SMARTPHONE * उपरोक्त योजना उस समय तक मान्य होगी जब तक कि विभाग या कोई अन्य सक्षम प्राधिकारी उन्हें वापस रोल नहीं करेगा। इसके अलावा, उपरोक्त योजना / दस्तावेज / विभाग को विभाग के अधिकारियों द्वारा मैन्युअल रूप से संग्रह अनुभाग में ले जाया जाएगा। uttarakhand news electricity rates increase upcl राज्य में 246 गांव हुए रोशन गाना गाने के लिए विद्युत टावर पर चढ़ गया युवक पर्मालिंक https://p.dw.com/p/2ra7K 20 21 22 23 24 25 26 5 हजार करोड़ रूपए जमा करने के बाद लागू करें योजना Energy Efficient Star Rated Power Inverters in India गुफा में फंसे बच्चों को सीखनी होगी गोताखोरी 03.07.2018 09:42 #AtaljiAmarRahen प्रधानमंत्री बनने के बाद क्यों फूट-फूट कर रोये थे अटल बिहारी वाजपेयी? योजना ट्रांसफार्मर, तार और मीटर जैसे उपकरणों पर सब्सिडी प्रदान करेगी। एशियाई खेल परीक्षा भवन में किन बातों का रखें ध्यान State President BJP ...जब अटल बिहारी ने ली चुटकी, कहा- अब तो इंदिरा मुझे बड़े प्यार से देखती हैं September 14,2017 03:29:27 PM HTET दुनिया भर में बिकने वाली कारों की कीमत पर नज़र डालें तो निसान की लीफ़ लगभग 33000 यूरो(लगभग 2311000 रुपये) में बिकती है. सीएम योगी के मंत्री का बयान, 'मदरसों में राष्ट्रगान नहीं गाया जाएगा तो होगी कार्रवाई' संतोष मंडल एवं मधु रॉय Social Networks बूढ़ा निवासी पंकज पाटीदार की धर्म पत्नी सपना पाटीदार की करंट लगने से आकस्मिक मृत्यु 282 Views # हरियाणा समाचार आरएसओपी फॉर्मेटों की सूची Remember me · Forgot password? अटल जी का जाना भारत में राजनीति के महायुग का अंत: सीएम योगी राहुल गांधी संसद में दे रहे भाषण, देखियें 10 प्रमुख बातें लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बेटियों के नाम सबसे ज्यादा मेडल தமிழ் असिस्टेंट विजिलेंस ऑफिसर Joyville by Shapoorji Pallonji नई दिल्ली: डीईआरसी ने बुधवार को साल 2018-19 के लिए बिजली की नई दरों की घोषणा कर दी है. इस बार दिल्लवासियों को बड़ी राहत देते हुए बिजली की दरों को घटा दिया गया है. नई दरों की घोषणा से पहले केजरीवाल सरकार ने दावा किया था कि पिछले चार साल से बिजली की दरें नहीं बढ़ी हैं, हालांकि, जानकारों ने ये खुलासा किया था कि बिजली के रेट सीधे तौर पर भले ही नहीं बढ़ाए गए हों, लेकिन 3.70 फीसदी पेंशन फंड के नाम पर सरचार्ज लगाया गया था. इलाज कराने गई थी विवाहिता और डॉक्टर करने लगा दुष्कर्म का प्रयास, फिर मच गया बवाल June 26, 2018 आरजीजीवीवाय - जबलपुर, उमरिया, बालाघाट, सागर, बालाघाट, पन्ना, रीवा, शहडोल, छिंदवाड़ा व सिवनी जिला फीडर सेपरेशन- रीवा नॉर्थ, रीवा साउथ, नरसिंहपुर, सिवनी, सागर, बीना, लखनादौन, पृथ्वीपुर, रेहली, बांदा डिवीजन, पन्ना, छिंदवाड़ा ईस्ट, जुन्नारदेव, दमोह नॉर्थ, कटनी। शिक्षा विभाग के अपर सचिव पर हाईकोर्ट ने लगाया 5 लाख का जुर्माना Copyright © 2015 by Divisional Public Relation Office Ujjain सोलर व पनबिजली से करना है उत्पादन  पैकेजिंग विवरण: दफ़्ती लाइव सिटीज डेस्क, देवांशु प्रभात : भाजपा के राष्ट्रीय  अध्यक्ष अमित शाह आज रांची में हैं. भाजपा सरना और सदान पर फोकस के साथ मिशन 2019 की शुरुआत करने जा रही है. अमित शाह आदिवासी […] बीईआरसी के अध्यक्ष एस के नेगी ने सोमवार यहां संवाददाताओं को बताया कि आयोग ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में इन दोनों कंपनियों की बिजली दर में वृद्धि करना उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा कि आयोग ने जांच के बाद 2015-16 में इन दोनों कंपनियों की राजस्व आवश्यकता में 902.92 करोड़ रुपए की कमी (गैप) पाई जिसमें कैरिंग कास्ट को जोडे जाने के बाद वित्तीय वर्ष 2015-16 का सरप्लस 1916 करोड़ रुपए आया। इस सरप्लस की समीक्षा सत्यापित वार्षिक लेखा के आधार पर नहीं है इसलिए आयोग ने वर्ष 2016-17 के राजस्व आवश्यकता में इसे सम्मिलित करना उचित नहीं समझा। विद्युत प्रणाली विंग Lucknow News से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए NBT के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें PreviousNext सौभाग्य डैशबोर्ड Raksha Bandhan 2018- इस साल बेसन की बर्फी से बढ़ाएं खुशियों की मिठास शेयर मार्केट समाचार फॉर्म में इमरान, बोले- देश को लूटने वालों पर होगी कार्रवाई वैकल्पिक विषय - दर्शनशास्त्र BSES रामपुर की दूरदराज पंचायत में फटा बादल, आधा दर्जन पुल बहे Previous articleपत्नी का इलाज कराने जा रहे बाइक चालक की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत Asian Games 2018: उद्घाटन समारोह में अनोखा स्टेज होगा सबके आकर्षण का केंद्र चर्चा में Shimla इन 10 तरीकों से नारियल तेल का इस्तेमाल करेंगे तो दिखेंगे यंग बॉलीवुड जगत की दिनभर की टॉप 10 खबरे… Copyright © NABARD. Site by: Spenta Digital नई दिल्ली/ब्यूरो। आप सरकार ने 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी जारी रखने का निर्णय लिया है। पहले की तरह 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को आधी कीमत पर बिजली वर्तमान वित्त वर्ष में भी मिलना जारी रहेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट में इस आशय का निर्णय लिया गया। इससे सरकार को मौजूदा वित्त वर्ष में 1,720 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। क्रमांक 2067                                                                                                                 एचएस शर्मा/जोशी Saturday, August 18, 2018 Archives पूरे वर्ष का राजस्व संग्रह 8000 करोड़ पर पहुंचा : बिजली कंपनी के आकलन के अनुसार शनिवार को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष राजस्व संग्रह 8000 करोड़ तक पहुंच गया है। फरवरी तक यह 6700 करोड़ रुपए था और मार्च में देर शाम तक 1300 करोड़ रुपए के राजस्व संग्रह की रिपोर्ट मिल चुकी थी। जबकि पूर्व के वित्तीय वर्ष में बिजली कंपनी का राजस्व 5800 करोड़ रुपए था। बिजली कंपनी ने इस राशि में सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को सब्सिडी मद में उपलब्ध कराए जाने वाली राशि नहीं जोड़ी है। यह राशि लगभग 3000 करोड़ रुपए है। उद्योग जगत बाड़मेर से भीनमाल तक 144 किमी लंबी 400 केवी बिजली सप्लाई की लाइन का काम पूरा,139 करोड़ के काम में 399 टॉवर लगने हैं, अब सिर्फ 22 लगने ही बाकी, अगस्त से बेहतर होगी बिजली सप्लाई छात्रसंघ चुनाव: कैंपस का कुरुक्षेत्र तैयार… प्रत्याशियों का इंतजार आर एवं डी परियोजनाएँ संपन्न  Prelims Test Series - 2019, Starting from 2nd September, 2018.  View Details गुजरात चुनाव: पटेलों के बीच माधव सिंह सोलंकी के शासन की याद ताजा कराएगी भाजपा X लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्कः एनडीए में जदयू के सहयोगी दल आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने सीएम नीतीश कुमार पर कड़ा हमला बोला है. उपेंद्र कुशवाहा का यह बयान तब आया है जब बिहार में अपराध […] ताप चालन परीक्षण प्रयोगशाला होम पर वापस जाएँ प्रतिक्रिया  Live TV शनि देव की पूजा के ये 4 आसान उपाय खोल देते हैं किस्मत का दरवाजा 43 mins स्मार्ट विद्युत एवं ऊर्जा प्रणाली Copyright © 2018-19 DB Corp ltd., All Rights Reserved. फंसी बिजली परियोजनाओं पर सरकार का नया प्लान, ऐसे निकालेगा मुश्किलों का हल हम बिजली सस्ती भी देंगे और पूरी भी आधार कार्ड में गलत हो गई जन्मतिथि बदलवाना हुआ मुश्किल, जानें नया नियम शहर चुनें CHURDHAR INNOCENT MISSING #electricity बीते कुछ वर्षों में बिजली कंपनियों ने विद्युत उत्पादन कर रही कंपनियों से महंगी दरों पर बिजली खरीद की, जिसके चलते करोड़ों रुपए का अतिरिक्त भार कंपनियों पर पड़ा है। वहीं अब घाटे और वित्तीय भार की भरपाई कंपनियां प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से कर रही हैं। प्रदेश में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा दरों पर हो रही बिजली खरीद बिजली कंपनियों के संचित घाटे को बढ़ा रही है वहीं छीजत और चोरी रोकने में नाकाम रही बिजली कंपनियों ने घाटे की भरपाई बिजली उपभोक्ताओं पर डालने की कार्यशैली अपना ली है।  विद्युत कैलकुलेटर - बिजनेस बिजली की कीमतों की तुलना करें विद्युत कैलकुलेटर - इलेक्ट्रिक कंपनी आज बदलें विद्युत कैलकुलेटर - मेरे क्षेत्र में ऊर्जा प्रदाता
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