इलाज कराने गई थी विवाहिता और डॉक्टर करने लगा दुष्कर्म का प्रयास, फिर मच गया बवाल June 26, 2018 अधिनियम  Breaking News Catch up instantly on the best stories happening as they unfold. दृष्टि मैगज़ीन हेल्थ टॉप स्टोरी ऊर्जा से जुड़े प्रमुख संस्थान इन सब के बावजूद देश को एक ऊर्जा तंत्र की आवश्यकता है, जो निष्पक्षता, दक्षता और स्थिरता के सिद्धांत पर काम करने वाला हो। इस योजना के तहत 16,320 करोड़ रुपए गरीबों के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन लाने में खर्च किये जाएंगे। जिस गाँव में अब तक बिजली नहीं पहुँची है, वहाँ तय समय से पहले दिसंबर 2017 तक बिजली पहुँचा दी जाएगी। You can add location information to your Tweets, such as your city or precise location, from the web and via third-party applications. You always have the option to delete your Tweet location history. Learn more सदर्न रेलवे में सफाईवाला के 257 पद 1600 पल्स / केडब्ल्यूएच हिन्दुस्तान टीम 15-05-2018 महाबीर सिंह चौधरी विदेशी मामले सामाजिक विकास ऑटो रिव्यू वित्तीय समावेशन को मापने वाला ग्लोबल फाइंडेक्स डेटाबेस 2017 और वर्ल्ड बैंक की ओर से जारी फिनटेक रिवॉल्यूशन के मुताबिक, ‘दुनिया भर में 13 फीसदी वयस्क और 20 फीसदी खाताधारियों के पास निष्क्रिय खाता है जिसमें पिछले 12 महीने से कोई पैसा न जमा किया जा रहा है और न ही निकाला जा रहा है और न ही किसी डिजिटल तरीके से ही उसमें कोई लेन-देन हो रहा है.’ अध्यक्ष भारतीय जनता युवा मोर्चा पुंछ SHIMLA WOMEN ACCIDENT कपिल शर्मा जयपुर में देर रात झमाझम बारिश, मौसम हुआ ठंडा, सड़कों पर जगह-जगह भरा पानी पंजाब सरकार ने बिजली दरें बढ़ाकर आम आदमी पर बोझ डाला कोडरमा Desimartini.com केन्द्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व राज्य सरकार के कार्यो की तारीफ की. कहा, मुख्यमंत्री राज्य हित की परियोजनाओं की केन्द्र सरकार से लगातार प्रभावी पैरवी करते हैं. ऐसे में राज्य सरकार का कोई काम केन्द्र स्तर पर नहीं रुक सकता. कहा, राज्य में बिजली की उपलब्धता बढ़ी है. ऊर्जा विभाग ने अपना घाटा दूर किया है. विभाग ने करीब 200 करोड़ की आय भी अर्जित की है. आमने-सामने गैजेट्स नया 2019 तक प्रदेश के हर घर तक बिजली :  योगदानकर्ता PDP नेता मुजफ्फर हुसैन बेग का विवादित बयान, पीएम नरेंद्र मोदी को दी चेतावनी LoveSutras How Does an Air Conditioner Work – A layman’s explanation Edited By Vijay, वैकल्पिक विषय प्रश्नोत्तर एकीकृत रिसोर्स प्लानिंग प्रभाग ग्रामीण क्षेत्र      © Bhaskar News Network Copyright © 2017 Reporters Corridor. All rights reserved. न्यूज़लैटर DRISHTI INDEPENDENCE DAY OFFER FOR DLP PROGRAMME View Details लग्जरी फीचर्स से लैस Renault Kwid को देखकर कोई भी हो जाएगा दीवाना, कीमत 3 लाख से भी कम आज है आधार से पैन कार्ड लिंक कराने की आखिरी तारीख, आयकर विभाग की वेबसाइट हुई क्रैश Rohtas HTET How Does an Air Conditioner Work – A layman’s explanation लाइफस्‍टाइल बाड़मेर से भीनमाल तक 144 किमी लंबी 400 केवी बिजली सप्लाई की लाइन का काम पूरा,139 करोड़ के काम में 399 टॉवर लगने हैं, अब सिर्फ 22 लगने ही बाकी, अगस्त से बेहतर होगी बिजली सप्लाई Slovenčina मेक इन इंडिया बिजली बचाने वाले इन घरों को दुनिया भर में पसंद किया जा रहा है. फ्रैंकफर्ट के पुराने घरों में सुधार करने की योजना है. इतना ही नहीं शहर का प्रशासन स्कूल, किंडरगार्टन, ऑफिस मिला कर करीब 80,000 घरों को पैसिव हाउस में ढालना चाहता है. . नई दिल्ली, 30 मार्च 2018, अपडेटेड 11:28 IST टॉपिक्स चुनें भाषा ऐक्सेसरीज सलमान खान की लग्जीरियस वैनिटी वैन में है मेकअप और स्टडी रूम, भारत के प्रोड्यूसर ने शेयर किए फोटो 48 mins February, 2016 क्राइम हेल्थ शिक्षा वायरल न्यूज़ धर्म-कर्म साइंस-टेक More From NBT आज के रुझान Cashback on offer price: 2000 हर महीने बिजली कंपनी कार्यालय में बिल जमा की आखिरी तारीख पर बिल राशि भरने के लिए लाइनें लगती है लेकिन शनिवार को आखिरी तारीख के बावजूद जमा काउंटर खाली पड़ा रहा। इस महीने 13500 में से 5 हजार उपभोक्ताओं ने बिल जमा करवाए। बाकी माफी के चक्कर में बिल भरने नहीं पहुंचे। कंपनी कार्यालय में भीड़ लगी, लेकिन 200 रुपए महीने में सस्ती बिजली और बिल माफी का लाभ लेने वालों की। सभी असंगठित श्रमिक संगठन के पंजीयन नंबर लेकर कंपनी कार्यालय में फॉर्म भरने पहुंच रहे हैं। पांच दिन में एक हजार पंजीयन हो चुके हैं। शनिवार को एक साथ 350 से ज्यादा लोग पहुंच गए। हालांकि 100 यूनिट से ज्यादा खपत और जिन्होंने जल्दबाजी में बिल राशि जमा कर दी, उन उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिलेगा या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ना ही अधिकारियों के पास इसका स्पष्ट जवाब है। यूपी के 100 स्कूलों को मिला हिंदी कीबोर्ड, शुरू हुआ उज्जवल विकास अभियान Server Error Infographics Hindi NewsPhotomazzaBusiness PhotogalleryDeendayal Electricity Scheme 300 मीटर ऊंची उत्तर भारत की बुर्ज खलीफा बनकर तैयार, नजीब जंग का भी बनेगी ठिकाना 55 mins Hindi NewsMetroLucknowDevelopmentElectrical Regulatory Commission New Electricity Rate In Uttar Pradesh राम अवतार सिंह मेमोरियल चैरिटेबल सोसाइटी © One.in Digitech Media Pvt. Ltd. All Rights Reserved. Edited By उनका जवाब था, ‘जन धन खाते ग्राहकों के अनुरोध पर बंद किए गए हैं. कुछ जन धन खाते ग्राहकों के अनुरोध पर साधारण बचत खातों में तब्दील करवाने की वजह से बंद हुए हैं. कुछ मामलों में ये खाते इसलिए बंद करवाए गए हैं क्योंकि एक ही बैंक में एक आदमी के कई खाते पहले से थे.’ वातावरण की उपेक्षा की यह स्थिति थी कि खुदाई तथा सुरंग बनाने से निकला सारा मलवा खुलेआम नदी में डाला जा रहा था। योजना बनाने वालों ने किंचित भी परवाह नहीं की कि ऐसा करने से पानी दूषित हो जाएगा तथा जल में रहने वाले जीवों की हानि होगी। जो वृक्ष या वन लगाने की बात योजना वालों ने की थी वह पूरी नहीं की गई। अड़तीस प्रतिशत योजनाओं ने कोई पेड़ नहीं लगाए, योजनाओं की सड़कें तथा सुरंगें बनाने से पहाड़ों के ढलानों को नुकसान हुआ। इन सब बातों का प्रतिकूल प्रभाव नदियों के नीचले भागों में पड़ा। नीचे के जल प्रवाह की माप होनी चाहिए थी तथा उसके मानदंड बनाए जाने चाहिए थे ताकि योजनाओं का वातावरण पर दुष्प्रभाव न पडे, उससे भूमिगत पानी का संचय हो रहा है या नहीं। सिंचाई के लिए क्या बचा पानी पर्याप्त है कि नहीं तथा नदी में कितनी बालू-मिट्टी जमा हो रही है ? यह देखा जाना चाहिए था कि योजनाओं के बनने के बाद पर्यावरण तथा प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और उसकी लगातार समीक्षा होनी चाहिए थी। बिजली यंत्रों को चलने से यदि कोई दुष्प्रभाव पड़ रहा है तो उनके संचालन में बदलाव किया जाना चाहिए था। भारत सरकार के सुझावों के अनुसार एक प्रतिशत बिजली सरकार को सहायता के लिए मुफ्त दी जानी चाहिए थी। Time: 2018-08-18T05:25:45Z NewsCode Jharkhand | 18 August, 2018 10:34 AM 4- डीजल/विद्युत पम्प सैट योजना.. gdcchanderi लोकायुक्त ने बिजली कंपनी के जेई के खिलाफ पेश किया चालान प्रेरक प्रसंग▼ 100 से ऊपर    3.15        6.70 पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन | देशभर में शोक की लहर हकीकत या कहानी : दुनिया के अनसुलझे रहस्य, जो अाज भी बने हुए है अबूझ पह... नारी जैनुल अंसारी Mid-Day हिंदी Switch to ENGLISH हसीन जहां नहीं, सिर्फ अपनी बेटी का खर्च उठाएंगे मोहम्‍मद शमी, कोर्ट से मिली बड़ी राहत INDORE: रुपए के लालच में निर्वस्त्र हो गई महिला, तांत्रिक ने रेप किया | MP NEWS कच्चे कर्मचारियों को हटाए जाने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी हरियाणा सरकार आर-पार : आज़ादी मिल गई लेकिन हमारे जवानों को शहादत से आज़ादी कब मिलेगी? Image Source: Google डाक टॉलीवुड प्रिया की तरह एक वीडियो से छा गया MP का यह शख्स, देश भर में वायरल हुआ ... FOLLOW US: Recent Posts कतरास RSS| FR / ES / DE / RU #JusticeForNoura "On Monday morning, just as we set out for our daily walk, my mother told me the story of Noura Hussein :  At 16, Noura was forcibly married off by her father. She refused… Read more इन कंपनियों ने जबलपुर सहित पूर्व क्षेत्र बिजली कंपनी अंतर्गत कई जिलों में फीडर सेपरेशन, सिस्टम स्टेबलिंग, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युत योजना (आरजीजीवीवाय) के अरबों के काम लिए थे। कंपनियों द्वारा काम समेट लिए जाने से सभी जगह काम ठप पड़े हैं। कहीं फीडर सेपरेशन का काम आधा हुआ है तो कहीं ग्रामीण विद्युत योजना का काम अटक गया है। मनीष जयसवाल मोदी ने 2014 के आम चुनावों के प्रचार के दौरान नौकरी देने का वादा किया था. लेकिन सत्ता में आते उन्होंने पलटी मारते हुए कहा कि वो युवाओं को नौकरी देने की बजाए उन्हें नौकरी सृजित करने वाला बनाना चाहते हैं. लेकिन अर्थशास्त्री मोदी सरकार के इस यू-टर्न से सहमत नहीं हैं. वे इसे एक मुद्दे को भटकाने वाली चाल के रूप में देखते हैं. इस तरह के लोन बहुत कम समय के  लिए रोजगार तो पैदा कर सकते हैं लेकिन पूर्ण-कालिक रोजगार नहीं. ranchi पाकिस्‍तान जाकर नवजोत सिंह सिद्धू को याद आए अटल, जानिए- क्या कहा Facebook Messengerसब्सक्राइब केरल बाढ़: अब तक 167 की मौत, सीएम विजयन ने दी जानकारी, 13 जिलों में रेड अलर्ट घोषणाएँ Log On मॉडल संख्या: DDSY168-मैं बारूद के ढेर पर बैठा शिंजियांग (f)    Improved quality of life especially for women ब्यबसा इन्ट्रानेट केन्द्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व राज्य सरकार के कार्यो की तारीफ की. कहा, मुख्यमंत्री राज्य हित की परियोजनाओं की केन्द्र सरकार से लगातार प्रभावी पैरवी करते हैं. ऐसे में राज्य सरकार का कोई काम केन्द्र स्तर पर नहीं रुक सकता. कहा, राज्य में बिजली की उपलब्धता बढ़ी है. ऊर्जा विभाग ने अपना घाटा दूर किया है. विभाग ने करीब 200 करोड़ की आय भी अर्जित की है. DISTRIBUTION ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि लोगों ने बेकार हो गए 500 और 1000 के नोट को अपने बैंक खातों में जमा करवाया था. इसके बाद इन खातों में जमा राशि में गिरावट आ गई और मार्च 2017 के बाद से फिर से इसमें बढ़ोतरी शुरू हुई. कटिहार 15 साल बाद पृथ्वी के सबसे करीब पहुंचा मंगल ग्रह, यहां देखें LIVE हिन्दू जागरण मंच ने वीरपुर से नौलागढ़ तक निकाली शोभा यात्रा, पुलिस रही चौकस इलेक्ट्रिक चॉइस - सबसे कम बिजली दरों इलेक्ट्रिक चॉइस - सस्ते बिजली ह्यूस्टन इलेक्ट्रिक चॉइस - बिजली चुनें
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