गरीबों के घरों से बिजली छीन कर बड़े-बड़े पूंजीपतियों और उद्यमियों को राहत पहुंचाने का निर्णय पूरी तरह से जनविरोधी है। श्री सहाय ने कहा कि रघुवर सरकार बिलकुल संवेदनहीन हो गई है, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल में 98 फीसदी की बढ़ोतरी करना न तो तर्कसंगत है और न ही न्यायसंगत। सोशल मीडिया टॉम पीटरफ़ी का मानना ​​है कि बिटकॉन्क संभवत: पर जा सकता है ... अस्पतालों पर नरम हुए केजरीवाल!   മലയാളം कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी कि वह अपनी जलशक्ति का उपयोग तथा विकास सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से करेगा। राज्य की जल-विद्युत बनाने की नीति अक्टूबर 2002 को बनी। उसका मुख्य उद्देश्य था राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाया जाय और उसकी बनाई बिजली राज्य को ही नहीं बल्कि देश के उत्तरी विद्युत वितरण केन्द्र को भी मिले। उसके निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं के कार्यांवयन की बांट, क्रिया तथा पर्यावरण पर प्रभाव को जाँचने तथा निरीक्षण करने के बाद पता लगा कि 48 योजनाएं जो 1993 से 2006 तक स्वीकृत की गई थीं, 15 वर्षों के बाद केवल दस प्रतिशत ही पूरी हो पाईं। उन सब की विद्युत उत्पादन क्षमता 2,423.10 मेगावाट आंकी गई थी, लेकिन मार्च 2009 तक वह केवल 418.05 मेगावाट ही हो पाईं। इसका कैग के अनुसार मुख्य कारण थे भूमि प्राप्ति में देरी, वन विभाग से समय पर आज्ञा न ले पाना तथा विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार बदलाव करते रहना, जिससे राज्य सरकार को आर्थिक हानि हुई। अन्य प्रमुख कारण थे, योजना संभावनाओं की अपूर्ण समीक्षा, उनके कार्यान्वयन में कमी तथा उनका सही मूल्यांकन, जिसे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को करना था, न कर पाना। प्रगति की जाँच के लिए सही मूल्यांकन पद्धति की आवश्यकता थी जो बनाने, मशीनरी तथा सामान लगने के समय में हुई त्रुटियों को जाँच करने का काम नहीं कर पाई, न ही यह निश्चित कर पाई कि वह त्रुटियाँ फिर न हों। निजी कंपनियों पर समझौते की जो शर्तें लगाई गई थीं उनका पालन भी नहीं हो पाया। LATEST FROM AAJ TAK सूचक: नेतृत्व में सटीकता: कक्षा 1 एस Aug 7, 2018, 08:18 AM IST किराएदारों के लिए अच्छा महंगी बिजली की शक्ल में दिल्ली वाले भुगतेंगे खामियाज़ा: विजेंद्र गुप्ता शिमला में बारिश का कहर: कहीं भूस्खलन, कहीं मलबे में दबी गाड़ियां... मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम पटना : बिहार में बिजली की दर में पांच से नौ प्रतिशत की वृद्धि की गयी है, जो एक अप्रैल से प्रभावी होगी। बिहार विद्युत विनियामक आयोग (बीईआरसी)के अध्यक्ष शक्ति कुमार नेगी ने आज यहां बताया कि सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए वर्तमान टैरिफ में पांच प्रतिशत और उद्योग की टैरिफ में 9.29 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमेन आनंद महिंद्रा ने इस कार को पेश करते हुए कहा, “भविष्य के यातायात को लेकर ये हमारा नज़रिया है. हमें प्रदूषण रहित भविष्य बनाना होगा.” Rajasthan Scheme शेखपुरा Sign In December 2017 वास्‍तविक काल अंकीय अनुकारक पाकिस्तान के नए ‘कप्तान’ इमरान खान, शपथ ग्रहण में पहुंचे सिद्धू 11 जुलाई 2018 By admin September 22, 2016 पोर्टफोलियो हेल्थ Career मणिदीप शर्मा [Edited by: मोनिका गुप्ता] @manideepsharma3 पेज को रिफ्रेश (Refresh) करें। सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर First Published: 01.12.17 All rights are reserved by Deshbandhu. Copyright @ 2018. देशबन्धु बाहरी साइटों पर मौजूद सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. बुंदेलखण्ड175 केरल में बारीश का कहर जारी, मरने वालों की संख्या हुई 39 Best Air Purifiers in India, Reviews and Buying Guide मारपीट के आरोपी दिग्विजय सिंह ने सौंपे सभी सरकारी हथियार क्षेत्र परीक्षण एवं मापन Photo Gallery New Power Policy जानें क्यों मनाते हैं हरियाली तीज, इससे जुड़े रोचक तथ्य Jehanabad डीडब्ल्यू अड्डा राजस्थान अपना खाता, खसरा खतौनी, ऑनलाइन जमाबंदी नकल प्राप्त करें ब्रेकिंग न्यूज़ तिवारी ने ये भी आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार बवाना और अन्य गैस टर्बाइन से जुड़े बिजली उत्पादन पर भी ध्यान नहीं दे पा रही है. केजरीवाल सरकार "कोयले की भारी और जल्द ही दिल्ली में बिजली की किल्लत" की कहानी रच रही है. बीते तीन सालों के दौरान केजरीवाल सरकार ने सब्सिडी के तौर पर निजी बिजली कंपनियों के खजाने भरे हैं. अब उनके ही कहने पर ये प्रचार किया जा रहा है कि दिल्ली में ताप विद्युत का उत्पादन घट रहा है. ताकि निजी बिजली कंपनियों को नेशनल ग्रिड से सस्ती बिजली खरीदने में मदद मिले और उनका प्रॉफिट बढ़ जाए.   कहा था न, जो बिजली कंपनी के मालिक से चंदा ले कर सरकार बनाते हैं,वो बिजली कंपनी की कमाई बढ़ाने के लिए काम करते हैं, पर आप की सरकार तो आप सब की ईमानदार कमाई से मिले चंदे और वोट से बनी है इसलिए काम भी कर रही है आपके लिए "दिल्ली सरकार, आप की सरकार" @AamAadmiParty @ArvindKejriwalpic.twitter.com/KNYk7MqqVA बढ़ रही है घरेलू स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका बढ़ी हुई नयी दर एक अप्रैल से प्रभावी होगी। उन्होंने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 100 यूनिट तक बिजली की खपत पर वर्तमान दर में 40 पैसे, 100 से 200 यूनिट पर 45 पैसे और 200 से ऊपर यूनिट पर 55 पैसे की वृद्धि की गयी है। बिजली बिल के फिक्स चार्ज पर किसी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। about us प्रमुख, कटकमसांडी ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत / सार्वजनिक संस्थानों को पूर्ण दस्तावेज के साथ आवेदन पत्र जमा करने, बिल वितरित करने और पंचायत राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों के साथ परामर्श में राजस्व एकत्र करने के लिए अधिकृत किया जा सकता है। ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड (आरईसी) पूरे देश में इस योजना के संचालन के लिए नोडल एजेंसी रहेगी। प्रधान मंत्री सहयोगी बिजल योजना निश्चित रूप से देश में समग्र आर्थिक विकास में सुधार लाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में निश्चित रूप से मदद करेगी। खन्ना संबंधि‍त ख़बरें शनिवार 18 अगस्त, 2018 ऑनलाइन पाठ्यक्रम भाजपा नेता सह पार्षद आदित्यपुर नगर निगम वार्ड संख्या 16 गैजेट न्यूज़ Sarkari Naukri AAP J&K‏ @AAPJammuKashmr 18 Aug 2015 दिक्चालन सूची उत्तम कुमार महतो पर्मालिंक https://p.dw.com/p/2ra7K संपादकीय: बेलगाम भीड़तंत्र सिल्लीगुडी वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में बिजली से वंचित 18,452 गांवों के 1,000 दिनों में विद्युतीकरण की घोषणा की थी. हालांकि बिजली मंत्रालय यह लक्ष्य इस साल दिसंबर तक हासिल करने की उम्मीद कर रहा है. बिजली मंत्रालय के गर्व पोर्टल के अनुसार कुल 18,483 गांवों में से 14,483 गांवों को बिजली पहुंचायी जा चुकी है. वहीं 2,981 गांवों के विद्युतीकरण काम जारी है. जबकि 988 गांवों में कोई नहीं रहता है. पोर्टल के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 17.92 परिार में से 13.87 परिवार को बिजली कनेक्शन मिल गया है. वहीं 4.05 करोड़ परिवार को बिजली कनेक्शन मिलना बाकी है. शाहजहाँपुर February, 2016 Should you buy instant water heater for your bathroom? भोपाल स्वदेश विशेषView All वर्ष    आदिवासियों की संख्या का प्रतिशत Gopalganj Get 1 Year FREE Magazine (Current Affairs Today) Subscription लैपटॉप्स एन.सी.ई.आर.टी. टेस्ट 5% टैक्स स्लैब जवाब – सभी परिवारों के लिए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को जल्द ही शुरू करने के लिए, मोबाइल ऐप / वेब पोर्टल के साथ आधुनिक आईटी तकनीक का उपयोग करने वाले लाभार्थियों की पहचान के लिए गांवों / गांवों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन भी इलेक्ट्रॉनिक और आवश्यक दस्तावेज, आवेदक के फोटो सहित, पहचान पत्र की प्रतिलिपि और / या मोबाइल नंबर / आधार नंबर / बैंक खाता संख्या आदि जैसे विवरणों को शिविरों में पूरा किया जाएगा, ताकि कनेक्शन जल्द से जल्द जारी किये जा सकें राजस्थान में बिजली लाईन घर तक पहुंचाने के लोगों से हजारों रुपये लेते है ऊर्जा लागत की तुलना करें - सस्ता बिजली टेक्सास ऊर्जा लागत की तुलना करें - विद्युत दरों की तुलना करें ऊर्जा लागत की तुलना करें - प्रीपेड बिजली
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