लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में मोतिहारी के एक प्रोफेसर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लेकर आलोचनात्मक फेसबुक पोस्ट करना महंगा पड़ गया. दरअसल, मोतिहारी के महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर संजय [...] TWEET सिक्कालेख लीक हुई अक्षय कुमार की फिल्म गोल्ड, कमाई पर पड़ सकता है असर बेस्‍ट ऑफ सो सॉरी उदय योजना ने बिजली वितरण कंपनियों के नुकसान को कम किया है।  100 यूनिट तक के खर्च एवं एक किलो वाट तक के कनेक्शन पर सिर्फ 200 रुपए ही लगेगा शुल्क संचरण प्रणाली अध्‍ययन kadwa sach‏ @SachKadwa 18 Aug 2015 Cricket News प्रिंट मीडिया विज्ञापन नीति सस्ती दर पर बिजली के साथ ही पंजीकृत श्रमिकों के बिजली के बिल भी माफ, मप्र शासन की अभिनव पहल विश्व की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार भारत में tegbir singh pannu‏ @tegbirpannu Jun 7 झारखण्ड Bank/SSC तैयारी धनबाद : प्रेस क्लब में मिले 21 रसेल वाइपर सांप, इनका काटा पानी भी नहीं... © सीपीआरआई, इण्डिया 2012 सभी अधिकार सुरक्षित . Cookie Policy| एयर कंडीशनर, हीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ता तथा 1000 वॉट से अधिक संयोजित भार वाले उपभोक्ता स्कीम के लिए अपात्र होंगे। जहाँ मीटर स्थापित हो, वहाँ मीटर से रीडिंग करते हुए बिल की गणना की जाएगी। विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 55 के प्रावधान के अनुसार नये कनेक्शन के लिए चरणबद्ध तरीके से मीटर की उपलब्धता के आधार पर मीटर स्थापित किये जायेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 500 वॉट तक के संयोजित भार वाले अनमीटर्ड उपभोक्ताओं की विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2018-19 के टैरिफ आर्डर में निर्धारित श्रेणी एल.वी.1.2 की उप श्रेणी के अनमीटर्ड कनेक्शन के लिए लागू दर से बिलिंग की जाएगी। इसी क्रम में 500 वॉट से अधिक संयोजित भार वाले उपभोक्ताओं की आयोग के प्रचलित विनियम के अनुसार बिलिंग की जाएगी।     वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी अधिकारी व कर्मचारी अपने विभाग के लिए तो अधिकारी/कर्मचारी है परंतु अन्य विभागों के लिए वह एक उपभोक्ता भी है। इसलिए जनहित में वह अपने उपभोक्ताओं के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं तथा उन्हें संतुष्टिजनक सेवा देने के लिए हर संभव प्रयास करें। E-Paper In order to save our Southern Resident Orcas we need to protect their main food source: Chinook Salmon. The Southern Resident Orcas rely upon Chinook Salmon for 80% of their diet and in order for… Read more Bhaskar News Network | Jun 24,2018 3:00 AM IST 500 से अधिक--6.20--6.50 (दर रुपये प्रति यूनिट में) Jarnail Singh‏Verified account @JarnailSinghAAP Jun 4 शिवहर यह पहली बार नहीं है, जब दिल्ली में बिजली के फिक्स चार्ज में बढ़ोतरी की गई है. इससे पहले भी कई बार फिक्स चार्ज में वृद्धि की जा चुकी है. वहीं, DERC ने बिजली की कीमतों में कटौती करके आम जनता को राहत देने की बात कही है, लेकिन हकीकत यह है कि यह आंकड़ों का हेरफेर ही है. इससे आमजन को कोई खास राहत नहीं मिलने वाली है. अटल के साथ 60 साल का अटूट रिश्ता, अंतिम सांस तक साये की तरह रहे साथ Server Error CAREER NOTICES 3 months ago केंद्रीय महासचिव बड़कागांव विधानसभा प्रत्याशी, निवेदक संदीप कुशवाहा केंद्रीय सदस्य एवं आजसू पार्टी क पंजाब Read More: Rajasthan Ajmer Beawer Nasirabadविद्युत योजनालाखरुपयामंजूर कांग्रेस प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने कहा, ‘‘अगर जनता के बारे में सोचा होता तो ये बढ़ोतरी नहीं होती. अगर आपका कदम ठीक था तो सप्ताह भर पहले दाम बढ़ा देते लेकिन नगर निकाय चुनावों के कारण ऐसा नहीं किया गया. यह एक तानाशाहीपूर्ण कदम है.’’ सरायकेला समेत समस्त प्रदेश वासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं Life and Style ऊर्जा बचत योजना परियोजना संबंधी नीति नेविगेशन की ओर चरणबद्ध तरीके से जीएसटी के दायरे में लाए जाएंगे पेट्रोलियम उत्पाद, अधिया ने... रुद्रपुर न्यूजलेटर साहेबगंज 02018-05-28T16:53:41 नई दिल्ली/ब्यूरो। आप सरकार ने 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी जारी रखने का निर्णय लिया है। पहले की तरह 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को आधी कीमत पर बिजली वर्तमान वित्त वर्ष में भी मिलना जारी रहेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट में इस आशय का निर्णय लिया गया। इससे सरकार को मौजूदा वित्त वर्ष में 1,720 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। Forgot account? भीलवाड़ा AAM AADMI PARTY संबंधित ख़बरे कृष्ण कुमार महतो (a)    Environmental up-gradation by substitution of Kerosene for lighting purposes विश्वसनीय बिजली सेवाओं की उपलब्धता से दैनिक उपयोग के सामान, निर्माण कार्यशालाओं, आटा मिलों, कुटीर उद्योग आदि की नई दुकानों की स्थापना में सुविधा होगी और ऐसी आर्थिक गतिविधियों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। घर के विद्युतीकरण के कार्यों के निष्पादन के लिए अर्ध-कुशल / कुशल श्रमशक्ति की आवश्यकता के मद्देनजर योजना के कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप रोज़गार पैदा होगा। इस योजना के कार्यान्वयन के लिए लगभग 1000 लाख मानव दिवस कार्य का निर्माण किया जाएगा। Copyright © Prabhasakshi.com. 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ENGvIND: टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के बारे में आई बड़ी अपडेट पूर्व गवर्नर ने बताई रुपये गिरने की बड़ी वजह June 21, 2018 राकेश पाल सिंह को निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? न्यूज पाली सिवान स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं सीतापुर किसान कल्याण कृषि विभाग के विभाग Central Government अस्वीकरण   |   कॉपीराइट नीति   |   हाइपरलिंक नीति   |   प्राइवेसी नीति  |   नियम व शर्तें  |   सहायता जीवन मंत्र उत्तम प्रथा हाईटेंशन स्पेशल सर्विस  4.00  4.00 प्रोफ़ेसर अरुण कुमार का कहना है कि यह तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि पेट्रोलियम, रियल एस्टेट, शराब और बिजली को जीएसटी के दायरे में नहीं रखा गया है. मुख्य पृष्ठ अनु. व वि. योजनाएँ अनुसंधान योजना विद्युत पर अनुसंधान योजना (आरएसओपी) यहां जान जोखिम में डाल खड्डों में नहाने उतर रहे पर्यटक यह भी पढ़ें- भारत में छह परमाणु रिएक्टर लगाएगा फ्रांस, 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदेगा भारत Comment Previous Previous post: निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा? दैनिक भास्कर ऐप के साथ हमेशा अपडेट रहें। हिंदी में ताजा समाचार पढ़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें मध्य भारत परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार के अनुसार कोल इंडिया लिमिटेड और इसकी सहायक कंपनियां हरियाणा सरकार से किए समझौते पर खरी नहीं उतर रही हैं। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री आरपी सिंह के समक्ष कहा कि पर्याप्त कोल लिंकेज और हमारे उत्पादन परिसंपत्तियों के लिए धुले हुए कोयले सहित अच्छी क्वालिटी का कोयला उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड को अपनी कोल वाशरीज लगाने का भी सुझाव दिया है। केरल: बाढ़-बारिश से 3 लाख से ज्यादा बेघर, मई से अब तक 324 की मौत; मोदी कुछ देर में करेंगे हवाई सर्वे 1 mins Try Our Other Websites! राष्ट्रीय स्मार्ट ग्रिड मिशन (एनएसजीएम) जल विज्ञानीय शब्द जागरण फिल्म फेस्टिवल Advertise With US आगंतुक संख्या: 447 Views शिवराज पर आरोप, वोट बैंक को साधने के शुरू की गई सरल बिजली योजना ऊर्जा लागत की तुलना करें - इलेक्ट्रिक कंपनी की दरों की तुलना करें ऊर्जा लागत की तुलना करें - गैस आपूर्तिकर्ता ऊर्जा लागत की तुलना करें - सस्ता इलेक्ट्रिक कंपनी
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