फिक्स चार्ज में वृद्धि नहीं, समय पर बिल देने पर डेढ़ फीसदी की छूट एयर इंडिया पायलटों की धमकी- अगर बकाया उड़ान भत्ता नहीं चुकाया तो फ्लाइट ऑपरेशंस रोक देंगे 22 mins अटलजी को श्रद्धांजलि देने जा रहे अग्निवेश की भाजपा मुख्यालय के बाहर पिटाई 9 mins परीक्षण एवं प्रमाणन समिति ...कांग्रेस उम्मीदवार के हाथों ही हुई थी सिद्धारमैया की पहली हार Videos Gallery RAJENDRA JADHAV on राहुल गांधी फोन नंबर,Whatsapp नंबर,ईमेल प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना सौभाग्य योजना विद्युतरोधक मौसम विभाग की चेतावनी, छह राज्यों में मूसलाधार बारिश की आशंका मध्य प्रदेश शासन दिवाकर ने कहा, ''शिक्षा पर भी जीएसटी कर नहीं लगेगा. ऐसे में शिक्षा का निजीकरण बढ़ेगा. कोई कैसे मान ले कि प्राइवेट स्कूलों की कमाई नहीं होती है? और अगर होती है तो फिर इन्हें जीएसटी के दायरे में क्यों नहीं लाया गया? जीएसटी पूंजीपतियों के हिसाब से मार्केट बनाने की प्रक्रिया है.'' टॉप स्‍टोरी मध्य प्रदेश  थीम चुनें ये हैं डिफॉल्टर करौली थोड़ी देर में इमरान का शपथ ग्रहण, पाक आर्मी चीफ बाजवा से मिले सिद्धू ऑनलाइन भुगतान करने पर एक फीसदी की अतिरिक्त छूट  Contact Us| मल्टीमीडिया Bangla News डाइट-फिटनेस सतर्कता बिजली कंपनियां दो तरह से बिजली खरीदती हैं। वह बिजली उत्पादक कंपनी से 10 या 20 साल के लिए लॉन्ग टर्म अग्रीमेंट करती है या फिर जरूरत के मुताबिक शॉर्ट टर्म अग्रीमेंट होता है। यह पावर एक्सचेंज के जरिए या फिर बाइलेटरल (द्विपक्षीय) हो सकता है। जहां से बिजली मिल जाए वहीं से कंपनियां बिजली खरीद लेती हैं। अभी इस तरह का कोई सिस्टम नहीं है कि अगर बिजली कंपनी कम दाम पर बिजली खरीदे तो उन्हें कुछ फायदा हो। बिजली कंपनियां जिस दाम पर बिजली खरीदती है वह उसके खर्च में जुड़ जाता है और आखिरकार वह खर्च उपभोक्ताओं के हिस्से में आता है। अगर बिजली कंपनियां कम दाम पर बिजली लेंगी तो उपभोक्ताओं पर भी कम बोझ पड़ेगा। ગુજરાતી परंपरागत बिजली (थर्मल पावर) के साथ-साथ सोलर पावर के जरिये लोग बिजली का उत्पादन करेंगे. इसको लेकर केंद्र व राज्य सरकार योजना चला रही है और अनुदान भी दे रही है. इससे लोगों को सौर ऊर्जा के जरिये बिजली मिल सकेगी. कंपनी के सूत्रों की मानें तो एलएनटी कंपनी को पिछले साल तक ही इन 355 टोलों में सोलर के जरिये बिजली पहुंचानी थी लेकिन उसके काम करने की गति धीमी है. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के सभी टोलों तक अप्रैल के अंत तक बिजली पहुंच जाये और दिसंबर के अंत तक हर घर में बिजली पहुंच जाये.  एलएनटी कंपनी की ओर से निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं होने पर बिहार सरकार लक्ष्य को पूरा नहीं कर सकेगी. इसलिए अल्टीमेटम दिया गया है.  इसमें कैरेज और कंटेट (वितरण नेटवर्क और बिजली आपूर्ति) कारोबार को अलग करने का भी प्रावधान होगा। जिस प्रकार हमने उत्पादन और वितरण को अलग किया, अब आपूर्ति और वितरण कारोबार को अलग-अलग करना है। मसौदा मेरे पास अगले चार-पांच दिन में आ जाएगा। हम संसद के बजट सत्र में इसे पारित कराने की कोशिश करेंगे। वितरण और आपूर्ति कारोबार को अलग करने से नई व्यवस्था आएगी। इससे ग्राहकों के पास बिजली खरीदने के लिए अपने क्षेत्र में बिजली की अपूर्ति करने वाली एक से अधिक कंपनियों के बीच चुनाव करने का विकल्प उपलब्ध होगा। यह उसी प्रकार होगा जैसा कि दूरसंचार सेवा क्षेत्र में है। עִבְרִית जीएसटी मुद्दे को गुजरात चुनाव तक जिंदा रखना चाहती है कांग्रेस, बीजेपी हुई अलर्ट चार साल पूरे होने के बाद भी नरेंद्र मोदी सरकार की मुख्य योजनाएं दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, स्किल इंडिया प्रोग्राम, उज्ज्वला योजना और जन धन योजना कोई बड़ी उपलब्धि हासिल करने में नाकामयाब रही है. इसके अलावा मुद्रा और हाउसिंग योजना के तहत 2022 तक सबको घर जैसी योजनाएं बैंकों के लिए नई मुसीबत बनी हुई है, जो पहले ही न चुकाए गए कर्जों के जाल में फंसे हुए हैं. उत्तरप्रदेश नगर तथा मण्‍डल रिपोर्ट Create Ad नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:Nov 30, 2017, 12:55PM IST इसके तहत 9 वाट का एलईडी बल्ब 65 रुपये में, ट्यूबलाइट 230 रुपये और फाइव स्टार पंखा 115 रुपये में दिया जा रहा है। इससे बिजली कम यूज होगी और लोगों के बिजली बिल कम आएंगे। हालाकि खरीदने वाले उपभोक्ताओं के उपकरण में अगर कोई खराबी आती है तो उसे चेंज कर दिया जाएगा। सांसद राजमहल लोकसभा धौलपुर| दीनदयालग्रामीण विद्युत योजना में जिले में 45 81 करोड़ रूपए व्यय होंगे। जिला विद्युत समिति ने बहुप्रतीक्षित... स्टार्टअप इंडिया - एक स्टार्टअप क्रांति की शुरुआत सुधाकर ने कहा कि अभी इसके लिए हमने फॉर्म्युला तय नहीं किया है। हम इस पर सुझाव ले रहे हैं। जैसे ही यह फाइनल हो जाएगा हम फॉर्म्युला तय कर ऑर्डर जारी कर देंगे। उन्होंने कहा कि नया टैरिफ जारी करते वक्त हमने एक प्रावधान रखा है कि जिससे बिजली कंपनियां बहुत महंगी बिजली ना लें क्योंकि उसका लोड कंस्यूमर पर जाता है। हमने इसे लिमिट कर दिया। जैसे बिजली कंपनियां अगर पावर एक्सचेंज के जरिए बिजली लेती हैं तो वह एक ट्रांसपेरेंट सिस्टम है। वहां जो रेट है उस रेट से या फिर उससे कम रेट पर बिजली लेते हैं। उससे ज्यादा रेट पर बिजली नहीं ले सकते। हमने अधिकतम रेट 5 रुपये प्रति यूनिट रखा है। अगर कभी इमरजेंसी में बिजली कंपनियों को इससे ज्यादा कीमत पर बिजली खरीदने की जरूरत पड़ी तो उसके लिए पहले अप्रूवल लेना पड़ेगा। दिल्ली में बिजली की दरों में बढोतरी की आहट सुनाई दे रही है. निजी बिजली कंपनियों ने घाटे का हवाला देकर बिजली की दरें बढ़ाने की मांग की है और दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी अथॉरिटी के पास अपनी अर्जी भी लगा दी है. लाइव सिटीज डेस्कः बिहार के लिए एक बुरी खबर है. बताया जा रहा है कि तेलंगाना के मेदक में समस्तीपुर के तीन मजदूरों की मौत हो गई है. हादसा सिलिंडर फटने से हुआ है. सभी […] Next ... और नकल कराते धरे गए मास्साब (e)    Increased economic activities and jobs जयदेव राय संजीव रंजन उर्फ छोटू पासवान घाटशिला ज़िला परिसद सदस्य School / Student Privacy टेली टॉक Free bijapi cancos kaise milega VIDEO-संसद में अटल बिहारी वाजपेयी का अंदाज बना देता था सबको उनका मुरीद By Hussain Kanchwala on August 15, 2018 रायपुर. चुनावी साल में सभी को खुश करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली की दरों में औसतन 22 पैसे प्रति यूनिट की कमी की है। यह कमी घरेलू, गैर घरेलू, औद्योगिक और अन्य सभी वर्ग के उपभोक्ताओं में बांटी गई है। यानी हर वर्ग के टैरिफ में कमी की गई है। उद्योगों से लेकर हाई वोल्टेज उपभोक्ताओं को भी राहत देने की कोशिश की गई है। नई दरें 1 अप्रैल 2018 से लागू होंगी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली की औसत दर (औसत लागत के आधार पर पावर कंपनी की दर) को 6.44 रुपए प्रति यूनिट से घटाकर 6.22 रुपए किया है। इससे बिजली कंपनी के राजस्व में 531 करोड़ रुपए की कमी आएगी। नरेगा के संगठन उदय आखिर क्यों संजू बाबा बॉलीवुड के बेस्ट... Illustrated Guides – Literary Elements • Literary Genres • Shakespeare Plays • Influential People • Innovations • Mythology • Astronomy • Business Terms • Design Thinking Terms 9ट्रेंडिंग नई बिजली दरों का मकसद मीटरिंग को बढ़ावा देना है ताकि छोटे उपभोक्ताओं पर गैर-जरूरी फिक्स्ड टैरिफ का बोझ न पड़े और बिजली के इस्तेमाल में किफायत भी आये. मिसाल के लिए अगर एक ग्रामीण घरेलू उपभोक्ता एक महीने में 30 यूनिट की बिजली इस्तेमाल करता है तो नई दरों के हिसाब से उसका महीने का बिल सिर्फ 140 रुपये आयेगा जबकि फिक्स्ड टैरिफ के तहत उसके ऊपर इससे लगभग ढाई गुना बिल आता.  टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज(बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) द्वारा विकसित और अनुरक्षित गाँवों केवल 6 से 8 घंटे बिजली मिलने की बात भी श्री यादव ने उठाई है। कांग्रेस ने 8 अप्रैल को अशोकनगर में बिजली दरें बढ़ाने के प्रस्ताव के विरोध में बड़ा प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद भी सरकार ने बिजली की दरें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस का कहना है कि वह इस बारे में जल्द ही तेज और प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। यहां जाएं Chrome > Setting > Content Settings Jara Hatke 'Will U Marry Me' प्लेन में जब एक शख्स ने फिल्मी अंदाज में किया प्रपोज़... Bihar News in Hindi संदेश 12 अगस्त 2018 Get the app ! अगर नहीं जमा किया है बकाया बिल तो काट दिए जाएंगे बिजली कनेक्शन धालभूमगढ़ वासियो को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं विद्युत कैलकुलेटर - आज चालू विद्युत कैलकुलेटर - विद्युत लागत प्रति किलो विद्युत कैलकुलेटर - बिजली की कीमतों की तुलना करें
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