क्या भारत में चलेगा बिटकॉइन, आरबीआई की मनाही के बाद कानून मंत्रालय की सिफारिश द वायर आपका, आपके लिए और आपके सहयोग से चलने वाला पत्रकारिता संस्थान है. इसे बचाए और बनाए रखने में सहयोग करने के लिए क्लिक करें. » 428 Views चौथा सवाल –  क्या मुफ्त बिजली कनेक्शन के साथ उपयोग के लिए मुफ्त बिजली भी शामिल है? बड़ी खबर अब नोटबंदी से पहले बैंक में नगदी जमा करने वाले इनकम टैक्स विभाग के रडार पर HSSC Food Supply Sub Inspector Admit Card, Syllabus & Notes pdf शाहरुख और अजय को क्‍लासमेट बनाना चाहती हैं काजोल, लेकिन आमिर खान को नहीं! जानें क्‍यों हस्तरेखा ज्योतिष: ऐसी रेखा हो तो बहुत ख्‍याल रखती है पत्‍नी PIB / PRS आवास © 2018 News Nation Network Pvt Ltd. All rights reserved. उत्तर प्रदेश पी.सी.एस. केन्द्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व राज्य सरकार के कार्यो की तारीफ की. कहा, मुख्यमंत्री राज्य हित की परियोजनाओं की केन्द्र सरकार से लगातार प्रभावी पैरवी करते हैं. ऐसे में राज्य सरकार का कोई काम केन्द्र स्तर पर नहीं रुक सकता. कहा, राज्य में बिजली की उपलब्धता बढ़ी है. ऊर्जा विभाग ने अपना घाटा दूर किया है. विभाग ने करीब 200 करोड़ की आय भी अर्जित की है. पढ़ें @AamAadmiParty This exposure must reach in all parts of country, corrupt faces of cong & BJP must be unveiled, नई दिल्‍ली। दुनिया की सबसे बड़ी बिजली कंपनी इलेक्ट्रिक डे फ्रांस (ईडीएफ) द्वारा छह न्‍यूक्लियर प्‍लांट्स का समझौता करने के बाद भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के पुन: शुरू होने की संभावना भी जागी है। 26 जनवरी को ईडीएफ ने घोषणा की थी कि उसने न्‍यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआईएल) के साथ 6 न्‍यूक्लियर रिएक्‍टर्स की स्‍थापना के लिए एमओयू साइन किया है। यह परमाणु पावर प्‍लांट महाराष्‍ट्र के जैतापुर में लगाया जाएगा। इस समझौते पर फ्रांस के राष्‍ट्रपति फ्रांस्‍वा ओलांद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुआ है। Copyright © 2018 Naidunia. 300 से अधिक       6.52 Sitemap| © Copyright Network18 Media and Investments Ltd 2016. All rights reserved. NETWORK 18 SITES मारवाड़ी कॉलेज की गायब छात्रा का जला हुआ शव कैरो से बरामद ✉ [email protected] © Bhaskar News Network मार्च में राजस्व संग्रह 1300 करोड़ पर पहुंचा : बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के अधिकारी वर्तमान वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन लगातार राजस्व संग्रह से जुड़े आंकड़े को इकट्ठा करने में लगे थे। देर शाम तक उपलब्ध आंकड़े के अनुसार अकेले मार्च 2018 में यह लगभग 1300 करोड़ पर पहुंचने की उम्मीद है। वहीं मार्च 2017 में यह राशि 830 करोड़ रुपए थी। देर शाम तक इस वर्ष मार्च में साउथ बिहार पावर होल्डिंग कंपनी का योगदान 850 करोड़ तथा नार्थ बिहार पावर होल्डिंग कंपनी का योगदान 450 करोड़ दर्ज हुआ। जीएसटी परिषद की चल रही बैठक में जो फैसला किया गया है उसके अनुसार केश तेल, साबुन व टूथपेस्ट जैसे आम उपभोग वाले उत्पादों पर 18 प्रतिशत की जीएसटी या एकल राष्ट्रीय बिक्रीकर दर लागू होगी। इन उत्पादों पर इस समय कुल मिलाकर 22-24 प्रतिशत कर लगता है। परिषद की इस दो दिवसीय बैठक के पहले दिन छह चीजों को छोड़ अन्य सभी वस्तुओं पर 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की कर दर तय कर दी है। कारों पर जीएसटी की सबसे ऊंची दर लगेगी। इसके अलावा इस पर एक से 15 प्रतिशत का उपकर भी लगेगा। छोटी कारों पर 28 प्रतिशत की ऊपरी कर दर के साथ एक प्रतिशत का उपकर लगेगा। मध्यम आकार की कारों पर तीन प्रतिशत का उपकर और लग्जरी कारों पर 15 प्रतिशत का उपकर लगेगा। %E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A4 %E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE संधारित्र प्रभाग (सी डी) Email * जब तीन महीने का एडवांस बिल लिया तो जमा क्यों नहीं किया? बेगूसराय में हैवानियत, विक्षिप्त महिला से रेप कर फरार हुआ बदमाश पिपलियामंडी लीक हुई अक्षय कुमार की फिल्म गोल्ड, कमाई पर पड़ सकता है असर ऊर्जा दक्षता तथा पुनर्नवीकरणीय ऊर्जा प्रभाग (ईआरईडी) प्रशिक्षण संस्थान बीडीओ बाघमारा Preview SAT, AUG 18, 2018 देवाशीष सिंह न्यूज़ Uttarakhand Scheme New to Twitter? रांची। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर जहां पूरे देश में शोक का माहौल है, वहीं लोग उनके किए कार्यों को याद कर उन्हें अपनी यादों में जीवित रखे हुए हैं। वैसे तो अलट को लेकर कई तरह की यादें लोगों के जेहन में है, लेकिन झारखंड के लोग शायद ही उन्हें भूल पाएंगे। Evaluation and comparison of Superfan, a BEE 5 star rated fan and regular fans आस्था का अनूठी झलक, हथेली पर ज्योति लेकर दंडवत हो मां के दरबार पहुंचे... August 18,2018 10:28:33 AM आरटीएल, कोलकत्ता EDIT: There is a protest happening in Toronto to fight this!! Please check out the event and come if you… Read more By admin September 22, 2016 LATEST FROM AAJ TAK नौकरी की मारामारी के बीच देशभर में खाली पड़े हैं 24 लाख पद # Haryana Top सामान्य / विश्लेषणात्मक पहचान http://mpcmsolarpump.com पर्यटन अभिकर्ता (एजेंट) वैकल्पिक विषय - इतिहास झारखण्ड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में केंद्रीय एवं राज्य योजनाओं की विवरणी मुख्य विद्युत निरीक्षक मौसम वित्त वर्ष 2017-18 में इनकम टैक्स कलेक्शन रिकॉर्ड 10.03 लाख करोड़ रुपए, 6.92 करोड़ लोगों ने रिटर्न भरा 43 mins व्यावसायिक (ग्रामीण) (100 से अधिक यूनिट)  2.25  5.25 www.bhaskar.com 25 दिसम्बर 2016, 01:39 AM भीलवाड़ा ये फिल्में रही बैन ? कृष्ण कुमार Jul 30, 2018 05:05 AM कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी कि वह अपनी जलशक्ति का उपयोग तथा विकास सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से करेगा। राज्य की जल-विद्युत बनाने की नीति अक्टूबर 2002 को बनी। उसका मुख्य उद्देश्य था राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाया जाय और उसकी बनाई बिजली राज्य को ही नहीं बल्कि देश के उत्तरी विद्युत वितरण केन्द्र को भी मिले। उसके निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं के कार्यांवयन की बांट, क्रिया तथा पर्यावरण पर प्रभाव को जाँचने तथा निरीक्षण करने के बाद पता लगा कि 48 योजनाएं जो 1993 से 2006 तक स्वीकृत की गई थीं, 15 वर्षों के बाद केवल दस प्रतिशत ही पूरी हो पाईं। उन सब की विद्युत उत्पादन क्षमता 2,423.10 मेगावाट आंकी गई थी, लेकिन मार्च 2009 तक वह केवल 418.05 मेगावाट ही हो पाईं। इसका कैग के अनुसार मुख्य कारण थे भूमि प्राप्ति में देरी, वन विभाग से समय पर आज्ञा न ले पाना तथा विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार बदलाव करते रहना, जिससे राज्य सरकार को आर्थिक हानि हुई। अन्य प्रमुख कारण थे, योजना संभावनाओं की अपूर्ण समीक्षा, उनके कार्यान्वयन में कमी तथा उनका सही मूल्यांकन, जिसे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को करना था, न कर पाना। प्रगति की जाँच के लिए सही मूल्यांकन पद्धति की आवश्यकता थी जो बनाने, मशीनरी तथा सामान लगने के समय में हुई त्रुटियों को जाँच करने का काम नहीं कर पाई, न ही यह निश्चित कर पाई कि वह त्रुटियाँ फिर न हों। निजी कंपनियों पर समझौते की जो शर्तें लगाई गई थीं उनका पालन भी नहीं हो पाया। सड़कों पर शोर का अध्यात्म अजब- ग़ज़ब उदय के अंतर्गत राज्यों द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर Powered by WordPress and Smartline. श्री अटल बिहारी बाजपेयी जब बैलगाड़ी से पहुँचे थे संसद, इंदिरा गांधी भी रह गयी थी हैरान न्यूजलेटर 0 0 DW.COM in 30 languages श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेकेएसपीडीस) के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई News हिंदी # Dehradun Latest News Update नया हरियाणा श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीका को 3 रनों से हराया (डी/एल मेथड) ई वी आर सी में बहुचैनल स्पेक्ट्रम विश्लेषक विगत वर्षों के प्रश्नपत्र आवेदन की जांच की जाएगी और कमियां, यदि कोई है तो उस बारे 10 कार्य दिवसों के भीतर आवेदक को लिखित में सूचित किया जाएगा। आवेदक को इन कमियों को दूर करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया जाएगा। यदि निर्धारित अवधि के भीतर कमियों को दूर नहीं जाता है तो पोर्टल के माध्यम से पार्टी को सूचित करते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा दावा दायर किया जा सकता है। सस्ता बिजली प्रदाता - कम लागत बिजली सस्ता बिजली प्रदाता - यहां अधिक जानकारी खोजें सस्ता बिजली प्रदाता - औसत इलेक्ट्रिक बिल
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