Contact us (संपर्क करें) सौभाग्य-प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना अटल बिहारी वाजपेयी: किसी को श्रद्धांजलि देते वक़्त हम पाखंड क्यों करने लगते हैं जागरण संवाददाता, मोहाली : चंडीगढ़ के बाद अब मोहाली में भी सस्ते बिजली उपकरण मिलेंगे। जिनमें बल्ब से लेकर ट्यूबलाइट और पंखे शामिल हैं। यह योजना एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) और पंजाब स्टेट पावर सप्लाई लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की ओर से आयोजित कार्यक्रम के तहत शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी एलईडी उपकरण बहुत कम बिजली की खपत करते हैं। स्कीम को लांच करने का उद्देश्य पंजाब की बिजली की खपत कम करना है। जल्द ही शहर में जगह-जगह कैंप लगाकर उजाला स्कीम के तहत लोगों को किफायती कीमत पर ये एलईडी बिजली उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। इससे न सिर्फ लोगों को सस्ते बिजली उपकरण मिलेंगे बल्कि बिजली की खपत कम होगी। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिजली के यूनिट कम खर्च होने से विभाग को सरपल्स बिजली तो मिलेगी ही। इसके साथ-साथ लोगों के बिजली के बिल भी कम आएंगे। विभाग की ओर से लोगों को इनके इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने के लिए अब जगह-जगह पर शिविर लगाए जाएंगे। उपभोक्ताओं को जो बल्ब और ट्यूबलाइट्स मुहैया करवाई जाएगी, उसकी तीन साल की वारंटी होगी। वहीं, साधारण बल्बों के मुकाबले एलईडी बल्ब 10 फीसद ज्यादा असरदार हैं। योजना के तहत दिए जाने वाले सीलिंग फैन पारंपरिक पंखों के मुकाबले ऊर्जा में 30 फीसद ज्यादा बेहतर होंते हैं। प्रधान मंत्री सौभाग्य बिजली हर घर योजना का मुख्य उद्देश्य – सौभाग्य योजना एक बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों का विद्युतीकरण करना है, जो उत्पादन क्षेत्र में मदद करेगा, बिजली की मांग को आगे बढ़ाकर सामाजिक और आर्थिक लाभों की वृद्धि करेगा। और विद्युत मंत्रालय नोडल प्राधिकरण है जिसकी जिम्मेदारी देश में प्रत्येक परिवार को बिजली कनेक्शन प्रदान करने और लक्ष्य पूरा करने की जिम्मेदारी है इतिहास झालावाड़ भाजपा नेता अध्यक्ष सामाजिक कल्याण सेवा समिति ©cea.nic.in - केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण, सेवा भवन, रामाकृष्ण पुरम, सेक्टर-1, नई दिल्ली - 110 066 हम चीन के लिए सर्च इंजन बनाने पर गूगल की सफाई, अभी कोई फैसला नहीं लिया गया अधिक लेटेस्ट खबरों के लिए यहां क्लिक  करें। खास बातें अख्तर हाशमी यह पहली बार नहीं है, जब दिल्ली में बिजली के फिक्स चार्ज में बढ़ोतरी की गई है. इससे पहले भी कई बार फिक्स चार्ज में वृद्धि की जा चुकी है. वहीं, DERC ने बिजली की कीमतों में कटौती करके आम जनता को राहत देने की बात कही है, लेकिन हकीकत यह है कि यह आंकड़ों का हेरफेर ही है. इससे आमजन को कोई खास राहत नहीं मिलने वाली है.   LIVE TV सोसायटी भी बिजली विभाग के निशाने पर Click to share on Facebook (Opens in new window) जहां मन करता है उड़ जाता है ये जोड़ा नदी घाटी/बाढ उन्मुख नदी योजना विजया बैंक ने रिलायंस नेवल का कर्ज NPA कैटेगरी में डाला निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? लता मंगेशकर ने गाना रिलीज कर दी अटल बिहारी वाजपेयी को अपनी श्रद्धांजलि, देखिए वीडियो संत कबीर दास के दोहों में छुपा है जीवन को सफल बनाने का सूत्र 43 mins Tip of the Day साइबर संसार CARSFACTOR हरियाणा के बिजली निगमों ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर काम आरंभ कर दिया है। पिछले सप्ताह शिमला में हुए देशभर के बिजली मंत्रियों के सम्मेलन में हरियाणा ने कोयला कंपनियों की मनमानी का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया।   Write a Comment View more polls 5:57 VIDEO- जम्मू-कश्मीर में गाली गोली से नहीं, गले लगाकर बढ़ेंगे: PM मोदी national युवा एवं खेल गुजरात के खेड़ा में ट्रक और ऑटो रिक्शा की भिड़ंत, 5 की मौत। नोटिस काशीपुर बिजली कंपनियों को मिलेगा सस्ता कर्ज राज्य में बिजली अप्रैल के बाद महंगी होगी. झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के मुताबिक बिजली टैरिफ बढ़ाने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम ने प्रस्ताव दिया है. प्रस्ताव पर आयोग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाकर जनसुनवाई भी की है. प्रस्ताव की समीक्षा चल रही है. प्रक्रिया पूरी करने में अभी 20-25 दिनों का समय और लगेगा. उसके बाद ही टैरिफ में वृद्धि पर अंतिम आदेश जारी किया जायेगा. मालूम हो कि झारखंड बिजली वितरण निगम ने आयोग को वर्तमान दर में छह गुना तक वृद्धि करने का प्रस्ताव सौंपा है. जनसुनवाई के दौरान दर वृद्धि के विरोध में सामने आये सभी पहलुओं पर आयोग विचार कर रहा है. निगम के राजस्व को देखते हुए टैरिफ की दर निर्धारित की जायेगी. 150 यूनिट-- रु.4.40--4.90 गैर घरेलू 1 (ग्रामीण) 6.83 2.50 4.33 6.86 4.43 महिला और बाल कल्याण नई दिल्ली। भारत में अब सोलर पावर की कीमतें रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच सकती हैं। अमेरिका की कंपनी सन एडिसन ने भारत में सबसे कम कीमत पर सोलर बिजली बनाने का प्रोजेक्ट हासिल किया है। मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्युएबिल एनर्जी (एमएनआरई) ने आंध्र प्रदेश में 500 मेगावाट के सोलर पार्क के लिए बोलियां मंगवाई थी, जिसमें सन एडिसन ने 4.63 रुपए प्रति यूनिट की बोली लगाकर प्रोजेक्ट हासिल किया है, जो कि देश में सबसे कम है। इससे सस्ती बिजली मिलने की उम्मीद है, वहीं सोलर पावर कंपनियों के बीच प्राइस वार छिड़ सकती है। विशेषताएं + लाभ नया- ताजा 0 replies 0 retweets 2 likes शहरी क्षेत्र 02018-07-17T12:10:12 गाँवों केवल 6 से 8 घंटे बिजली मिलने की बात भी श्री यादव ने उठाई है। कांग्रेस ने 8 अप्रैल को अशोकनगर में बिजली दरें बढ़ाने के प्रस्ताव के विरोध में बड़ा प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद भी सरकार ने बिजली की दरें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस का कहना है कि वह इस बारे में जल्द ही तेज और प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। मीन Promoted by 24 supporters सलमान खान की लग्जीरियस वैनिटी वैन में है मेकअप और स्टडी रूम, भारत के प्रोड्यूसर ने शेयर किए फोटो 48 mins Surendra Kumar Jain‏ @skjain402 18 Aug 2015 उपविधि 15 सितंबर से एक अक्टूबर तक आवेदन लिया गया था. इसकी परीक्षा 23 अक्टूबर को ली गई थी. आईटी मैनेजर के 5 पद कंपनी में काम कर रहे कर्मियों के लिए था. सभी पदों में कंपनी के नियमानुसार प्रोबेशन पीरियड रखा गया था और इसके बाद सभी कर्मचारियों की सेवा स्थाई की जाने की बात कही गई थी. पिछले साल बहाली से संबंधित विस्तृत जानकारी कंपनी की वेबसाइट www.bsphcl.bih.nic.in पर उपलब्ध कराइ गई थी. जयनारायण मुंडा संजय कुमार देहरादून न्यू लॉन्च होम  » समाचार  » कारोबार  » जानिए ऐसा क्या करेंगे कि मिलेगा सस्ती ब्याज दर पर लोन Ambedkar Nagar Samastipur Bangla भारत के राज्य उत्पाद व सेवाएं NDTVBusinessHindiMoviesCricketGood TimesFoodTechAutoAppsPrime समस्त बोकारो वासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं छह महीने पहले बिजली कंपनी में अनुकंपा नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। इससे मृत कर्मचारियों के बच्चों को नौकरी नहीं मिल पा रही थी। ऊर्जा विभाग के इस फैसले का कर्मचारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया था। इस पर मप्र शासन ऊर्जा विभाग ने प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में लगी अनुकंपा नियुक्तियों पर से प्रतिबंध हटा लिया और अनुकंपा नियुक्ति आवेदनों पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। इससे कंपनी के सैकड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा और उन्हें नौकरी मिल जाएगी। Solve this simple math problem and enter the result. E.g. for 1+3, enter 4. बढ़ती उम्र को अगर दिखाना हैं जवां तो फॉलो करें ,ये टिप्स यूनिट        अभी है         आयोग का फैसला      टेली टॉक किशनगंज अंजय पासवन श्रीमती नीता पटेरिया को URL: https://www.youtube.com/watch%3Fv%3D7A-WiQj8SDA Spacial प्रतीकों के साथ 7 खंड एलसीडी भागलपुर के पीरपैंती व लखीसराय के कजरा में 1320-1320 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट लगना था लेकिन अब राज्य सरकार ने दोनों जगहों पर सोलर पावर प्लांट लगाने का निर्णय लिया है.राज्य कैबिनेट ने इसे मंजूरी भी दे दी है. दोनों जगहों पर ढाई-ढाई सौ मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगना है.  सड़क पर लाउड स्पीकर से हो रहा था अटल की सभा का एलान और बगल में खुद लगा रहे थे कार को धक्का एचटी आपूर्ति         5.98 से 6.35 के बीच नाबार्ड का सर्वे, किसानों की आमदनी में हुई 37 फीसदी की बढ़ोतरी जालौन Edited By Read More: Jagran Newsविद्युत योजनाधांधलीठेकेदारभुगतान खगड़िया Say a lot with a little नमस्कार दोस्तों…. सरकारी योजनाएँ – TheHowPedia पर आपका स्वागत है। हमारी यही  कोशिश रहती है की आपको हमेशा सही जानकारी मिले। हमारे द्वारा बताई गयी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी आधिकारिक सरकारी वेबसाइट, मुख्य अखबार और न्यूज चेनलों के द्वारा ली जाती है। अगर योजना या उनके नियमो मे कोई भी बदलाव होगा तो आपको सूचित करने का पूरा प्रयास करेंगे| लेकिन आपसे अनुरोध है कि यहाँ दी गयी किसी भी योजना की जानकारी पर फैसला या प्रतिक्रिया लेने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी अवश्य सुनिश्चित करें। क्योकि अगर आपको किसी असुविधा का सामना होता है तो हम इसके जिम्मेदार नहीं होंगे!  कोई भी सवाल या समस्या है तो कमेंट में लिखें। हम जल्दी ही सहायता करेंगे। अनुसंधान तथा विकास क्रियाकलाप विवरणिका राजनीति के 'अटल' युग का अंत, दिल्ली के एम्स में ली अंतिम सांस बैंकिंग पीएलसी / आरएफ संचार के साथ एसटीएस सिंगल फेज पावर मीटर प्रीपेमेंट कीपैड विद्युत मीटर Rate Card 11. राशि के अनुसार शादी की ड्रेसों का करें चयन, ग्रहों और रंगों का खुशियों से सीधा संबंध 100 यूनिट से ज्यादा खपत को लेकर भले ही स्थिति स्पष्ट नहीं है लेकिन 100 यूनिट तक 200 रुपए बिल आने पर 250 से 300 रुपए तक का फायदा होगा। ग्रामीण क्षेत्र में मौजूदा दरों से अभी 100 यूनिट पर 450 और शहरी क्षेत्र में 500 रुपए औसत बिल बनता है। इसमें से 200 रुपए ही भरना होंगे, बाकी राशि सरकार सब्सिडी के रूप में कंपनी को जमा करवाएगी। Bulgarian Български ENGvsIND: जो रूट ने कहा - स्टोक्स के लिए सैम को बाहर रखना बहुत कठिन फैसला उपयोगी अंग्रेज़ी लेखों के अनुवाद सक्रिय ऊर्जा किसान कर्ज माफी और जीएसटी से राज्‍यों का राजकोषीय घाटा बढ़ा : आरबीआई Copyright © 2018 Live Cities. All rights reserved. Time: 2018-08-18T05:26:37Z आरसी ब्यूरो, औरंगाबाद।  बीजेपी शासित राज्य महाराष्ट्र में राज्य विद्युत वितरण कंपनी की लापरवाही की वजह से एक गरीब ने खुदकुशी कर ली। ये घटना महाराष्ट्र के औरंगाबाद की है, जहां महाराष्ट्र राज्य बिजली बोर्ड (एमएसईबी) ने भारत नगर इलाके में रहने वाले भागिनाथ शेळके को 8 लाख 64 हजार रुपये का बिजली का भेजा दिया। इसके साथ ही 17 मई तक ये बिजली बिल न जमा करने पर 10 हजार रूपये के जुर्माने की भी बात कही गयी थी। इससे परेशान इस शख्स ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार भागिनाथ शेळके अपने परिवार का भरन पोषण सब्जी बेचकर करता था। लाखों के बिजली बिल से वो काफी तनाव में था। पुलिस ने बताया है कि मरने से पहले भागिनाथ शेळके ने एक नोट भी छोड़ा है।  इस नोट में उसने भारी-भरकम बिजली का बिल होने के कारण जान देने के लिए मजबूर होने की बात लिखी है। Bollywood पटना के शेल्टर होम में दो लड़कियों की मौत, बिना सूचना के किया अंतिम संस्कार एक ओर सरकार राज्य में बिजली सस्ती होने का ढिंढोरा पीट रही है तथा दूसरी ओर राज्य बिजली नियामक आयोग ने महंगाई के इस दौर में बिजली की दरों में 9.33 प्रतिशत वृद्धि करके जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।  बिजनेस अध्यक्ष ने साफ किया कि राज्य सरकार चाहे तो अनुदान देकर आयोग की ओर से निर्धारित बिजली दर के बोझ को कम कर सकती है। वृद्धि के तर्क में कहा कि राज्य सरकार की ओर से अनुदान देने का कोई पत्र नहीं आया। साथ ही इस साल के अंत तक सभी को कनेक्शन देने की योजना के कारण बिजली नेटवर्क विस्तार में कंपनी के खर्च में वृद्धि हो गई है। दोनों कंपनियों ने अप्रैल 2017 से मार्च 2019 तक 36 लाख 19 हजार 683 उपभोक्ता बनाने का लक्ष्य दिया है।  विद्युत प्रदायक बदलें - विद्युत योजनाएं विद्युत प्रदायक बदलें - विद्युत सौदे विद्युत प्रदायक बदलें - टेक्सास इलेक्ट्रिक दरें
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