कॉपीराइट © e-Eighteen.com लिमिटेड. सर्वाधिकार सुरक्षित. moneycontrol.com की पूर्व-अनुमति के बिना कोई भी समाचार, फोटो, वीडियो या अन्य कोई भी सामग्री पूर्ण या अंशत: किसी भी स्वरूप में या माध्यम से इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है POPULAR NEWS THIS WEEK भारत में विद्युत क्षेत्र बहु-आयामी जटिलता द्वारा अभिलक्षणित है। कई संगठन विद्युत क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान संपन्न कर रहे हैं। अनुसंधान कार्यक्रमों को, उपलब्ध सीमित संसाधनों से, अत्यधिक परिणामोंन्मुखी बनाना चाहिए । सूरजधारा योजना कुमार विजय कब और क्यों मनाई जाती है व्रत पूर्णिमा? जानिए व्रत की विधि और इसके लाभ दिल्ली सर्राफा बाजार बंद अटलजी नकारात्मक सोच से हमेशा दूर रहे, उनके व्यंग्य पर लोग तिलमिलाते तो जरूर थे, पर आहत नहीं होते: लालकृष्ण आडवाणी 15 mins Partner with us VIDEO: आरएएस भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों ने दिया धरना, नियुक्ति देने की मांग मंजू देवी गली क्रिकेट खेला है तो हंसा देंगे ये नियम 2018 Ind vs Eng Test Series: तो क्या अभी भी बल्लेबाजों से नाराज हैं कोच रवि शास्त्री! परीक्षा विज्ञप्ति अम्बेडकरनगर Toggle navigation Hover over the profile pic and click the Following button to unfollow any account. रिपोर्टः फ्रित्ज मूरी हाजीपुर गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने और सिर्फ 500 रूपए के भुगतान पर अन्य घरों को भी विद्युत कनेक्शन मुहैया कराया जाएगा। ज्यादा पढ़ी गयी खबरे बीते दिनों संसद में पेश एक आंकड़े के अनुसार जन धन योजना के तहत खुले 59 लाख खाते बंद हो चुके हैं. (फोटो: पीटीआई) असिस्टेंट इंजीनियर BihareffectiveelectricityExpensiveincreasenew ratePatnaPercentagePunjab Kesariपटनाबिजलीबिहार लोकसभा टीवी डिस्कशंस पाकिस्तान: इमरान खान का शपथ-ग्रहण आज, तैयारियां पूरी Delhi Scheme एक ओर सरकार राज्य में बिजली सस्ती होने का ढिंढोरा पीट रही है तथा दूसरी ओर राज्य बिजली नियामक आयोग ने महंगाई के इस दौर में बिजली की दरों में 9.33 प्रतिशत वृद्धि करके जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।  नलकूप खनन योजना सोलर रुफटाप को सरकार दे रही है बढ़ावा इनोवेशंस Videsh मिशन सत्यनिष्ठाJul 28, 2018 By admin October 10, 2016 साइबर सुरक्षा, शुल्क तर्कसंगत रखने पर ध्यान दें वित्तीय सेवा प्रदाताः पटेल आयुष दवाओं की सुरक्षा निगरानी बढ़ाने के लिये आयुष मंत्रालय की नई केंद्रीय योजनाAug 16, 2018 लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्कः एनडीए में जदयू के सहयोगी दल आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने सीएम नीतीश कुमार पर कड़ा हमला बोला है. उपेंद्र कुशवाहा का यह बयान तब आया है जब बिहार में अपराध […] © Copyright 2018, All Rights Reserved فارسی शासनादेश अनुसंधान क्रियाकलाप क्षमता वर्धन ज्योतिष धर्म 895 चंदन शास्त्री आइपीएस अधिकारी मयंक जैन की सेवाएं समाप्त, 100 करोड़ की… पर्दे के पीछे 1152 Film Resources – Film and Video Resources Top Ten Solar Panel Brands (Manufacturers) in India बांसवाड़ा जलनिकाय बहाली दूसरा टी-20 अंतरराष्ट्रीय 300 से अधिक    6.52        8.60     अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी -सिंदरी पद का नाम: सूचक: नेतृत्व में सटीकता: कक्षा 1 एस     इसके लिए उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को गांव-गांव जाकर जागरूकता कैंप लगाकर लोगों को इस योजना के बारे में बताने को कहा ताकि वे इसका लाभ उठा सकें। इसके साथ-साथ इन शिविरों में ढाणियों में बिजली उपलब्ध करवाने के लिए सौभाग्य योजना की भी जानकारी लोगों को देने के संबंध में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए। बिजली ठेकेदार रवींद्र सिंह जादौन ने बिजली कंपनी के लिए कार्य किया था. यह कार्य बिना वर्क ऑर्डर के किया था जिसका भुगतान नहीं किया गया. इसमें बिजली कंपनी के संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी थी. वर्क ऑर्डर की प्रत्याशा में ठेकेदार ने काम कर दिया था. इसमें संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए. यह जांच रिपोर्ट आरके पांडेय ने दी है. टोंक जिला भाजपा अध्यक्ष रायपुर. चुनावी साल में सभी को खुश करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली की दरों में औसतन 22 पैसे प्रति यूनिट की कमी की है। यह कमी घरेलू, गैर घरेलू, औद्योगिक और अन्य सभी वर्ग के उपभोक्ताओं में बांटी गई है। यानी हर वर्ग के टैरिफ में कमी की गई है। उद्योगों से लेकर हाई वोल्टेज उपभोक्ताओं को भी राहत देने की कोशिश की गई है। नई दरें 1 अप्रैल 2018 से लागू होंगी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली की औसत दर (औसत लागत के आधार पर पावर कंपनी की दर) को 6.44 रुपए प्रति यूनिट से घटाकर 6.22 रुपए किया है। इससे बिजली कंपनी के राजस्व में 531 करोड़ रुपए की कमी आएगी। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने लाइन लॉस का पूरा भार बिजली उपभोक्ताओं पर न डालने की वकालत की। उन्होंने ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि बिजली कंपनियों के घाटे के आधार पर जो रेग्युलेटरी सरचार्ज लगाया जाता है। उसका 50 प्रतिशत हिस्सा उपभोक्ताओं और 50 प्रतिशत हिस्सा बिजली कंपनियों को देना चाहिए। ताकि बिजली कंपनियों की लापरवाही का खामियाजा ईमानदार उपभोक्ताओं पर न पड़े। जब तीन महीने का एडवांस बिल लिया तो जमा क्यों नहीं किया? उत्पादन रिपोर्ट politics3 hours ago Publish on March 22, 2018 संतोष मंडल एवं मधु रॉय 342 Quint Hindi Show — त्वरित सम्पर्क Hide — त्वरित सम्पर्क 162 Likes अमेरिका: इंग्लिश टीचर ने 2500 महिला कैदियों को कविता लिखना सिखाया ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े 18 mins Stock Market Live ऊर्जा लागत की तुलना करें - ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं की तुलना करें ऊर्जा लागत की तुलना करें - ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं की तुलना करें ऊर्जा लागत की तुलना करें - शीर्ष ऊर्जा कंपनियां
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