पूजा मेष टेली मसाला गुरुग्राम ऑटो Tumblr वातावरण की उपेक्षा की यह स्थिति थी कि खुदाई तथा सुरंग बनाने से निकला सारा मलवा खुलेआम नदी में डाला जा रहा था। योजना बनाने वालों ने किंचित भी परवाह नहीं की कि ऐसा करने से पानी दूषित हो जाएगा तथा जल में रहने वाले जीवों की हानि होगी। जो वृक्ष या वन लगाने की बात योजना वालों ने की थी वह पूरी नहीं की गई। अड़तीस प्रतिशत योजनाओं ने कोई पेड़ नहीं लगाए, योजनाओं की सड़कें तथा सुरंगें बनाने से पहाड़ों के ढलानों को नुकसान हुआ। इन सब बातों का प्रतिकूल प्रभाव नदियों के नीचले भागों में पड़ा। नीचे के जल प्रवाह की माप होनी चाहिए थी तथा उसके मानदंड बनाए जाने चाहिए थे ताकि योजनाओं का वातावरण पर दुष्प्रभाव न पडे, उससे भूमिगत पानी का संचय हो रहा है या नहीं। सिंचाई के लिए क्या बचा पानी पर्याप्त है कि नहीं तथा नदी में कितनी बालू-मिट्टी जमा हो रही है ? यह देखा जाना चाहिए था कि योजनाओं के बनने के बाद पर्यावरण तथा प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और उसकी लगातार समीक्षा होनी चाहिए थी। बिजली यंत्रों को चलने से यदि कोई दुष्प्रभाव पड़ रहा है तो उनके संचालन में बदलाव किया जाना चाहिए था। भारत सरकार के सुझावों के अनुसार एक प्रतिशत बिजली सरकार को सहायता के लिए मुफ्त दी जानी चाहिए थी। भाजपा चास प्रखंड पिंड्राजोरा मंडल, अध्यक्ष कोटा Hausa Hausa 6 राज्यों में अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की भारी बारिश की चेतावनी हजारीबाग : बुढ़वा महादेव विकास सह शांति समिति व श्रावणी... MAJOR CITIES विशेष: यहां स्थिति बेहतर विजय हांसदा युवाओं के लिए अपने पसंदीदा टॉपिक्स चुनें close इलायची (CARDAMOM) एम ओ पी उदय न्यूज़ April 15, 2018 China News द्रव परावैद्युत प्रयोगशाला नेगी ने बताया कि आयोग ने वितरण टैरिफ में वृद्धि नहीं की है पर टैरिफ संरचना एवं टर्म्स एवं कंडीशंस में कुछ बदलाव किए हैं, जो कि आगामी एक अप्रैल से लागू होंगे। इन बदलाव के तथा होर्डिंंग, ग्लो साईन, एडवरटाईजिंग एवं हाई टेंशन 220 किलो वोल्ट के लिए नई श्रेणी लाई गई हैं। इनके लिए एनडीएस 4 उपभोक्ता श्रेणी का सृजन किया गया है। Top-News मैच से पहले बोले कप्तान कोहली, जीत के अलावा कोई दूसरा ऑप्शन नहीं सेवाएं #एशियन गेम्स थोड़ी देर बाद एक सुंदर सी जवान महिला बस में चढ़ी, उसे बहुत से लोग सीट देने को तैयार थे लेकिन वो बैठने को तैयार नहीं। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य,कांग्रेस योगी ने राहुल पर बोला हमला, कहा इनकी हरकतों की वजह से ही इन्हें नकार चुकी है जनता CONNECT WITH US 90 फीसदी ग्रामीण परिवारों के पास मोबाइल पर कर्ज में आधे परिवार: नाबार्ड सर्वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर स्कूली बच्चों ने शोक सभा आयोजित की दिनांक वार खबरें गुजरातहिमाचल प्रदेशमहाराष्ट्रहरियाणापंजाबराजस्थानछत्तीसगढ़झारखंडमध्य प्रदेशदिल्लीबिहारउत्तर प्रदेश लखीसराय। ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को बकाया राशि पर एकमुश्त निर्धारित राशि किश्तों में... Include media Terms & Conditions | Refund & Cancellation | Privacy Policy Copyright ©  2017  Bennett Coleman & Co. Ltd. All rights reserved. For reprint rights: Times Syndication Service हेल्थ टॉप स्टोरी Lifestyle Tips निर्वाचित विषयवस्तु दुमका : इंडोर स्टेडियम दुमका में अरविन्द प्रसाद की अध्यक्षता में झारखंड राज्य विद्य्नुत नियामक... CONNECT जब इमरान खान की चुनौती ने बदलवा दी गावस्कर के रिटायरमेंट की तारीख... SIMILAR POSTS अनुमान है कि हर घरेलू उपभोक्ता के बिल में करीब 100 से 200 रुपए प्रति माह की बढ़ोतरी होनी है। यहाँ तक कि सबसे कम खपत करने वाले उपभोक्ताओं के वर्ग में भी 20 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी कर दी गई है। दूसरे वर्ग यानी 51 से 100 यूनिट हर माह खर्च करने वालों को 35 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा देने होंगे। 101 से 300 यूनिट तक खर्च करने वालों को बिजली 40 पैसे प्रति यूनिट महंगी पड़ेगी। 300 यूनिट से ज्यादा खपत वाले घरेलू श्रेणी में भी 20 पैसे प्रति यूनिट के दाम बढ़ाए हैं। आॅफ द रिकार्ड: अमित शाह ने बदली 75 साल आयु सीमा की नीति इस अहम फैसले के तहत आईएलबीएस की दूसरी यूनिट शुरू कर बिस्तरों की मौजूदा संख्या को 155 से बढ़ाकर 549 किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत को 389 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 497.72 करोड़ रुपए कर दिया गया है। आईएलबीएस की दूसरी यूनिट में बिस्तरों की संख्या में इजाफे के अलावा सुपर स्पेशियलिटी श्रेणी की चिकित्सा सेवाओं के साथ शिक्षण-प्रशिक्षण और शोध कार्य भी होगा।  मोदी द्वारा ज़ोर-शोर से शुरू की गईं विभिन्न योजनाओं की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? धर्म-अध्यात्म Latest News Take a step closer towards your [email protected]$ 150 p.m#HappyEMIs विकि रुझान ऑनलाइन भुगतान पर कुल बिल का एक फीसदी या अधिकतम 250 रुपये तक की छूट दी जायेगी.  चीन भी सब्सक्राइब कीजिए June 12, 2018 और अधिक समाचारों के लिए अगले पेज पर जाएं, दोस्तों के साथ साझा करने नीचे क्लिक करें Himachal Pradesh News HSGPC ने अटल के निधन पर पिपली में होने वाले... उत्तर प्रदेश की कानपुर बिजली आपूर्ति कंपनी ने सालभर में अपनी स्थिति सुधार ली है। ताजा रैंकिंग में यह कंपनी 24वें नंबर पर है, जबकि सालभर पहले यह 31वें पायदान पर थी। उत्तर प्रदेश की बाकी तीनों वितरण कंपनियां सीएसपीडीसीएल से नीचे हैं। वहीं, बिहार दोनों कंपनियों नार्थ और साउथ की स्थिति यहां से ठीक है। नार्थ कंपनी ने अपना 17वां रैंक बरकरार रखा है, साउथ बिहार वितरण कंपनी 21 से 30 स्थान पर चली गई है। May 2017 बीते सालों में बिजली उत्पादन में हुई वृद्धि (स्रोत: CEA) Disclamier देश के प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में सैमसंग सबसे आगे, चाइनीज कंपनी OnePlus दूसरे स्‍थान पर मध्यांचल के बिजली उपभोक्ताओं को 0.73 फीसदी सरचार्ज देना होता है। एक हजार रुपये पर हर महीने करीब 7 रुपये। दूसरा रेग्यूलेटरी सरचार्ज 2.38 फीसदी सभी बिजली कंपनियों के उपभोक्ताओं पर लागू है। STUDY MATERIAL Tags:#Cheap Electricity#Company#Preferential#Bihar Government February, 2016 एसपीएलएन डी 3.00 9 -1: 2010 पुनर्नवीकरणीय ऊर्जा उत्पाद पहले चरण का प्रशिक्षण आसान था. इसमें सभी प्रशिक्षुओं को 5000-12,000 रुपये देने थे. इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं कि नेशनल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल (एनएसडीसी) पहले चरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया. इसने 18 लाख लोगों को प्रशिक्षण दिया और अतिरिक्त 12 लाख लोगों को प्रमाणित भी किया. #Ind Vs Eng अमेरिका: इंग्लिश टीचर ने 2500 महिला कैदियों को कविता लिखना सिखाया ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े 18 mins बिजली चुनें - ऊर्जा तुलना साइटें बिजली चुनें - बिजली पर पैसा बचाओ बिजली चुनें - सस्ती ऊर्जा कंपनी
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