Radio City 1-100        4.27 रुपए    ¯6.15 रुपए Business News Hindi(बिज़नेस) विजया बैंक ने रिलायंस नेवल का कर्ज NPA कैटेगरी में डाला About text formats बाड़मेर से भीनमाल तक 144 किमी लंबी 400 केवी बिजली सप्लाई की लाइन का काम पूरा,139 करोड़ के काम में 399 टॉवर लगने हैं, अब सिर्फ 22 लगने ही बाकी, अगस्त से बेहतर होगी बिजली सप्लाई Contact विद्युत सभी के लिए साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा की गई पहलAug 01, 2018 हमसे संपर्क करें: [email protected] फेसबुक पर हमारा अनुसरण करें - अनमीटर्ड ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं की 180 व 200 रुपये प्रति किलोवाट के स्थान पर अब 300 रुपये प्रति किलोवाट की दर से भुगतान करना पड़ेगा। 1 अप्रैल से इन उपभोक्ताओं की दर 100 रुपये प्रति किलोवाट और बढ़ जाएगी और इन्हें 400 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से बिल चुकाना होगा। शामगढ़ सुहाग’रात’ को ससुराल से गहने-पैसे लूटकर फरार हो गई दुल्हन Allअजमेरअलवरउदयपुरकरौलीकोटाचित्तौड़गढ़चूरूजयपुरजैसलमेरजोधपुरझालावाड़झुंझुनूंडूंगरपुरदौसाधौलपुरनागौरपालीबाड़मेरबारांबीकानेरबूंदीभरतपुरभीलवाड़ाराजसमंदश्रीगंगानगरसवाई माधोपुरसिरोहीसीकरहनुमानगढ़ Forbidden लखीसराय। ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को बकाया राशि पर एकमुश्त निर्धारित राशि किश्तों में... राजपत्र पेज को रिफ्रेश (Refresh) करें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में वृद्धि की घोषणा की है. राज्य सरकार की ओर से तय बिजली की नई दरों के मुताबिक 150 यूनिट तक शहरी उपभोक्ताओं को 4.90 पैसे की दर से बिल का भुगतान करना होगा. सपा लोकसभा चुनाव ताँबा (COPPER) मोदी की मुख्यमंत्री विजयन के साथ बैठक, बाढ़ के हालात… डिजीज एंड कंडीशन्‍स 2001 ऊर्जा संरक्षण अधिनियम के तहत नियम / विनियम Learn the latest कमेटी ने पिछले साल के अप्रैल में जारी की अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हर कोई युवाओं को रोजगार देने या स्थानीय उद्योगों की जरुरतों पर ध्यान दिए बिना सिर्फ आकड़ों के पीछे भाग रहा है. रामपुर संपूर्ण परियोजनाओं की सूची समाजसेवी बड़कागांव, निवेदक प्रखंड अध्यक्ष नन्दलाल राणा सह प्रखंड कमेटी सदस्य बड़कागांव Monday 30 July , 2018 Don't have an account? Sign up » इस वेबसाइट से संबंधित सवालों के लिए कृपया वेब सूचना प्रबंधक से सम्‍पर्क करें: [email protected] अशोक लीलैंड बांग्लादेश को निर्यात करेगा 300 डबल डेकर बसें गॉसिप फिरोजाबाद Telenovela ऐसे बनाएं इंस्टेंट जलेबी रिमेक भी अच्छा #KeralaFloods LIVE: कोच्चि में PM मोदी ने बाढ़ के हालात पर की बैठक, 500 करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान गल्फ वॉट्सऐप, फेसबुक ग्रुप में पोस्ट हुआ भड़काऊ पोस्ट, तो ऐडमिन के खिलाफ होगी कार्रवा.. मॉडल संख्या: DDSY168-मैं First India News Rajasthan महंगी बिजली नहीं चाहिए तो रखें राय संपन्न परामर्श - डीएसडी आमने-सामने म. प्र. पावर जनरेटिंग क. लि. बढ़ी हुई दरों की मार सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ने वाली है. पिछली दरों के मुताबिक अभी तक ग्रामीणों क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 180 रुपये प्रतिमाह देना पड़ता था, जबकि किसानों को 100 रुपये प्रतिमाह देना पड़ता था. FOLLOW (1.2K) पूव मंत्री सह बिधायक गोमिया जीएसटी का एक साल- किसी ने कहा लाभकारी, किसी ने कहा नुकसानदायक पुनर्नवीकरणीय ऊर्जा उत्पाद मायावती सबसे डरपोक: दयाशंकर नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को 7 से 12 प्रतिशत तक अधिक बिजली का बिल चुकाना होगा वहीं कमॢशयल उपभोक्ताओं के लिए 8.5 से 10.5 प्रतिशत तक बढ़ौतरी होगी। नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को 0-100 यूनिट तक 46 पैसे, 101-300 यूनिट तक 41 पैसे, 301-500 यूनिट तक 59 पैसे और 500 यूनिट से अधिक पर 80 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा चुकाने होंगे।  डीएओ और आईसीओ पर सीईसी के नियम, समझाया CM JAIRAM THAKUR अपनी राय दें शिविरों में पहुंच जनसमस्याएं सुन रहे हैं मंत्री देवनानी Remove केन्द्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान इस राशि की वसूली भी बिजली बिलों के साथ 10 किस्तों में दे सकते हैं। संभाग के 640 गांवों में 485 बस्तियां बिजली विहीन हैं, शहडोल जिले में 100 गावों ऐसे हैं, जहां लो वोल्टेज की समस्या। योजना में करीब 260 करोड़ संभाग में खर्च हो रहे हैं। Read More: Jagran Newsविद्युत योजनाधांधलीठेकेदारभुगतान जागरण संवाददाता, फतेहाबाद: गोरखपुर हरियाणा अणु विद्युत परियोजना द्वारा गोरखपुर गोशाला का विकास के... अब पंजाब में घरेलू बिजली दर 5.06 रुपए से 8.32 रुपए प्रति यूनिट के बीच होगी जिसमें 13 प्रतिशत इलैक्ट्रीसिटी ड्यूटी और 5 प्रतिशत इंफ्रास्ट्रक्चर सैस शामिल होगा जबकि हरियाणा में यह दर 2.70 रुपए से 7.10 रुपए के बीच है। इसी प्रकार कमॢशयल उपभोक्ताओं को 7.20 रुपए से लेकर 7.60 रुपए प्रति यूनिट देने होंगे जबकि हरियाणा में यह दर 6.20 रुपए है।  LPSC में 10 वैकेंसी Daily Updates जवाब – बिजली मिलने पर निश्चित रूप से दैनिक घरेलू कार्यों और मानव विकास के सभी पहलुओं में लोगों के जीवन की गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। सबसे पहले, बिजली मिलने पर उजाले के लिए मिटटी तेल का इश्तेमाल नहीं होगा, जिसके परिणामस्वरूप घरों में प्रदूषण में कमी आएगी जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी खतरों से बचाया जा सकेगा। इसके अलावा, बिजली मिलने से देश के सभी भागों में कुशल और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं स्थापित करने में मदद मिलेगी। सूर्यास्त के बाद प्रकाश विशेष रूप से महिलाओं के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा का भाव प्रदान करता है। सामाजिक और साथ ही आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि करता है। बिजली की उपलब्धता से सभी क्षेत्रों में शिक्षा सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और सूर्यास्त के बाद गुणवत्ता वाले प्रकाश में बच्चों को पढ़ाई के लिए अधिक समय बिताने और संभावित कैरियर में आगे बढ़ने में सुविधा होगी। घरेलू विद्युतीकरण होने से महिलाओं के अध्ययन करने की संभावना भी बढ़ जाती है और इससे उनकी कमाई भी होगी। खेल7 पूर्व गवर्नर ने बताई रुपये गिरने की बड़ी वजह CrazyFreelancer BPSC विद्युत सम्पर्क Homeआपका ज़िलाबिजली दर वृद्धि के विरोध में भाजपाइयों ने फूंका ऊर्जा मंत्री का पुतला चुनावी साल में बिजली का करंट स्वचालन नशे में धुत्त युवती ने हाइवे पर जमकर मचाया उत्पात, पुलिस से की हाथापाई, वीडियो वायरल | अब बिना चखे बच्चों को भोजन दिया तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर होगी कार्रवाई | अटल जी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे 'स्वामी अग्निवेश' के साथ हाथापाई, वापस लौटे | हैवानियत : 6 साल की मासूम से दुष्कर्म, गला घोंटकर जंगल में फेंका | लोकायुक्त के शिकंजे में फंसा सरकारी स्कूल का प्राचार्य, रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार | नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो जैसी सेवाएं भी अब एंटरटेनमेंट टैक्स के दायरे में, निगम वसूलेगा | एमपी में डेवलपमेंट के लिए चीनी बैंक से कर्ज लेने की तैयारी में सरकार | ...और यूं दी सिंधिया ने अटल जी को श्रद्धांजलि | डीआईजी की बड़ी कार्रवाई, अजाक थाने के एक दर्जन पुलिसकर्मी लाइन अटैच | भारत रत्न अटल जी के निधन पर प्रदेशभर में आज कारोबार बंद | सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति योजनाओं का समयबद्ध रूप से कार्य करने में सबसे बड़ा अवरोध बनी। वन भूमि अधिग्रहण में देखा गया कि 85 दिनों से लेकर 295 दिनों की देरी हुई। कुछ योजनाओं में बिजली की निकासी (ट्रांसमिशन) का सामान समय पर नहीं लगाया गया, जिस कारण आर्थिक हानि हुई तथा राज्य को राजस्व नहीं मिल पाया। सरकार को एक अधिकारी समिति का गठन करना चाहिए था जो योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण, वन विभाग से आज्ञा तथा लोगों के पुनर्वास का काम की देख-रेख करती। यह आवश्यक था कि विजली की निकासी (ग्रिड तक पँहुचाने) का काम योजनाओं के पूरा होने से पहले कर लिया जाता। चिंताओं के विषय थे योजनाओं का पूर्व में जाँच-परख न हो पाना, त्रुट्पिूर्ण योजना कार्य तथा खास तौर पर अनुश्रवण या समय-समय पर विभागीय अधिकारियों या उत्तराखंड जल-विद्युत निगम द्वारा समीक्षा न हो पाना। सबसे चिंताजनक बात थी पर्यावरण के प्रति लापरवाही, जिसका सबसे अधिक कुप्रभाव देश के संसाधनों पर पडा। ये भी पढ़ें – अटके हाईवे प्रोजेक्‍ट होंगे पूरे, सरकार देगी वनटाइम वित्‍तीय सहायता Search query Search Twitter भारत23 Serbian Српски/Srpski डीईआरसी ने घरेलू बिजली पर प्रति यूनिट नई दरें तय की हैं. इसके मुताबिक शून्य से 200 यूनिट तक की प्रति यूनिट दर 4 रुपये से घटाकर 3 रुपये, 201 से 400 यूनिट तक 5.95  से घटाकर  4.50 रुपये,  401 से 800 यूनिट तक 7.30 से घटाकर  6.50 रुपये,  801 से 1200 यूनिट तक 8.10 से घटाकर  7 रुपये और 1200 यूनिट से अधिक की खपत पर चार्ज  8.75 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 7.75 रुपये प्रति यूनिट किया गया है. एयर इंडिया पायलटों की धमकी- अगर बकाया उड़ान भत्ता नहीं चुकाया तो फ्लाइट ऑपरेशंस रोक देंगे 22 mins एबीवीपी और एनएसयूआई ने कॉलेज मेंं एक साथ किया प्रदर्शन, दर्जनभर हिरासत में वाणिज्य चोरी का खामियाजा कंपनियां भी भुगतें ऑस्ट्रिया से शुरुआत Spanish Español शेयर सेव कमेंट एस्सेल बिजली कंपनी की मनमानी के खिलाफ राष्ट्रीय मार्ग पर लोगों ने जमकर किया प्रदर्शन भारत(107),130/10 Agent Login मापयंत्र सुविधाऍं Money Today पे स्केल:  Prelims Test Series - 2019, Starting from 2nd September, 2018.  View Details State Of The States Conclave 300 से अधिक       6.52 2676 दरअसल सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए दो योजनाएं लागू की है। पहली मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम-2018 है, इसके तहत जो बीपीएल उपभोक्ता हैं, उनके जून तक के समस्त बकाया बिल माफ किए जाएंगे। इसके लिए उन्हें कंपनी कार्यालय पहुंचकर आवेदन देना है। बकाया बिल माफी के अलावा अन्य कोई लाभ इन्हें नहीं मिलेगा। दूसरी योजना सरल बिजली बिल स्कीम-2018 है। इसके अंतर्गत असंगठित श्रमिक कल्याण योजना के तहत पंजीकृत परिवार के उपभोक्ता के बकाया बिल तो माफ होंगे ही, जुलाई से 200 रुपए में सस्ती बिजली मिलेगी। इन्हीं दोनों योजनाओं का लाभ लेने के लिए कंपनी कार्यालय में फॉर्म भरने वालों की भीड़ है। वन माफिया पर कसा शिकंजा, जीप से खैर के 22 मौछे बरामद चंबा सड़क पर लाउड स्पीकर से हो रहा था अटल की सभा का एलान और बगल में खुद लगा रहे थे कार को धक्का लखनऊ में झमाझम बार‍िश के आसार, गर्मी से म‍िल सकती है राहत विदेश961 अंतर्कलह से जूझ रही भाजपा-कांग्रेस को चुनाव में झटका दे सकती है ये तीसरी पार्टी Delhi rooftop solar cheaper than electricity bill! इन दो विभूतियों के बीच बनेगी महान अटल की समाधि, पीएम मोदी ने बदला कानून MevoFit Drive को फ्री में प्राप्त करे अपने पसंदीदा हल्द्वानी lCldzkbc सेहत असंगठित क्षेत्र का कल्याण इस वर्ष सबसे अधिक बारिश तराना तहसील में 675 मिमी हुई, सबसे कम बारिश महिदपुर तहसील में 308 मिमी 16/08/2018 धौलपुर दस्तावेज़ March 2018 नीतीश कुमार ने कहा कि एक सोची समझी रणनीति के तहत वर्ष 2017-18 में टैरिफ याचिका को शून्य अनुदान पर तैयार कराया गया है. इस नीतिगत निर्णय के आधार पर आयोग ने बिना अनुदान के  टैरिफ लागत का निर्धारण किया. इससे राज्य सरकार को उपभोक्तावार  अनुदान की राशि तय करने में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी. साथ ही वितरण कंपनियों की टेक्निकल व कॉमर्शियल लॉस में निरंतर कमी लाने के लिए गहन माॅनीटरिंग की जा सकेगी. नये वर्ष के लिए आयोग ने टैरिफ निर्धारित करते समय पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल अौर उत्तर प्रदेश के 2016-17 के टैरिफ से तुलना करते हुए राज्य के उपभोक्ताओं को दी जानेवाली सब्सिडी का निर्धारण किया है.  Fropky विद्युत और तीन अन्य योजनाओं की अवधि को आगामी तीस जून तक मारुति ने Swift के टॉप वेरि‍एंट में पेश कि‍या AGS, जानें फीचर्स #अलविदा अटल #INDvENG #रेलवे भर्ती #अनोखी #नंदन 10 मार्च 2013 News From Indian States Aadhaar Soft अपनी प्रतिक्रिया दें लखीसराय Activity Log BUDGET 2017 What is Inverter Technology AC and How it is Different from BEE 5 star Non Inverter AC? विजय बरनवाल पूरे वर्ष का राजस्व संग्रह 8000 करोड़ पर पहुंचा : बिजली कंपनी के आकलन के अनुसार शनिवार को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष राजस्व संग्रह 8000 करोड़ तक पहुंच गया है। फरवरी तक यह 6700 करोड़ रुपए था और मार्च में देर शाम तक 1300 करोड़ रुपए के राजस्व संग्रह की रिपोर्ट मिल चुकी थी। जबकि पूर्व के वित्तीय वर्ष में बिजली कंपनी का राजस्व 5800 करोड़ रुपए था। बिजली कंपनी ने इस राशि में सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को सब्सिडी मद में उपलब्ध कराए जाने वाली राशि नहीं जोड़ी है। यह राशि लगभग 3000 करोड़ रुपए है। Copyright © 2018 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today. Sports News in Hindi मंथन इधर दिल्ली सरकार के इस कदम पर बिजली कंपनियों का कहना है कि ऊंचे दाम का कारण ज्यादा जनरेशन और ट्रांसमिशन कॉस्ट है। बिजली के दाम में 80 फीसदी हिस्सा जनरेटिंग और ट्रांसमिशन कंपनियों का है। जनरेशन और ट्रांसमिशन की लागत लगातार बढ़ रही है। और जहां तक ऑडिट का सवाल है तो सीएजी और रेगुलेटरी अथॉरिटी उन पर लगातार नजर रखती हैं। बिजली कंपनियों का हर साल ऑडिट होता है और डीईआरसी हर साल अकाउंट्स की जांच करता है। स्कीम का उद्देश्य दीपिका पादुकोण हिन्दी में कैसे लिखें? Q to Z कांग्रेस चास प्रखंड (ग्रामीण), अध्यक्ष बीबीसी में खोजें बीबीसी में खोजें बिजली बदलें - सस्ते विद्युत आपूर्ति बिजली बदलें - अब सहेजें बिजली बदलें - विद्युत छूट
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