पाकुड़ सहित समस्त झारखण्ड वासियो को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक सुभकामना आयोग ने सूखे को देखते ग्रामीण अनमीटर्ड कनेक्शनों पर भी 10 प्रतिशत सरचार्ज वसूलने का आदेश अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया है। इससे बुंदेलखंड और सूखाग्रस्त जिलों को काफी राहत मिली है। 3 जुलाई 2018 प्रधान मंत्री सहयोगी बिजली हर घर योजना की मुख्य विशेषताये:- इधर दिल्ली सरकार के इस कदम पर बिजली कंपनियों का कहना है कि ऊंचे दाम का कारण ज्यादा जनरेशन और ट्रांसमिशन कॉस्ट है। बिजली के दाम में 80 फीसदी हिस्सा जनरेटिंग और ट्रांसमिशन कंपनियों का है। जनरेशन और ट्रांसमिशन की लागत लगातार बढ़ रही है। और जहां तक ऑडिट का सवाल है तो सीएजी और रेगुलेटरी अथॉरिटी उन पर लगातार नजर रखती हैं। बिजली कंपनियों का हर साल ऑडिट होता है और डीईआरसी हर साल अकाउंट्स की जांच करता है। संबल योजना में पंजीकृत श्रमिक और बीपीएल उपभोक्ताओं के घरेलू कनेक्शन पर बिजली बिल की बकाया राशि को श्रम विभाग के पंजीयन अथवा बीपीएल कार्ड का क्रमांक उपलब्ध करवाने पर माफ किया जाएगा। ऐसे पंजीकृत श्रमिक जिनके निवास का बिजली कनेक्शन उसके स्वयं के नाम पर न होकर उसके परिवार के किसी सगे-संबंधी के नाम पर हो तथा बीपीएल उपभोक्ता को सरलता से नामांतरण की सुविधा देते हुए उपभोक्ता के साथ निवासरत होने की दशा में स्कीम का लाभ दिया जायेगा। यदि संबल योजना में पंजीकृत कोई पात्र हितग्राही-बिजली उपभोक्ता के परिवार का सदस्य है और उसके साथ रहता है, तो ऐसे कनेक्शन पर भी स्कीम का लाभ मिलेगा। इसके लिए उपभोक्ता का नाम बदलना जरूरी नहीं होगा, तथापि ऐसे प्रकरण में परिवार का सदस्य उन्हीं व्यक्तियों को माना जाएगा, जिनके नाम समग्र डाटाबेस में एक परिवार के रूप में अंकित हों। HPSC EPAPER उत्तराखंड: विद्युत उपभोक्ताओं को लगा झटका, महंगी हो गई बिजली, नई दरें जाने यहां... पुरुषों में चीज़ें चेक करने और महिलाओं में जमा करने की होती है आदत: शोध जानिए कौन हैं नमिता जिन्होंने दी अटल बिहारी वाजपेयी को मुखाग्नि बप्पी बावरी अन्य योजनाएं       हिमाचल Joined July 2012 Bakrid 2018: जानें कब मनाई जाती है बकरीद और क्यों दी जाती है कुर्बानी हिमाचल प्रदेश पी.सी.एस. ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 आईसीआईसीआई बैंक: केरल के ग्राहकों से इस महीने ईएमआई चुकाने में देरी पर पेनल्टी नहीं लेगा 9 mins #लाइट कैमरा एक्शन हंगामे के बाद सुधार की याद आई? कबीर अमृतवाणीः सुुनिए कबीरदास के 10 बेहतरीन दोहे ऊर्जा उत्पादक संघ के क्षमता प्रोडक्शन के प्रबंध निदेशक अशोक खुराना के मुताबिक, अगर गवर्नमेंट सभी पक्षकारों की राय के मुताबिक आगे बढ़ती है, तो उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा . केंद्रीय ग्रिड तंत्र सीमित नहीं रहेगी व सभी संयंत्रों में एकरूपता आएगी . मध्य प्रदेश सत्रहवां सवाल – क्या इस योजना के बारे में जनता में जागरूकता पैदा करने की कोई योजना है, ताकि इस योजना से अधिक से अधिक लोग लाभ उठा सकें? अनुसंधान एवं विकास पर स्थायी समिति (एससीआरडी) उत्तराखंड सदस्‍यता इस पोस्ट को शेयर करें Twitter एक्सपर्ट के टिप्स सूचना का अधिकार अधिनियम अन्य खेल खबरें लोन लेने में मदद करता है 'क्रेडिट स्कोर',जानिए हर जरूरी बात बड़ोग पंचायत के 2 गांवों में फोरलेन निर्माण का मलबा बना लोगों के लिए... politics1 day ago English News ऊर्जा सचिव की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति, योजना के तहत परियोजनाओं को स्वीकृति देगी तथा इनको लागू किए जाने की निगरानी करेगी। इस योजना के तहत अनुशंसित दिशा-निर्देशों के अनुरूप योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए बिजली मंत्रालय, राज्य सरकार और डिस्कॉम के बीच एक उपयुक्त त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा जिसमें पावर फाइनेंस कार्पोरेशन एक नोडल एजेंसी होगी। राज्य बिजली विभागों के मामलों में द्विपक्षीय समझौते होंगे। अनुसंधान योजना Web Title:पश्चिम छोड़ यूपी में बिजली हुई सस्ती पर्यावरण के अनुकूल है सोलर पावर : अब सोलर पावर काफी सस्ता भी हो गया है. राज्य में सोलर पावर को बढ़ावा देने के लिए नयी सोलर नीति भी बनायी गयी है. तन मन 2018-07-19 17:00:33.0 मंत्री ने कहा कि अब भी कई बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और इसके लिये सरकार स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर की व्यवस्था लागू करेगी ताकि बिलों का भुगतान सही तरीके से हो. उन्होंने यह भी कहा कि अक्षय ऊर्जा खरीद समझौता (आरपीओ) और बिजली खरीद समझौते को अनिवार्य किया जाएगा. सब्सिडी का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि यह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिये दिया जाना चाहिए और एक ग्राहक की कीमत पर दसूरे ग्राहक से अधिक बिजली शुल्क लेने की व्यवस्था क्रास सब्सिडी अधिक नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में तीन-चार कंपनियां होनी चाहिए और ग्राहकों को कंपनी चुनने का विकल्प मिलना चाहिए. Offices : हम करने के लिए सीधे अपनी जांच भेजें (0 / 3000) Write for us Livemint.com आ लौट के आजा मेरे मीत, तुझे मेरे गीत बुलाते हैं...एक अमर गाने के बनने की कहानी The total outlay of the project is Rs. 16, 320 crore while the Gross Budgetary Support (GBS) is Rs. 12,320 crore. The outlay for the rural households is Rs. 14,025 crore while the GBS is Rs. 10,587.50 crore. For the urban households the outlay is Rs. 2,295 crore while GBS is Rs. 1,732.50 crore. The Government of India will provide largely funds for the Scheme to all States/UTs. The States and Union Territories are required to complete the works of household electrification by the 31st of December 2018. 101 ग्राम पंचायतों में दीनदयाल विद्युत योजना पर 99.83 करोड़ खर्च होंगे Related Articles (Topic wise) 6 ये भी पढ़ें – अटके हाईवे प्रोजेक्‍ट होंगे पूरे, सरकार देगी वनटाइम वित्‍तीय सहायता Government of Uttar Pradesh कॉपीराइट © 2018. सूचना निदेशालय, जनसंपर्क और भाषाएं, हरियाणा सरकार । सर्वाधिकार सुरक्षित । राज्य सरकार की नीतियाँ निवेशक बाराबंकी Whatsapp ज्योतिष धर्म News In Hindi Spirituality बेतिया बॉक्स ऑफ़िस थाना प्रभारी, बालीडीह थाना योग्यता: बीई/बीटेक/डिप्लोमा कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - बिजली कंपनी कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - ऊर्जा प्रदाता चुनें कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - यहां अधिक जानकारी
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