जीवन चक्र इलाज कराने गई थी विवाहिता और डॉक्टर करने लगा दुष्कर्म का प्रयास, फिर मच गया बवाल June 26, 2018 09:41 देवघर के व्यवसायियों ने पूर्व पीएम को दी अश्रुपूर्ण विदाई ऑटोनया Related Links साइन इन करें मुजफ्फरनगर सस्ती बिजली खरीदने पर मिलेगा इनाम पोस्ट डाक्टरल फैलोशिप केजरीवाल सरकार पर बिजली कंपनियों से मिली भगत का आरोप फेसबुक पर सरकारी योजनाएं प्राप्त करे जयनारायण मुंडा की और से 72वाँ स्वतंत्रा दिवस के अवसर हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं समाज सेबी OMG अटलजी ने संकट में भारत को बनाया था चमत्कारी अर्थव्यवस्था सरल बिजली बिल स्कीम में मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना-2018 में पंजीकृत श्रमिक उपभोक्ताओं को घरेलू कनेक्शन के लिए प्रति माह 200 रुपये अथवा पिछले 12 माह का औसत जो भी कम हो, का बिल ही भरना होगा। बिल की शेष राशि राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में भरेगी। स्कीम का लाभ 88 लाख श्रमिक उपभोक्ताओं को मिलेगा। श्रमिकों के हक में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा उठाया गया यह सबसे बड़ा कदम है। स्कीम के लागू होने से अब श्रमिक की आय का एक बड़ा हिस्सा बिजली खर्च से बचेगा। बची हुई यह राशि उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई आदि में खर्च हो सकेगी। स्कीम का स्वरूप न सिर्फ व्यापक है बल्कि श्रमिकों का व्यापक हित भी इससे जुड़ा हुआ है, जिसके दूरगामी परिणाम सुखद होंगें। यह प्रावधान रखा गया है कि पंजीकृत श्रमिकों के परिवार की समग्र आई.डी. में दिखाये गये सदस्यों में से कोई भी उपभोक्ता होने पर वह लाभ का पात्र होगा। अगर उपभोक्ता चाहे तो नि:शुल्क नामांतरण भी करवा सकता है। सिंचाई : 70 पैसे की जगह देने होंगे पांच रुपये प्रति यूनिट 326 Views स्पेशल बीससूत्री जिला उपाध्यक्ष सह जीप सदस्य बलियापुर Replying to @JarnailSinghAAP @Shitalkumar3 and 2 others 2017-18 में इनकम टैक्स कलेक्शन रहा 10.03 लाख करोड़ रुपए: आयकर विभाग इंफ्रास्ट्रक्चर पुनर्नवीकरणीय ऊर्जा अनुप्रयोग News18 Services 7 सरल बिजली बिल स्कीम में मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना-2018 में पंजीकृत श्रमिक उपभोक्ताओं को घरेलू कनेक्शन के लिए प्रति माह 200 रुपये अथवा पिछले 12 माह का औसत जो भी कम हो, का बिल ही भरना होगा। बिल की शेष राशि राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में भरेगी। स्कीम का लाभ 88 लाख श्रमिक उपभोक्ताओं को मिलेगा। श्रमिकों के हक में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा उठाया गया यह सबसे बड़ा कदम है। स्कीम के लागू होने से अब श्रमिक की आय का एक बड़ा हिस्सा बिजली खर्च से बचेगा। बची हुई यह राशि उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई आदि में खर्च हो सकेगी। स्कीम का स्वरूप न सिर्फ व्यापक है बल्कि श्रमिकों का व्यापक हित भी इससे जुड़ा हुआ है, जिसके दूरगामी परिणाम सुखद होंगें। यह प्रावधान रखा गया है कि पंजीकृत श्रमिकों के परिवार की समग्र आई.डी. में दिखाये गये सदस्यों में से कोई भी उपभोक्ता होने पर वह लाभ का पात्र होगा। अगर उपभोक्ता चाहे तो नि:शुल्क नामांतरण भी करवा सकता है। कंधार हो या कारगिल, कभी विचलित नहीं हुए अटल जी : यशवंत सिन्हा ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि दिल्ली में बिजली के दाम कम करने के दावों के बीच अब महंगी बिजली की आशंका क्यों जोर पकड़ रही है. दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया है कि बिजली कंपनियों पर लगाम लगाने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है. Turn on Not now रांची। झारखण्ड में विद्युत नियामक आयोग द्वारा घोषित नई विद्युत टैरिफ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने कहा कि रघुवर सरकार संवेदनहीन हो गई है। बिजली बिल में अप्रत्याशित वृद्धी का जनविरोधी निर्णय लेकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है। Desimartini.com मदर न्यूज़ Metanavigation छोटे उद्योगों के लिए औसतन विद्युत दर 5.14 रुपए प्रति यूनिट से बढ़ाकर रुपए 5.38 प्रति यूनिट कर दी गई है जबकि बड़े उद्योगों के लिए 5.16 रुपए से बढ़ाकर 5.41 रुपए कर दी गई है। कुमार ने बताया कि प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनी उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड बिजली 3.10 रुपए में खरीदेगी और उपभोक्ताओं को 4.92 रुपए में बेचेगी। India Today - ग्रामीण अनमीटर्ड कामर्शियल उपभोक्ताओं की दरें 66.67 प्रतिशत तथा ग्रामीण मीटर्ड कामर्शियल उपभोक्ताओं की दरों में 43.22 फीसदी की वृद्धि हो जाएगी। भुगतान & नौवहन नियमों: अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत अभी भी नाजुक समेत 5 बड़ी खबरें मध्यप्रदेश की पश्चिम, मध्य और पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों ने राज्य विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर कर ओपन एक्सेस से सस्ती बिजली खरीदने वाले उपभोक्ताओं पर एडीशनल सरचार्ज लगाने की मांग की है। कंपनियों का तर्क है कि वो उपभोक्ताओं से खपत के आधार पर बिजली खरीदी के करार करती है। राष्ट्री य ग्रिड का सृजन फ़ीडबैक सुहाग’रात’ को ससुराल से गहने-पैसे लूटकर फरार हो गई दुल्हन More From Patna निवेश का पहला कदम India Today Diaries वर्ग 1 वीडियो परिचय Related Stories जब भी खांसता था बच्‍चा आती थी सीटी की आवाज, डॉक्‍टर्स भी हैरान ... और नकल कराते धरे गए मास्साब महत्वपूर्ण जानकारी हमारी दूसरी साइट्स # National News विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाया है कि बिजली वितरण कंपनियों से सरकार की मिलीभगत के कारण बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहती तो बिजली कंपनियों की ओर से उपभोक्ताओं को भेजे जाने वाले बिल में लगभग 20 फीसद की कमी हो सकती थी। दिल्ली सरकार सिर्फ दिखावे के लिए बिजली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की धमकी देती रहती है। in: समाचार Updated: 27 Jun, 2017 10:24 AM तेरहवां सवाल –  सौभाग्य योजना के तहत कितने बिना बिजली वाले परिवारों को कवर किया जाएगा। पटना | बिजली कंपनी में 2000 पदों पर बहाली होगी। इसमें 800 पदों पर सामान्य विषय से स्नातक करने वाले आवेदन कर सकेंगे। इनके... लखीमपुर खीरी ट्रेंडिंग इस पोस्ट को शेयर करें ईमेल Podcasts & Newsletter बजटीय उपबंध Englishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡ राज्य विशेष पाठ्य-सामग्री About Us वेबसाइट नीतियां राजीव कुमार सिंह 100 वर्षों के सबसे भयंकर बाढ़ से जूझ रहा है केरल, 324 लोगों ... त्वरित संपर्क सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित आदेशों के खिलाफ प्रशासनिक सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य को ऐसे आदेश प्राप्त होने की तिथि से 30 दिनों की अवधि के भीतर अपील की जा सकती है। अपील में प्रशासनिक सचिव द्वारा पारित आदेश अंतिम होगा। बिजली कार्यालय में बिल माफी व सस्ती बिजली के आवेदन जमा के लिए लगी भीड़। दिल्ली वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! सस्ती हुई बिजली, ये रहीं नई दरें ट्रांस हिंडन लग्जरी फीचर्स से लैस Renault Kwid को देखकर कोई भी हो जाएगा दीवाना, कीमत 3 लाख से भी कम 19 I am Ranjeet Jha (पत्रकार) World Theatre Day: इन सेलेब्रिटीज की गवाह रही संस्कारधानी   कच्चे कर्मचारियों को हटाए जाने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी हरियाणा सरकार पाकुड सूची में पहले से तीसरे नंबर पर गुजरात की तीन कंपनियां है, जबकि चौथे नंबर पर उत्तराखंड की वितरण कंपनी है। गुजरात की ही चौथी कंपनी पांचवें नंबर पर है। इन्हें एक प्लस ग्रेड दिया गया है। हिमांचल का बिजली बोर्ड आठवें, आंध्र प्रदेश की ईस्टर्न व नार्दर्न कंपनियां छठे व नौवें स्थान पर हैं। कर्नाटक की कंपनी सातवें स्थान पर है। पंजाब की कैप्टन अमरेंद्र सिंह सरकार ने गुरदासपुर संसदीय चुनाव सम्पन्न होने के तुरंत बाद बिजली की दरों में वृद्धि कर दी है। पंजाब राज्य विद्युत नियामक आयोग (पी.एस.ई.आर.सी.) ने 23 अक्तूबर को बिजली के घरेलू, कमॢशयल व औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली की नई दरों की घोषणा कर दी तथा सभी स्लैब में ओवर आल 9.33 प्रतिशत की वृद्धि की गई है जबकि अधिकतम वृद्धि 12.20 प्रतिशत है। बढ़ी हुई दरें गत 1 अप्रैल से लागू मानी जाएंगी तथा अप्रैल से अक्तूबर तक के 7 महीनों का बकाया उपभोक्ताओं से 9 महीनों में वसूल किया जाएगा। वित्त वर्ष 2017-18 में इनकम टैक्स कलेक्शन रिकॉर्ड 10.03 लाख करोड़ रुपए, 6.92 करोड़ लोगों ने रिटर्न भरा 42 mins कार्यपालक दंडाधिकारी, बेरमो, तेनुघाट ईमेल असिस्टेंट विजिलेंस ऑफिसर निम्न को खोजें: टूरिज़्म सौभाग्य-प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना लीक हुई अक्षय कुमार की फिल्म गोल्ड, कमाई पर पड़ सकता है असर पावर डाटा प्रबंधन प्रभाग हिन्दी न्यूज़ |News|मराठी|বাংলা |ગુજરાતી|ಕನ್ನಡ|தமிழ்|తెలుగు|മലയാള विद्युत नियामक आयोग ने बिजली बिल पर लगने वाले दोहरे रेग्युलेटरी सरचार्ज से उपभोक्ताओं को राहत दी है। आयोग ने रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम को खत्म करने का आदेश आज जारी कर दिया। दरअसल प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से मौजूदा समय में दोहरा रेग्युलेटरी सरचार्ज लिया जा रहा था। रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम और द्वितीय। ड्राइविंग लाइसेंस 05/09/2011 - 10:26 May 20, 2018 नगर पालिका आरबीआई ने एक समूह बनाया है। जिसके तहत बिल पेमेंट के रिकॉर्ड के आधार पर किसी शख्स के लोन लेने की योग्यता तय करेगा। क्रेडिट रेटिंग एजंसी अभी बैंकिंग और गैर बैंकिंग कम्पनियों की वित्तीय स्थिति को देखकर स्कोर देती हैं। इससे पता चल जाता है कि भविष्य में ली गई भार भरकरम वह लौटा पाने में समर्थ होगें या नहीं।  वित्तीय वर्ष 2017-18 में सरकार बिजली उपभोक्ताओं  को करीब तीन हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी देगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ऐसा पहला राज्य है, जिसने इस तरह का प्रयोग किया है. इसकी प्रशंसा केंद्र ने आधिकारिक रूप से की है. एक साल के अंदर उम्मीद है कि दूसरे राज्य भी इस पैटर्न को अपनायेंगे. उन्होंने कहा कि नये प्रावधान से राज्य में काम कर रही अलग-अलग कंपनियों की कार्यक्षमता का भी मूल्यांकन किया जा सकेगा.  सारण Feb 16 2018 9:06AM Average readings Hindustantimes.com Send बवाना का बोझ : बवाना पावर प्लांट गैस न मिलने की वजह से बंद है। तब भी इसकी फिक्स कॉस्ट काफी आती है और यह खर्चे में जुड़कर कंज्यूमर तक ही पहुंचती है। या तो इस प्लांट के लिए गैस का इंतजाम कर इसे पूरी क्षमता से इस्तेमाल किया जाए या फिर फिक्स कॉस्ट सरकार वहन करे। माधव लाल सिंह Podcasts & Newsletter अंकीय पुस्‍तकालय लिंक Latest NewsView All कबीर अमृतवाणीः सुुनिए कबीरदास के 10 बेहतरीन दोहे अजमेर के प्रतिष्ठित मेयो कॉलेज में 11वीं के छात्र के साथ यौन शोषण ! मामला दर्ज कुरुक्षेत्र Photo Gallery Promoted by 45 supporters नवभारत टाइम्स | Updated:Dec 18, 2011, 06:05AM IST स्कीम का उद्देश्य 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बकाये वाली 12 कंपनियों को एसएमए-1 या एसएमए-2 कैटेगरी में रखा गया है। एक बड़े बैंक के सीनियर अधिकारी ने बताया कि इसका मतलब यह है कि ड्यू डेट के 30 से 60 दिनों के अंदर इन कंपनियों ने मंथली किस्त नहीं चुकाई है। एसएमए का मतलब यहां स्पेशल मेंशन एकाउंट है। ऊर्जा लागत की तुलना करें - इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ऊर्जा लागत की तुलना करें - विद्युत प्रदायक बदलें ऊर्जा लागत की तुलना करें - और अधिक जानकारी प्राप्त करें
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