वर्ष       उपलब्धता उत्पादन रिपोर्ट राज्यों के बिजली वितरण की उपयोगिता की यह छठवीं रिपोर्ट ऊर्जा मंत्रालय ने इसी महीने जारी की है। यह रैकिंग कंपनी के कामकाज, आर्थिक, पारदर्शिता व सरकारी मदद आदि के आधार पर जारी की जाती है। इससे पहले मंत्रालय ने मई 2017 में रैंकिंग जारी की थी। Business Articles सिस्टम स्टेबलिंग - जबलपुर सिटी सर्किल, रीवा टाउन जूनियर असिस्टेंट 12 चित्र प्रदर्शनी प्रितम रवानी Follow more accounts to get instant updates about topics you care about. 6 एक व्यक्ति की मौत के बदले गुस्साई भीड़ ने ली 300 मगरमच्छों की जान    English समेत समस्त प्रदेश वासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ?           योजना की पात्रता शर्तों का जिक्र करते हुए प्रवक्ता ने बताया कि उस उद्यम को राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित प्रतिबंधित सूची में न रखा गया हो। इसके अलावा, सब्सिडी जारी करने के समय उद्यम नियमित उत्पादन कर रहा हो और यह सब्सिडी बंद इकाइयों को जारी नहीं की जाएगी।  जयपुर डिस्काॅम ने तीन महत्वपूर्ण योजनाओं की अवधि को आगामी तीस जून तक बढाया है जिससे अधिक से अधिक संख्या... Saved searches दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत वितरण की अवधि में सुधार होगा। इसके साथ ही अधिक मांग के समय में लोड में कमी, उपभोक्‍ताओं को मीटर के अनुसार खपत पर आधारित बिजली बिल में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अधिक सुविधा दी जा सकेगी। 中文(简体) Get more of what you love The Express Group | The Indian Express | The Financial Express | Loksatta | inUth | Ramnath Goenka Awards जानें, बढ़ती उम्र के बच्चों पर किन ग्रहों का होता है कैसा असर? इस योजना की संभावित लागत 16320 करोड़ रुपए होगी।  पोर्टफोलियो NRC पर मायावती ने किया कहा, तुरंत यह काम करें मोदी सरकार VIDEO: बीजेपी पर बरसीं महबूबा मुफ्ती, लगाया ये बड़ा आरोप Trending Now मित्सुबिसी की आईएमआईईवी 31125 (1682000 रुपये) डॉलर में बिकती है और रैनो की ज़ोई की कीमत 13650 पॉउंड (लगभग 1114000 रुपये) है. This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK awkash garg | Jabalpur, Madhya Pradesh, India 1:55 0:55 जवाब – सभी परिवारों के लिए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को जल्द ही शुरू करने के लिए, मोबाइल ऐप / वेब पोर्टल के साथ आधुनिक आईटी तकनीक का उपयोग करने वाले लाभार्थियों की पहचान के लिए गांवों / गांवों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन भी इलेक्ट्रॉनिक और आवश्यक दस्तावेज, आवेदक के फोटो सहित, पहचान पत्र की प्रतिलिपि और / या मोबाइल नंबर / आधार नंबर / बैंक खाता संख्या आदि जैसे विवरणों को शिविरों में पूरा किया जाएगा, ताकि कनेक्शन जल्द से जल्द जारी किये जा सकें power company jobs आॅफ द रिकार्ड: राहुल गांधी के हाथ मजबूत करने... हरियाणा की कुल स्थापित और अनुबंधित बिजली उत्पादन क्षमता 11,342.42 मेगावाट है। इसमें 8,322.84 मेगावाट बिजली कोयले से बनती है। 1,953.13 मेगावाट बिजली का उत्पादन हाइड्रो प्लांट, 673.12 मेगावाट बिजली गैस, 100.93 मेगावाट परमाणु और 292.4 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा से बनती है। यानी 24.67 फीसद बिजली राज्य की खुद की है। संयुक्त क्षेत्रीय प्रोजेक्ट बीबीएमबी से 7.47 फीसद बिजली हरियाणा के पास आती है। केंद्रीय ऊर्जा क्षेत्रीय उपक्रम (सीपीएसयू) इकाइयों से 26.64 फीसद और बाहरी आइपीपी (स्वतंत्र निजी निर्माताओं) से 41.20 फीसद बिजली मिलती है। पंचतत्व में विलीन हुए अटल बिहारी वाजपेयी, दत्तक पुत्री ने दी मुखाग्.. नवभारत टाइम्स ऑन फेसबुक Bandtagebuch Show Full Articleं नौकरी AllPhoto गैलरीVideo गैलरी Bijli Bachao in Media July 17, 2018 Read More: Power Schemes Patna-Saheb Nandkishore Hindi News News Hindiपटनासाहिबविद्युत योजनानंदकिशोर गुफा में फंसे बच्चों को सीखनी होगी गोताखोरी 03.07.2018 16,000 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च सकारात्मक बाहरी रोजगार के सृजन और अर्थव्यवस्था को लाभान्वित करने में और मदद करेगा। CallIndia.com चार साल पूरे होने के बाद भी नरेंद्र मोदी सरकार की मुख्य योजनाएं दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, स्किल इंडिया प्रोग्राम, उज्ज्वला योजना और जन धन योजना कोई बड़ी उपलब्धि हासिल करने में नाकामयाब रही है. इसके अलावा मुद्रा और हाउसिंग योजना के तहत 2022 तक सबको घर जैसी योजनाएं बैंकों के लिए नई मुसीबत बनी हुई है, जो पहले ही न चुकाए गए कर्जों के जाल में फंसे हुए हैं. By admin October 10, 2016 Pradhan Mantri Awas Yojana Online Application Forms 2018 (प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करें) बेगूसराय: गया के डॉक्टर दंपत्ति कांड को लेकर आक्रोशित तैलिक वैश्य समाज ने दिया धरना June 27, 2018 पटना: स्थानीय लोगों ने दो अर्ध विक्षिप्त महिलाओं को किया पुलिस... अजमेर उत्तराखंड की जल-विद्युत परियोजनाओं पर भारत के कन्ट्रोलर तथा ऑडिटर जनरल (कैग) ने 30 सितंबर 2009 को एक बहुत कड़ी टिप्पणी कर स्पष्ट कहा है कि योजनाओं का कार्यान्वयन निराशाजनक रहा है। उनमें पर्यावरण संरक्षण की कतई परवाह नहीं की गई है जिससे उसकी क्षति हो रही है। October 2017 23-Dec-16 01:28 आरसी ब्यूरो, औरंगाबाद।  बीजेपी शासित राज्य महाराष्ट्र में राज्य विद्युत वितरण कंपनी की लापरवाही की वजह से एक गरीब ने खुदकुशी कर ली। ये घटना महाराष्ट्र के औरंगाबाद की है, जहां महाराष्ट्र राज्य बिजली बोर्ड (एमएसईबी) ने भारत नगर इलाके में रहने वाले भागिनाथ शेळके को 8 लाख 64 हजार रुपये का बिजली का भेजा दिया। इसके साथ ही 17 मई तक ये बिजली बिल न जमा करने पर 10 हजार रूपये के जुर्माने की भी बात कही गयी थी। इससे परेशान इस शख्स ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार भागिनाथ शेळके अपने परिवार का भरन पोषण सब्जी बेचकर करता था। लाखों के बिजली बिल से वो काफी तनाव में था। पुलिस ने बताया है कि मरने से पहले भागिनाथ शेळके ने एक नोट भी छोड़ा है।  इस नोट में उसने भारी-भरकम बिजली का बिल होने के कारण जान देने के लिए मजबूर होने की बात लिखी है। Cashback on offer price: 2549 उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ईमानदारी से काम कर रही है तभी यह संभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार उन सरकारों जैसी नहीं है जो चुनाव जीतने के बाद अपने वायदे भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमने जो वायदे किए उसे निरंतर पूरा किया जा रहा है।  कल फिर उत्तरप्रदेश में मोदी की रैली (यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।) सबसे ऊपर चलें Filipino गैजेट्स under a CC BY-NC-SA 2.5 IN license. एमडीएस-1 रूरल( बिना मीटर) 444 रुपये पूर्व केंद्रीय मंत्री सांवरलाल जाट की मूर्ति का हुआ अनावरण Comment वीडियो कंधार हो या कारगिल, कभी विचलित नहीं हुए अटल जी : यशवंत सिन्हा मोदी द्वारा ज़ोर-शोर से शुरू की गईं विभिन्न योजनाओं की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? बिजली की लागत - विद्युत कैसे बचाएं बिजली की लागत - आज से शुरुआत करें बिजली की लागत - विद्युत खुदरा विक्रेताओं
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