मार्केटिंग ऑफिसर गोमिया Television 0:53 प्रकृति के अजूबे समाज सेबी चीन में एक आदमी के कान में रहते थे 26 तिलचट्टे खेल जुलाई 25, 2018 Razia Ansari BIHAR, आपका प्रदेश, ट्रेंडिंग 0 दुनिया भर में पहले पैसिव ऑफिस विएना में बने थे. अब ऑस्ट्रिया और जर्मनी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और ज्यादा इकोफ्रेंडली और बिजली बचाने वाले भी हो गए हैं. दुनिया भर में करीब 50,000 पैसिव हाउस हैं. इसमें आधे ऑस्ट्रिया और जर्मनी में हैं. राफेल डील विवाद: रिलायंस डिफेंस ने कहा- कॉन्ट्रैक्ट डसॉल्ट स... Get the best positive stories straight into your inbox! India 53000 Bharti Airtel, Videocon, Reliance रांची : सिल्ली-गोमिया उपचुनाव किसी भी हाल में लड़ेगी आजसू पार्टी- चंद्रप्रकाश चौधरी अचानक कैसे बढ़ गया बिजली कंपनियों का घाटा 0 replies 0 retweets 3 likes %E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A4 %E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE बैंकिंग VIDEO: एनकाउंटर से भाग निकले तीन आतंकी, जवान हुआ शहीद Cheaper Electricity यह रहेगी बिल माफी की शर्तें बिजली कंपनी में अब फिर से अनुकंपा नियुक्ति शुरू होने जा रही है। इससे नियुक्ति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के... बिहार में बिजली-दर में बदलाव नहीं, उपभोक्ताओं को राहत Promoted by 9,018 supporters   प्रिंट Social Buzz diesel gang‏ @Arun_jsingh 18 Aug 2015 सहारनपुर स्वशिक्षा भाजपा सरकार ने पूरा किया हिसार में एयरपोर्ट का वादा: कैप्टन अभिमन्यु FAQS 95% तक झालावाड़ दानिश रिज़वान ने की पटना जंक्शन का नाम अटल बिहारी वाजपेयी जंक्शन करने की मांग कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी कि वह अपनी जलशक्ति का उपयोग तथा विकास सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से करेगा। राज्य की जल-विद्युत बनाने की नीति अक्टूबर 2002 को बनी। उसका मुख्य उद्देश्य था राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाया जाय और उसकी बनाई बिजली राज्य को ही नहीं बल्कि देश के उत्तरी विद्युत वितरण केन्द्र को भी मिले। उसके निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं के कार्यांवयन की बांट, क्रिया तथा पर्यावरण पर प्रभाव को जाँचने तथा निरीक्षण करने के बाद पता लगा कि 48 योजनाएं जो 1993 से 2006 तक स्वीकृत की गई थीं, 15 वर्षों के बाद केवल दस प्रतिशत ही पूरी हो पाईं। उन सब की विद्युत उत्पादन क्षमता 2,423.10 मेगावाट आंकी गई थी, लेकिन मार्च 2009 तक वह केवल 418.05 मेगावाट ही हो पाईं। इसका कैग के अनुसार मुख्य कारण थे भूमि प्राप्ति में देरी, वन विभाग से समय पर आज्ञा न ले पाना तथा विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार बदलाव करते रहना, जिससे राज्य सरकार को आर्थिक हानि हुई। अन्य प्रमुख कारण थे, योजना संभावनाओं की अपूर्ण समीक्षा, उनके कार्यान्वयन में कमी तथा उनका सही मूल्यांकन, जिसे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को करना था, न कर पाना। प्रगति की जाँच के लिए सही मूल्यांकन पद्धति की आवश्यकता थी जो बनाने, मशीनरी तथा सामान लगने के समय में हुई त्रुटियों को जाँच करने का काम नहीं कर पाई, न ही यह निश्चित कर पाई कि वह त्रुटियाँ फिर न हों। निजी कंपनियों पर समझौते की जो शर्तें लगाई गई थीं उनका पालन भी नहीं हो पाया। रेल मंत्रालय ने डिजिटल स्‍क्रीन सेवा लॉन्च कीAug 17, 2018 Madhya PradeshHoshangabadBetulहजारमजदूरबिजली बिलमाफीसस्ताकनेक्शन रायपुर. चुनावी साल में सभी को खुश करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली की दरों में औसतन 22 पैसे प्रति यूनिट की कमी की है। यह कमी घरेलू, गैर घरेलू, औद्योगिक और अन्य सभी वर्ग के उपभोक्ताओं में बांटी गई है। यानी हर वर्ग के टैरिफ में कमी की गई है। उद्योगों से लेकर हाई वोल्टेज उपभोक्ताओं को भी राहत देने की कोशिश की गई है। नई दरें 1 अप्रैल 2018 से लागू होंगी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली की औसत दर (औसत लागत के आधार पर पावर कंपनी की दर) को 6.44 रुपए प्रति यूनिट से घटाकर 6.22 रुपए किया है। इससे बिजली कंपनी के राजस्व में 531 करोड़ रुपए की कमी आएगी। 2018 ASIAN GAMES: सिंधु, सुशील और दीपा जानिए और किन-किन खिलाड़ियों से लगी है गोल्ड मेडल की आस लोहरदगा स्टडी मोटिव हालांकि सभी श्रेणी के  उपभोक्ताओं का सिस्टम लोडिंग चार्ज खत्म करने की मांग की जा रही थी लेकिन आयोग ने सिर्फ 5 किलोवाट तक के कनेक्शनों पर ही इसे समाप्त किया है। शुक्रवार को आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा व सदस्य एस.के. अग्रवाल ने कॉस्ट डाटा बुक में संशोधन करते हुए इसके आदेश जारी कर दिए। आयोग ने बिजली कंपनियों को तत्काल प्रभाव से इसे लागू करने को कहा है। अरबिंद शर्मा क्या आपने देखी यह वाजपेयी की कुछ अनदेखी और दुर्लभ तस्वीरें 139.02 कांग्रेस प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने कहा, ‘‘अगर जनता के बारे में सोचा होता तो ये बढ़ोतरी नहीं होती. अगर आपका कदम ठीक था तो सप्ताह भर पहले दाम बढ़ा देते लेकिन नगर निकाय चुनावों के कारण ऐसा नहीं किया गया. यह एक तानाशाहीपूर्ण कदम है.’’ करना चाहेंगे इसकी सवारी? सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य में बिजली से वंचित परिवारों को कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए आज इस योजना की शुरुआत की गई है. बिजली पहुंचने का मतलब सिर्फ रोशनी नहीं है. आज के आधुनिक युग में जब देश डिजिटल हो रहा है. इंसान तकनीकी पर निर्भर होता जा रहा है. हमारे सभी उपकरण बिजली पर ही निर्भर हैं, ऐसे में गरीब घरों में प्रकाश पहुंचाने की पहल बहुत महत्वपूर्ण है. कहा, पिछले एक साल में ऐसे 246 गांवों को बिजली पहुंचाई गई है, जहां अभी तक बिजली नहीं थी. अभी राज्य में 26 गांव ऐसे हैं जहां बिजली पहुंचाना बाकी है. उन्होंने कहा कि अप्रैल माह तक हर गांव तक बिजली पहुंचा दी जाएगी. इस अवसर पर राज्य मंत्री रेखा आर्य, सांसद राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक आदि मौजूद रहे. अब तक लगे टॉवर NETWORK 18 SITES Aug 31 2017 7:26AM नवीकरणीय ऊर्जा के पावर टैरिफ में भारी कमी आई है।  परावैद्युत सामग्रियाँ प्रभाग (डीएमडी) Top colleges ranked by the prettiest girl students सहयोगात्मक तथा उन्नत अनुसंधान केन्द्र (सीकार) 52 Views     कैप्टन अभिमन्यु ने इस मौके पर अधिकारियों के साथ नारनौंद क्षेत्र की समस्याओं पर भी विचार किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिसाय क्षेत्र में स्टाफ की कमी को रेशनलाइजेशन नीति के तहत दूर करवाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन लोगों ने तत्काल योजना के तहत बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया है उनको आवेदन करने के 30 दिनों के भीतर हर हालत में कनेक्शन मुहैया करवाया जाए। यदि तत्काल कनेक्शन 30 दिन के भीतर उपलब्ध नहीं करवाए जाते हैं तो ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी की जिम्मेवारी तय की जाए। शहर प्रमुख कमोडिटी Include parent Tweet Sorry, but the page you are looking for doesn't exist. गूगल के पार: #Atalji के अनसुने किस्से उद्योग महानगर जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी Privacy Policy తెలుగు शराब, पेट्रोलियम, रियल एस्टेट और बिजली GST से बाहर क्यों? घरेलू (शहरी) (डीएस एचटी) 3.50  5.25 Copyright @ 2018 PUNJABKESARI.IN All Rights Reserved. Visit Site Copy link to Tweet श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीका को 3 विकटों से हराया नहीं रहे भारतीय राजनीति के 'अजातशत्रु' अटल बिहारी वाजपेयी, 93 साल की उम्र में दिल्ली के एम्स में हुआ निधन पीपुल्स स्पीक समाज(युवा समिति)के राष्ट्रीय संयोजक, आदिवासी मुंडा समाज के सदस्य तथा भाजपा अनुसूचित जन जाति मोर्चा क एकीकृत अनाज विकास कार्यक्रम (मोटा अनाज एवम चावल) हालांकि कोई सरकार के दावें पर कैसे सवाल खड़ा सकता है, अगर इन दावों को सही भी मान लिया जाए तो गांव के विद्युतीकरण से गांववालों को कोई फायदा तो हुआ नहीं है क्योंकि विद्युत आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता की हालत बनी हुई है. अगर इन्हें 24 घंटे बिजली दी भी जाती है तो इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि गांव वाले इस बिजली का उपभोग करने में सक्षम होंगे. http://mpcmsolarpump.com @AamAadmiParty When will u learn economics ? आस्था का अनूठी झलक, हथेली पर ज्योति लेकर दंडवत हो मां के दरबार पहुंचे... सर्वश्रेष्ठ विद्युत मूल्य - सस्ते उपयोगिताएं सर्वश्रेष्ठ विद्युत मूल्य - मेरे पास इलेक्ट्रिक कंपनी सर्वश्रेष्ठ विद्युत मूल्य - सर्वश्रेष्ठ ऊर्जा प्रदाता
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