Sat Aug 18 2018 16:28:47 MGID Read More: Fatehabad Haryana Hindi News Jagran Newsहरियाणा अणुविद्युत योजनातहतविकासशरण  बिजली की दर में वृद्धि के विरोध में रविवार को भाजपाइयों ने प्रखण्ड मुख्यालय पर ऊर्जा मंत्री का पुतला फूंका. इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता बिहार की जनता का शोषण बन्द करने, बिजली दर में वृद्धि को वापस लेने आदि की मांग कर रहे थे.  पूर्व जिला पार्षद बलराम प्रसाद सिंह ने कहा कि पूरे बिहार में बिजली की दर में 55 प्रतिशत वृद्धि की गई है, इसे वापस नहीं लिया गया तो पार्टी की ओर से चरणवद्ध आंदोलन किया जायेगा. TRENDING TOPICS बिहार में नयी बिजली दरें लागू, गांव में 3.35 और शहर में 5 प्रति यूनिट बिजली ख़बरें कंपनी ने कुल खर्च के लिए 16,900 करोड़ की मांग की है. इसमें नॉर्थ बिहार कंपनी ने 7200 करोड़ तो साउथ बिहार कंपनी लिमिटेड ने 9700 करोड़ की मांग की है. कंपनी ने अपने प्रस्ताव में दो तरह की टैरिफ सौंपी है. एक में कंपनी ने कहा है कि राज्य सरकार के अनुदान के बिना अगर शत-प्रतिशत खर्च की बात है तो उसमें 51 फीसदी से लेकर 120 फीसदी तक बिजली दर में वृद्धि की आवश्यकता होगी. लेकिन कंपनी ने कहा है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य सरकार ने 2952 करोड़ का अनुदान दिया है. मुंबई वालों ध्यान से सुन लो! बिहार में उत्पादित बिजली से दौड़ती हैं मुंबई की लोकल ट्रेनें 255 Retweets इंडोनेशिया का सबसे अमीर व्यक्ति भी Asian Games में लेगा हिस्सा रेडियो न्यूज़ सरस्वती बनर्जी 21st commonwealth games gold coast australia 2018 कॉम पोर्ट: आईआर ऑप्टिकल, आरएस 485 आधार कार्ड में गलत हो गई जन्मतिथि बदलवाना हुआ मुश्किल, जानें नया नियम आपका पैसा अटल बिहारी के निधन पर 7 दिन का राष्ट्रीय शोक,कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज रिपोर्टः फ्रित्ज मूरी 12:25:28 AM राज्य में 246 गांव हुए रोशन ऋषिकेश सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति योजनाओं का समयबद्ध रूप से कार्य करने में सबसे बड़ा अवरोध बनी। वन भूमि अधिग्रहण में देखा गया कि 85 दिनों से लेकर 295 दिनों की देरी हुई। कुछ योजनाओं में बिजली की निकासी (ट्रांसमिशन) का सामान समय पर नहीं लगाया गया, जिस कारण आर्थिक हानि हुई तथा राज्य को राजस्व नहीं मिल पाया। सरकार को एक अधिकारी समिति का गठन करना चाहिए था जो योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण, वन विभाग से आज्ञा तथा लोगों के पुनर्वास का काम की देख-रेख करती। यह आवश्यक था कि विजली की निकासी (ग्रिड तक पँहुचाने) का काम योजनाओं के पूरा होने से पहले कर लिया जाता। चिंताओं के विषय थे योजनाओं का पूर्व में जाँच-परख न हो पाना, त्रुट्पिूर्ण योजना कार्य तथा खास तौर पर अनुश्रवण या समय-समय पर विभागीय अधिकारियों या उत्तराखंड जल-विद्युत निगम द्वारा समीक्षा न हो पाना। सबसे चिंताजनक बात थी पर्यावरण के प्रति लापरवाही, जिसका सबसे अधिक कुप्रभाव देश के संसाधनों पर पडा। घर नौवां सवाल –  इस योजना को पूरे देश में कैसे लागू किया जाएगा? केरल में बाढ़ के तांडव के बीच भारतीय सेना के देवदूत ऐसे बचा रहे हैं जिंदगियां निविदाएँ पानी के लोग मध्यप्रदेश कृषि विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत किसानों को दी जाने वाली सुविधाए। समय-समय पर आवश्यकतानुसार इन सुविधाओं में परिवर्तन हो सकता है, अतएव इस हेतु विभाग के अधिकारियों से सतत् सम्पक्र बनाएं रखें। धनबाद : प्रेस क्लब में मिले 21 रसेल वाइपर सांप, इनका काटा पानी भी नहीं... सब्स्क्राइब कीजिए हमारा न्यूजलेटर हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना आय सीमा 8 लाख रुपये हुई 16/08/2018 एक्सपर्ट के टिप्स Urdu اردو इसे बढ़ा कर 5.86 रुपये कर दिया गया है. आयोग ने क्रास सब्सिडी की व्यवस्था समाप्त करते हुए टैरिफ का निर्धारण किया है. इस वजह से घरेलू बिजली वर्तमान दर से 98 फीसदी महंगी हो गयी है. राज्य सरकार उपभोक्ताओं का बोझ कम करने के लिए सब्सिडी प्रदान करेगी. जून महीने से बिजली बिल के साथ ही सब्सिडी प्रदान कर दी जायेगी. यह सरकार तय करेगी कि किसको, कितनी सब्सिडी दी जायेगी. पर, यह साफ है कि सब्सिडी नकद राशि के रूप में उपभोक्ताओं के बैंक खाते में नहीं जायेगी. बिल के माध्यम से इसका लाभ दिया जायेगा.  जवाब – सभी परिवारों के लिए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को जल्द ही शुरू करने के लिए, मोबाइल ऐप / वेब पोर्टल के साथ आधुनिक आईटी तकनीक का उपयोग करने वाले लाभार्थियों की पहचान के लिए गांवों / गांवों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन भी इलेक्ट्रॉनिक और आवश्यक दस्तावेज, आवेदक के फोटो सहित, पहचान पत्र की प्रतिलिपि और / या मोबाइल नंबर / आधार नंबर / बैंक खाता संख्या आदि जैसे विवरणों को शिविरों में पूरा किया जाएगा, ताकि कनेक्शन जल्द से जल्द जारी किये जा सकें उरई 97 Retweets © One.in Digitech Media Pvt. Ltd. All Rights Reserved. रुद्र प्रयाग मॉब लिंचिंग से नहीं हुई अकबर की मौत : आईजी सांकेतिक तस्वीर Site Map | Legal Disclaimer | Privacy Policy | CSR Policy | Distribution कार्यालयीन निविदा उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने राज्य में बिजली की नई दरों को मंज़ूरी दे दी है. एक तरफ घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं, वहीं पीथमपुर सेज के उद्योगों को इससे राहत दी गई है। सेज के उद्योगों को लगातार तीन साल से केवल 3 रुपए 35 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है जो जारी रहेगी। कांग्रेस बिजली की दरें बढ़ाने का लगातार विरोध कर रही है। Social Networks देश का विदेशी पूंजी भंडार बड़ी गिरावट, एक सप्‍ताह में 1.82 अरब डॉलर की आई कमी बाड़मेर All Time Low: अमेरिकी कंपनी देगी भारत को सस्ती सोलर पावर, कंपनियों के बीच छिड़ेगी प्राइस वार Back Top यहां क्लिक करें Content Settings > Notifications > Manage Exceptions INDORE: रुपए के लालच में निर्वस्त्र हो गई महिला, तांत्रिक ने रेप किया | MP NEWS ऊना 0-200 यूनिट ठग मानसिकता के चंदा चोर आपकी बुराई करते हैं तो आत्मबल बढ़ता है: कैप्टन अभिमन्यु सुबोध कुमार नई दिल्ली, 28 मार्च 2018, अपडेटेड 17:13 IST चीन में एक आदमी के कान में रहते थे 26 तिलचट्टे मोदी की मुख्यमंत्री विजयन के साथ बैठक, बाढ़ के हालात… बिजली के सीमापार व्यापार के लिए भारत सरकार के निर्दिष्ट प्राधिकरण, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार भारत पहली बार बिजली का निवल आयातक के बजाय निवल निर्यातक बन गया है। वर्ष 2016-17 (अप्रैल से फरवरी 2017) के दौरान भारत ने नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार को 579.8 करोड़ यूनिट बिजली निर्यात की, जो भूटान से आयात की जाने वाली करीब 558.5 करोड़ यूनिट की तुलना में 21.3 करोड़ यूनिट अधिक है। विदित हो कि सीमा पार विद्युत व्यापार प्रारंभ होने के बाद से भारत भूटान से बिजली आयात करता रहा है। भूटान भारत को औसतन प्रतिवर्ष 500-550 करोड़ यूनिट बिजली की आपूर्ति करता रहा है।  जम्मू न्यूस लेटर राज्य शासन की योजनाएं ऊर्जा भवन, लिंक रोड न.-2, शिवाजी नगर, भोपाल, मध्य प्रदेश, भारत, 462016 कैसे पहुंचें क्लास शेड्यूल आरएसओपी परियोजना विवरण एवं एफ ए क्यू नेविगेशन की ओर ग्रामीण अंकीय पुस्‍तकालय लिंक September, 2016 sports मूवी रिव्यू Home   »झारखण्ड   »बिजली दर में बढढ़ोतरी आवश्यक : अरविंद प्रसाद आगरा मुख्य परीक्षा में उत्तर कैसे लिखें? देश म.प्र नाबालिग से दुष्‍कर्म पर फांसी का प्रावधान करने वाला प्रथम राज्‍य -राज्यपाल, राष्‍ट्रपति पदक प्राप्‍त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से भेंट सिंह All - कंपनी को 3.46 रुपए प्रति यूनिट की दर से 25 साल तक विंड एनर्जी प्रोजेक्ट से पैदा बिजली मिलेगी। यह बिजली दिल्लीवालों को 18 नवंबर 2018 से मिलनी शुरू होगी। कंपनी ने आरपीओ (रिन्युएबल पावर ऑब्लिगेशन) के लक्ष्य को पूरा करने के लिए विंड एनर्जी से पैदा बिजली खरीदने की तैयारी की है। पर्यटन इकबाल खान कसौटी जिंदगी की रिमेक में मिस्टर बजाज का रोल प्ले करेंगे? 14 mins पंजाब सरकार ने बिजली दरें बढ़ाकर आम आदमी पर बोझ डाला अर्थव्‍यवस्‍था दिवाली के मौके पर जियो का धन धना धन ऑफर, जानें क्या है प्लान (*On a Minimum order value of Rs. 15,000 and above) 15 शहरों में रिलांयस-बीपी करेगा घरों में गैस का वितरण, लाइसेंस लेने के लिए लगाई बोली Already have an account ? Atalji Last RitesBollywood on Atalji DeathAtalji FuneralPublic HolidayBreaking NewsSarkari Result news18 hindi कांवड़ियों से भरी बस डिवाइडर पर चढ़ी, हादसे में 35 लोग घायल पुस्‍तकालय के नियम भाजपा बुद्धि जीवी प्रकोष्ठ का जिला संयोजक वीडियो और तस्वीरें Continue Reading » नई दिल्ली, 06 सितंबर 2015, अपडेटेड 18:29 IST केरल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया UAE, शेख खलीफा ने दिए अहम निर्देश इंटरनेट संसाधन नॉनस्टॉप 100 पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर हिमाचल में दो दिन का अवकाश Saturday, Aug 18, 2018 उत्तर प्रदेश की कानपुर बिजली आपूर्ति कंपनी ने सालभर में अपनी स्थिति सुधार ली है। ताजा रैंकिंग में यह कंपनी 24वें नंबर पर है, जबकि सालभर पहले यह 31वें पायदान पर थी। उत्तर प्रदेश की बाकी तीनों वितरण कंपनियां सीएसपीडीसीएल से नीचे हैं। वहीं, बिहार दोनों कंपनियों नार्थ और साउथ की स्थिति यहां से ठीक है। नार्थ कंपनी ने अपना 17वां रैंक बरकरार रखा है, साउथ बिहार वितरण कंपनी 21 से 30 स्थान पर चली गई है। Bangla News मीटर वजन सुनील मानकी नियम दिल्ली को अब विंड एनर्जी से रोशन किया जाएगा। आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें 5 days ago राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 3.10 रुपये प्रति यूनिट, तो शहरी क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं को 1.48 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी देगी. मालूम हो कि राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने 24 मार्च को बिना सब्सिडी के बिजली दरों का एलान किया था, जिसमें औसतन 55% का इजाफा किया गया था. इसके बाद उसी दिन देर शाम मुख्यमंत्री की ओर से सब्सिडी जारी रखने का एलान किया गया था. अब सब्सिडी के एलान के बाद बिजली दरों में मात्र 20 फीसदी वृद्धि होगी. सदन में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिजली बिल में प्रति यूनिट बिजली आपूर्ति लागत और सरकार द्वारा दी गयी सब्सिडी का अलग-अलग ब्योरा दिया जायेगा. वजन: 250 ग्राम आखिर क्यों 13 नंबर को सुनते ही लोग आ जाते हैं… बिजली दर वृद्धि के विरोध में भाजपाइयों ने फूंका ऊर्जा मंत्री का पुतला समाचार की सदस्यता लें सीखें जरा : गोठ एप से जानिए कैसे हुनरमंद बन रही है बेटियां सुरक्षा का स्तर Other NABARD Links Remember Me गैस और इलेक्ट्रिक - सस्ता बिजली बिल गैस और इलेक्ट्रिक - ऊर्जा योजनाओं की तुलना करें गैस और इलेक्ट्रिक - और जानने के लिए यहां क्लिक करे
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