नॉलेज मीन रोग और उपचार BIG BREAKING : बिहार के 3 लोगों की तेलंगाना में दर्दनाक मौत पेंशनरों के बारे में अपनी बात दिसंबर 21, 2017 ये एक्सटर्नल लिंक हैं जो एक नए विंडो में खुलेंगे Mahabhulekh महाराष्ट्र भूमि अभिलेख ऑनलाइन महा भूलेख (7/12 व 8 अ) देखें विकास खण्ड पटना बिहार में नयी बिजली दरें लागू, गांव में 3.35 और शहर में 5 प्रति यूनिट बिजली YouTube बिजली कंपनी का काम छोड़कर भागीं नौ और कंपनियां Next तिवारी ने ये भी आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार बवाना और अन्य गैस टर्बाइन से जुड़े बिजली उत्पादन पर भी ध्यान नहीं दे पा रही है. केजरीवाल सरकार "कोयले की भारी और जल्द ही दिल्ली में बिजली की किल्लत" की कहानी रच रही है. बीते तीन सालों के दौरान केजरीवाल सरकार ने सब्सिडी के तौर पर निजी बिजली कंपनियों के खजाने भरे हैं. अब उनके ही कहने पर ये प्रचार किया जा रहा है कि दिल्ली में ताप विद्युत का उत्पादन घट रहा है. ताकि निजी बिजली कंपनियों को नेशनल ग्रिड से सस्ती बिजली खरीदने में मदद मिले और उनका प्रॉफिट बढ़ जाए.   आपूर्ति की क्षमता: 70,000 पीसी प्रति माह आईसीआईसीआई बैंक: केरल के ग्राहकों से इस महीने ईएमआई चुकाने में देरी पर पेनल्टी नहीं लेगा 8 mins छत्तीसगढ़ ट्रेन्डिंग पर्यटक स्थल इंडस्ट्रियल कनेक्शन के लिए बिजली दर 5.73 रुपये से 5.53 रुपये प्रति यूनिट हुई. जिला भाजपा महामंत्री एससी मोर्चा प्राइवेसी पॉलिसी ज्यादा बिजली खर्च करने पर लगेगा करंट भिवानी प्रीपेमेंट एकल चरण मीटर राजनीति बिजली-सड़क-पानी क्राइम अन्य ख़बरें दिल्ली टाइम्स ईपेपर Punjab And Haryana News से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए NBT के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें रिव्यू सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े मिथक सहारनपुर Vasant Valley इकॉनमी बाड़मेर Dharmender Chaudhary [Updated:28 Jan 2016, 4:59 PM IST] फुटपाथ पर हारमोनि‍यम बजाने वाले को नेहा कक्कड़ ने दिए 1 लाख रुपये नौवां सवाल –  इस योजना को पूरे देश में कैसे लागू किया जाएगा? एपीडीआरपी कोरे फार्मेट 2016-17 2704 करोड़  लाइव सिटीज डेस्क : मुजफ्फरपुर बालिका गृह दुष्कर्म कांड की जांच सही दिशा में चल रही है या नहीं, यह देखने के लिए विपक्ष का प्रतिनिधिमंडल बुधवार दोपहर को मुजफ्फरपुर जाएगा. विपक्ष के नेता तेजस्वी […] ✉ [email protected] उत्तम प्रथा हिमाचल ਪੰਜਾਬੀ राष्ट्रीय National Party BJP Follow Us एकल चरण किलोवाट मीटर, Next articleशहरी क्षेत्र के प्रत्येक पात्र हितग्राही को आवासीय पट्टा प्रदान करें – शुक्ल इंदिरा गांधी ने ब्लू स्टार पर अटलजी से बात करने के लिए बनारस में टेलीफोन लाइन बिछवा दी थी 24 mins नई दिल्ली। भारत में अब सोलर पावर की कीमतें रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच सकती हैं। अमेरिका की कंपनी सन एडिसन ने भारत में सबसे कम कीमत पर सोलर बिजली बनाने का प्रोजेक्ट हासिल किया है। मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्युएबिल एनर्जी (एमएनआरई) ने आंध्र प्रदेश में 500 मेगावाट के सोलर पार्क के लिए बोलियां मंगवाई थी, जिसमें सन एडिसन ने 4.63 रुपए प्रति यूनिट की बोली लगाकर प्रोजेक्ट हासिल किया है, जो कि देश में सबसे कम है। इससे सस्ती बिजली मिलने की उम्मीद है, वहीं सोलर पावर कंपनियों के बीच प्राइस वार छिड़ सकती है। ByBus देखें भारत के आखिरी गांव कहे जाने वाले छितकुल की अनछुई प्राकृतिक... आज तक इन दरों में नहीं हुआ बदलाव वातावरण की उपेक्षा की यह स्थिति थी कि खुदाई तथा सुरंग बनाने से निकला सारा मलवा खुलेआम नदी में डाला जा रहा था। योजना बनाने वालों ने किंचित भी परवाह नहीं की कि ऐसा करने से पानी दूषित हो जाएगा तथा जल में रहने वाले जीवों की हानि होगी। जो वृक्ष या वन लगाने की बात योजना वालों ने की थी वह पूरी नहीं की गई। अड़तीस प्रतिशत योजनाओं ने कोई पेड़ नहीं लगाए, योजनाओं की सड़कें तथा सुरंगें बनाने से पहाड़ों के ढलानों को नुकसान हुआ। इन सब बातों का प्रतिकूल प्रभाव नदियों के नीचले भागों में पड़ा। नीचे के जल प्रवाह की माप होनी चाहिए थी तथा उसके मानदंड बनाए जाने चाहिए थे ताकि योजनाओं का वातावरण पर दुष्प्रभाव न पडे, उससे भूमिगत पानी का संचय हो रहा है या नहीं। सिंचाई के लिए क्या बचा पानी पर्याप्त है कि नहीं तथा नदी में कितनी बालू-मिट्टी जमा हो रही है ? यह देखा जाना चाहिए था कि योजनाओं के बनने के बाद पर्यावरण तथा प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और उसकी लगातार समीक्षा होनी चाहिए थी। बिजली यंत्रों को चलने से यदि कोई दुष्प्रभाव पड़ रहा है तो उनके संचालन में बदलाव किया जाना चाहिए था। भारत सरकार के सुझावों के अनुसार एक प्रतिशत बिजली सरकार को सहायता के लिए मुफ्त दी जानी चाहिए थी। एक्टिविस्टों के सुझाव प्रयोक्ता इंटरफ़ेस शिमला अटल बिहारी के निधन पर 7 दिन का राष्ट्रीय शोक,कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज बीएसईएस के प्रवक्ता ने कहा, सभी ग्राहकों को Paytm की वेबसाइट और ऐप के जरिए आखिरी तारीख से 7 दिन पहले बिजली बिल जमा करने पर 200 रुपए का कैशबैक मिल सकता है। 200 रुपए की नकदी वापस पाने के लिए उन्हें कूपन कोड बीएसईएस200 का उपयोग कर बिजली बिल भुगतान विकल्प पर क्लिक करना होगा, जबकि 150 रुपए नकदी वापस पाने के लिए बीएसईएस150 कूपन कोड पर क्लिक कर बिल का भुगतान करना होगा। Buxar कल जहां चले बुलडोजर, आज फिर सज गया बाजार आइडिया-वोडाफोन विलय को मंजूरी, बस कुछ औपचारिकताएं शेष दरअसल सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए दो योजनाएं लागू की है। पहली मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम-2018 है, इसके तहत जो बीपीएल उपभोक्ता हैं, उनके जून तक के समस्त बकाया बिल माफ किए जाएंगे। इसके लिए उन्हें कंपनी कार्यालय पहुंचकर आवेदन देना है। बकाया बिल माफी के अलावा अन्य कोई लाभ इन्हें नहीं मिलेगा। दूसरी योजना सरल बिजली बिल स्कीम-2018 है। इसके अंतर्गत असंगठित श्रमिक कल्याण योजना के तहत पंजीकृत परिवार के उपभोक्ता के बकाया बिल तो माफ होंगे ही, जुलाई से 200 रुपए में सस्ती बिजली मिलेगी। इन्हीं दोनों योजनाओं का लाभ लेने के लिए कंपनी कार्यालय में फॉर्म भरने वालों की भीड़ है। ऊर्जा बचत योजना परियोजना संबंधी नीति शिमला: देश में बिजली प्रोजैक्ट लगाने पर आने वाली लागत को कम किया जाएगा। निकट भविष्य में इससे देशभर के करोड़ों विद्युत उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर बिजली मिलेगी। केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री आर.के. सिंह ने कुफरी में आयोजित ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान कहा कि केंद्र सरकार इसके लिए नई पावर पॉलिसी बना रही है। सरकार जल्द नई पॉलिसी अधिसूचित कर लेगी। इससे हाईड्रो पावर पर लागत कम होगी। उन्होंने कहा कि फ्री-पावर, कैपिटल कॉस्ट, अवमूल्यन अवधि कम होने के कारण प्रोजैक्ट पर ज्यादा लागत आती है। इन सब बिंदुओं पर सरकार विचार कर रही है। गॉसिप Munger मीटर ऊंचे टॉवर से यह तस्वीर सहारा इंडिया फ्रैंचाइज़ी कार्यालय, मुरी अटल जी की इन 5 कविताओं को पढ़कर जीवन में... चंडीगढ़ स्‍वर्णिम चतुर्भुज: अटल जी के इस ड्रीम प्रोजेक्‍ट से मिली तरक्‍की की रफ्तार, दुनिया भी करती है सलाम # National News पंचतत्व में विलीन हुए अटल जी, अस्थि विसर्जन कल म. प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण क. The resource you are looking for might have been removed, had its name changed, or is temporarily unavailable. बोलीविया की माली हालत खस्ता, लेकिन राष्ट्रपति ने अपने लिए 238 करोड़ रु. में बनवाया 29 मंजिला घर 22 mins 'दृष्टि द विज़न' संस्थान सौभाग्य योजना के लिए केंद्र सरकार से 60% अनुदान राज्यों को मिलेगा, जबकि राज्य अपने कोष से 10% धन खर्च करेंगे और शेष 30% राशि बैंकों से बतौर ऋण लेनी होगी।  अटल जी के यह 9 निर्णय जिन्होंने देश की किस्मत बदल दी All Time Low: अमेरिकी कंपनी देगी भारत को सस्ती सोलर पावर, कंपनियों के बीच छिड़ेगी प्राइस वार बिजली की लागत - सस्ते बिजली दरें ह्यूस्टन बिजली की लागत - इलेक्ट्रिक कंपनी का चयन बिजली की लागत - सस्ता बिजली प्रदाता
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