कश्मीर की इंशा ने व्हीलचेयर पर किया ऐसा ‘कमाल’ मोबाइल शासन नई दिल्ली मध्यप्रदेश। देश में सबसे ज्यादा महंगी बिजली देने वाले बीजेपी शासित मध्य प्रदेश में एक बार फिर से बिजली के दाम बढ़ा दिए गए हैं। घरेलू बिजली दरों में एकमुश्त 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। सोमवार से ये बढ़ी हुई दरें लागू हो गई हैं। बिजली की नई दरों से सबसे ज्यादा बोझ मध्यम वर्ग पर पड़ने वाला है।  योजना सन्शोधन www.bhaskar.com संचार प्रतिनिधि कल्याण सहायता नियम जानिए ऐसा क्या करेंगे कि मिलेगा सस्ती ब्याज दर पर लोन भू-जल संवर्धन योजना August 11, 2018 at 6:28 pm 8.75             7.75  23-Dec-16 05:16 दृष्टि राजकाज Create Ad सिक्कालेख (बिजली दर रुपए प्रति यूनिट) COMMUNITY मुझे शिकायत है.. महंगी बिजली का हल निकालने की दिशा में ऊर्जा मंत्रालय ने 17 जुलाई को जारी किए गए मेरिट ऑर्डर पर एक अगस्त तक सीईआरसी, सीईए और राज्यों के ऊर्जा सचिवों से राय मांगी थी। इसमें थर्मल ऊर्जा उत्पादन तथा शेड्यूलिंग के नियमों में ढील देने को लेकर ज्यादातर ने सकारात्मक पक्ष पेश किया। जवाब सकारात्मक होने की वजह बिजली कंपनियों की लागत में कमी और एकरूपता बताई जा रही है। सरकार इस व्यवस्था को ट्रायल के आधार पर एक साल के लिए लागू कर सकती है, उसके बाद पुनर्विचार कर आगे कदम बढ़ाएगी।  वजन: 250 ग्राम हिन्दी में कैसे लिखें? ITMI July 2017 Clear Hindi News »Union Territory »New Delhi »News» Delhi Gets 25% Affordable Electricity Home » व्यापार » पसंद की बिजली कंपनी चुन सकेंगे लोग! By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link Close सरायकेला- खरसावां भाजपा जिला महामंत्री हाईकोर्ट ने यह फैसला इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने वित्त सचिव से पावर प्रोड्यूसर्स की शिकायतें सुनने को कहा है। अदालत ने वित्त सचिव से इन दिक्कतों के समाधान की संभावना तलाशने को भी कहा है। कनेक्शन पत्र भी बांटे गए दिल्ली में बिजली हुई सस्ती, लेकिन फिक्स चार्जेस बढ़ाए गए ऑनलाइन भुगतान करने पर एक फीसदी की अतिरिक्त छूट  VIDEO: अटल जी का पुश्तैनी घर बना खंडहर, परिजनों ने बताया ऐसा है हाल Self Assessment एंड्रॉयड यूजर्स तुरंत डिलीट कर दें ये 145 एप्स,Google ने जारी की लिस्ट विशेष: झारखंड: बिजली दर में किसे दी जाय सब्सिडी, यह सरकार तय करेगी घोषणाएँ ASK EXPERTS आई जी, 5 एमवी, 500 केजे धर्म और आध्यात्मिकता सराईकेला-खरसांवा दिसम्बर 7, 2017 Md. Saheb Ali BIHAR, आपका प्रदेश, इकॉनमी, ट्रेंडिंग 0 Raksha Bandhan 2018- इस साल बेसन की बर्फी से बढ़ाएं खुशियों की मिठास किशोर कुमार महाराष्ट्र                             100                 6.10 रुपए लखीसराय जल विद्युत परियोजनाओं से त्रस्त किसान केजरीवाल की सरकार है फेल, हरियाणा सरकार कर रही हैं बढ़िया काम : अनिल विज आत्मा योजना :   पुनरीक्षित दिशानिर्देष बाहरी फ़ाइल जो एक नई विंडों में खुलती हैं,   फार्म स्कूल - पुनरीक्षित दिशानिर्देष बाहरी फ़ाइल जो एक नई विंडों में खुलती हैं मुकेश चंद्र गुप्ता, एमडी, मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड मुखपृष्ठ को लौटें। 0 उदय का प्रभावित क्रियान्वयन। (उदय यानी उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना बिजली वितरण कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए 2015 में शुरू की गई है।) देवगढ़ व्यंग्य तस्वीरें कानपुर Type the word given below Friday, 20 Jul, 9.35 pm मुखपृष्ठ को लौटें। एस्सेल बिजली कंपनी की मनमानी के खिलाफ राष्ट्रीय मार्ग पर लोगों ने जमकर किया प्रदर्शन कोर्पोरेट फिल्म कुमार कुणाल [Edited By: राम कृष्ण] @KumarKunalmedia जानिए महबूबा मुफ्ती क्यों बोलीं कश्मीर में पैदा होंगे सलाउद्दीन सीएम योगी के मंत्री का बयान, 'मदरसों में राष्ट्रगान नहीं गाया जाएगा तो होगी कार्रवाई' सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, सास-बहू अपने घर में चला रही थीं देह व्यापार का धंधा होम  » समाचार  » कारोबार  » जानिए ऐसा क्या करेंगे कि मिलेगा सस्ती ब्याज दर पर लोन 2 पटना,17 अप्रैल (हि.स.)। राज्य कैबिनेट की मंगलवार को यहां हुई बैठक में इस वर्ष अप्रैल से बिजली की बढ़ी हुई टैरिफ दरों में उपभोक्ताओं को सब्सिडी देकर सरकार ने दावा किया है कि बिहार की बिजली दर सभी पड़ोसी राज्यों यूपी और पश्चिम बंगाल से काफी कम है । कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष बिजली दर में सब्सिडी के कारण राज्य सरकार के खजाने पर 4137 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा । पिछले वर्ष 2952 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गयी थी. उन्होंने बताया कि सब्सिडी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर ज्योति योजना के तहत बिजली की दर प्रति यूनिट 2.45 रुपये पड़ेगी । पश्चिम बंगाल में यह 3.44 रुपये और यूपी में 3.39 रुपये प्रति यूनिट है । इसी तरह शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली दरें भी पड़ोसी राज्यों से कम हैं । इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपयोग और कृषि व सिंचाई के लिए बिजली दर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी है । इस पर वर्तमान दर से ही बिजली बिल का भुगतान करना होगा । शहरी क्षेत्रों की बिजली दर में महज 10 पैसे प्रति यूनिट की ही बढ़ोतरी की गयी है | अब यह 5.30 रुपये प्रति यूनिट से बढ़कर 5.40 रुपये हो गयी है । मुख्य सचिव ने कहा कि बरौनी, कांटी और नवीनगर बिजलीघरों को एनटीपीसी को ट्रांसफर कर दिया गया है । इन यूनिटों से राज्य को अपने स्तर पर बिजली उत्पादन काफी महंगा पड़ रहा था । बरौनी थर्मल पॉवर स्टेशन से अभी बिजली उत्पादन में प्रति यूनिट 5.75 रुपये का खर्च आ रहा है, जबकि बाढ़ एनटीपीसी से बिजली खरीदने पर यह खर्च 4.25 पैसे प्रति यूनिट ही पड़ेगा । इस वजह से सभी बिजली उत्पादन ईकाइयों को एनटीपीसी को ही स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है । इससे सरकार को 875 करोड़ रुपये सालाना की बचत होने का अनुमान है । वर्ष 2017-18 के लिए बिजली उपलब्धता करीब 27 हजार 178 मिलियन यूनिट है, जबकि 2018-19 के लिए बिजली उपलब्धता का लक्ष्य 29 हजार 403 मिलियन यूनिट निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष से 8% अधिक है । सब्सिडी के बाद बिजली दर :-कुटीर उद्योग- 2.45,घरेलू (ग्रामीण)- 3.17,घरेलू (शहरी)- 5.40,गैर-घरेलू (ग्रामीण)- 4.00,गैर-घरेलू (शहरी)- 8.25,कृषि एवं सिंचाई-1 - 1.50,कृषि एवं सिंचाई-2 - 7.75,औद्योगिक सेवा-1 - 8.35,(19 केवी तक) औद्योगिक सेवा-2 - 8.32 (19 केवी से ज्यादा और 74 केवी से कम) औद्योगिक सेवा-1 - 8.67,(11 केवी) औद्योगिक सेवा-2 - 8.60,(33 केवी), औद्योगिक सेवा-3 - 8.01,(132 केवी) (सभी आंकड़े रुपये प्रति यूनिट में) हिन्दुस्थान समाचार/अरुण/शंकर Design & Developed by Information & Computer Section @2014 R.S.L.D.B. Ltd 12:24:38 AM रक्षा Atalji Funeral विज्ञापन आजादी के 71 साल बाद भी कुपोषण से हर साल होती है 3000 बच्चों की मौत Sep 27, 2017 गंदे पानी की नहर में कूदकर सिपाही ने बचाई बुजुर्ग की जान About Md. Saheb Ali 3099 Articles English News नरेश दिवाकर को वित्त पोषण पद्धति अजब-गजब : इन देशों में ट्रेंड बना ऐसा खाना, जो आप सोच भी नहीं सकते Partner Sites नवंबर 2016 में नोटबंदी की घोषणा के बाद से जन धन खातों में जमा राशि में इजाफा हुआ है. सरकारी आंकड़ो के मुताबिक नवंबर 2016 के आखिर में इन खातों में जमा राशि 74,000 करोड़ से ज्यादा हो गई थी जबकि इसी महीने की शुरुआत में यह जमा राशि करीब 45,300 करोड़ रुपये थी. 0 से 100 - 5.75 - 5.65 बिजली कार्यालय में बिल माफी व सस्ती बिजली के आवेदन जमा के लिए लगी भीड़। Wishes रू-ब-रू आपूर्ति की क्षमता: 70,000 पीसी प्रति माह शिक्षा विभाग के अपर सचिव पर हाईकोर्ट ने लगाया 5 लाख का जुर्माना (*On an order value between Rs. 10, 000 and Rs. 14,999) SHANTA KUMAR लिंक्स लेकिन वे ओपन एक्सेस से सस्ती बिजली खरीद लेते हैं तो बिजली कंपनियों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। जिसकी वजह से उन्हें अपनी सरप्लस बिजली कम दाम में बेचकर घाटा उठाना पड़ता है। आयोग ने ये याचिका सुनवाई के लिए मंजूर कर ली है और उस पर 17 जनवरी तक उपभोक्ताओं की आपत्तियां मंगाई है। यांत्रिक इंजीनियरी प्रभाग बारां 1999 में वेबसाइट से प्रचार करनेवाले यूपी के पहले उम्मीदवार थे अटल बिहारी वाजपेयी Tags:#Cheap Electricity#Company#Preferential#Bihar Government Add your thoughts about any Tweet with a Reply. Find a topic you’re passionate about, and jump right in. अपनी बात सोशल वायरल मुख्यमंत्री के 15 अगस्त संदेश के प्रमुख बिन्दु 16/08/2018 232 उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव Puri Jankari स्मार्टफोन - टैब सामग्री को स्किप करें घोषणाएँ LIVE: केरल में बाढ़ का कहर, 12 जिलों में हाई अलर्ट, पीएम मोदी ने ली बैठक सिलिगुडी इन दरों में नहीं हुआ बदलाव ट्रेन्डिंग Copyright © 2016 Prabhat Khabar (NPHL) बिजली बिल जमा करने लंबी कतार 2 हजार लोगों ने जमा किए 34 लाख अटलजी नकारात्मक सोच से हमेशा दूर रहे, उनके व्यंग्य पर लोग तिलमिलाते तो जरूर थे, पर आहत नहीं होते: लालकृष्ण आडवाणी 16 mins Motihari politics1 day ago Subscribe to Newsletter By admin July 22, 2016 पंचतत्व में विलीन हुए अटल, बेटी नमिता ने भारत रत्न पूर्व पीएम वाजपेयी को दी मुखाग्नि लक्ष्य आयुष परीक्षण प्रभार में छूट Feb 16 2018 9:06AM दिल्ली वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! सस्ती हुई बिजली, ये रहीं नई दरें अगले दो वर्षों के लिए योजना का बजट 17,000 करोड़ रु है। इस तरह से बढ़ी बिजली की दरें कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने के लिए किया फैसला आई.एम.एस. नयी दर लागू होने से एक उपभोक्ता को 200 यूनिट मासिक बिजली इस्तेमाल करने पर अब करीब 1215 रुपये चुकाने होंगे. वर्तमान दर पर वह 690 रुपये चुकाता है. इस तरह उस पर करीब 525 रुपये मासिक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. आयोग के अध्यक्ष अरविंद प्रसाद ने बताया : आयोग ने 200 यूनिट तक के लिए ग्रामीण क्षेत्रों  में बिजली दर प्रति यूनिट 1.25 रुपये से बढ़ा कर 4.40 रुपये कर दिया है.  शहरी क्षेत्र में सभी उपभोक्ताओं के लिए 5.50 रुपये प्रति यूनिट तय कर दिया  है. वर्तमान में शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 3.60 रुपये प्रति यूनिट  देना पड़ता है.  बाज़ार Survey वैसे तो उत्तर प्रदेश के करोड़ों शहरी उपभोक्तागण पहले से ही बिजली की घोर अनियमित सप्लाई, खऱाब ट्रांसफारमर के कारण लगातार विद्युत सप्लाई में बाधा आदि की गम्भीर समस्या से काफी पहले से ही झेलते आ रहे हैं, जिस कारण लगभग हर दिन प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में इसके खि़लाफ  धरना-प्रदर्शन व बिजली आफि स के घेराव की ख़बरें आती रहती हैं और इस कारण उन्हें पुलिस का डंडा तक भी खाना पड़ता है। ऐसे संकटग्रस्त उपभोक्ताओं पर मंहगी बिजली का तगड़ा झटका देना प्रदेश सपा सरकार की असंवेदनशीलता व विफ लताओं का पर्दाफाश करता है।  खाना Pradhan Mantri Awas Yojana Online Application Forms 2018 (प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करें) चुटकुले सरकारी निर्देशिका इंडिया टुडे टीवी खातोंधारकों की संख्या 11 अप्रैल तक 2017 की शुरुआत में रहे 26.5 करोड़ से बढ़कर 31.45 करोड़ हो चुकी थी. 9 नवंबर 2016 तक जब नोटबंदी की घोषणा हुई थी, खातों की संख्या 25.51 फीसदी थी. ऊर्जा लागत की तुलना करें - विद्युत लागत प्रति किलो ऊर्जा लागत की तुलना करें - बिजली की कीमतों की तुलना करें ऊर्जा लागत की तुलना करें - ऊर्जा दरों की तुलना करें
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