Surveys उपलब्‍ध परीक्षण सुविधाऍं प्रशासनिक लापरवाही खा रही है मसूरी की ख़ूबसूरती, डंपिंग ज़ोन बन गए हैं पहाड़ 101 99 83 , - , , , , , , , , , , , , , , , ... सम्पर्क ऑनलाइन भुगतान करने पर एक फीसदी की अतिरिक्त छूट  Firkee #AtaljiAmarRahen अटल की श्रद्धांजलि सभा पर तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों का हमला, दो की हालत गंभीर Published: 2017-03-30 13:39:03.0 परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार के अनुसार कोल इंडिया लिमिटेड और इसकी सहायक कंपनियां हरियाणा सरकार से किए समझौते पर खरी नहीं उतर रही हैं। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री आरपी सिंह के समक्ष कहा कि पर्याप्त कोल लिंकेज और हमारे उत्पादन परिसंपत्तियों के लिए धुले हुए कोयले सहित अच्छी क्वालिटी का कोयला उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड को अपनी कोल वाशरीज लगाने का भी सुझाव दिया है। निर्वाचित विषयवस्तु प्रधानाध्यापक, आदिवासी उच्च विद्यालय छपरगढा lifestyle औद्योगिक ठोस अपशिष्ट उपयोगिता केंद्र और सूचना ओके 52 Views Jio GigaFiber का रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें 10 बड़ी बातें एचटी आपूर्ति         5.98 से 6.35 के बीच अरुण कुमार मानते हैं कि जीएसटी लागू करने का दबाव मल्टिनेशनल कंपनियों की ओर से भी था. उन्होंने कहा कि ये नहीं चाहते थे कि उन्हें भारत के अलग-अलग राज्य में अलग-अलग टैक्स से जूझना पड़े. हालांकि इससे छोटे व्यापारियों पर असर पड़ सकता है. Copyright ©  2017  Bennett Coleman & Co. Ltd. All rights reserved. For reprint rights: Times Syndication Service चीनी (Sugar) केरल: बाढ़-बारिश से 3 लाख से ज्यादा बेघर, मई से अब तक 324 की मौत; मोदी कुछ देर में करेंगे हवाई सर्वे 1 mins बोकारो समेत समस्त प्रदेश वासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं बिजली के खंभे के लिए गड्ढा खोद रहे थे मजदूर, मिला 'खजाना' इस पोस्ट को शेयर करें Twitter UP Bhu Naksha उत्तर प्रदेश भु-नक्शा ऑनलाइन मैप रिकॉर्ड प्रतिलिपि प्राप्त करें टी वी समाचार कारखाना भ्रमण रिआयत किसान समाचार कक्षा कार्यक्रम : 15 अगस्त की ड्रेस रिहर्सल, कई रूट बदले और स्कूल 10 बजे से सुरक्षा उपकरण: एमसीबी केरल: बाढ़-बारिश से 3 लाख से ज्यादा बेघर, मई से अब तक 324 की मौत; मोदी कुछ देर में करेंगे हवाई सर्वे Just Now मातृभाषा सत्याग्रही पेंशन योजना के लिए आवेदन करें शाहरुख और अजय को क्‍लासमेट बनाना चाहती हैं काजोल, लेकिन आमिर खान को नहीं! जानें क्‍यों पारेषण क्षेत्र में विकास 10 जुलाई 2018 नेटवर्क संस्मरणः सांसद किसी पार्टी का हो, सबको एक निगाह से देखते थे वाजपेयी We are very sorry, the page you are looking for appears to be missing. Click here to go to the home page. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से बिहार के 23 जिले पूरी तरह हुए रोश्नी से जगमग च) डाटा बस आउटपुट के लिए ऑप्टिकल पोर्ट डंडारी बाग में अवैध कब्जा से संबंधित थाने में 4 FIR, आनन फानन में प्रशासन ने बुलाई बैठक आपका ज़िला लीक हुई अक्षय कुमार की फिल्म गोल्ड, कमाई पर पड़ सकता है असर हफ्ते भर के दुमका : इंडोर स्टेडियम दुमका में अरविन्द प्रसाद की अध्यक्षता में झारखंड राज्य विद्य्नुत नियामक आयोग के द्वारा झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड का वर्ष 2011- 12 से वर्ष 2015 -16 तक वर्ष 2016-17 का 2017-18 एवं वर्ष 2018-19 एवं वर्ष 2017-18 तथा 2018-19 का विद्य्नुत वितरण दर निर्धारण हेतु जन-सुनवाई कार्यक्रम आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता को ध्यान में रखते हुए बिजली दर उतना ही निर्धारित की जायेगी जिससे की उन पर भार ना पड़े और बिजली कम्पनी को भी घटा ना हो। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चेयर मेन अरविन्द प्रसाद ने कहा कि कम्पनी को बिजली खरीदने के लिए पैसे की जरुरत पड़ती है। बिजली के खरीद एवं उपभोक्ताओं के बिजली विपत्र के विरुद प्राप्त राशि में समन्ता होना आवश्यक है। अप्रैल माह से सरकार अब कम्पनी रिसोर्स गेप (सबसीडी) नही देगी। इसी कारण से बिजली दर में कुछ ना कुछ बढ़ौतरी होनी आवश्यक है। जयपुर। प्रदेश की छोटी ढाणियों और खेतोंं में मकान बनाकर रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। खेतों में मकान बनाकर रहने वालों को बिजली कनेक्शन देने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण घरेलू कनेक्शन योजना शुरू की है। इस योजना मेेंं 19 सितंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे, जो कि 30 अक्टूबर तक किए जाएंगे। COMPANY एटक नेता सिंदरी गल्फ इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp Naugachiya संभागायुक्त एवं कलेक्टर द्वारा कोठी पर झंडा वन्दन किया गया Don't have an account ? हरियाणा रिव्यु ट्रांस हिंडन महंगाई से चिंतित RBI ने प्रमुख ब्याज दरों में नहीं... भोपाल। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से कुछ माह पूर्व राज्य सरकार द्वार 1 जुलाई से लागू की गई सरल बिजली और बिल माफी की बहुप्रचारित योजना विवादों के घेरे में आ गई है। उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए काम करने वाले कार्यकर्तों का आरोप है कि शिवराज सरकार की इस योजना से बिजली कंपनियों का घाटा बढ़ेगा जिसकी भरपाई नियमित रूप से बिजली बिल भरने वालों को करनी होगी। इससे साफ है कि सरल बिजली योजना से आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। इन्हीं तथ्यों के आधार पर इस योजना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई गई है। आमने-सामने Hockey Toggle navigation टेस्ट सीरीज OMG! चिड़ियाघर में गधे को जेब्रा जैसा पेंट किया, बड़े कान देखकर लोगों ने यूं उड़ाया मजाक नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता में वृद्धि कर इसके लिये 2022 तक 175 गीगावाट का  लक्ष्य रखा गया है। साक्षात्कार विजेंद्र गुप्ता वित्त पोषण पद्धति लोग चाहते हैं मैं राजनीतिक टिप्पणी करूं लेकिन मैं किसी की निंदा नहीं करताः वरुण गांधी बच्चियों से रेप की घटना पर तेजस्वी का विराट प्रदर्शन, नीतीश कुमार को आई शर्म टेक्नोलॉजीखाना खज़ानाहेल्थ / ब्यूटीअपनी बातफ़ोटो गैलरीख़बरें भेजेंसंजीवनीएजुकेशन & कैरियर भारत(107),130/10 सहरसा सरल बिजली बिल योजना और मुख्यमंत्रीमंत्री बकाया बिल माफी योजना बिजनेस बिजली - सस्ता विद्युत प्रदायक बिजनेस बिजली - यहां अधिक समाधान खोजें बिजनेस बिजली - गैस की कीमतों की तुलना करें
Legal | Sitemap