इमारान खान ने पाकिस्तान के 22वें पीएम के रूप में ली शपथ 1 mins हमसे कड़ी जोड़े ये हैं मानव इतिहास के 10 सबसे धनी व्यक्ति स्कूल में छड़ी से पीटते थे मौलवी साहब, जब मंत्री बना तो... किस्सा सुनाते हुए भावुक हुए राजनाथ सिंह जानें, बढ़ती उम्र के बच्चों पर किन ग्रहों का होता है कैसा असर? Hindi NewsNDTV India LiveWorld News in HindiSports News in HindiCricket News in HindiBollywood News in HindiArchivesAdvertiseAbout UsFeedbackDisclaimerInvestorComplaint RedressalCareersContact UsSitemap© Copyright NDTV Convergence Limited 2018. All rights reserved. जिला महासचिव कांग्रेस सह तमाड़ विधानसभा संगठन प्रभारी जीएसटी में पेट्रोलियम, बिजली, शराब और और रियल एस्टेट को शामिल नहीं किया गया है. आख़िर इन अहम चीज़ों को जीएसटी से बाहर क्यों रखा गया? इसी को लेकर हमने अर्थशास्त्री अरुण कुमार और अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर डीएम दिवाकर से बात की. स्पेशल शहरों की मौजूदा व नई बिजली दरें हरियाणा सरकार ने राज्य में सूक्ष्म और लघु उद्यमों को सस्ती बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए ‘पावर टैरिफ सब्सिडी योजना’ अधिसूचित की है। ईंधन प्रबंधन फोटो और कंटेंट: नरपत रामावत संशोधित चार्ज के मुताबिक, नई दरें 2018-19 के लिए हैं. अब 0-200 यूनिट बिजली खर्च करने वाले को 3 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बिल देना होगा. यह पहले के मुकाबले 1 रुपए कम हो गया है. Aksharparv बप्पी बावरी झारखंड राज्य अनुसूचित जनजाति प्रदेश कोषाध्यक्ष 394 Views NOKIA का सबसे सस्ता 4G मोबाइल फोन जानिए फीचर Updated: March 21, 2018, 4:59 PM IST 255 NewsCode Jharkhand | 28 April, 2018 5:04 PM अन्य लिंक होशियारपुर आॅफ द रिकार्ड: जब PM मोदी ने महिला सांसद को वीडियो रिकॉर्डिंग करने पर डांटा लखनऊ। वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) के एक जुलाई से कार्यान्वयन के बाद सामान्य उपभोग का सामान मसलन केश तेल, साबुन और टूथपेस्ट सस्ते हो जाएंगे, साथ ही बिजली की दरें भी घटेंगी। जीएसटी परिषद ने कल अनाज को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का फैसला किया है। 1600 पल्स / केडब्ल्यूएच टॉपर्स कॉपी minister समाजसेवी सह प्रचार्ज बनमाली सिंह उच्च बिद्यालय, टुपरा July 22, 2018 बारिश के बावजूद गर्मी बरकरार दिवाली के मौके पर जियो का धन धना धन ऑफर, जानें क्या है प्लान PO Cell ने धरा उद्घोषित अपराधी, इस मामले में चल रहा था फरार Agent Login Last updated: Thu, 22 Mar 2018 06:41 AM IST आयुषमान भारत योजना स्वास्थ्य मित्र नौकरियां Araria पहला शून्य ऊर्जा वाला सरकारी ऑफिस बर्लिन में 2013 में शुरू हुआ. छत पर लगे सोलर पैनल पूरे ऑफिस के लिए बिजली बनाते हैं. यूरोपीय संघ में 2019 से सभी घर 'करीब करीब जीरो एनर्जी बिल्डिंग' होंगे. Canada 21212 (any) Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक। a month ago EDITOR PICKS इस पोस्ट को शेयर करें Twitter पोषाहार ...कांग्रेस उम्मीदवार के हाथों ही हुई थी सिद्धारमैया की पहली हार OTHER LINKS Tilak Nagar, New Delhi reddit एसपी प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बढ़ोतरी को आम जनता के साथ विश्वासघात करार देते हुए कहा कि पहले ही लोग महंगाई की मार झेल रहे हैं, अब बिजली के दाम बढ़ाकर बीजेपी सरकार ने सबकी कमर तोड़ दी है. MLA Tilak Nagar, Volunteer Aap, Chairman of DDC(W), Member of SDMC, Chairman of GGS Hospital, VP AAP Delhi, Co Convener Aap Overseas, Chairman WAPTEMA, Business Sat, 18 Aug 2018 03:30 PM IST अध्यापकों के लिए बिज़नेस की खबरें Vasant Valley पुंछ देखें भारत के आखिरी गांव कहे जाने वाले छितकुल की अनछुई प्राकृतिक... गैजेट्स नया Publish on December 4, 2017 यांत्रिक परीक्षण प्रयोगशाला Naugachiya संत कबीर नगर Vastu Tips पी.सी.एस. परीक्षा PATNA : बिहार में बिजली कंपनी ने समाप्त हो रहे वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन राजस्व संग्रह का बड़ा रिकार्ड हासिल कर लिया। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में राजस्व संग्रह में 2200 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है। अब तक की यह सबसे अधिक बढ़ोतरी है। बिजली कंपनी के आला अधिकारियों का आकलन है कि अब अनुदान के भरोसे अपने घाटे की भरपाई करने वाली बिजली कंपनी मुनाफे के ट्रैक पर आ रही है। जूनियर असिस्टेंट मीडिया पुरस्कार नियम मध्य प्रदेश शासन फोरलेन प्रभावितों ने डीसी को सुनाई दो टूक,... झारखण्ड सामाजिक कल्याण समिति Newsroom केरल बाढ़: पीएम मोदी ने CM संग ली समीक्षा बैठक, 500 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान अधिक देखें Thu, 09 Aug 2018 03:30 PM IST 5 चीजें बिटकॉइन मालिकों को अवश्य अवश्य करना चाहिए जब एस्टेट योजना जवाब –  हाँ गरीब परिवारों को बिजली कनेक्शन मुफ्त में प्रदान किया जाएगा। अन्य घरों को भी 500 रुपये का भुगतान करने पर योजना के तहत बिजली कनेक्शन प्रदान किया जाएगा जो की बिजली बिलों के साथ दस (10) किश्तों में डिस्कॉम / बिजली विभाग द्वारा वसूल किया जाएगा। Deutsche Welle मण्डी भाव शिक्षक मंच 12345678910 पूजन विधि और आरतियां संस्मरणः सांसद किसी पार्टी का हो, सबको एक निगाह से देखते थे वाजपेयी लिंक अधिकारी की व्यवस्था electricity rate बिज़नेस ADVERTISEMENT सुल्तानपुर अनु एव वि प्रबंधन प्रभाग इस पोस्ट को शेयर करें Twitter मंत्री श्री जैन ने हासामपुरा में स्व.दिगंबरराव तिजारे स्टेडियम का लोकार्पण किया, विधायक ट्रॉफी 2018 का पुरस्कार वितरण भी किया २. उपभोक्ता के मूल व सरचार्ज दोनों माफ होंगे। CTET 2018: खुशखबरी! बीएड पास उम्मीदवार दे सकेंगे प्राइमरी सीटेट News18 ख़ास यहां काम करने की जरूरत समाज सेबी Odisha me electric connection k lie ghumate he aur Rs 6500 ka mang kar rahe he to PM soubhagya yojana ka matlab kya he 101-200      4.00 सोलर पावर कंपनियों के बीच छिड़ी प्राइस वार को इस प्रोजेक्ट से हवा मिल सकती है। दरअसल हाल में ही एनटीपीसी सोलर पावर के क्षेत्र आने से बिजली की कीमतें 5 रुपए से नीचे जाने की उम्मीद है। अभी तक सबसे सस्ती सोलर पावर मध्‍य प्रदेश में 5.05 रुपए प्रति यूनिट की दर से कंपनियों से करार किया था। लेकिन एनटीपीसी इससे भी कम 4.75 रुपए प्रति यूनिट सोलर पावर बेचने की तैयारी कर रही है। वहीं, एनटीपीसी की रिवर्स बिडिंग के जरिए सोलर पावर प्रोड्यूसर्स से बिजली खरीदने की योजना है। कंपनी लगभग 15 हजार मेगावाट सोलर पावर खरीदेगी। एनटीपीसी को उम्मीद है कि इस बिडिंग में सोलर प्रोड्यूसर 3.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिड करेंगे। निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? कर्नाटक: CM कुमारस्वामी करेंगे बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों का दौरा सुखपाल खैहरा को पार्टी ने क्यों हटाया, भगवंत मान ने किया खुलासा Feedback Newer Post Older Post Home नया हरियाणा : 13 अगस्त 2018 इंडियन ऑयल के मुताबिक करीब 70 फीसदी लाभार्थियों ने एलपीजी चूल्हा और पहली बार गैस भरवाने के शुल्क के लिए ओएमसी से ब्याज रहित लोन लिया है. योजना के तहत हर बार गैस भरवाने पर सब्सिडी के तौर पर कटने वाली रकम से इस लोन को चुकाया जाता है. इसलिए 70 फीसदी उज्ज्वला योजना के लाभार्थी बाज़ार भाव पर सिलेंडर खरीदते हैं जब तक उनका लोन चुकता नहीं हो जाता है. सुहाग’रात’ को ससुराल से गहने-पैसे लूटकर फरार हो गई दुल्हन 0 एटी एंड सी लॉस कम करते हुए बिलिंग व वसूली में सुधार किया जाना चाहिए। 101-200         6.10 पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन | देशभर में शोक की लहर FOLLOW US: Ceiling Fans टी वी समाचार தமிழ் Promoted by 9,018 supporters प्रयोगपृष्ठ दीपिका रणवीर इटली में रचाएंगे ब्याह, मेहमानों को इस वजह से मोबाइल लाने की मनाही राज्यवार ख़बरें मूवी रिव्यू हालांकि, गरीबी रेखा से नीचे यापन करने वाले उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू श्रेणी में पहले 100 यूनिट तक विद्युत दरों में दस पैसे प्रति यूनिट की बढ़ात्तरी कर उसे 2.55 रुपए प्रति यूनिट कर दिया गया है। साथ ही फिक्सड चार्ज 5 रुपए बढ़ाकर 45 रुपए कर दिया गया है। अगले 100 से 200 यूनिट तक विद्युत दर रुपए 3.30 कर दी गई है जबकि फिक्सड चार्ज 70 रुपए होगा जबकि 200 से 400 यूनिट तक विद्युत दर 4.50 और फिक्सड चार्ज 110 रुपए होगा।     वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी अधिकारी व कर्मचारी अपने विभाग के लिए तो अधिकारी/कर्मचारी है परंतु अन्य विभागों के लिए वह एक उपभोक्ता भी है। इसलिए जनहित में वह अपने उपभोक्ताओं के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं तथा उन्हें संतुष्टिजनक सेवा देने के लिए हर संभव प्रयास करें। मेरा पैसा 0.50                 2.65 बिजली कंपनियां अगर बिजली उत्पादक कंपनियों से कम दाम पर बिजली खरीदती हैं तो उन्हें इसके बदले इंसेंटिव मिल सकता है। दिल्ली इलैक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी अथॉरिटी (डीईआरसी) इस योजना पर विचार कर रही है। अभी इस संबंध में सभी की राय ली जा रही है। फाइनल होते ही इसके बारे में ऑर्डर जारी कर दिए जाएंगे। इससे बिजली कंपनियों के साथ ही कंस्यूमर को भी फायदा होगा, क्योंकि इससे उनका बिल का बोझ कुछ कम होगा। मंत्री श्री जैन ने हासामपुरा में स्व.दिगंबरराव तिजारे स्टेडियम का लोकार्पण किया, विधायक ट्रॉफी 2018 का पुरस्कार वितरण भी किया 15/08/2018 222 2 hours ago humaramandsaur ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि लोगों ने बेकार हो गए 500 और 1000 के नोट को अपने बैंक खातों में जमा करवाया था. इसके बाद इन खातों में जमा राशि में गिरावट आ गई और मार्च 2017 के बाद से फिर से इसमें बढ़ोतरी शुरू हुई. VIDEO: जेल में बंद युवक की मौत के बाद रुद्रपुर कोतवाली में हंगामा Spacial प्रतीकों के साथ 7 खंड एलसीडी प्रदेश में सरल बिजली योजना का अब तक करीब 43 लाख हितग्राहियों को लाभ मिलना शुरू हो गया है। इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को 200 रुपये प्रतिमाह फ्लैट रेट पर बिजली दी जा रही है। इनके बकाया बिजली बिलों को भी माफ़ किया जा रहा है। विधानसभा को देखते हुए लाई गई इस योजना को लेकर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि बिजली वितरण कंपनियों के बजट पर प्रभाव पड़ेगा। इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा, बिजली की दरों में वृद्धि होगी और लोगों का बिजली बिल बढ़ जायेगा। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपाडें और डॉ. एमए खान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में यह तर्क दिया गया है कि वर्ष 2003 में भी इसी तरह मुफ्त बिजली देने के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली गई थी। तब कोर्ट ने तत्कालीन सरकार को 100 करोड़ रुपये चुकाने का आदेश दिया था। सस्ता बिजली प्रदाता - बिजली पर पैसा बचाओ सस्ता बिजली प्रदाता - सस्ती ऊर्जा कंपनी सस्ता बिजली प्रदाता - कम लागत बिजली
Legal | Sitemap