232 16,000 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च सकारात्मक बाहरी रोजगार के सृजन और अर्थव्यवस्था को लाभान्वित करने में और मदद करेगा। Cosmopolitan पढ़ें त्यौहार  Breaking News प्रमुख सिविल सेवाओं का परिचय July 19, 2018 दुमका : इंडोर स्टेडियम दुमका में अरविन्द प्रसाद की अध्यक्षता में झारखंड राज्य विद्य्नुत नियामक... कक्षा सूचकांक वाजपेयी के प्रयासों से उनके गांव बटेश्वर को मिली ट्रेन की सुविधा Order Copyright @ 2016 Drishti The Vision Foundation, India. All rights reserved 0-200 यूनिट टेक रिव्यू 27 जुलाई 2018 भास्कर के पाठकों के लिए पहली तस्वीर New Delhi, New Delhi, Delhi बिजली कंपनी ग्वालियर व भोपाल रीजन में उन अधिकारियों को 15 अगस्त को सम्मानित कर रहा है, जिन्होंने अपने डिवीजन व जोन में लाइनलॉस नीचे लाया है। चोरी पर लगाम लगाई है और कंपनी का राजस्व बढ़ाया है। बकाया भी वसूल किया है। ग्वालियर सिटी सर्कल में नगर संभाग उत्तर का नाम पुरस्कार के लिए भेजा गया है। जोन में चावड़ी बाजार व रोशनी घर जोन का नाम भेजा गया था। 15 अगस्त को पुरस्कार के लिए इनके नाम का चयन हो गया है, जबकि इन जोनों ने उपभोक्ताओं के साथ बड़ा धोखा किया है। औसत बिल व आंकलित खपत के बिल देकर अवैध उगाही कर ली गई और लॉस को नीचे दिखाया गया हैं। (c)    Better health services ITMI डीएओ और आईसीओ पर सीईसी के नियम, समझाया Powered by: विवो एक्स 21 128जीबी (ब्लैक, 6 जीबी रैम) देश भर में सबसे महंगी हुई राजस्थान में बिजली, जाने कैसे 'सरकारी मिस-मैनेजमेंट' से जनता को लग रहा 'करंट' दस का दम दिल्ली में बिजली की दरों में बढोतरी की आहट सुनाई दे रही है. निजी बिजली कंपनियों ने घाटे का हवाला देकर बिजली की दरें बढ़ाने की मांग की है और दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी अथॉरिटी के पास अपनी अर्जी भी लगा दी है. फिल्‍मी खबरेंट्रेलरगॉसिपफिल्म समीक्षाइंटरव्यूछोटा पर्दा स्टार टॉक वायरल वीडियो बर्थडे स्पेशल परदेसी सिनेमा अरवल टेक्नोलॉजी इसे स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी कहें या गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र का असर, उत्तराखंड में 17 साल में पहली बार बिजली की दरें कम हुई हैं. उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने राज्य में बिजली की नई दरों को मंज़ूरी दे दी है. एक व्यक्ति की मौत के बदले गुस्साई भीड़ ने ली 300 मगरमच्छों की जान जयपुर डिस्काॅम के प्रबन्ध निदेशक आर.जी.गुप्ता ने बताया कि योजनाओं के प्रति उपभोक्ताओं के अच्छे रुझान को देखते हुए एमनेस्टी योजना,स्वैच्छिक भार वृद्धि एवं श्रेणी परिवर्तन घोषणा योजना एवं लम्बित वीसीआर निस्तारण योजना की अवधि को दो माह बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि विद्युत एमनेस्टी योजना के तहत अधरेलू, औद्योगिक एवं मिक्स्ड लोड श्रेणी के 31 मार्च 2017 तक कटे हुए कनेक्शन के उपभोक्ता तथा घरेलू,कृृषि, एसआईपी (ग्रामीण) श्रेणी व केन्द्र एवं राज्य सरकार के विभागों के किसी भी श्रेणी के विद्युत कनेक्शन के नियमित / कटे हुए कनेक्शन के उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिलेगा चाहे उनके कनेक्शन कभी भी कटे हों। श्रेणी परिवर्तन घोषणा के तहत घरेलू श्रेणी के उपभोक्ता, जो अघरेलू श्रेणी में विद्युत का उपभोग कर रहे हैं वे सामान्य दरों पर कनेक्शन को अघरेलू श्रेणी में परिवर्तित करवा सकते हैं। By Hussain Kanchwala on April 11, 2018 सोलर पावर से बनी बिजली कोयले से सस्ती ट्रेंडिंग 7 Views -800-1200 यूनिट अब आपको मिलवाते हैं कश्मीर की रहनेवाली इंशा बशीर से। इंशा बशीर इन दिनों चर्चा में हैं क्योंकि इन्होंने व्हीलचेयर पर होने के बावजूद कश्मीर के लिए बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया और अब इंशा बाकी युवाओं के लिए मिसाल बन गई हैं। म. प्र. पावर मेनेजमेन्ट क. लि. गोलगप्पे की कहानी: क्या है महाभारत की कुंती और मगध साम्राज्य से कनेक्शन? फरीदाबाद से आगे रहा बल्लभगढ़ स्टेशन Motorola P30 हुआ लॉन्च, जानें इस स्मार्टफोन में क्या है खास हेल्थ एंड ब्यूटी अस्वीकरण   |   कॉपीराइट नीति   |   हाइपरलिंक नीति   |   प्राइवेसी नीति  |   नियम व शर्तें  |   सहायता विंडएनर्जी एक्सपर्ट ओपी तनेजा कहते हैं कि इससे पहले भी विंड एनर्जी का रेट 3.46 रुपए प्रति यूनिट से घटकर 2.64 रुपए प्रति यूनिट हो गया था। फिर भी बिजली कंपनियों ने बिजली खरीद में रुचि नहीं ली। FOLLOW (36) अम्बा प्रसाद This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. 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OK 200 से अधिक 4.50          ब्लॉग Like7.4M कांवड़ियों से भरी बस डिवाइडर पर चढ़ी, हादसे में 35 लोग घायल ई एम आई / ई एम सी प्रयोगशाला ये किया तो ग्राहक होंगे योजना से बाहर AAPVerified account अन्य वेस्ट मैनेजमेंट के लिए एक्सपर्ट कमिटी बने: सुप्रीम कोर्ट सिंचाई सगाई से पहले देर रात हाथों में हाथ डाले दिखे निक और प्रियंका, परिवार संग डिनर डेट को किया एन्जॉय Username or Email Address Of India (*On an order value between Rs. 10, 000 and Rs. 14,999) म. प्र. पुर्व क्षेत्र विद्युत वितरण क. पिज्ज़ा ब्रैड, कंडस्ड मिल्क, फ्रोज़न सब्जियां, जीवन रक्षक दवाइयां और मिठाइयां इस स्लैब में रखी गई हैं। कोयला भी इसी स्लैब में है। इस पर पहले 11.69 प्रतिशत टैक्स लगता था। इसके चलते बिजली उत्पादन महंगा होता है। चीनी, चाय, कॉफी और खाने का तेल भी इसी स्लैब में हैं। अब तक इन पर 9% टैक्स लगता था। सामान्य अध्ययन टेस्ट विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाया है कि बिजली वितरण कंपनियों से सरकार की मिलीभगत के कारण बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली नहीं मिल पा रही है। Show More plus minus Bharatiya Janata Party (BJP) श्रीनगर बिजनेस न्यूज़ बक्‍सर क्या विदेशी निवेश बढ़ेगा महज 3.7 सेकंड्स में 0-100 kph की स्पीड पकड़ेगी Audi की RS6 Avant... Skip to main content हर महीने बिजली कंपनी कार्यालय में बिल जमा की आखिरी तारीख पर बिल राशि भरने के लिए लाइनें लगती है लेकिन शनिवार को आखिरी तारीख के बावजूद जमा काउंटर खाली पड़ा रहा। इस महीने 13500 में से 5 हजार उपभोक्ताओं ने बिल जमा करवाए। बाकी माफी के चक्कर में बिल भरने नहीं पहुंचे। कंपनी कार्यालय में भीड़ लगी, लेकिन 200 रुपए महीने में सस्ती बिजली और बिल माफी का लाभ लेने वालों की। सभी असंगठित श्रमिक संगठन के पंजीयन नंबर लेकर कंपनी कार्यालय में फॉर्म भरने पहुंच रहे हैं। पांच दिन में एक हजार पंजीयन हो चुके हैं। शनिवार को एक साथ 350 से ज्यादा लोग पहुंच गए। हालांकि 100 यूनिट से ज्यादा खपत और जिन्होंने जल्दबाजी में बिल राशि जमा कर दी, उन उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिलेगा या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ना ही अधिकारियों के पास इसका स्पष्ट जवाब है। दुनिया मेरे आगे: सड़क पर पन्ने RC Desk1, December 04,2017 05:57:02 PM ‘हार नहीं मानूंगा, रार नई ठानूंगा’ निजी अस्पतालों और क्लिनिक को बिल में 5 % की छूट बिजली आपूर्ति में सुधार के सपा सरकार के लम्बे-चौड़े दावे, इसी सरकार के अन्य सभी वादों व दावों की तरह ही कागज़़ी व हवा-हवाई साबित होते हुए साफ़ तौर पर लोगों को दिख रहे हैं। इतना ही नहीं बल्कि ’’अपराध-नियंत्रण व क़ानून-व्यवस्था एवं जनहित व विकास’’ के मामलों में वर्तमान सपा सरकार का रिकार्ड जितना ज़्यादा खऱाब व दयनीय है। आमजनता की राय सपा सरकार के प्रति जितनी ज़्यादा खराब है, उतना ही खऱाब स्थिति बिजली की उपलब्धता के मामले में भी हैं। गौरतलब है कि ऊर्जा मंत्रालय इस पर तैयार किए गए मसौदे पर विशेषज्ञों से अंतिम चर्चा कर रहा है। माना जा रहा है कि जल्द वह इस पर आगे कदम बढ़ाएगा। डीईआरसी ने बताया कि बीएसईएस की दोनों कंपनी यमुना और राजधानी ने इस पीरियड में 4354 लाख 65 हजार यूनिट बिजली खरीदी। 75 फीसदी से अधिक बिजली 2.42 रुपये प्रति यूनिट से लेकर 4.50 रुपये प्रति यूनिट के बीच खरीदी गई। इस बिजली को 3.90 रुपये प्रति यूनिट से लेकर 7.90 रुपये प्रति यूनिट तक बेचा गया। फेडरेशन का आरोप है कि इससे साफ जाहिर होता है कि बिजली कंपनियां मोटा मुनाफा कमा रही हैं और लॉस का हवाला देकर बिजली की दरों को बढ़वाने के लि एडीईआरसी पर दबाव बनाती हैं। विद्युत कैलकुलेटर - विद्युत सेवा विद्युत कैलकुलेटर - सस्ते बिजली की आपूर्ति विद्युत कैलकुलेटर - व्यापार बिजली की कीमतें
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