और भी देखें बिजली कंपनियों के घाटे की पड़ताल नहीं की गई और हर साल कंपनियां अपने घाटे को कानूनी जामा पहनाती जा रही हैं, लेकिन सरकार की लापरवाही की वजह से उनका दावा कानूनी तौर पर पुख्ता हो रहा है, क्योंकि सरकार ने घाटे को लेकर कंपनियों से न तो कोई पूछताछ की और न ही इस बारे में कोई जानकारी ही जुटाई गई, नतीजा ये हुआ कि साल दर साल कंपनियों के घाटे की फाइलें सरकार के पास जमा हो रही है और एक तरह से सरकार की मौन स्वीकृति इस घाटे को मिल रही है, अब अगर मामला कोर्ट में भी जाता है, तो यहां सरकार की लापरवाही से खुद उसका पक्ष कम हो रहा है, ऐसे में दिल्ली में टैरिफ बढ़ने की आशंका मजूबत हो रही है. VIDEO- विपक्ष पर PM का हमला, अभी भी कुछ लोग तीन तलाक बिल के विरोधी कुमार ने कहा, 'कई पावर कंपनियों के कर्ज को पहले ही बैड लोन कैटेगरी में डाला जा चुका है और इस तरह के कुछ और लोन इस वर्ग में जा सकते हैं। हाईकोर्ट का फैसला बैंकों के लिए अच्छा है क्योंकि इससे उन्हें कोर्ट से बाहर लोन रिजॉल्यूशन के लिए अधिक समय मिलेगा।' आरबीआई के सर्कुलर में 180 दिनों के पीरियड के लिए 1 मार्च को रेफरेंस डेट बताया गया था। इसलिए बैंकरप्सी कोर्ट से बाहर लोन रिजॉल्यूशन के लिए बैंकों के पास अगस्त के अंत तक का समय है। अभी देश की 22 पर्सेंट इंस्टॉल्ड पावर जेनरेशन कैपेसिटी एनपीए है। रिजर्व बैंक के डेटा के मुताबिक, भारतीय बैंकों ने पावर सेक्टर को अप्रैल के अंत तक 5.19 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया हुआ था। खोज 1999018990खरीदे वहीं, इन प्रतिक्रियाओं का जवाब देते हुए बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि पिछली सरकार ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दरें संशोधित नहीं की, इसलिए मौजूदा सरकार को ऐसा करना पड़ रहा है. कार्तिक और नायरा की जिंदगी में एक नए रिश्तेदार की होंगी… Gemini (मिथुन) गुड़गांव फरीदाबाद चंडीगढ़ अंबाला रेवाड़ी कुरुक्षेत्र पलवल जींद हिसार अन्य Name * Chinese (Simplified) 简 उस समय सीएसपीडीसीएल 28वें स्थान पर था। ताजा रिपोर्ट में 31वां रैंक दिया गया है। दोनों ही रिपोर्ट में कंपनी को बी ग्रेड दिया गया है। कंपनी को 100 में से 35 से 50 के बीच अंक मिले हैं। यानी कंपनी का परिचालन (ऑपरेशनल) और वित्तीय प्रदर्शन औसत से नीचे है। Ichowk 1. माना की पीएम मोदी बहादुर हैं, पर प्रेस से क्यों दूर हैं? मॉक इंटरव्यू सवाई माधोपुर इससे पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने फरवरी में बैंकों को निर्देश दिया था कि वे स्ट्रेस्ड लोन के मामलों को डिफॉल्ट के 180 दिनों के अंदर सुलझाएं। आरबीआई ने कहा था कि अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो कंपनी को लोन रिजॉल्यूशन के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (एनसीएलटी) ले जाना होगा। यह फैसला 2,000 करोड़ से अधिक के सभी लोन के लिए था। हालांकि, पावर सेक्टर को पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) साइन नहीं किए जाने, सरकारी अप्रूवल में देरी और कोयले की सप्लाई नहीं मिलने जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। Collections For Digital Marketing enquiries contact: 9000180611, 040-23318181 E-Mail: [email protected] | Powered by Vishwak Weather department warns of heavy rains in 6 states 300 से अधिक       6.52 सैमसंग गैलेक्सी ए 6 प्लस 64जीबी (ब्लैक, 4 जीबी रैम) डंडारी बाग में अवैध कब्जा से संबंधित थाने में 4 FIR, आनन फानन में प्रशासन ने बुलाई बैठक आपका ज़िला प्रवचन छीजत- चोरी ने बढ़ाया घाटा  आयाम: 165x90x33mm 15 अगस्त 2015 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 1,000 दिनों के भीतर सभी 18,452 विस्थापित विद्युत गांवों को विद्यमान करने की घोषणा की थी। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आज देश में केवल 3,046 बसे हुए गांव विद्युतीकरण के लिए शेष हैं। नलकूप खनन योजना पुरुषों में चीज़ें चेक करने और महिलाओं में जमा करने की होती है आदत: शोध Country Code For customers of पायलटों ने एयर इंडिया को दी चेतावनी, भत्ता नहीं मिला तो छोड़ देंगे विमान उड़ाना सामान्य / विश्लेषणात्मक पहचान बागपत में नाव पलटने से 22 की मौत, लोगों ने सड़क पर शुरू की हिंसा Get business news in hindi, stock exchange, sensex news and all breaking news from share market in Hindi. Browse Navbharat Times to get latest news in hindi from Business. © हिन्दुस्तान टीम देश में बिजली की दर एक हो : नीतीश links: मध्यप्रदेश। देश में सबसे ज्यादा महंगी बिजली देने वाले बीजेपी शासित मध्य प्रदेश में एक बार फिर से बिजली के दाम बढ़ा दिए गए हैं। घरेलू बिजली दरों में एकमुश्त 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। सोमवार से ये बढ़ी हुई दरें लागू हो गई हैं। बिजली की नई दरों से सबसे ज्यादा बोझ मध्यम वर्ग पर पड़ने वाला है।  diesel gang‏ @Arun_jsingh 18 Aug 2015 A 2. एक अप्रैल 2019 से बिना मीटर वाले सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं की श्रेणी समाप्त कर दी जाएगी। इसके लिए कंपनी आवश्यक कार्रवाई करे।  Europe News 404 error आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें 201-300             5.77 Uttarakhand Scheme Paytm गैजेट्स © 2018 nayaharyana.com. All rights reserved हमें खेद हैं कि आप opt-out कर चुके हैं। पहला सवाल – लोगों के मन में अक्सर सवाल पैदा होता है की इस नई योजना का उद्देश्य क्या है? Library Infrastructure (b)   Improvement education services (खंड-13: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं का विकास और प्रबंधन) समस्‍तीपुर ताजा ओपिनियन सुधार शिक्षा सेवाएं प्रिन्ट करने लायक विवो वी 9 युवा 32 जीबी (ब्लैक, 4 जीबी रैम) खाना खज़ाना 1 Social Networks FR / ES / DE / RU #JusticeForNoura "On Monday morning, just as we set out for our daily walk, my mother told me the story of Noura Hussein :  At 16, Noura was forcibly married off by her father. She refused… Read more उक्त अधिकारी के मुताबिक निजी बिजली कंपनियों को काफी समय से शिकायत है कि उनको सस्ती दरों पर कर्ज़ नहीं मिल पाता है। इन सब समस्याओं को दूर करने के लिए मंत्रालय ने राज्य में काम कर रही बिजली कंपनियों और वहां काम करने की इच्छुक बिजली कंपनियों को बैठक के लिए बुलाया है। सूत्रों के मुताबिक राज्य में बिजली कंपनियों को कर्ज की सुविधा देने के लिए मंत्रालय के अधिकारी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन लिमिटेड (आरईसी) के अधिकारियों को भी साथ लेकर जा रहे हैं।(स्रोत-दैनिक भास्कर) वाराणसी में बस डिवाइडर से टकराकर पलटी, 5 गंभीर रूप से घायल पंचतत्व में विलीन हुए अटल जी, अस्थि विसर्जन कल ह्यूस्टन में ऊर्जा कंपनियों - सस्ता पावर ह्यूस्टन में ऊर्जा कंपनियों - विद्युत लागत कितनी है ह्यूस्टन में ऊर्जा कंपनियों - गैस दरों की तुलना करें
Legal | Sitemap