विष्णु दिगंबर पलुस्कर: गायकों को सम्मान दिलाने की लड़ाई लड़ने वाला 'शास्त्रीय' सितारा जल विद्युत परियोजनाओं से त्रस्त किसान Users Today : 1 8- पाईप लाईन योजना.. ग्रामीण इलाके में बिजली की दरें दो गुनी बढ़ी आरती सामद पंजाब जवाब – उजाले के लिए मिट्टी के तेल के उपयोग के स्थान पर बिजली का उपयोग होने पर वार्षिक सब्सिडी कम हो जाएगी और पेट्रोलियम उत्पादों के आयात को कम करने में भी मदद मिलेगी। प्रत्येक घर में बिजली, रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, मोबाइल जैसे सभी तरह के संचारों का बेहतर उपयोग होगा, जिसके माध्यम से हर कोई इन संचार माध्यमों के माध्यम से उपलब्ध सभी तरह की महत्वपूर्ण जानकारी पा सकेंगे,किसान नई और बेहतर कृषि तकनीक, कृषि-मशीनरी, गुणवत्ता वाले बीज आदि का उपयोग करेंगे परिणामस्वरूप कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और जिसके परिणामस्वरूप आय में वृद्धि होगी। किसान और युवक कृषि आधारित छोटे उद्योगों की स्थापना की संभावनाओं का भी पता लगा सकते हैं। केरल : बाढ़ बारिश से 9 दिनों में 324 लोगों की मौत,2 लाख से ज्यादा राहत शिविरों में, मोदी ने किया दौरा। पुरस्‍कार # Haryana Business नियामक आयोग के सचिव पीएन सिंह ने कहा कि विद्युत वितरण कंपनी ने वर्ष 2018-19 के लिए औसत लागत 6.44 पैसा के मुताबिक 120 करोड़ की राजस्व कमी बताई थी। आयोग ने परीक्षण के बाद राजस्व कमी के स्थान पर 531 करोड़ रुपये के अधिक राजस्व की गणना को मान्य किया। आयोग ने बिजली कंपनी की मांग 6.44 पैसे की जगह 6.20 पैसे की दर को मान्य किया है। गाजीपुर Fropky अटल बिहारी वाजपेयी: बीते दिनों को याद कर रोए डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा मध्यप्रदेश की पश्चिम, मध्य और पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों ने राज्य विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर कर ओपन एक्सेस से सस्ती बिजली खरीदने वाले उपभोक्ताओं पर एडीशनल सरचार्ज लगाने की मांग की है। कंपनियों का तर्क है कि वो उपभोक्ताओं से खपत के आधार पर बिजली खरीदी के करार करती है। वेतन आने में देरी होने पर भी ले सकते हैं यह लोन अनुसंधान और विकास RC Desk2, November 08,2017 09:10:04 AM VIDEO: पुष्कर की गंदगी देख स्पेनिश युवाओं ने थामी झाड़ू रामगढ नकली गद्दे बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश, पुलिस... जूनियर असिस्टेंट: 10000 रुपये Español स्विचगियर तथा नियंत्रण गियर जी ई आर सी कुम्भ राशि वालों की आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आलस्य का त्याग करना चाहिए। कार्य में सफलता मिलने के......Read more टेक ज्ञान अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत अभी भी नाजुक समेत 5 बड़ी खबरें कर्नाटक कृषि संबंधित जानकारी More झारखण्ड में पावर कट की पहले से ही दयनीय स्थिति बरकरार है। सूबे के कई विद्युत धंधे बिजली के अभाव में बंदी के कगार पर है। श्री सहाय आज शनिवार को एचईसी परिसर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता पहले से ही बिजली दर की मार झेल रही है। दुसरी ओर बिजली दर में बेतहाशा वृद्धी कर जनता को परेशान किया जा रहा है। 3- कूप गहरा योजना.. Madhya PradeshHoshangabadBetulहजारमजदूरबिजली बिलमाफीसस्ताकनेक्शन आरएसओपी की तकनीकी रिपोर्टें मंदसौर मंडी भाव | खबर Poll पाकिस्तान बिजली कंपनी के प्रस्ताव को विनियामक आयोग हू-ब-हू मान भी लेता है तो समग्रता में बिहार के लोगों को 10 फीसदी महंगी बिजली मिल सकती है. वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए विनियामक आयोग को सौंपे प्रस्ताव में कंपनी ने घरेलू, व्यवसायिक, छोटे व बड़े उद्योग, गरीबी रेखा से नीचे जीवन गुजर-बसर करने वाले कुटीर ज्योति और सिंचाई श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलाकर कुल 10 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव दिया है. हेल्थ अलर्ट 11 अगस्त 2018 दिल्ली में ठोस कचरा गंभीर समस्या, SC ने कहा- एक कमेटी गठित करें एलजी विजय हांसदा Chhattisgarh News 05/09/2011 - 10:26 वीडियो और तस्वीरें  (रुपये) (रुपये) पी.सी.एस. परीक्षा मॉडल पेपर योजना की अवधि कई जिलों का काम ठप दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से बिहार के 23 जिले पूरी तरह हुए रोश्नी से जगमग मुख्य पृष्ठspotlightविशेष लेख Jharkhand News Lifestyle बेगूसराय में बेखौफ अपराधियों का तांडव, युवक को मारी गोली मंत्रालय के संगठनात्मक सेटअप उन्होंने कहा कि मांग आधारित टैरिफ तीन फेज यथा एनडीएस 2, एनडीएस 3 एवं एलटीआईएस 2 उपभोक्ता श्रेणियों में आवश्यक किया गया है। नेगी ने बताया कि उपभोक्ता के अग्रिम भुगतान पर एवं प्रीपेड मीटरयुक्त उपभोक्ता के लिए सूद मिलने की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि कुटीर ज्योति बीपीएल (ग्रामीण) के लिए संबंध भार की सीमा बढ़ाकर 100 वाट की गई है। इस अवसर पर आयोग के दो अन्य सदस्य राजीव अमित और एससी झा भी उपस्थित थे। kadwa sach‏ @SachKadwa 18 Aug 2015 राज्य चुनें CM JAIRAM THAKUR विधानसभा में विपक्ष के नेता सुखपाल खैहरा ने बिजली दरों में लगभग 10 प्रतिशत वृद्धि की ङ्क्षनदा करते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। इस संबंध में अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी बिजली दरों में वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए कहा है कि ‘‘कांग्रेस सरकार औद्योगिक क्षेत्र को 5 रुपए प्रति यूनिट बिजली देने सहित सभी वर्गों को सस्ती बिजली देने के वायदे कर रही थी परंतु इसने उलटा बिजली दरों में वृद्धि करके लोगों से एक बार फिर धोखा किया है।’’  उन्होंने कहा, ‘‘हमें एक और महत्वपूर्ण लक्ष्य भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण सातों दिन 24 घंटे बिजली पहुंचाने का लक्ष्य मिला है. हम प्रधानमंत्री के समक्ष इसका प्रस्ताव रखेंगे.’’ सिंह ने यह भी कहा कि सरकार की योजना के तहत सभी परिवार को बिजली उपलब्ध कराने के लिये प्री-पेड मॉडल अपनाया जाएगा. उन्होंने बिजली क्षेत्र के लिये कौशल विकास की जरूरत पर बल दिया और कहा, ‘‘ग्रिड और फीडर के रखरखाव के लिये कौशल विकास की जरूरत है.’’ हिंदी दिल्ली की जनता का आर्थिक दोहन करने के लिए बिजली कंपनियों ने डीईआरसी को पावर परचेज एडजस्टमेंट चार्जेज का तिमाही प्रतिवेदन अभी तक नहीं दिया है। दिल्ली सरकार अगर जनता का भला चाहती तो वो बिजली कंपनियों को नोटिस भेजकर डीईआरसी में प्रतिवेदन देने के लिए मजबूर कर सकती थी। सरकार ने ऐसा नहीं किया। बिजली कंपनियों ने प्रतिवेदन न देने के पीछे बहाना बनाया है कि अभी तक डीईआरसी का चेयरमैन नियुक्त नहीं हुआ है, एक सदस्य की सीट भी खाली है। डीईआरसी में सिर्फ एक ही सदस्य कार्यरत है । इतिहास: जब केवल दो दिन में हुआ पांच दिन के टेस्ट मैच का फैसला सुशील कुमार गैस और इलेक्ट्रिक - ऊर्जा प्रदाता बदलें गैस और इलेक्ट्रिक - विद्युत कैलकुलेटर गैस और इलेक्ट्रिक - ह्यूस्टन में ऊर्जा कंपनियों
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