Dari دری बफर स्टॉक : बिजली की लड़ाई लड़ रहे आरडब्लूए प्रतिनिधि राजीव काकरिया कहते हैं कि दिल्ली में अब तक पावर की पीक डिमांड करीब 6000 मेगावॉट तक पहुंची है। लेकिन बिजली कंपनियां 24 घंटे बिजली देने के नाम पर बहुत ज्यादा बफर स्टॉक का इतंजाम करती हैं। फिर यह बिजली सरप्लस होती है और सस्ते में बेचनी पड़ती है और खर्च कंज्यूमर पर पड़ता है। इसलिए साइंटिफिक तरीके से अनुमान लगाया जाए कि कितनी बिजली की जरूरत हो सकती है। नियम और नीतियां 30 May 2018 | Aajtak Jagbani Website सुभाष ठाकुर ने कहा-  अटल बिहारी वाजपेयी का हिमाचल से था विशेष लगाव 02018-05-28T16:53:41 साइन इन करें पंजीकरण करें -A A +A A A English अजमेर में भक्तों ने भोलेनाथ को नोटों से सजाया जल उपलब्धता के आधार पर कृषकों को सिंचाई कार्य के लिए नलकूपों से जल दोहन हेतु डीजल/विद्युत पम्प सैट के लिए 9 वर्ष हेतु ऋण उपलब्ध- अगली ख़बर अन्य राज्य हम करने के लिए सीधे अपनी जांच भेजें (0 / 3000) By अंकित राज ताज़ा खबरफिर से सुने | Ireland 51210 Vodafone, O2 गल्फ इधर दिल्ली सरकार के इस कदम पर बिजली कंपनियों का कहना है कि ऊंचे दाम का कारण ज्यादा जनरेशन और ट्रांसमिशन कॉस्ट है। बिजली के दाम में 80 फीसदी हिस्सा जनरेटिंग और ट्रांसमिशन कंपनियों का है। जनरेशन और ट्रांसमिशन की लागत लगातार बढ़ रही है। और जहां तक ऑडिट का सवाल है तो सीएजी और रेगुलेटरी अथॉरिटी उन पर लगातार नजर रखती हैं। बिजली कंपनियों का हर साल ऑडिट होता है और डीईआरसी हर साल अकाउंट्स की जांच करता है। देवशयनी एकादशी 23 जुलाई को : इस दिन व्रत करने से पापों का होता है नाश, 4 महीनों तक नहीं होते शुभ कार्य 43 mins Time: 2018-08-18T05:27:18Z जालोर #electricity rates 02018-07-17T12:09:49 About Us |  Advertise with Us| Terms of Use and Grievance Redressal Policy |  Privacy Policy |  Feedback |  Sitemap जवाब – बिजली मिलने पर निश्चित रूप से दैनिक घरेलू कार्यों और मानव विकास के सभी पहलुओं में लोगों के जीवन की गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। सबसे पहले, बिजली मिलने पर उजाले के लिए मिटटी तेल का इश्तेमाल नहीं होगा, जिसके परिणामस्वरूप घरों में प्रदूषण में कमी आएगी जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी खतरों से बचाया जा सकेगा। इसके अलावा, बिजली मिलने से देश के सभी भागों में कुशल और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं स्थापित करने में मदद मिलेगी। सूर्यास्त के बाद प्रकाश विशेष रूप से महिलाओं के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा का भाव प्रदान करता है। सामाजिक और साथ ही आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि करता है। बिजली की उपलब्धता से सभी क्षेत्रों में शिक्षा सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और सूर्यास्त के बाद गुणवत्ता वाले प्रकाश में बच्चों को पढ़ाई के लिए अधिक समय बिताने और संभावित कैरियर में आगे बढ़ने में सुविधा होगी। घरेलू विद्युतीकरण होने से महिलाओं के अध्ययन करने की संभावना भी बढ़ जाती है और इससे उनकी कमाई भी होगी। जर्मन पाठमाला Download Our Android App पाकुड़ Joyville by Shapoorji Pallonji ट्रेंडिंग   वीएलई के लिए संसाधन मीडिया प्रभारी ,सोशल मीडिया Coordinator एवं सचिव ज़िला कोंग्रेस कमिटी रुपये में ऐतिहासिक गिरावट के बाद डैमेज कंट्रोल मोड में सरकार... DISTRIBUTION Uttarakhand Scheme UPSC English सामग्री: पारदर्शी एबीएस या पॉली-कार्बोनेट अटलजी के नाम पर मोदी सरकार ने शुरू की थी ये योजना, हर महीने 210 रुपए देकर पा सकते हैं 5,000 तक की गारंटीड पेंशन राज्यपाल संदेश Tamil गाइड न्यू लॉन्च © 2018 News Nation Network Pvt Ltd. All rights reserved. अपशिष्ट जल अब यूपी में शहरी इलाकों में 300 से 1000 यूनिट के लिए 8 रुपये प्रतियूनिट की दर तय की गई है। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी बिजली की दरों में बढ़ोतरी हुई। ग्रामीण अनमीटर्ड व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 600 रुपए बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह देना हेागा। शहरी इलाकों में 300 से 1000 यूनिट 8 रुपये प्रतियूनिट किया गया है। शहरी व्यावसायिक फिक्स चार्ज 200 से बढ़ाकर 300 रुपये किया गया है। शहरी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक 7 रुपए प्रति यूनिट की दर चुकानी होगी। Lifestyle Tips CricketNext दुनिया की सबसे बड़ी बिजली कंपनी ईडीएफ द्वारा छह न्‍यूक्लियर प्‍लांट्स का समझौता करने के बाद भारत में परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम फि‍र शुरू होगा। बजटीय उपबंध Samsung AC Technologies in India – Review संचार प्रतिनिधि कल्याण सहायता नियम नेविगेशन की ओर सुधेड़ में पलटा पंजाब के श्रद्धालुओं का... नियामक आयोग के सचिव पीएन सिंह ने कहा कि विद्युत वितरण कंपनी ने वर्ष 2018-19 के लिए औसत लागत 6.44 पैसा के मुताबिक 120 करोड़ की राजस्व कमी बताई थी। आयोग ने परीक्षण के बाद राजस्व कमी के स्थान पर 531 करोड़ रुपये के अधिक राजस्व की गणना को मान्य किया। आयोग ने बिजली कंपनी की मांग 6.44 पैसे की जगह 6.20 पैसे की दर को मान्य किया है। Electronics हमारे बारे में कृषि योजनाएं ज़ायका विकाश सिन्हा Dansk जल गुणवत्ता दिल्ली में DTC कर्मचारियों ने मनाया शोक दिवस, कराया मुंडन गढ़वा Pay bill on time that can help you to get loan on cheaper interest rate. सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सबसिडी की राशि बिजली कंपनियों के खाते में भेज दी जाएगी। इसे बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं के बिल से समायोजित कर लेंगी। साथ ही, बिजली कंपनियों को सूचित कर दिया गया है कि उपभोक्ताओं को सबसिडी का वास्तविक लाभ मिलने की बात पुष्ट करने के लिए सरकार बिजली कंपनियों का किसी स्वतंत्र एजेंसी से विशेष ऑडिट करा सकती है। Subscribe Now वैकल्पिक विषय - इतिहास सपा सरकार ने वर्ष 2012 के अपने चुनावी घोषणा-पत्र में वादा किया था कि ''आने वाले दो वर्षों में बिजली की उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों के लिये 20 घण्टे और शहरी क्षेत्रों में 22 घण्टे की जायेगी। उद्योग और कृषि के लिये बिजली की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जायेगी’’। परन्तु आज लगभग सवा तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी यह सपा सरकार अपने इन वादों को थोड़ा भी पूरा करने के मामले में ना केवल पूरी तरह से विफ ल साबित हुई है, बल्कि इन वादों को पूरा करने के मामले में अभी तक कोई ठोस क़दम भी नहीं उठा पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सब जानती है और उसने ''अपराध-नियंत्रण व क़ानून-व्यवस्था के साथ-साथ जनहित व विकास एवं बिजली’’ के क्षेत्र में भी बी.एस.पी. की सरकार के बेहतरीन कार्यों को देखा व परखा एवं अनुभव किया है। Samsung AC Technologies in India – Review बिजली कंपनी प्रिंट करें यह पेज प्रिंट करें @ आप सरकार@ बिजली खर्च@ सब्सिडी @ अरविंद केजरीवाल@ AAP [email protected] electricity [email protected] [email protected] Arvind Kejriwal मथुरा मंत्री ने कहा कि अब भी कई बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और इसके लिये सरकार स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर की व्यवस्था लागू करेगी ताकि बिलों का भुगतान सही तरीके से हो. उन्होंने यह भी कहा कि अक्षय ऊर्जा खरीद समझौता (आरपीओ) और बिजली खरीद समझौते को अनिवार्य किया जाएगा. सब्सिडी का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि यह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिये दिया जाना चाहिए और एक ग्राहक की कीमत पर दसूरे ग्राहक से अधिक बिजली शुल्क लेने की व्यवस्था क्रास सब्सिडी अधिक नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में तीन-चार कंपनियां होनी चाहिए और ग्राहकों को कंपनी चुनने का विकल्प मिलना चाहिए. शुक्रवार को जमशेदपुर में नीति आयोग सभागार में आयोजित बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए डॉ कुलकर्णी ने कहा कि कि पिछले एक साल में विद्युत विभाग में पंद्रह सौ इंजीनियर्स की नियुक्ति कर ली गयी है अौर इंजीनियरों की कोई कमी नहीं है. निचले स्तर के तथा फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की कमी थी अौर 750 कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम स्तर पर है अौर एक-डेढ़ माह में प्रशिक्षण देकर उनकी पोस्टिंग की जायेगी. कंपनियों में बिजली चोरी के मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित की गयी है, एसआइटी द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी गयी है. जैसे-जैसे रिपोर्ट आयेगी उस आधार पर कार्रवाई की जायेगी.  सरकारी योजनाओं के बारे में अंग्रेजी में पढ़ें  सोलर पावर कंपनियों के बीच छिड़ी प्राइस वार को इस प्रोजेक्ट से हवा मिल सकती है। दरअसल हाल में ही एनटीपीसी सोलर पावर के क्षेत्र आने से बिजली की कीमतें 5 रुपए से नीचे जाने की उम्मीद है। अभी तक सबसे सस्ती सोलर पावर मध्‍य प्रदेश में 5.05 रुपए प्रति यूनिट की दर से कंपनियों से करार किया था। लेकिन एनटीपीसी इससे भी कम 4.75 रुपए प्रति यूनिट सोलर पावर बेचने की तैयारी कर रही है। वहीं, एनटीपीसी की रिवर्स बिडिंग के जरिए सोलर पावर प्रोड्यूसर्स से बिजली खरीदने की योजना है। कंपनी लगभग 15 हजार मेगावाट सोलर पावर खरीदेगी। एनटीपीसी को उम्मीद है कि इस बिडिंग में सोलर प्रोड्यूसर 3.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिड करेंगे। जिंदगानी हाईटेंशन (एचटीएस 32केवी)  6.25  5.75 नियमों में ढील मिलने से बिजली की कमी होने पर भी कंपनियों को महंगी बिजली नहीं खरीदनी पड़ेगी। जबकि वर्तमान में समझौता नहीं होने की वजह से कंपनियों को निर्धारित उत्पादन की स्थिति में ग्रिड से बिजली खरीदनी होती है, जिसमें स्पॉट रेट की वजह से कीमतें समान नहीं रहती हैं।   लाइव सिटीज डेस्क : बिजली कंपनी में 1200 नन टेक्निकल पदों पर बहाली होगी. बिजली कंपनी ने इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है. परीक्षा लेने के लिए माह के अंत तक विशेषज्ञ एजेंसी का चयन करने के लिए टेंडर निकाला जाएगा. एजेंसी चयन होने के बाद रिक्तियां निकाली जाएंगी. संघ की विचारधारा से दूध में शक्कर की तरह घुले मिले थे वाजपेयी: शिवसेना जीएसटी में पेट्रोलियम, बिजली, शराब और और रियल एस्टेट को शामिल नहीं किया गया है. आख़िर इन अहम चीज़ों को जीएसटी से बाहर क्यों रखा गया? इसी को लेकर हमने अर्थशास्त्री अरुण कुमार और अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर डीएम दिवाकर से बात की. 7. नहीं बंद होंगी मुफ्त बैंकिंग सेवाएं, सरकार ने खबरों का किया खंडन शासी परिषद् मूवी मसाला म. प्र. पावर ट्रांसमिशन क. लि. Follow आस्था का अनूठी झलक, हथेली पर ज्योति लेकर दंडवत हो मां के दरबार पहुंचे... केरल में बाढ़ः अब तक 102 लोगों की गई जान, 14 जिलों में रेड अलर्ट ऊर्जा लागत की तुलना करें - मेरे क्षेत्र में इलेक्ट्रिक प्रदाता ऊर्जा लागत की तुलना करें - सस्ता विद्युत प्रदायक ऊर्जा लागत की तुलना करें - यहां अधिक समाधान खोजें
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