अस्वीकरण और नीतियां #electricity बिहार पुलिस में बम्फर बहाली! ITMI HOME 41 Views zee media websites देऊंघाट में पहाड़ी दरकने से 3 मकानों पर मंडराया खतरा Best Ceiling Fans in India आशीष कुमार राम अवतार सिंह मेमोरियल चैरिटेबल सोसाइटी आलोक कुमार, प्रमुख सचिव (ऊर्जा) और अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन 09:42 देश ने खोया अनमोल रत्न, उनका जाना दुखद News in Pictures Audiotrainer भदोही हज़ारीबाग़ बिरौल: हमलोगो ने वाजपेयी ऐसे अविभावक को खो दिया !! पृष्ठ अंतिम अपडेट किया गया: 16-08-2018 04:36 PM Life and Style अगली ख़बर Learn the latest स्टेट निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? ब्‍यूटी पार्लर खोलने के ल‍िए जिसने द‍िए 4 लाख रुपये, मह‍िला ने कर दी उसी की हत्‍.. क्रय तथा सिविल इंजीनियरी विभाग की रिपोर्टें पिछड़ा वर्ग कल्याण News | Aug 13, 2018 उच्‍च धारा लघु पथन परीक्षण सुविधा कबीर अमृतवाणीः सुुनिए कबीरदास के 10 बेहतरीन दोहे अटल जी के निधन पर यूपी में सात दिनों के राजकीय शोक की घोषणा, आज अवकाश Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे... क्रिकेटस्कोर कार्डवीडियोखेल की अन्य खबरेंइंटरव्‍यूओपीनियन एक नजर में टैरिफ Travel ऑडियो आर्टिकल्स एनटीपीसी को सौंपे गए बिजली घर परियोजनाओं में से एक नवीनगर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे शुरू करने में परेशानी हुई थी। व्यक्तिगत पहल कर जमीन अधिग्रहण की समस्या का समाधान किया। अब बिहार में उत्पादन और बिजली की उपलब्धता बढ़ी है। हाल ही में रेहल गांव में ऑफ ग्रिड बिजली आपूर्ति को देखा। वहां सौर ऊर्जा से बिजली आपूर्ति की जा रही है। इससे विकास को गति मिल रही है। बिजली दर को ठीक करने के लिए ही जीरो सब्सिडी का प्रस्ताव लाया गया। बिजली बिल में सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी अंकित रहता है, जिससे लोगों को पता रहता है कि सरकार कितनी सहायता दे रही है। हमारी इच्छा है कि जल्द से जल्द एग्रीकल्चर फीडर बन जाए, ताकि किसानों को कम से कम आठ घंटे बिजली आसानी से मिल सके। केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आरके सिंह ने कहा कि सरकार का यह कदम मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता को दर्शाता है। इससे राज्य को फायदा होगा। राज्य के ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि जनहित में सरकार ने यह निर्णय लिया है। संश्लिष्‍ट परीक्षण सुविधा 20 राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन धर्म/कुंडली टीवी 232 FP Staff Updated On: Mar 28, 2018 10:00 PM IST English UK     मुझे शिकायत जिला प्रशासन, नगर पालिका प्रशासन के साथ ही साथ उन दुकानदारों से भी है जिन्होंने बुधवारी में बेजा अतिक्रमण करके   ⁄  पंचकूला क्रिकेट अमरोहा मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना है कि हरियाणा में पहली बार बिजली कंपनियां लाभ में आई हैं। उनके लाइनलॉस भी कम हुए हैं। हम अब प्रदेश की जनता को सस्ती बिजली देंगे। इसकी घोषणा करने से पहले मैंने बिजली कंपनियों से कहा है कि वे उत्पादन प्रभावित न होने दें। इसके लिए यदि कोयले की जरूरत है तो आवश्यक प्रबंध और बातचीत करें। हम नहीं चाहते कि बिजली सस्ती करने की घोषणा कर दें और समुचित आपूर्ति न कर पाएं। हमारी सरकार बिजली भी सस्ती देगी और आपूर्ति भी पूरी देगी। सर्वाधिक खोजे गए How to Print Leo (सिंह) Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 06, 2018, 04:45 AM IST 102,458 Views Rate Card PunjabKesari.in Time: 2018-08-18T05:27:18Z भारतीय संसद How Super-Efficient BLDC Fans Can Reduce Electricity Bills by 65% संन्यासी के पास इतना सोना कहां से आया? Download Molitics Plus For Leaders टेक लीक Citizen’s Charter ‘मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं: लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं?’ 14 जुलाई 2018 टेली टॉक 5 हजार करोड़ रूपए जमा करने के बाद लागू करें योजना वाद-प्रतिवाद-संवाद Español बेगूसराय में हैवानियत, विक्षिप्त महिला से रेप कर फरार हुआ बदमाश सीतामढ़ी Hockey 16 अगस्त 2018 उनका इशारा इस तरफ था कि कर्मचारी या तो प्रेम से कोटा छोड़कर चले जाएं वरना इस कपड़े धोने के धोवने से उनकी पिटाई कर उन्हें यहां से भगा दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रविंद्र त्यागी ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि बिजली कंपनी आम जनता को लूट रही है और इसमें भाजपा जनप्रतिनिधियों की शह मिली हुई है। Sorry, but the page you are looking for doesn't exist. छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की नई दरें घोषित कर दी हैं। उपभोक्ताओं के लिए ये दरें 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगी। 2017-18 2952 करोड़ 51-100              2.90 For Digital Marketing enquiries contact: 9000180611, 040-23318181 E-Mail: [email protected] | Powered by Vishwak घर अपनी बात किसी भी राज्य सरकार के पास बिजली की दरें घटाने की अथॉ़रिटी नहीं है। डीईआरसी पावर टैरिफ की दरें निर्धारित कर सकता है। हालांकि सीएजी द्वारा पावर कंपनियों के ऑडिट की क्या रिपोर्ट निकलकर आती है इस पर नजर रखनी होगी। झारखण्ड सामाजिक कल्याण समिति 255 Bijli Bachao in Media हंगामे के बाद सुधार की याद आई? उच्‍च वोल्‍टता प्रभाग 2019 तक प्रदेश के हर घर तक बिजली :  होम » उत्तराखंड Surveys गुरदासपुर/पठानकोट DIG की सख्त कार्रवाई का असर, पटना में हफ्ते भर में 800 से अधिक अरेस्टिंग "बिट्कोइन की मौत और क्रिप्टोकाउंक्चर का भविष्य" - अल्फा की मांग | $ 4, 576. 90 ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत / सार्वजनिक संस्थानों को पूर्ण दस्तावेज के साथ आवेदन पत्र जमा करने, बिल वितरित करने और पंचायत राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों के साथ परामर्श में राजस्व एकत्र करने के लिए अधिकृत किया जा सकता है। ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड (आरईसी) पूरे देश में इस योजना के संचालन के लिए नोडल एजेंसी रहेगी। प्रधान मंत्री सहयोगी बिजल योजना निश्चित रूप से देश में समग्र आर्थिक विकास में सुधार लाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में निश्चित रूप से मदद करेगी। next › कैलेण्डर अपने ब्राउज़र की Cookies को clear करें | जूनियर असिस्टेंट: 14500-40120 रुपये International 09:42 देश ने खोया अनमोल रत्न, उनका जाना दुखद प्रवासी भारतीय कुमार ने बताया कि कृषि उपयोग के लिए प्रति यूनिट 1.10 रुपये ही टैरिफ लगेगा मतलब किसानों को प्रति यूनिट 5.65 रुपये की सब्सिडी उपलब्ध होगी. अरुण पांडेय जब भी खांसता था बच्‍चा आती थी सीटी की आवाज, डॉक्‍टर्स भी हैरान दिल्ली सत्रहवां सवाल – क्या इस योजना के बारे में जनता में जागरूकता पैदा करने की कोई योजना है, ताकि इस योजना से अधिक से अधिक लोग लाभ उठा सकें? कंज्यूमर क्यों झेले 'एक्स्ट्रा' करंट? सब्सक्राइब न्यूज़लेटर अक्षम यूनिट : बदरपुर पावर प्लांट में यूनिट नंबर 1, 2 और 3 अक्षम हैं। इसमें खर्च ज्यादा आता है और बिजली कम। लेकिन टोटल खर्च डिस्कॉम के खाते में आता है और यही कंज्यूमर की जेब पर भी भारी पड़ता है। नई यूनिट शुरू होनी चाहिए और अक्षम यूनिट बंद होनी चाहिए। नवम्बर 8, 2017 Md. Saheb Ali Big News, BIHAR, आपका प्रदेश, ट्रेंडिंग, देश विदेश 0 लोकसभा चुनाव  Surveys electricity connection up news in hindi lucknow news सपा सरकार ने वर्ष 2012 के अपने चुनावी घोषणा-पत्र में वादा किया था कि ''आने वाले दो वर्षों में बिजली की उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों के लिये 20 घण्टे और शहरी क्षेत्रों में 22 घण्टे की जायेगी। उद्योग और कृषि के लिये बिजली की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जायेगी’’। परन्तु आज लगभग सवा तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी यह सपा सरकार अपने इन वादों को थोड़ा भी पूरा करने के मामले में ना केवल पूरी तरह से विफ ल साबित हुई है, बल्कि इन वादों को पूरा करने के मामले में अभी तक कोई ठोस क़दम भी नहीं उठा पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सब जानती है और उसने ''अपराध-नियंत्रण व क़ानून-व्यवस्था के साथ-साथ जनहित व विकास एवं बिजली’’ के क्षेत्र में भी बी.एस.पी. की सरकार के बेहतरीन कार्यों को देखा व परखा एवं अनुभव किया है। जवाब –  देश में अनुमानित लगभग 4 करोड़ बिना बिजली वाले परिवार हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 1 करोड़ बीपीएल परिवार पहले से ही DDUJJY के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में शामिल हैं। इस प्रकार, कुल 300 लाख घरों में ग्रामीण इलाकों में 250 लाख घर और शहरी क्षेत्रों में 50 लाख परिवारों को इस योजना के तहत कवर करने की उम्मीद है। Ad Choices फार्म बड़ी खबरें भोपाल News अररिया Daily Updates minister गोरखपुर लिंक अधिकारी की व्यवस्था Bihar News टुण्डी विधानसभा क्षेत्र के लोगो को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं बादम पंचायत मुखिया, बड़कागांव Read More: Agra News Hindi Latest Agra Latest News Hindi Hindi Newsडीआईसीविद्युतयोजनाअनुश्रवण Pradhan Mantri Yojana 14 Yum Insulation SPORTS: बिना कोच के खिलाड़ी खुद ही निखार रहे हुनर सारन कन्या प्रोग्राम (अंग्रेजी) A heavy coat of dust on a light bulb can block up to half of the light produced by it. ग्रामीण इलाके में बिजली की दरें दो गुनी बढ़ी बिजली बिल भरने पर ये कंपनी दे रही इनाम, 31 दिसंबर तक है समय WHO WE ARE विद्युत योजना से सात हजार ग्रामीण उपभोक्ता लाभान्वित यूईआरसी ने खारिज की बिजली टैरिफ बढ़ाने की अपील प्रखंड प्रमुख चंदनकियारी स्वास्थ्य सास-बहू के जिस्मफरोशी के धंधे से उठा पर्दा, रंगे... इंफ्रास्ट्रक्चर August 9, 2018 समय पर ऑनलाइन भुगतान करने पर कुल ढाई फीसदी की छूट  Business News हम भारत सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों और नीतियों के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा क्षेत्र के लिए राज्य सरकार को लागू करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 1982 में स्थापित एक निगम हैं। July 17, 2018 बोलीविया की माली हालत खस्ता, लेकिन राष्ट्रपति ने अपने लिए 238 करोड़ रु. में बनवाया 29 मंजिला घर 22 mins सुनील मानकी www.bhaskar.com Aug 11, 2018, 05:30 IST प्रत्येक न्यूज़ BHOPAL में देर रात तक चली रोजगर सहायकों की मीटिंग | MP NEWS गैजेट्स न्यूज़ भारत के पीसी मार्केट में 28 फीसदी की ग्रोथ, अल्ट्रा स्लिम नोटबुक ने बढ़ाई मांग 50 mins हमारा नज़रिया Why Bijli Bachao? बिजली कंपनी में कई पदों के लिए 1648 वैकेंसी सार्वजनिक छुट्टियाँ आयोग ने बुधवार को राज्य में वित्त वर्ष 2018-2019 के लिए बिजली के नए टैरिफ को मंजूरी दे दी है. एक अप्रैल से लागू होने वाली नई दरों में सिर्फ एक कैटेगरी में बिजली दरें बढ़ाई गई हैं. बाकी सभी में छूट मिली है. nscindore 6 से 10 साल बाद ली जानी चाहिए प्रोजैक्ट से फ्री-पावर ऐप डाउनलोड करें मेरी कहानी अपनी प्रतिक्रिया दें विगत वर्षों के प्रश्नपत्र बाबू धन मुर्मू आंकड़े बताते हैं कि नेशनल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल ने सितंबर 2017 तक सिर्फ छह लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया है और सिर्फ 72,858 प्रशिक्षित युवाओं को 12 फीसदी की दर से काम दे सका है. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पहला चरण) के तहत रोजगार देने की दर सिर्फ 18 फीसदी रही है. सांसद राजमहल लोकसभा दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | August 2017 छोटे उद्योगों के लिए औसतन विद्युत दर 5.14 रुपए प्रति यूनिट से बढ़ाकर रुपए 5.38 प्रति यूनिट कर दी गई है जबकि बड़े उद्योगों के लिए 5.16 रुपए से बढ़ाकर 5.41 रुपए कर दी गई है। कुमार ने बताया कि प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनी उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड बिजली 3.10 रुपए में खरीदेगी और उपभोक्ताओं को 4.92 रुपए में बेचेगी। प्रोफ़ेसर दिवाकर ने कहा कि सरकार ने ग़रीबों को लिए जन धन अकाउंट खोला लेकिन अब उन ग़रीबों को इस अकाउंट को हैंडल करने के लिए आठ फ़ीसदी सर्विस टैक्स देना होगा. उन्होंने कहा कि इतने सारे विरोधाभासों के साथ कोई सरकार कैसे दावा कर सकती है कि इससे ग़रीबों को फ़ायदा होगा? टैबलेट अनुदान के बाद 2017-18 में बिजली दर October 29, 2017 team livecities आपका ज़िला 0 सामग्री प्रौद्योगिकी प्रभाग (एमटीडी) ऊर्जा लागत की तुलना करें - सर्वश्रेष्ठ विद्युत दर ऊर्जा लागत की तुलना करें - सर्वश्रेष्ठ इलेक्ट्रिक ऊर्जा लागत की तुलना करें - सर्वश्रेष्ठ बिजली प्रदाता
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