हाईटेंशन स्पेशल सर्विस  4.00  4.00 इसमें कैरेज और कंटेट (वितरण नेटवर्क और बिजली आपूर्ति) कारोबार को अलग करने का भी प्रावधान होगा। जिस प्रकार हमने उत्पादन और वितरण को अलग किया, अब आपूर्ति और वितरण कारोबार को अलग-अलग करना है। मसौदा मेरे पास अगले चार-पांच दिन में आ जाएगा। हम संसद के बजट सत्र में इसे पारित कराने की कोशिश करेंगे। वितरण और आपूर्ति कारोबार को अलग करने से नई व्यवस्था आएगी। इससे ग्राहकों के पास बिजली खरीदने के लिए अपने क्षेत्र में बिजली की अपूर्ति करने वाली एक से अधिक कंपनियों के बीच चुनाव करने का विकल्प उपलब्ध होगा। यह उसी प्रकार होगा जैसा कि दूरसंचार सेवा क्षेत्र में है। Paytm से भरेंगे बिजली बिल तो मिलेगी 200 रुपए तक की छूट, फ्रिज और बाइक जीतने का भी मौका खातोंधारकों की संख्या 11 अप्रैल तक 2017 की शुरुआत में रहे 26.5 करोड़ से बढ़कर 31.45 करोड़ हो चुकी थी. 9 नवंबर 2016 तक जब नोटबंदी की घोषणा हुई थी, खातों की संख्या 25.51 फीसदी थी. कठुआ चंपारण (प) बुधवार सुबह 11 बजे घर के पास साइकिल चला रहा था। तभी टोरंट के वाहन ने उसे चपेट में ले लिया। हादसे के बाद ग्रामीणों ने गाड़ी को पकड़ लिया। शव को रखकर जाम लगा दिया।  India News in Hindi | State News in Hindi | World News in Hindi| Sports News in Hindi| Cricket News in Hindi| Business News in Hindi| Bollywood News in Hindi| Technology News in Hindi| Science News in Hindi| Health News in Hindi| Photos| Video| इनोवेशंस सगाई के ठीक 1 दिन बाद बाद प्रियंका और निक का होगा रोका, पूरी जानकारी हुई लीक #सावन माह चमोली 0.2% आईबी मुख्य आर्थिक सलाहकार के लिए रेस हुई तेज अधिनियम/नियम लटकते बिजली के तारों से वाराणसी को मिला छुटकारा, बना वायरलेस शहर Internet & Communication अजमेर में सेक्स रैकेट का खुलासा, ग्राहक और 3 युवतियां गिरफ्तार July 15, 2018 Copyright @ 2016 Drishti The Vision Foundation, India. All rights reserved सिर्फ मीटर के पैसे देकर मिले बिजली कनेक्शन: उपभोक्ता परिषद फायदे की खबर क्वालिफाइंग अंग्रेज़ी भाषा प्रश्नपत्र मांडू विधायक अयोध्या विवाद : सुप्रीम कोर्ट से ही तय होगा राम मंदिर का भविष्य वुमन पॉवर यह भी पढ़ें: यूपी कैबिनेट का फैसला: शहरों में 24 घंटे, गांवों में 18 घंटे बिजली वातावरण की उपेक्षा की यह स्थिति थी कि खुदाई तथा सुरंग बनाने से निकला सारा मलवा खुलेआम नदी में डाला जा रहा था। योजना बनाने वालों ने किंचित भी परवाह नहीं की कि ऐसा करने से पानी दूषित हो जाएगा तथा जल में रहने वाले जीवों की हानि होगी। जो वृक्ष या वन लगाने की बात योजना वालों ने की थी वह पूरी नहीं की गई। अड़तीस प्रतिशत योजनाओं ने कोई पेड़ नहीं लगाए, योजनाओं की सड़कें तथा सुरंगें बनाने से पहाड़ों के ढलानों को नुकसान हुआ। इन सब बातों का प्रतिकूल प्रभाव नदियों के नीचले भागों में पड़ा। नीचे के जल प्रवाह की माप होनी चाहिए थी तथा उसके मानदंड बनाए जाने चाहिए थे ताकि योजनाओं का वातावरण पर दुष्प्रभाव न पडे, उससे भूमिगत पानी का संचय हो रहा है या नहीं। सिंचाई के लिए क्या बचा पानी पर्याप्त है कि नहीं तथा नदी में कितनी बालू-मिट्टी जमा हो रही है ? यह देखा जाना चाहिए था कि योजनाओं के बनने के बाद पर्यावरण तथा प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और उसकी लगातार समीक्षा होनी चाहिए थी। बिजली यंत्रों को चलने से यदि कोई दुष्प्रभाव पड़ रहा है तो उनके संचालन में बदलाव किया जाना चाहिए था। भारत सरकार के सुझावों के अनुसार एक प्रतिशत बिजली सरकार को सहायता के लिए मुफ्त दी जानी चाहिए थी। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि दिल्ली में बिजली के दाम कम करने के दावों के बीच अब महंगी बिजली की आशंका क्यों जोर पकड़ रही है. दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया है कि बिजली कंपनियों पर लगाम लगाने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है. पावर प्लांट्स के लिए SBI का बड़ा डेट रिस्ट्रक्चरिंग और टेकओवर प्लान देखिये जरूर पेट्रोल पंपों पर चोरी रोकने के लिए एचपीसीएल ने उठाया यह बड़ा कदम सरल बिजली बिल स्कीम में मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना-2018 में पंजीकृत श्रमिक उपभोक्ताओं को घरेलू कनेक्शन के लिए प्रति माह 200 रुपये अथवा पिछले 12 माह का औसत जो भी कम हो, का बिल ही भरना होगा। बिल की शेष राशि राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में भरेगी। स्कीम का लाभ 88 लाख श्रमिक उपभोक्ताओं को मिलेगा। श्रमिकों के हक में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा उठाया गया यह सबसे बड़ा कदम है। स्कीम के लागू होने से अब श्रमिक की आय का एक बड़ा हिस्सा बिजली खर्च से बचेगा। बची हुई यह राशि उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई आदि में खर्च हो सकेगी। स्कीम का स्वरूप न सिर्फ व्यापक है बल्कि श्रमिकों का व्यापक हित भी इससे जुड़ा हुआ है, जिसके दूरगामी परिणाम सुखद होंगें। यह प्रावधान रखा गया है कि पंजीकृत श्रमिकों के परिवार की समग्र आई.डी. में दिखाये गये सदस्यों में से कोई भी उपभोक्ता होने पर वह लाभ का पात्र होगा। अगर उपभोक्ता चाहे तो नि:शुल्क नामांतरण भी करवा सकता है। मूल संरचना Get the app ! बिल माफी के लिए घर-घर पहुंच रही बिजली कंपनी की टीम Her Zindagi गैजेट न्यूज़ बिजली बचाने वाले इन घरों को दुनिया भर में पसंद किया जा रहा है. फ्रैंकफर्ट के पुराने घरों में सुधार करने की योजना है. इतना ही नहीं शहर का प्रशासन स्कूल, किंडरगार्टन, ऑफिस मिला कर करीब 80,000 घरों को पैसिव हाउस में ढालना चाहता है. . जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा के लोगों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के सरकार के इरादे में कोयला कंपनियां सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। प्रदेश की बिजली उत्पादन इकाइयों को भरपूर कोयला नहीं मिलने की वजह से जहां बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है, वहीं सरकार नहीं चाहती कि बिजली सस्ती करने की घोषणा करने के बाद सप्लाई में किसी तरह की दिक्कत आए। लिहाजा कोयले की जरूरत पूरी होने के बाद ही सरकार बिजली के दाम कर सकती है। 8. सुपर 30 का दबदबा कायम आईआईटी प्रवेश परीक्षा में 26 छात्र सफल Coconut Grove’s single-family neighborhoods are under assault. Tree canopy is shrinking, architectural variety is disappearing, lot sizes are being diminished, homes are being demolished and the… Read more अध्यक्ष ने साफ किया कि राज्य सरकार चाहे तो अनुदान देकर आयोग की ओर से निर्धारित बिजली दर के बोझ को कम कर सकती है। वृद्धि के तर्क में कहा कि राज्य सरकार की ओर से अनुदान देने का कोई पत्र नहीं आया। साथ ही इस साल के अंत तक सभी को कनेक्शन देने की योजना के कारण बिजली नेटवर्क विस्तार में कंपनी के खर्च में वृद्धि हो गई है। दोनों कंपनियों ने अप्रैल 2017 से मार्च 2019 तक 36 लाख 19 हजार 683 उपभोक्ता बनाने का लक्ष्य दिया है।  आखिरी गेंद पर छक्के से टीम को जिताने वाले बल्लेबाज रिलेशनशिप्स MECON लिमिटेड, रांची में 30 पद शासन और प्रशासन Appliances बिस्टूपुर मंडल अध्यक्ष झाविमो 02018-07-17T12:11:03 Historical Tariff व्यंग्य तस्वीरें असिस्टेंट विजिलेंस ऑफिसर: 14140-39760 रुपये प्रधान मंत्री सहयोगी बिजली हर घर योजना की मुख्य विशेषताये:- सामग्री प्रौद्योगिकी प्रभाग (एमटीडी) रियल एस्टेट जौनपुर पर्यावरण मंत्रालय चुप क्यों है ? खेल जगत ग्रिड विघ्न हमारी पुस्तकें Unterrichtsreihen कृषि(25 एचपी तक)- 5.70 - 5.00 उज्जवल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना का प्रस्तुतिकरण दिनांक 9th नवंबर 2015 1 टैक्स/निवेश समाचार अटलजी के नाम पर मोदी सरकार ने शुरू की थी ये योजना, हर महीने 210 रुपए देकर पा सकते हैं 5,000 तक की गारंटीड पेंशन वृष Feedback : 8130392355 बैंकिंग 0      0 More From Neemuch हाशिरता रजवार Akrati Shrivastava aajtak.in [Edited by: नंदलाल शर्मा] उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव IBPS: बैंक में नौकरी चाहिए तो ये एक्सपर्ट टिप्स आएंगे काम जानकारी के अनुसार बिजली कंपनी के विरोध में महिलाओं ने बुधवार को  प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पार्षद राखी गौतम के नेतृत्व में किया गया। सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने बीएसएनल सर्किल से बिजली ऑफिस तक रैली निकाली। इस दौरान महिलाएं कपड़े धोने में उपयोग आने वाला धोवना लेकर जमकर नारेबाजी करती रहीं। यह रैली जब बिजली कंपनी के ऑफिस पहुंची तो इन महिलाओं ने बिजली कर्मचारियों को गुलदस्ते भेंट किए। बीडीओ बाघमारा © 2018 - Clever Prototypes, LLC - All rights reserved. मार्केटिंग ऑफिसर गोमिया वजीरगंज में नहीं रुक रही शराब बनाने एवं बेचने का… Daily Bhaskar उज्जैन की जिला पंचायत सोलर रूफटॉप ग्रिड कनेक्टिविटी प्रारम्भ करने वाली प्रदेश की पहली जिला पंचायत बनी, स्वतंत्रता दिवस पर हुआ शुभारम्भ 12 जुलाई 2018 consumer forum Apple Video Interests पाइए बिज़नस न्यूज़ समाचार(Business News News In Hindi)सबसे पहले नवभारत टाइम्स पर। नवभारत टाइम्स से हिंदी समाचार (Hindi News) अपने मोबाइल पर पाने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App और रहें हर खबर से अपडेट। विद्युत योजना की तुलना करें - ह्यूस्टन में ऊर्जा कंपनियों विद्युत योजना की तुलना करें - इलेक्ट्रिक कंपनी की दरों की तुलना करें विद्युत योजना की तुलना करें - गैस आपूर्तिकर्ता
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