अटल जी के आर्थिक निर्णयों ने बदला भारत का चेहरा, वरिष्ठ पत्रकार मनोज गैरोला से खास बातचीत 200 रुपए महीने की सस्ती बिजली के लिए असंगठित श्रमिक पंजीयन जरूरी है। इसमें भी वे ही पात्र होंगे, जिनके बिल में बिजली भार 1000 वाट यानी 1 किलोवॉट है। शासन से जारी गाइड लाइन में केवल यह लिखा है कि 100 यूनिट तक 200 रुपए महीने में बिजली मिलेगी। सलमान खान की लग्जीरियस वैनिटी वैन में है मेकअप और स्टडी रूम, भारत के प्रोड्यूसर ने शेयर किए फोटो 47 mins एशियाई खेलों में भारत (इनपुट भाषा से) नोडल अधिकारी (वेबसाइट) यौन शोषण का आरोपी फरार जब जय प्रकाश नारायण की जगह पहली बार जालंधर आए थे अटल जी Jammu & Kashmir बिटकॉइन "इस साल का चुनाव चक्र का हिस्सा होगा" ... मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में वृद्धि की घोषणा की है. राज्य सरकार की ओर से तय बिजली की नई दरों के मुताबिक 150 यूनिट तक शहरी उपभोक्ताओं को 4.90 पैसे की दर से बिल का भुगतान करना होगा. LPSC में 10 वैकेंसी अपनी पसंद में जोड़ें रितेश यादव गैजेट VIDEO: एनकाउंटर से भाग निकले तीन आतंकी, जवान हुआ शहीद #बिजली की दर west bengal Show Full Articleं MOHAMMED KASIM‏ @kasim12a Jun 6 प्रदेश में बिजली हुई सस्ती, सरचार्ज खत्म फोन: 080-2207 2234 इस गांव में सबके दोस्त हैं सांप, न तो काटते हैं, ना इनको मारा जाता है Latest Live TV कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में शामिल करना गलती : रवि… पटना : बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी ने एलएनटी कंपनी (लार्सन एंड टूब्रो) को अल्टीमेटम दिया है. लक्ष्य से पीछे रहने के कारण बिजली कंपनी ने एलएनटी कंपनी को 15 अप्रैल तक 355 टोलों में सोलर से बिजली पहुंचाने का टारगेट दिया है. कंपनी को उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के 130 टोलों में और दक्षिण बिहार पावर  डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के 225 टोलों तक बिजली पहुंचानी है. अगले दो महीने में चंपारण, कैमूर, अरवल, मुंगेर समेत अन्य जिलों के चयनित टोलों में सोलर से बिजली नहीं पहुंची तो एल एंड टी कंपनी पर कार्रवाई की जा सकती है.  सिंचाई (मीटर) आइएएस टू  1.20  5.00 पैनल तथा बस डक्ट साइन इन करें न्यूज और अन्य अपडेट्स योजना ट्रांसफार्मर, तार और मीटर जैसे उपकरणों पर सब्सिडी प्रदान करेगी। मीटरन प्रोटोकॉल प्रयोगशाला यह दिखाता है कि ग्राहक अपने खातों को सक्रिय रखने को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. शिवप्रताप शुक्ला ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि करीब 31.20 करोड़ खाते जिनमें कुल 75,000 करोड़ धन राशि जमा है, फरवरी 2018 तक खुल गए थे. इनमें से 25.18 करोड़ (81 फीसदी) खाते सक्रिय थे. Social icon प्रतिनिधिमंडल के साथ मुजफ्फरपुर जा रहे तेजस्वी यादव, देखेंगे सही जांच हो रही या नहीं FACEBOOK गरीबों के घरों से बिजली छीन कर बड़े-बड़े पूंजीपतियों और उद्यमियों को राहत पहुंचाने का निर्णय पूरी तरह से जनविरोधी है। श्री सहाय ने कहा कि रघुवर सरकार बिलकुल संवेदनहीन हो गई है, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल में 98 फीसदी की बढ़ोतरी करना न तो तर्कसंगत है और न ही न्यायसंगत। [email protected] कानपुर ताजा खबर FROM WEBTake a step closer towards your [email protected]$ 150 p.m#HappyEMIsAd: Godrej EmeraldNRI's Booked Home at Shapoorji Pune at Rs 45,000Ad: Joyville by Shapoorji PallonjiExplore endless entertainment for $15/mo.Ad: SLING INTERNATIONALFROM NAVBHARAT TIMESदेखें, कहां छुट्टियां बिता रही हैं जैकलीनराहुल गांधी और इस लड़की की जोड़ी का सच क्या है?स्तन के नौ प्रकारFrom The Web Books What is Inverter Technology AC and How it is Different from BEE 5 star Non Inverter AC? By Prabhat Khabar | Updated Date: Apr 28 2018 7:15AM http://mpcmsolarpump.com अगर नहीं जमा किया है बकाया बिल तो काट दिए जाएंगे बिजली कनेक्शन प्रपत्र ENGvsIND: जो रूट ने कहा - स्टोक्स के लिए सैम को बाहर रखना बहुत कठिन फैसला नितिन गडकरी बोले- नौकरी ही नहीं हैं तो आरक्षण का क्या फायदा Embed Tweet जिला भाजपा महामंत्री एससी मोर्चा घटनाक्रम electricity bills New Plan pay People thousands 2015 में शुरू की गई इस योजना के तहत 50,000 तक, 5 लाख तक और 5 लाख से लेकर 10 लाख तक लोन दिए जाते हैं. आइए जानते हैं बिजली की दरों में बढोतरी को लेकर किन मुद्दों पर गुप्ता ने सरकार को घेरा सरकार ने निजी कंपनियों के उस हिसाब किताब को लेकर कोई पड़ताल नहीं की, जो कंपनियों ने सरकार के पास जमा कराया. हर साल कंपनियां फर्जी घाटा सरकार के सामने पेश करती हैं और सरकार चुपचाप उसे अपने पास रख लेती है, इसका मतलब है कि सरकार की मौन स्वीकृति है. अब कंपनियों ने इसी घाटे को आधार बनाकर बिजली की बढ़ी हुई दरें डीईआरसी के सामने पेश कर दी हैं. सरकार तो (सीएजी) आडिट कराने की बात करती थी, लेकिन अब उस मामले पर चुप है, केजरीवाल जी को जवाब देना चाहिए कि आखिर दिल्ली वालों को सस्ती बिजली के सपने दिखाकर बिजली महंगी करने की तैयारी क्यों की जा रही है. सरकार हर साल दो हज़ार करोड़ रुपए निजी बिजली कंपनियों को सब्सि़डी के तौर पर दे रही है, दिल्ली की जनता की कमाई का पैसा कंपनियों को दिया जा रहा है और अब दिल्ली की जनता पर ही टैरिफ का बोझ बढाने की तैयारी हो रही है. राज्य सरकार की नीति में उल्लेख नहीं था कि योजनाओं को नदियों का पानी प्रयोग करने के बाद कितना नीचे की धारा में छोड़ना चाहिए। पानी सुरंगों में डालने तथा प्रयोग करने के बाद नीचे नदी की पुरानी घाटी में बहाव कितना रहेगा ? पाँच योजनाओं की जाँच करने के बाद देखा गया कि नदियों की सुरंगों के समाप्त होने के बाद निचले भागों में पानी नहीं था और वे बिलकुल सूखे पड़े थे। कहीं कुछ बूदें रिसती दिखाई दे रही थीं। जो वातावरण को बनाए रखने लायक नहीं थी। नदियों से रिसकर जो पानी भूमितल में जमा होता था वह भी समाप्ति पर था। बिना सोचे-समझे राज्य सरकार नदियों पर जो अंधाधुंध जल-विद्युत योजनाएं बना रही थी उनका मिला-जुला नतीजा वातावरण के लिए घातक था। अभी 42 जल-विद्युत परियोजनाएं कार्य कर रही थीं, 203 और या तो बन रही थीं या तैयारी में थी। बहुत सारी अन्य विचाराधीन थी। आठवां सवाल –  राज्यों को धन के आवंटन के लिए क्या मानदंड है? हाईटेंशन स्पेशल सर्विस  4.00  4.00 रुड़की कैसे पहुंचें पंचतत्व में विलीन हुए अटल जी, अस्थि विसर्जन कल Categories क्या पहाड़ी गुफा में बचा कर रखी जा सकती है बिजली स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सिल्ली मुरी एवम झारखंड वासियों को हार्दिक बधाई श्री रुप नारायण झा ने कहा कि विद्य्नुत विभाग यदि अपनी लाइन लॉस को रोक लेते हैं तो विधुत दर नहीं बढाना पड़ेगा। ।ठ स्विच को बढ़ाने की अवश्यकता है। दुमका के चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष श्री सियाराम घड़िया ने कहा कि विभाग की कमी से विद्य्नुत दर बढ़ रही है, इस पर ध्यान देने की जरुरत है। विद्य्नुत की लॉस कम करने की जरुरत है। 12.50 लाख मीटर लगाने की शुरुआत बहुत अच्छी पहल है। इससे विद्य्नुत लॉस का पता चल पाएगा। दृष्टि मैगज़ीन हुंडई क्रेटा को टक्कर देगी फोर्ड की ये नई कार प्रमुख संवाददाता, लखनऊ Source: Add this video to your website by copying the code below. Learn more राज्यपाल का संदेश राज्य सरकार की नीति में उल्लेख नहीं था कि योजनाओं को नदियों का पानी प्रयोग करने के बाद कितना नीचे की धारा में छोड़ना चाहिए। पानी सुरंगों में डालने तथा प्रयोग करने के बाद नीचे नदी की पुरानी घाटी में बहाव कितना रहेगा ? पाँच योजनाओं की जाँच करने के बाद देखा गया कि नदियों की सुरंगों के समाप्त होने के बाद निचले भागों में पानी नहीं था और वे बिलकुल सूखे पड़े थे। कहीं कुछ बूदें रिसती दिखाई दे रही थीं। जो वातावरण को बनाए रखने लायक नहीं थी। नदियों से रिसकर जो पानी भूमितल में जमा होता था वह भी समाप्ति पर था। बिना सोचे-समझे राज्य सरकार नदियों पर जो अंधाधुंध जल-विद्युत योजनाएं बना रही थी उनका मिला-जुला नतीजा वातावरण के लिए घातक था। अभी 42 जल-विद्युत परियोजनाएं कार्य कर रही थीं, 203 और या तो बन रही थीं या तैयारी में थी। बहुत सारी अन्य विचाराधीन थी। सस्ता बिजली प्रदाता - मेरे पास ऊर्जा प्रदाता सस्ता बिजली प्रदाता - इलेक्ट्रिक सेवा प्रदाता सस्ता बिजली प्रदाता - सस्ता विद्युत दर
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