(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network) Follow वाणिज्य रुड़की पुलिस को बड़ी सफलता, किया सैक्स रैकेट का भंडाफोड़ सेहतमंद जिंदगी Site Map | Legal Disclaimer | Privacy Policy | CSR Policy | Distribution Tags:    GST जीएसटी वस्तु एवं सेवा कर NEW TAX RATE GST PRICE GST RATES GST TAX SLAB जीएसटी की नई टैक्स रेट जीएसटी रेट जीएसटी लागू जीएसटी क्या सस्ता क्या महंगा जीएसटी दर नया टैक्स टैक्स सुधार जीएसटी काउंसिल वैट से जीएसटी  - निम्न दाब कृषि संबंधी कार्य के लिए 25 एचपी की नई श्रेणी बनाई गई है। निम्नदाब उद्योगों के लिए भी 100 से 150 एचपी का नया ग्रुप बनाया गया है। रोलिंग मिल के लिए लोड फैक्टर को 15% से बढ़ाकर 25% किया गया है। स्टील उद्योगों को 65% से अधिक लोड फैक्टर रखने पर ऊर्जा प्रभार में अधिकतम 15% की छूट दी जाएगी। डेटा अभी उपलब्ध नहीं है कृपया कुछ समय पश्चात प्रयास करें. राज्य में अप्रैल से लागू होंगी बिजली की नई दरें, जानें- आपकी जेब पर क्या होगा असर? बिलासपुर शिकायत और सुनवाई घ) शारीरिक छेड़छाड़ स्विच घरेलू (शहरी) (0-200 यूनिट)  3.00  5.50 नैनवां में एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम हमारे लाईट कनेक्शन मे सिर्फ पोल खड़े करके चले गये तार /केबल नहीं लगा रहे है pz jaldi karyvai karvae Mo.70XXX80 gav khari teh. Sedwa dist. Barmer Newsroom Daily Horoscope POPULAR POSTS झारखंड : साधारण बस के ओनर बुक पर चल रही हैं 400 एसी बसें दिवाली खत्म होते ही महाराष्ट्र के लोगों को बिजली दर में बढ़ोतरी का झटका लगा है। बिजली बिल में बढ़ोतरी के लिए महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग ने महावितरण को हरी झंडी दे दी है। बिल में बढ़ोतरी एक नवंबर से हुई है और अगले चार सालों तक 4 स्लैब के तहत बिजली बिल में बढ़ोतरी होगी। चालू वित्त वर्ष में 1.5 फीसदी, 2017-18 में 2 फीसदी, 2018-19 में 1.20 फीसदी और 2019-20 में 1.27 फीसदी कीमतों में बढ़ोतरी की जाएगी। फिलहाल एक यूनिट पर करीब 4 पैसे का बोझ बढ़ेगा, लेकिन चार सालों की बात करें तो ग्राहकों पर कुल 9141 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा। Archive Subscribe to Newsletter कार्यशालाऍं तथा संगोष्ठियॉं अक्षय ऊर्जा स्रोत विकास प्रभाग # Saubhayga Yojan Of Central Government डेमो प‌िक VIDEO: पांडु नदी में छात्रा ने लगाई छलांग, रेस्‍क्‍यू जारी खबर इंडिया टीवी जहां विद्युत लाइन नहीं, वहां सोलर लाइट Issue Details: हिंदीதமிழ்বাংলাമലയാളം मराठीENGLISH प्रतापगढ़ 20 21 22 23 24 25 26 फर्रूखाबाद 1- 100          3.50 प्रवचन नियम एवं शर्तें आईसोपाम योजनाबाहरी फ़ाइल जो एक नई विंडों में खुलती हैं अमेरिका: इंग्लिश टीचर ने 2500 महिला कैदियों को कविता लिखना सिखाया ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े 19 mins वर्तमान में देश में बिजली की भारी कमी है और मोदी सरकार मांग और आपूर्ति की बीच के अंतर को न्‍यूक्लियर पावर से पूरा करना चाहती है। भारत में तकरीबन 60 फीसदी बिजली का उत्‍पादन कोयला आधारित पावर प्‍लांट्स से होता है, जबकि कुल बिजली उत्‍पादन में न्‍यूक्लियर पावर की भागीदारी केवल 3.5 फीसदी है। भारत में वर्तमान में 21 न्‍यूक्लियर पावर रिएक्‍टर संचालित हैं, जिनकी कुल स्‍थापित क्षमता 5,780 मेगावाट है। जैतापुर प्रोजेक्‍ट को परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है। मंत्री आर.के. सिंह ने कहा, ‘‘देश में बिजली वितरण को लेकर पहले से सेवा बाध्यता है, इसे और स्पष्ट बनाया जाएगा. देश में बिजली की कोई कमी नहीं है.’’ विदेशी कंपनियां नहीं दिखा रही हैं रुचि संत कबीर दास के दोहों में छुपा है जीवन को सफल बनाने का सूत्र 41 mins अक्षम यूनिट : बदरपुर पावर प्लांट में यूनिट नंबर 1, 2 और 3 अक्षम हैं। इसमें खर्च ज्यादा आता है और बिजली कम। लेकिन टोटल खर्च डिस्कॉम के खाते में आता है और यही कंज्यूमर की जेब पर भी भारी पड़ता है। नई यूनिट शुरू होनी चाहिए और अक्षम यूनिट बंद होनी चाहिए। जवाब –  प्रति दिन 1 किलोवाट का औसत भार और एक दिन में 8 घंटे तक लोड के औसत उपयोगों को ध्यान में रखते हुए, लगभग 28,000 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता होगी और सालाना लगभग 80,000 मिलियन यूनिट की अतिरिक्त ऊर्जा खर्च होगी। यह एक संभावित आंकड़ा है बिजली का उपयोग करने वालों की आय और आदत बढ़ने के साथ, बिजली की मांग अलग-अलग होती है। यह आंकड़ा अलग होगा यदि मान्यताओं को बदल दिया गया हो। DERC ने घटाई बिजली दरें Quint Hindi मुख्‍य सामग्री पर जाएं 80 के दशक में इंदौरा आए थे वाजपेयी, संघ के कार्यक्रम में लिया था भाग मंत्र भजन आरती Participate in Discussions बोलीदाता सूचना प्रबंधन प्रणाली, भूमि राशि तथा लोक वित्त प्रबंधन प्रणालीAug 09, 2018 पढ़ेः भाजपा राज में अवैध खुदाई का कारोबार खुलेआम जारी Submit your news योजना विंग अभिलेख FAQS बैंकिंग बीमा अर्जुन कालिंदी सांसद रघु शर्मा ने जन्मदिन पर पुष्कर में की पूजा अर्चना Saturday 18 August 2018 posted on August 18, 2018 यू-ट्यूब लाइव उत्तरप्रदेश 07-Apr-16 09:40 CABINET MEETING पर्यावरण दिल्ली बिजली बोर्ड ने बिजली बिल का फिक्स्ड चार्ज बढ़ाकर बिजली की दरों में कमी कर दी, जिसका फायदा हर महीने 400 यूनिट बिजली खर्च करने वाले को होगा जीतन भुइया अनुसंधान और विकास Home Remedies वन एवं पर्यावरण जवाहर लाल महथा सड़क पर हार्मोनियम बजाता है ये शख्स, 'इंडियन आइडल 10' के जज नेहा-विशाल ने दान किए 1-1 लाख रुपये 151-300--4.95--5.40 अजब-गजब : इन देशों में ट्रेंड बना ऐसा खाना, जो आप सोच भी नहीं सकते Join the conversation 100 MVA चालू लाइन परीक्षण प्रयोगशाला II When you see a Tweet you love, tap the heart — it lets the person who wrote it know you shared the love. धनबाद: श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी का मनाया गया 130वां जन्‍मोत्‍सव गरोठ धनबाद : प्रेस क्लब में मिले 21 रसेल वाइपर सांप, इनका काटा पानी भी नहीं... ಕನ್ನಡ पकवान देश21 वालीवुड हमारा पता मौजूदा समय में कमर्शल बिजली उपभोक्ताओं को गर्मियों के दौरान कम से 650 रुपये प्रति कनेक्शन का बिल देना पड़ता है। यानि कितनी भी कम बिजली का उपभोग हो, मगर उपभोक्ताओं को कम से कम 650 रुपये का बिल देना ही होगा। सर्दियों में कमर्शल उपभोक्ताओं के लिए मिनिमम चार्ज 450 रुपये प्रति कनेक्शन होता है। This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. भारत3 मिनट Live Help इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर किसी बिजली कंपनी को विलफुल डिफॉल्टर घोषित नहीं किया गया है तो लोन नहीं चुकाने पर उसे दिवालिया अदालत में नहीं ले जाया जा सकता। पावर सेक्टर जिन मुश्किलों का सामना कर रहा है, उसे मानते हुए हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। उसने वित्त सचिव को जून में बिजली कंपनियों से मिलकर उनकी वित्तीय मुश्किलों के बारे में बातचीत करने का भी निर्देश दिया है। बिज़नस न्यूज़ @AamAadmiParty @DrKumarVishwas लुटलो देश की गरीब जनता को मोदी है न आपके साथ। अडानी अम्बानी के हाथों देश बेच देगा मोदी। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक भारत में निष्क्रिय खातों की संख्या 48 फीसदी है जो कि पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है. ये विकासशील देशों के औसत आंकड़े 25 फीसदी से लगभग दोगुना है. घाटमपुर मंदसौर मंडी भाव | खबर bhai ye parmpara har jaggah chal rahi h वार्ड नं. 12 में समस्याओं का अंबार   |  2018-03-27 00:00:00.0 Updated: January 16, 2016, 12:28 PM IST ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत / सार्वजनिक संस्थानों को पूर्ण दस्तावेज के साथ आवेदन पत्र जमा करने, बिल वितरित करने और पंचायत राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों के साथ परामर्श में राजस्व एकत्र करने के लिए अधिकृत किया जा सकता है। ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड (आरईसी) पूरे देश में इस योजना के संचालन के लिए नोडल एजेंसी रहेगी। प्रधान मंत्री सहयोगी बिजल योजना निश्चित रूप से देश में समग्र आर्थिक विकास में सुधार लाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में निश्चित रूप से मदद करेगी। English UK इस वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.2 फीसदी रहने का अनुमान:... केरल में बारीश का कहर जारी, मरने वालों की संख्या हुई 39 ministry of power power consumers central govt कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - सस्ता बिजली बिल कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - ऊर्जा योजनाओं की तुलना करें कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - और जानने के लिए यहां क्लिक करे
Legal | Sitemap