लॉग इन रजिस्टर पर्मालिंक https://p.dw.com/p/2ra7K मंटू यादव More From Author बिजली विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जिले में कई ऐसी सोसायटी हैं जिनका बिजली बिल बकाया है और उनके कनेक्शन काटे जाएंगे। जबकि वहां रहने वाले लोगों का कहना है कि उन्होंने समय से बिल्डर को बिल के पैसे दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि सोसायटी के आर.डब्लू.ए को इसकी जानकारी दी जा रही है और यदि समय से बिल का भुगतान नहीं किया गया तो सोसायटी की बिजली काट दी जाएगी। सोशल मीडिया पर उड़ा चीन का मजाक, वाजपेयी की जगह जॉर्ज फर्नांडिस की लगाई फोटो पटना,17 अप्रैल (हि.स.)। राज्य कैबिनेट की मंगलवार को यहां हुई बैठक में इस वर्ष अप्रैल से बिजली की बढ़ी हुई टैरिफ दरों में उपभोक्ताओं को सब्सिडी देकर सरकार ने दावा किया है कि बिहार की बिजली दर सभी पड़ोसी राज्यों यूपी और पश्चिम बंगाल से काफी कम है । कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष बिजली दर में सब्सिडी के कारण राज्य सरकार के खजाने पर 4137 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा । पिछले वर्ष 2952 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गयी थी. उन्होंने बताया कि सब्सिडी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर ज्योति योजना के तहत बिजली की दर प्रति यूनिट 2.45 रुपये पड़ेगी । पश्चिम बंगाल में यह 3.44 रुपये और यूपी में 3.39 रुपये प्रति यूनिट है । इसी तरह शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली दरें भी पड़ोसी राज्यों से कम हैं । इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपयोग और कृषि व सिंचाई के लिए बिजली दर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी है । इस पर वर्तमान दर से ही बिजली बिल का भुगतान करना होगा । शहरी क्षेत्रों की बिजली दर में महज 10 पैसे प्रति यूनिट की ही बढ़ोतरी की गयी है | अब यह 5.30 रुपये प्रति यूनिट से बढ़कर 5.40 रुपये हो गयी है । मुख्य सचिव ने कहा कि बरौनी, कांटी और नवीनगर बिजलीघरों को एनटीपीसी को ट्रांसफर कर दिया गया है । इन यूनिटों से राज्य को अपने स्तर पर बिजली उत्पादन काफी महंगा पड़ रहा था । बरौनी थर्मल पॉवर स्टेशन से अभी बिजली उत्पादन में प्रति यूनिट 5.75 रुपये का खर्च आ रहा है, जबकि बाढ़ एनटीपीसी से बिजली खरीदने पर यह खर्च 4.25 पैसे प्रति यूनिट ही पड़ेगा । इस वजह से सभी बिजली उत्पादन ईकाइयों को एनटीपीसी को ही स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है । इससे सरकार को 875 करोड़ रुपये सालाना की बचत होने का अनुमान है । वर्ष 2017-18 के लिए बिजली उपलब्धता करीब 27 हजार 178 मिलियन यूनिट है, जबकि 2018-19 के लिए बिजली उपलब्धता का लक्ष्य 29 हजार 403 मिलियन यूनिट निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष से 8% अधिक है । सब्सिडी के बाद बिजली दर :-कुटीर उद्योग- 2.45,घरेलू (ग्रामीण)- 3.17,घरेलू (शहरी)- 5.40,गैर-घरेलू (ग्रामीण)- 4.00,गैर-घरेलू (शहरी)- 8.25,कृषि एवं सिंचाई-1 - 1.50,कृषि एवं सिंचाई-2 - 7.75,औद्योगिक सेवा-1 - 8.35,(19 केवी तक) औद्योगिक सेवा-2 - 8.32 (19 केवी से ज्यादा और 74 केवी से कम) औद्योगिक सेवा-1 - 8.67,(11 केवी) औद्योगिक सेवा-2 - 8.60,(33 केवी), औद्योगिक सेवा-3 - 8.01,(132 केवी) (सभी आंकड़े रुपये प्रति यूनिट में) हिन्दुस्थान समाचार/अरुण/शंकर Thanks. Twitter will use this to make your timeline better. Undo राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने पूजन किया अनुसंधान एवं विकास दुनिया के अजीबोगरीब कानून, जिन्हें जानकर आप रह जाएंगे हैरान सुभाष ठाकुर ने कहा-  अटल बिहारी वाजपेयी का हिमाचल से था विशेष लगाव एमडीएस-1 रूरल( बिना मीटर) 444 रुपये दिसंबर 2017 में 73,878.73 करोड़ से बढ़कर फरवरी 2018 में ये 75,572 करोड़ की राशि तक पहुंचा और अब 80,000 करोड़ की राशि को पार कर गया है. वित्तीय भागीदारी में शामिल होने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है. Copyright © 2018 Samachar Agency. Proudly Designed : By WebsitePoint. . चीन-अमेरिका वार्ता से बाजार खिला, रुपया संभला 09:41 इस फिल्म में सलमान ने पहना खुद डिजाइन किया जैकेट अटलजी को श्रद्धांजलि देने जा रहे अग्निवेश की भाजपा मुख्यालय के बाहर पिटाई 10 mins India News in Hindi  Leaders DW के बारे में दुर्गा प्रसाद दे Copyright © 2017-18 Bhaskar Lite.,All Rights Reserved. 7 Views नगर पंचायत के सफाई कर्मी ने वेतन बढ़ाने की माँग कों लेकर किया अनिश्चितकालीन काम बंदी,सड़कों पर लगा कूड़ा का ढेर RC Desk2, November 08,2017 09:10:04 AM न्यायिक अफसर को गिलास में थूक कर चपरासी देता था पानी, निलंबित Reported by: रवीश रंजन शुक्ला, Edited by: सूर्यकांत पाठक, Updated: 28 मार्च, 2018 8:27 PM खुशखबरी! दिल्ली में बिजली के दाम कम हुए, जानिए नई दरें मारपीट के आरोपी दिग्विजय सिंह ने सौंपे सभी सरकारी हथियार प्रोफ़ेसर अरुण कुमार का कहना है कि यह तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि पेट्रोलियम, रियल एस्टेट, शराब और बिजली को जीएसटी के दायरे में नहीं रखा गया है. अनुकूल झा राजधानी सहित नगर निगम शहरों में बिजली कटौती जारी स्टडी मोटिव Get Punjab and Haryana News, लाइव हिन्दी न्यूज़ headlines from all cities of states. Stay updated with us to get latest news in Hindi. जनता मजदूर संघ सिंदरी अध्यक्ष July 11, 2018 जवाब –  प्रति दिन 1 किलोवाट का औसत भार और एक दिन में 8 घंटे तक लोड के औसत उपयोगों को ध्यान में रखते हुए, लगभग 28,000 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता होगी और सालाना लगभग 80,000 मिलियन यूनिट की अतिरिक्त ऊर्जा खर्च होगी। यह एक संभावित आंकड़ा है बिजली का उपयोग करने वालों की आय और आदत बढ़ने के साथ, बिजली की मांग अलग-अलग होती है। यह आंकड़ा अलग होगा यदि मान्यताओं को बदल दिया गया हो। जवाब –  हां,सौभाग्य योजना की लागत DUDUGY के तहत 16,320 करोड़ रुपये से अधिक निवेश किये गए हैं। नियम एवं शर्तें Paresh Agarwal‏ @semanticscorp 18 Aug 2015 हम भारत सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों और नीतियों के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा क्षेत्र के लिए राज्य सरकार को लागू करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 1982 में स्थापित एक निगम हैं। वहीं लालजीराम तियु को पनाह देने वालों पर पुलिस कार्रवाई करेगी। छापेमारी टीम में मुख्य रूप से सदर अंचल के पुलिस निरीक्षक अनिल एक्का के अलावा मंझारी थाना प्रभारी, तांतनगर ओपी प्रभारी शामिल थे। Change Contact Number www.bhaskar.com # Dehradun News Gaya बादम पंचायत मुखिया, बड़कागांव msn समाचार दिनेश राय को मुख्यमंत्री के 15 अगस्त संदेश के प्रमुख बिन्दु 07/14/2011 - 16:16 शर्मनाक : स्कूल में छात्रा से गैंगरेप 18 के खिलाफ… इस वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.2 फीसदी रहने का अनुमान:... वीएलई कॉर्नर Deutsche Welle उन्होंने कहा, ''राज्य चाहते थे कि इन वस्तुओं पर उनकी स्वायतता बनी रहे. रियल स्टेट को लेकर कहा जा रहा है इसमें ब्लैक मनी का प्रवाह ज़्यादा होता है. ऐसे में अगर यह जीएसटी के भीतर रहता तो उस पर लगाम कसा जा सकता था.'' HARYANA GK IN ENGLISH 10. हाइक ने लांच की Hike ID, बिना नंबर के भी कर सकेंगे चैट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में बिजली व्यवस्था बेहतर बनाने का विशेष जोर दे रहे हैं। पूरे प्रदेश... बिजली स्विच करें - अब सहेजें बिजली स्विच करें - विद्युत छूट बिजली स्विच करें - ऊर्जा प्रदाता बदलें
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