Email ID घरेलू (ग्रामीण) डीएस वन (200 यूनिट से अधिक) 1.70  4.75 English English एसीआर फॉर्म Message in detail FOLLOW (152) PATNA : बिहार में बिजली कंपनी ने समाप्त हो रहे वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन राजस्व संग्रह का बड़ा रिकार्ड हासिल कर लिया। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में राजस्व संग्रह में 2200 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है। अब तक की यह सबसे अधिक बढ़ोतरी है। बिजली कंपनी के आला अधिकारियों का आकलन है कि अब अनुदान के भरोसे अपने घाटे की भरपाई करने वाली बिजली कंपनी मुनाफे के ट्रैक पर आ रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत करीब छह लाख करोड़ रुपये 12 करोड़ लोगों के बीच दिए गए हैं. हाल ही में द वायर  की आई एक रिपोर्ट के मुताबिक पांच लाख से ज्यादा का लोन लेने वालों, जिससे कि वाकई में रोजगार किया जा सकता है, की संख्या बहुत ही कम है. यह अब तक योजना के तहत दिए गए लोन का सिर्फ 1.3 फीसदी ही है. ज्यादातर लोन 50,000 से कम या फिर  50,000  और 5 लाख के बीच के है. 0 कर्ज भुगतान में देर। वार्षिक रिपोर्ट पुरालेख ज्यादा पढ़ी गयी खबरे Sections बिजली कंपनी के प्रस्ताव को विनियामक आयोग हू-ब-हू मान भी लेता है तो समग्रता में बिहार के लोगों को 10 फीसदी महंगी बिजली मिल सकती है. वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए विनियामक आयोग को सौंपे प्रस्ताव में कंपनी ने घरेलू, व्यवसायिक, छोटे व बड़े उद्योग, गरीबी रेखा से नीचे जीवन गुजर-बसर करने वाले कुटीर ज्योति और सिंचाई श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलाकर कुल 10 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव दिया है. INTUC PRESIDENT HARDEEP BAWA केरल बाढ़: खराब मौसम के चलते नहीं हो पाया पीएम का हवाई सर्वे, 500 करोड़ रूपये अंतरिम राहत की घोषणा 101-200             5.02 पेयजल प्रबंधन विश्व की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार भारत में इन धमाकेदार गाड़ियों का बेसब्री से है इंतज़ार उपभोक्ता-पिछली दर-नई दर About the author सीएम योगी के मंत्री का बयान, 'मदरसों में राष्ट्रगान नहीं गाया जाएगा तो होगी कार्रवाई' ईरान परमाणु समझौते के क्रियान्वयन को लेकर प्रतिबद्ध : रूस संबंधित समाचार अभिलेख August 18,2018 10:28:33 AM हमसे संपर्क करें: [email protected] शिमला विक्की स्टोर, दु - 62 मार्केट कॉम्प्लेक्स भाजपा, राजद, जदयू समेत कई पार्टियों के नेता हैं IT के रडार पर, 28 की बन गई है लिस्ट वाराणसी नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ.पीजी नाजपांडे और एमए खान ने याचिका में कहा, बीपीएल कार्डधारकों और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 200 रुपए प्रतिमाह में बिजली दी जा रही है। एक जुलाई तक इनके बकाया बिजली बिलों को भी माफ किए जा रहे हैं। योजनाओं से बिजली वितरण कंपनियों का बजट पर प्रभाव पड़ेगा, और इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा, बिजली की दरें बढ़ेंगी और आम जनता को महंगी बिजली लेनी पड़ेगी, सरकार ने सिर्फ आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए ये योजनाएं लाई है| याचिकाकर्ता ने तर्क दिया गया है कि इसी तरह नि:शुल्क बिजली देने के खिलाफ 2003 में याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। तब कोर्ट ने तत्कालीन सरकार को 100 करोड़ रुपए चुकाने के निर्देश दिए थे। इस निर्णय के अनुसार सरकार को बिजली कंपनियों को 5179 करोड़ रुपए जमा करने के बाद ही ये योजनाएं लागू करने का हक है। जबकि हाइकोर्ट ने 13 जुलाई 2018 को इस संबंध में दायर उनकी याचिका खारिज कर दी।  इसके पीछे राजनीतिक लाभ लेने की मंशा स्पष्ट है। लिहाजा, हाईकोर्ट को अग्रिम राशि जमा करवानी चाहिए थी। पूर्व में ऐसा किया जा चुका है। चूंकि हाईकोर्ट ने जनहित याचिका खारिज कर दी, अत: उस आदेश को पलटवाने सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। इस बारे में जनहित याचिका खारिज होने के दिन ही घोषणा कर दी गई थी। Bombay हिमाचल प्रदेश प्रिंट मीडिया विज्ञापन नीति विनोबा भावे विस्वविद्यालय छात्र अध्यक्ष Publish Date:Sat, 03 Jun 2017 01:00 AM (IST) कॉसमॉस बैंक का सर्वर हैक, दो दिन में निकाले 94 कर.. बता दें कि दिल्ली कांग्रेस की बैठक में शीला दीक्षित समेत सभी बड़े नेताओं ने शिरकत की. कांग्रेस हर महीने ऐसी बैठकों के जरिए दिल्ली के ज्वलंत मुद्दों पर सत्तारूढ़ पार्टी को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है. अजमेर में 5551 युवाओं ने हेलमेट के साथ निकाली वाहन रैली, बना रिकॉर्ड सभी पक्षों का रुख सकारात्मक Sports News in Hindi CricketNext आयात अनुरोध जैसलमेर Online Services लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें वजीरगंज में नहीं रुक रही शराब बनाने एवं बेचने का… www.jagran.com 01 मई 2018, 12:01 AM प्रसव के समय: 30 दिन अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए अटल जी, कौन होंगे उनके उत्तराधिकारी अध्यक्ष ने साफ किया कि राज्य सरकार चाहे तो अनुदान देकर आयोग की ओर से निर्धारित बिजली दर के बोझ को कम कर सकती है। वृद्धि के तर्क में कहा कि राज्य सरकार की ओर से अनुदान देने का कोई पत्र नहीं आया। साथ ही इस साल के अंत तक सभी को कनेक्शन देने की योजना के कारण बिजली नेटवर्क विस्तार में कंपनी के खर्च में वृद्धि हो गई है। दोनों कंपनियों ने अप्रैल 2017 से मार्च 2019 तक 36 लाख 19 हजार 683 उपभोक्ता बनाने का लक्ष्य दिया है।  बाल वाटिका जवाब -हमारे देश में घरेलु विद्युत् कनेक्शन लेने वाले लोगों का प्रतिशत बहुत कम है। इस सौभाग्य योजना का उद्देश्य देश के सभी ग्रामीण और शहरी इलाकों में रहरहे सभी शेष गैर-विद्युतीकृत परिवारों को अंतिम छोर तक बिजली कनेक्शन द्वारा ऊर्जा प्रदान करना है। अंतरराष्ट्रीय इंदौर You Are At: My Result Plus नानी मां के नुस्खे झाविमो जिला अध्यक्ष ----------- श्रेढ़ी DASHRATH KUMAR एक तरफ घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं, वहीं पीथमपुर सेज के उद्योगों को इससे राहत दी गई है। सेज के उद्योगों को लगातार तीन साल से केवल 3 रुपए 35 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है जो जारी रहेगी। कांग्रेस बिजली की दरें बढ़ाने का लगातार विरोध कर रही है। ‘रेस 3’ के गाने में साथ नजर आएंगे सलमान-सोनाक्षी … झारखण्ड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में केंद्रीय एवं राज्य योजनाओं की विवरणी Delhi News से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए NBT के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें घरेलू (शहरी) (डीएस थ्री)  4.00  5.50 प्रयोगपृष्ठ बैंकिंग और लोन सिवनी में अगर मेडीकल कॉलेज स्वीकृत होता है तो इसका श्रेय किसे देंगे! Home > Archived > लोकायुक्त ने बिजली कंपनी के जेई के खिलाफ पेश किया चालान एक हजार के बिल पर लगभग 22 रुपये तक कमी: रेग्युलेटरी सरचार्ज में कटौती का सबसे ज्यादा फायदा मध्यांचल के उपभोक्ताओं को मिलने जा रहा है। मध्यांचल में 2.84 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज की जगह अब केवल 0.73 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज बिजली बिल पर वसूल किया जा सकेगा। यानी 1 हजार रुपये के बिल पर उपभोक्ताओं को लगभग 22 रुपये के रेग्युलेटरी सरचार्ज देने से राहत मिलेगी। टॉपर्स के निबंध कानून एवं न्याय जानिए किसने दी बाजपेयी को मुखाग्नि posted on August 18, 2018 सतर्कता प्रकोष्ठ से सम्पर्क करें दौसा Breaking News जन गण मन की बात, एपिसोड 289: अटल बिहारी वाजपेयी का राजनीतिक जीवन आज का राशिफल विशेष रूप से महिलाओं के लिए जीवन की बेहतर गुणवत्त HSSC Food Supply Sub Inspector Admit Card, Syllabus & Notes pdf Uttarakhand Scheme UP Bhulekh भूलेख, खसरा खतौनी भु नक्शा ऑनलाइन नक़ल upbhulekh.gov.in March 27, 2017 Binod Karan आपका ज़िला 0 Cafeteria 9 कश्मीर को मिली शीशे से बनी विशेष ट्रेन, और मनोरम होगा वादियों का नजारा पटना PIB / PRS क्या होंगी नई दरें? 139.02 AAPVerified account 15 अगस्त 2015 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 1,000 दिनों के भीतर सभी 18,452 विस्थापित विद्युत गांवों को विद्यमान करने की घोषणा की थी। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आज देश में केवल 3,046 बसे हुए गांव विद्युतीकरण के लिए शेष हैं। दुनिया भर में पहले पैसिव ऑफिस विएना में बने थे. अब ऑस्ट्रिया और जर्मनी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और ज्यादा इकोफ्रेंडली और बिजली बचाने वाले भी हो गए हैं. दुनिया भर में करीब 50,000 पैसिव हाउस हैं. इसमें आधे ऑस्ट्रिया और जर्मनी में हैं. उफ़ ये कार... Power Buzz Category 12 मार्च 2013 गुड़गांव Facebook पावर कॉरपोरेशन की चारों बिजली कंपनियों के उपभोक्ताओं पर रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम अलग-अलग लागू है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में सबसे ज्यादा 2.84 फीसदी। एक हजार रुपये पर करीब 28 रुपये, दक्षिणांचल में 1.14 फीसदी। एक हजार पर 11 रुपये, पूर्वाचल के 1.03 फीसदी। PSL में स्पॉट फिक्सिंगः पाकिस्तानी बल्लेबाज पर लगा 10 साल का बैन Work With Us राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सभी श्रेणियों में कुल मिलाकर औसतन 12.73 फीसदी की वृद्धि की है। विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अनुसार पावर कार्पोरेशन ने 2 दिसंबर को नई दरों का सार्वजनिक प्रकाशन कराया था। कानूनन सार्वजनिक प्रकाशन के एक सप्ताह बाद नई दरें प्रभावी हो जाती हैं। अफसरों का कहना है कि शनिवार से नई दरें प्रभावी हो जाएंगी। इसके लिए तैयारियां कर ली गई हैं। बिलिंग सॉफ्टवेयर में संशोधन आदि की प्रक्रिया पूरी करा ली गई है। फोन में लोकेशन ऑफ है? फिर भी आप पर है गूगल की नजर, ऐसे करें बंद 500 साल पहले कोलंबस ने चंद्र ग्रहण का डर दिखाकर लोगों को ऐसे बनाया था... आज तक खातोंधारकों की संख्या 11 अप्रैल तक 2017 की शुरुआत में रहे 26.5 करोड़ से बढ़कर 31.45 करोड़ हो चुकी थी. 9 नवंबर 2016 तक जब नोटबंदी की घोषणा हुई थी, खातों की संख्या 25.51 फीसदी थी. योजना के अनुदान का हिस्सा विशिष्ट वर्ग राज्यों के अतिरिक्त अन्य राज्यों के लिए 60 फीसदी (अनुशंसित उपलब्धि अर्जित करने पर 75 प्रतिशत तक) और विशिष्ट वर्ग राज्यों के लिए 85 फीसदी (अनुशंसित उपलब्धि अर्जित करने पर 90 प्रतिशत तक) तक है। अतिरिक्त अनुदान के लिए अपेक्षित उपलब्धियां हैं : योजना का समय पर पूरा होना, एटी एंड सी में अपेक्षित कमी और राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी को अग्रिम रूप से जारी करना। सिक्किम समेत सभी पूर्वोत्तर राज्य, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड विशिष्ट वर्ग राज्यों में शामिल हैं। अनुसूचित जाति/ जनजाति अधिकार मंच ने किया अजमेर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन Places QUICK LINKS Vijender Gupta Tweet 200 रुपए में मासिक बिजली के लिए फॉर्म भरने वालों की लग रही भीड़ बिजली चुनें - इलेक्ट्रिक कंपनी की दरों की तुलना करें बिजली चुनें - गैस आपूर्तिकर्ता बिजली चुनें - सस्ता इलेक्ट्रिक कंपनी
Legal | Sitemap