शासन और प्रशासन 0-50        2.65        6.15     July 15, 2018 दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Delhi आप यहाँ हैं: 16 Views बिजली कंपनी ने 12 लाख यूनिट के फर्जी बिल वसूल लिए Englishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡ 10 दिसंबर 2017 संबंधित सामग्री 1500MVA लघु पथन प्रयोगशाला i गुफा में फंसे बच्चों को सीखनी होगी गोताखोरी 03.07.2018 Français VIDEO: आरएएस भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों ने दिया धरना, नियुक्ति देने की मांग Sir kya dhaniyooo m water or bijli k liye Naya transformer or Pani ki pipe line ki suvidha milegi रजनीश कुमार बीबीसी संवाददाता Radar भारतीय विद्युत क्षेत्र में आरएसओपी की प्रासंगिकता : कुटीर ज्योति 6.08 3.58 2.50 3.44 3.17 ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 09 Dec 2017 08:40 PM IST रेडियो India TV Contest बिजली कंपनियों के घाटे की पड़ताल नहीं की गई और हर साल कंपनियां अपने घाटे को कानूनी जामा पहनाती जा रही हैं, लेकिन सरकार की लापरवाही की वजह से उनका दावा कानूनी तौर पर पुख्ता हो रहा है, दूसरी मंजिल, ए 1-ए 7 के बीडी ए 4, हेन्गकेंग गुआंतियान टेक पार्क, बीहुआन आरडी, शियान, बाओन जिला शेन्ज़ेन, चीन हेल्थ-फिटनेस सौभाग्य बिजली योजना (Pradhan Mantri Sahaj Bijli Har Ghar Yojana )के कुछ मुख्य आकर्षण यह नीचे दिए गए हैं:- विद्युत योजना में धांधली, ठेकेदार का रोका भुगतान उल्लेखनीय है कि कृषि एवं उद्योग तथा कुछ अन्य श्रेणियां तो सबसिडी से लाभान्वित होंगी परंतु घरेलू और कमॢशयल उपभोक्ताओं पर ही इसका बोझ पड़ेगा और ऐसा करके स्वयं को जनहितैषी बताने वाली कांग्रेस सरकार ने लोगों पर बोझ ही डाला है। पहला सवाल – लोगों के मन में अक्सर सवाल पैदा होता है की इस नई योजना का उद्देश्य क्या है? # Dehradun News Today विषय शिक्षा विभाग को पता नहीं: 17 अगस्त अवकाश है | MP NEWS उप प्रमुख, बेंगाबाद मेरा पैसा इतिहास पंजाब                                100                5.21 रुपए कमोडिटी # Dehradun News Live Moneycontrol VIDEO: मेयो कॉलेज में छात्र के उत्पीड़न मामले ने तूल पकड़ा होरोस्कोप जब इमरान खान की चुनौती ने बदलवा दी गावस्कर के रिटायरमेंट की तारीख... बिजली मीटर लगाने में हीला हवाली से आयोग नाराज "उदय" समझौता ज्ञापन पर माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश का सन्देश मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की अोर से वर्ष 2017-18 में बिजली उपभोक्ताओं को कुल 2952 करोड़ रुपये सब्सिडी के रूप में दी जायेगी. वित्तीय वर्ष 2016-17 में सरकार ने 2704 करोड़ की सब्सिडी  दी गयी. इस तरह इसमें कुल 248 करोड़ की वृद्धि की गयी है. वित्तीय वर्ष 2016-17 में राज्य में विद्युत उपलब्धता करीब 24,905 मिलियन यूनिट है, जबकि नये वित्तीय वर्ष में यह बढ़ कर 30740 मिलियन यूनिट हो गयी है, जो पिछले वर्ष से 23% अधिक है.  राज्यों के बिजली वितरण की उपयोगिता की यह छठवीं रिपोर्ट ऊर्जा मंत्रालय ने इसी महीने जारी की है। यह रैकिंग कंपनी के कामकाज, आर्थिक, पारदर्शिता व सरकारी मदद आदि के आधार पर जारी की जाती है। इससे पहले मंत्रालय ने मई 2017 में रैंकिंग जारी की थी। 1. माना की पीएम मोदी बहादुर हैं, पर प्रेस से क्यों दूर हैं? मुझे शिकायत है ... RC चकल्लस Back Top देहरादून (भाषा)। उत्तराखंड में बिजली की दरों में औसतन 5.72 प्रतिशत की वृद्धि की गई है जो आगामी एक अप्रैल से प्रभावी होगी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने यहां बताया कि अगले वित्त वर्ष 2017-18 के लिए की गई इस वृद्धि के बावजूद उत्तराखंड में बिजली पूरे देश में अब भी सबसे सस्ती है। जवाब – नहीं, किसी भी श्रेणी के उपभोक्ताओं को मुफ्त में बिजली प्रदान करने के लिए इस योजना में कोई प्रावधान नहीं है। उपयोग की गयी बिजली की लागत का भुगतान संबंधित उपभोक्ताओं को डिस्कॉम / बिजली विभाग द्वारा तय की गयी यूनिट के आधार पर करना होगा। BREAKING NEWS इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा से मिले नवजोत सिंह सिद्धू थीम चुनें ? टेस्ट सीरीज Delete All Cookies Terms मनोरंजन Follow us NIOS Dled Use the search bar at the top to find what your looking for. Copyright © Prabhasakshi.com. All Rights Reserved. प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर सरकार की मार लगातार बढ़ती जा रही है। अगर पड़ोसी राज्यों से तुलना की जाए तो राजस्थान इकलौता ऐसा प्रदेश बन गया है, जहां मध्यमवर्ग के परिवारों को भी लगभग 7 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिल का भुगतान करना पड़ रहा है।  धर्म-आस्था हाईकोर्ट ने यह फैसला इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने वित्त सचिव से पावर प्रोड्यूसर्स की शिकायतें सुनने को कहा है। अदालत ने वित्त सचिव से इन दिक्कतों के समाधान की संभावना तलाशने को भी कहा है। बगहा पदक तालिका LIKE US ON रघुवर सरकार के इस निर्णय से आम जनता पर काफी बोझ बढ़ेगा। औसतन सभी वर्गों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में 40 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार की यह घोषणा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बढ़े हुए बिजली दर की भरपाई सरकार द्वारा प्रस्तावित सब्सिडी से की जाएगी, महज आईवाश है, यह जनता को भरमाने की बात है। puja-paath2 days ago Whatsapp Aug 31 2017 7:26AM केजरीवाल सरकार का दावा है कि दिल्ली में पिछले 4 सालों से बिजली की कीमतें नहीं बढ़ी हैं. जानकार कहते हैं कि दिल्ली सरकार के इस दावे में दम नहीं है क्योंकि बिजली के रेट पिछले सालों में सीधे तौर पर भले न बढ़े हों लेकिन 3.70 फीसदी पेंशन फंड के नाम पर सरचार्ज लगाया गया था. यानि 100 रुपये पर तीन रुपये सत्तर पैसे. त्वरित सम्पर्क MTV India Photos संगीता तिवारी ‘भारत’ के सेट पर इस लग्जरी वैनिटी वैन का यूज कर… असम यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं गुलजार, देश के कई स्कूलों की प्रेयर बन गई उनकी रचना हमको मन की शक्ति देना 3 mins कॉपीराइट नीति जीवनशैली आयकर संग्रह 2017-18 में रिकॉर्ड 10.03 लाख करोड़ रुपए, रिटर्न की संख्‍या में 1.3... हमारी पुस्तकें व्यंग्य तस्वीरें पूर्व पावर सेक्रेटरी पी उमाशंकर का कहना है कि दिल्ली सरकार के बिजली सस्ती करने से पावर कंपनियों के ऊपर कोई असर नहीं होगा। इससे डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के फाइनेंस पर कोई असर नहीं होगा क्योंकि राज्य सरकार को इसपर सब्सिडी देनी होगी। Team प्रधान मंत्री सहयोगी बिजली हर घर योजना की मुख्य विशेषताये:- नाराज महिलाएं बोली- हजारों में बिल देंगे तो खाएंगे क्या साहब Promoted by 226 supporters VIDEO- विपक्ष पर PM का हमला, अभी भी कुछ लोग तीन तलाक बिल के विरोधी   Saturday,August 18, 2018 ई मेल: [email protected] इनोवेशंस अजमेर में 5551 युवाओं ने हेलमेट के साथ निकाली वाहन रैली, बना रिकॉर्ड Photos for Class – Search for School-Safe, Creative Commons Photos (It Even Cites for You!) Promoted by 85 supporters केबिल तथा चालक 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बकाये वाली 12 कंपनियों को एसएमए-1 या एसएमए-2 कैटेगरी में रखा गया है। एक बड़े बैंक के सीनियर अधिकारी ने बताया कि इसका मतलब यह है कि ड्यू डेट के 30 से 60 दिनों के अंदर इन कंपनियों ने मंथली किस्त नहीं चुकाई है। एसएमए का मतलब यहां स्पेशल मेंशन एकाउंट है। प्रशासनिक संरचना "बिट्कोइन की मौत और क्रिप्टोकाउंक्चर का भविष्य" - अल्फा की मांग | $ 4, 576. 90 %E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A4 %E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE नानी मां के नुस्खे 0 उदय का प्रभावित क्रियान्वयन। (उदय यानी उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना बिजली वितरण कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए 2015 में शुरू की गई है।) सस्ता ऊर्जा - रात में सस्ता बिजली सस्ता ऊर्जा - बिजली कंपनियों की तुलना करें सस्ता ऊर्जा - विद्युत प्रदाता
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