सोशल मीडिया के पोस्ट-लाइक-कमेंट-शेयर पर पुलिस की नजर, लगेगा 'रासुका' लखनऊ, वाराणसी, आगरा, इलाहाबाद, बरेली, गोरखपुर, अलीगढ़ सरीखे महानगरों समेत प्रदेश के 1 करोड़ 39 लाख उपभोक्ताओं को बिजली बिल में सीधे राहत मिलने जा रही है। रेग्युलेटरी सरचार्ज में कटौती 1 अप्रैल से लागू कर दी गई है। Gallery मनमोहन सिंह के कार्यकाल में हासिल हुई थी दहाई अंक में विकास दर: रिपोर्ट रोहतक और ... संगीता मेहता, मुंबई झरिया नई दिल्ली, 30 मार्च 2018, अपडेटेड 11:28 IST भारत में 765 केवी सिस्टम Search आठ बिजली कनेक्शन काटे मीटर भी निकाले इस योजना का लाभ गाँव के साथ-साथ शहर के लोगों को भी मिलेगा। ज्वाला मंदक निम्न धूम्र प्रयोगशाला Tennis Central Govt Schemes Manoj vaishnava Aug 12, 2018 08:38 PM जरूरी सूचना ! हरियाणा ने केंद्र से की कोल इंडिया लिमिटेड की मनमानी की शिकायत 3:19 यूपीसीएल ने नए टेरिफ़ का जो प्रस्ताव भेजा था उसके अनुसार बिजली दरें 15 फ़ीसदी तक बढ़ाई जानी थी. Show More ये हैं मानव इतिहास के 10 सबसे धनी व्यक्ति हिंदी साहित्य चंडीगढ़ उ.वो.परीक्षण तथा मापन उपस्‍कर महामंत्री, बीजेपी हरला मंडल SECTIONS अनुसंधान और विकास झालावाड़ SUBSCRIPTION The Prime Minister Shri Narendra Modi has launched a new scheme Pradhan Mantri Sahaj Bijli Har Ghar Yojana –“Saubhagya” to ensure electrification of all willing households in the country in rural as well as urban area. निगरानी समिति पॉपुलर उत्पाद का नाम: कम कीमत सीलिंग चरण प्रीपेड विद्युत मीटर तटस्थ: तटस्थ मापना सीसैट प्रश्नपत्र II UTI PSA थाना प्रभारी, बालीडीह थाना टॉम पीटरफ़ी का मानना ​​है कि बिटकॉन्क संभवत: पर जा सकता है ... सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र I वेबसाइट नीति Required fields are marked * सूखे से निपटने के लिये वर्षाजल सहेजें कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग चक्रधरपुर © 2015 DailyHunt Privacy Policy समर कुंडू भारत के बारे में सिटी सूचक: नेतृत्व में सटीकता: कक्षा 1 एस   भूजल को रोकने तथा इसका अधिकतम उपयोग करने हेतु एंव खेतों में पानी पहुचाने हेतु पक्की नाली एचडीपीई तथा पीवीसी पाइप लाईन हेतु ऋण 9 वर्ष की अवधि अनुग्रह अवधि 11 माह हेतु ऋण उपलब्ध। Web Title  राष्ट्र में थर्मल ऊर्जा उत्पादन 344 गीगावाट व अक्षय ऊर्जा क्षमता 70 गीगावाट है. इसमें अधिकतम मांग वाले समय में उपलब्धता 173 गीगावाट रहती है. ऊर्जा खरीद समझौता नहीं होने के कारण एक एरिया से दूसरे एरिया में बिजली की आपूर्ति संभव नहीं हो पाती है. ऐसे में महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है, जिसका सीधा प्रभाव उपभोक्ता पर भी पड़ता है . प्रदेश में बिजली चोरी, छीजत कम करने की गरज से बिजली कंपनियां बीते पांच साल में करीब तीन हजार करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च कर चुकी हैं लेकिन फिर भी कई जिलों में बिजली छीजत का आकंड़ा 25 फीसदी से ज्यादा बना हुआ है। बिजली कंपनियों ने छीजत बीस फीसदी से कम करने का लक्ष्य तय किया था जो कुछ जिलों में शहरी इलाकों को छोड़कर अब तक अधूरा रहा है। योजना की पात्रता शर्तों इस प्रकार हैं – उस उद्यम को राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित प्रतिबंधित सूची में न रखा गया हो। इसके अलावा, सब्सिडी जारी करने के समय उद्यम नियमित उत्पादन कर रहा हो और यह सब्सिडी बंद इकाइयों को जारी नहीं की जाएगी। August 11, 2018 सामग्रियाँ सेवाऍं May 29, 2018 सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति योजनाओं का समयबद्ध रूप से कार्य करने में सबसे बड़ा अवरोध बनी। वन भूमि अधिग्रहण में देखा गया कि 85 दिनों से लेकर 295 दिनों की देरी हुई। कुछ योजनाओं में बिजली की निकासी (ट्रांसमिशन) का सामान समय पर नहीं लगाया गया, जिस कारण आर्थिक हानि हुई तथा राज्य को राजस्व नहीं मिल पाया। सरकार को एक अधिकारी समिति का गठन करना चाहिए था जो योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण, वन विभाग से आज्ञा तथा लोगों के पुनर्वास का काम की देख-रेख करती। यह आवश्यक था कि विजली की निकासी (ग्रिड तक पँहुचाने) का काम योजनाओं के पूरा होने से पहले कर लिया जाता। चिंताओं के विषय थे योजनाओं का पूर्व में जाँच-परख न हो पाना, त्रुट्पिूर्ण योजना कार्य तथा खास तौर पर अनुश्रवण या समय-समय पर विभागीय अधिकारियों या उत्तराखंड जल-विद्युत निगम द्वारा समीक्षा न हो पाना। सबसे चिंताजनक बात थी पर्यावरण के प्रति लापरवाही, जिसका सबसे अधिक कुप्रभाव देश के संसाधनों पर पडा। दिल्ली बिजली नियामक प्राधिकरण की बैठक में लिया गया फैसला पर्यावरण मंत्रालय चुप क्यों है ? महानगर जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी कृषि उपभोक्ता- 4.80 - 4.70 India Today Education a month ago छत्तीसगढ़Sat, 18 Aug 2018 06:33 AM (IST) पावर टैरिफ सब्सिडी योजना के पात्र होने की शर्ते – Power Tariff Subsidy Yojna प्रधानमंत्री आवास योजना Choose your City World News Your name जारी आरएसओपी परियोजनाओं की सूची भोपाल ठग मानसिकता के चंदा चोर आपकी बुराई करते हैं तो आत्मबल बढ़ता है: कैप्टन अभिमन्यु Jagbani Website राज्य शासन की ओर से पिछले दिनों गरीब लोगों को २०० रुपए प्रतिमाह में बिजली देने तथा बीपीएल उपभोक्ताओं के बिल माफ करने की घोषणा की गई थी। अब इस घोषणा को लेकर बिजली कंपनी को निमयों के तहत आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें जुलाई माह से ही दोनों योजनाओं का फायदा उपभोक्ताओं को दिया जाना है। योजना के तहत बीपीएल उपभोक्ताओं के अब तक मूल व सरचार्ज दोनों राशि माफ हो जाएगी। कंपनी के अधिकारी बता रहे हैं कि शहर में ८० हजार घरेलू कनेक्शन हैं। इसमें करीब ३५ हजार बीपीएल उपभोक्ता हैं, जिन्हें योजना का फायदा मिलेगा। फिलहाल बीपीएल के बकायादार उपभोक्ताओं की विस्तृत जानकारी कंपनी के पास नहीं है। अमूमन बीपीएल श्रेणी में ९० फीसदी उपभोक्ता पर बकाया होना बताया जा रहा है। वहीं बिल माफी में उन बीपीएल उपभोक्ताओं की चांदी भी हो जाएगी, जिन पर बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के सारे बिल माफ हो जाएंगे। मेरी कहानी एकमुश्‍त समझौता योजना 2017-18 के तहत अवधिपार ऋणियों को ब्‍याज में 50 प्रतिशत छूट की घोषणा # Dehradun News Headlines सी टी , 1600 केवी, 6ऐ जिले की अब तक की सबसे बड़ी विद्युत प्रसारण योजना Independence Day: IAS यूनुस की अनूठी पहल (PICS) VIDEO: छात्रसंघ चुनावों की हलचल शुरू, ABVP ने किया प्रदर्शन मॉरीशस में विश्व हिंदी सम्मेलन के लिए... अन्य राज्य अटलजी को श्रद्धांजलि देने जा रहे अग्निवेश की भाजपा मुख्यालय के बाहर पिटाई 9 mins Toggle Navigation PrevNext रिलेशनशिप एकीकृत अनाज विकास कार्यक्रम (मोटा अनाज एवम चावल) धर्म और आध्यात्मिकता प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना सौभाग्य योजना – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 25 सितंबर, 2017 को ग्रामीण और शहरी इलाकों के साथ ही देश में सभी विद्युतीकरण के इच्छुक घरों को सुनिश्चित करने के लिए सौभाग्य योजना के नाम से एक नई योजना शुरू की है। यह योजना देश के ग्रामीण और शहरी इलाकों में रह रहे गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों के घरों में उजाला करने के उद्देश्य से शुरू की गयी है। News in Pictures रामपुर Raushan Pratyek Media - August 18, 2018 आगरा में फतेहाबाद रोड स्थित गांव कुआंखेड़ा में बुधवार सुबह टोरंट के वाहन की चपेट में आने से साइकिल सवार 10 वर्षीय के अमन की मौत हो गई।  Shadik देश में थर्मल ऊर्जा उत्पादन 344 गीगावाट और अक्षय ऊर्जा क्षमता 70 गीगावाट है। इसमें अधिकतम मांग वाले समय में उपलब्धता 173 गीगावाट रहती है। ऊर्जा खरीद समझौता नहीं होने के कारण एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति संभव नहीं हो पाती है। ऐसे में महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है, जिसका सीधा असर उपभोक्ता पर भी पड़ता है।  About Us | Terms of Service | Privacy Policy | Newsletters | Apps | RSS | Advertise with Us | Work for Us | Contact Us | Feedback | Sitemap | Cookie Policy बिजली स्विच करें - बिजली कंपनियों की तुलना करें बिजली स्विच करें - विद्युत प्रदाता बिजली स्विच करें - सस्ता पावर
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