिन मार्च 2009 तक वह केवल 418.05 मेगावाट ही हो पाईं। इसका कैग के अनुसार मुख्य कारण थे भूमि प्राप्ति में देरी, वन विभाग से समय पर आज्ञा न ले पाना तथा विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार बदलाव करते रहना, जिससे राज्य सरकार को आर्थिक हानि हुई। अन्य प्रमुख कारण थे, योजना संभावनाओं की अपूर्ण समीक्षा, उनके कार्यान्वयन में कमी तथा उनका सही मूल्यांकन, जिसे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को करना था, न कर पाना। प्रगति की जाँच के लिए सही मूल्यांकन पद्धति की आवश्यकता थी जो बनाने, मशीनरी तथा सामान लगने के समय में हुई त्रुटियों को जाँच करने का काम नहीं कर पाई, न ही यह निश्चित कर पाई कि वह त्रुटियाँ फिर न हों। निजी कंपनियों पर समझौते की जो शर्तें लगाई गई थीं उनका पालन भी नहीं हो पाया। +1और स्लाइड देखें Share Facebook Twitter पूरे संयंत्र का इस बीच परीक्षण हो चुका है. शोध करने वालों का कहना है कि वह काम करता है. रिसर्चर आंद्रेयास हासेलबाखर बताते हैं, "हमने हीट स्टोरेज टैंक को अच्छी तरह टेस्ट किया है, साथ ही गुफा के आइसोलेशन और पूरे संयंत्र के काम करने की प्रक्रिया को भी. इससे हमें भरोसा हुआ है कि यह तकनीकी रूप से संभव है." अब अगला कदम है एक सैंपल संयंत्र का निर्माण, जो इस आइडिया के व्यावसायिक फायदे को भी दिखा सके. यूरोप में बिजली की कीमत बढ़ने पर ये मॉडल फायदेमंद हो सकता है. Cashback on offer price: 2197 औद्योगिक ठोस अपशिष्ट उपयोगिता केंद्र क्रिकेटनेक्स्ट Canada 21212 (any) घरेलू (ग्रामीण) डीएस वन (200 यूनिट से अधिक) 1.70  4.75 कानपुर www.jagran.com 01 मई 2018, 12:01 AM सस्ती दर पर बिजली के साथ ही पंजीकृत श्रमिकों के बिजली के बिल भी माफ, मप्र शासन की अभिनव पहल नीतियाँ और कानून अनुतरंग रिक्ति अनुकार प्रयोगशाला ( 80 m Span) नालंदा : खास खबर – रहने के लिहाज़ से पटना से... साइन इन करें आप यहाँ हैं: 11 हजार सीसीटीव्ही कैमरों से होगी मध्यप्रदेश की निगरानी The scorching summers have arrived and if you are looking to buy a new AC or want to keep abreast with the latest development in the AC tech world you must definitely read this article. Air conditioner industry has seen a significant change over last few years. Indian AC market has witnessed a healthy double-digit growth in the recent years and if the analyst believe same growth rate would continue for few more years to come. Once considered a luxury, ACs are now perceived नीतियां और योजनाएं बिजली दर में भारी वृद्धि को लेकर अखिलेश सरकार पर बरसीं मायावती मैनुअल-10,11 & 12 जीएसटी परिषद की चल रही बैठक में जो फैसला किया गया है उसके अनुसार केश तेल, साबुन व टूथपेस्ट जैसे आम उपभोग वाले उत्पादों पर 18 प्रतिशत की जीएसटी या एकल राष्ट्रीय बिक्रीकर दर लागू होगी। इन उत्पादों पर इस समय कुल मिलाकर 22-24 प्रतिशत कर लगता है। परिषद की इस दो दिवसीय बैठक के पहले दिन छह चीजों को छोड़ अन्य सभी वस्तुओं पर 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की कर दर तय कर दी है। कारों पर जीएसटी की सबसे ऊंची दर लगेगी। इसके अलावा इस पर एक से 15 प्रतिशत का उपकर भी लगेगा। छोटी कारों पर 28 प्रतिशत की ऊपरी कर दर के साथ एक प्रतिशत का उपकर लगेगा। मध्यम आकार की कारों पर तीन प्रतिशत का उपकर और लग्जरी कारों पर 15 प्रतिशत का उपकर लगेगा। बढ़ती उम्र को अगर दिखाना हैं जवां तो फॉलो करें ,ये टिप्स प्रशासनिक लापरवाही खा रही है मसूरी की ख़ूबसूरती, डंपिंग ज़ोन बन गए हैं पहाड़ Marketplace जागरण स्पेशल Best LED Televisions (TV) in India June 2018 पंकज शर्मा New आर एस ओ पी तकनीकी रिपोर्ट शहर को दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने गर्मी शुरू होते ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिजली के फिक्स चार्ज में 2.5 से लेकर 6.5 गुना तक का इजाफा किया है. हालांकि बिजली की कीमतों में प्रति यूनिट की दर  से कटौती की है. DERC ने 2 किलोवाट लोड वाले घरों में बिजली के फिक्स चार्ज को 20 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये कर दिया है. लिहाजा बिजली उपभोक्ताओं को फिक्स चार्ज 125 रुपये से 250 रुपये तक देना होगा. अभी तक बिजली का न्यूनतम फिक्स चार्ज 20 रुपये था, जो अब 125 रुपये होगा. मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना Latest News   LIVE TV मुख्य खबरें पोर्टफोलियो प्रेजेन्टेशन दिल्ली कांग्रेस ने बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी पर केजरीवाल सरकार पर बिजली कंपनियों से मिले होने का आरोप लगाया है. प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन के मुताबिक, सरकार बिना किसी ऑडिट के बिजली कंपनियों को सब्सिडी के नाम पर करोड़ों की रकम दे रही है. कांग्रेस ने दलितों के अधिकारों पर 4 अप्रैल के दिन संसद घेराव की भी रणनीति बनाई है. पुंछ - कंपनी को 3.46 रुपए प्रति यूनिट की दर से 25 साल तक विंड एनर्जी प्रोजेक्ट से पैदा बिजली मिलेगी। यह बिजली दिल्लीवालों को 18 नवंबर 2018 से मिलनी शुरू होगी। कंपनी ने आरपीओ (रिन्युएबल पावर ऑब्लिगेशन) के लक्ष्य को पूरा करने के लिए विंड एनर्जी से पैदा बिजली खरीदने की तैयारी की है। सस्ता बिजली प्रदाता - मेरे पास इलेक्ट्रिक कंपनी सस्ता बिजली प्रदाता - सर्वश्रेष्ठ ऊर्जा प्रदाता सस्ता बिजली प्रदाता - आज अपने मुफ़्त उद्धरण का अनुरोध करें
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