31 दिसम्बर तक सभी घरों में पहुंचेगी बिजली कीर्ति आज़ाद के निलंबन के बाद बीजेपी नेताओं में मची… BPSC Verified accountProtected Tweets @ आसमान में झूलते हुए खाने का लुत्फ उठाइए Hindi NewsNDTV India LiveWorld News in HindiSports News in HindiCricket News in HindiBollywood News in HindiArchivesAdvertiseAbout UsFeedbackDisclaimerInvestorComplaint RedressalCareersContact UsSitemap© Copyright NDTV Convergence Limited 2018. All rights reserved. दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेग्युलेटरी कमिशन (डीईआरसी) से जानकारी नॉर्थ दिल्ली रेजिडेंट्स वेलफेयर फेडरेशन ने मांगी थी। आरटीआई में डीईआरसी से बीएसईएस की दोनों कंपनियों और टाटा पावर के बारे में पूछा गया था। जानकारी मांगी गई थी कि इन कंपनियों ने इस साल अप्रैल, मई और 20 जून तक कितनी बिजली खरीदी। इसकी कीमत पर और किन-किन पावर जेनरेशन कंपनियों से बिजली खरीदी गई और किस रेट्स पर कंस्यूमर्स को बिजली दी गई। हालांकि, डीईआरसी की ओर से जो जवाब मिला उसमें टाटा पावर ने अपना रिप्लाई नहीं दिया। मध्यप्रदेश कृषि विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत किसानों को दी जाने वाली सुविधाए। समय-समय पर आवश्यकतानुसार इन सुविधाओं में परिवर्तन हो सकता है, अतएव इस हेतु विभाग के अधिकारियों से सतत् सम्पक्र बनाएं रखें। सरकारी कंपनियों को तरजीह देने से पावर सेक्टर में दिक्कत: RBI comments English English शून्य ऊर्जा खपत वाले ये घर, फिलाडेल्फिया के पहले पैसिव हाउस हैं. कम आय वाले लोगों के लिए बनाए गए ये घर गरीब लोगों के लिए भी फायदेमंद हैं क्योंकि इनमें ऊर्जा की खपत नहीं के बराबर है. ग्वालियर। वो जमाना गया जब बिजली विभाग बेचारा और उपभोक्ता चोर हुआ करते थे। अब तो बिजली कंपनियां अपने उपभोक्ताओं को खुलेआम लूट रहीं हैं। इतना ही नहीं लूटने वाले अधिकारियों को सम्मानित भी किया जा रहा है। यहां रोशनी घर जोन ने कुल 33 लाख यूनिट बिजली उपभोक्ताओं को सप्लाई की, जबकि 45 लाख यूनिट के बिल जारी करके, वसूली कर ली। मात्र एक जोन में 12 लाख यूनिट के फर्जी बिल वसूल लिए गए। आश्चर्यजनक तो यह है कि इस तरह की फर्जी बिल जारी करने वाले अधिकारियों को 15 अगस्त के अवसर पर सम्मानित किया जाने वाला है।  बहरहाल अटल जी ने झारखंड राज्य को एक समृद्ध राज्य के रूप में बनाने का सपना देखा था। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जिस मकसद में झारखंड का गठन हुआ था वह पूरा हुआ या नहीं। राज्य के विकास के पैमाने को देखकर लगता है कि शायद राज्य को जिस मकसद से अलग किया गया था वह पूरा नहीं हुआ। साहेब राम हेम्बरम यूपी में आज से महंगी हुई बिजली, गांव व शहरों के लिए अलग-अलग दरें, देखें-कितनी ढ़ीली करनी होगी जेब # Saubhagya Yojana बीएसईएस राजधानी 100 मेगावाट बिजली खरीदेगा 255 Retweets 0.2% आईबी  Local News कैलेंडर हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इसे कब तक बाध्यकारी बनाया जाएगा. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे सिंह ने कहा, ‘‘सौर ऊर्जा क्षेत्र में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिये हम 20,000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं की नीलामी करेंगे और इसे विनिर्माण से जोड़ेंगे. यानी इसमें वहीं कंपनियां भाग ले सकेंगी जो सौर ऊर्जा से जुड़े उपकरण का विनिर्माण यहां करेंगी. इसके लिये जल्दी ही वैश्विक निविदा जारी की जाएगी.’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘पवन और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हम नये क्षेत्रों पर ध्यान दे रहे हैं. इसके तहत तमिलनाडू और गुजरात के अपतटीय क्षेत्र में पवन ऊर्जा तथा देश के भीतर मौजूदा जलाशयों में सौर परियोजनाएं लगाने की दिशा में काम कर रहे हैं.’’ DASHRATH KUMAR ये भी पढ़ें – अटके हाईवे प्रोजेक्‍ट होंगे पूरे, सरकार देगी वनटाइम वित्‍तीय सहायता ई-पेपर वीडियो जर्मन और चीनी पैसिव हाउस. ये एक कारखाने का मॉडल है जो चीन के हार्बिन में पैसिव हाउस स्टैंडर्ड के हिसाब से बनाया जा रहा है. चीनी कंपनी सायास इन मकानों के लिए खिड़कियां बनाना शुरू कर चुकी हैं और इस तरह के मकान बनाने वाली पहली चीनी कंपनी है. प्रयोगपृष्ठ प्राकृतिक गैस (NATURAL GAS) Inextlive मनसा वाचा कर्मणा 492 Views मकर राशि वालों आज आपके बिगड़े काम बनेगें तथा अधिकारियों से आपकी मित्रता के कारण आपको लाभ प्राप्त......Read more मुजफ्फरपुर 404 Error कृषि(25 एचपी तक)- 5.70 - 5.00 पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर सात दिन का राष्‍ट्रीय शोक कंज्यूमर क्यों झेले 'एक्स्ट्रा' करंट? दिल्लीवालों को राहत देते हुए दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (डीईआरसी) ने बिजली के बिल में राहत दे दी है. बिजली बोर्ड ने बिजली बिल में रीस्ट्रक्चरिंग की है. इसका फायदा सभी कैटेगरी के ग्राहकों को होगा. इस संशोधन में बिजली बिल का फिक्स्ड चार्ज कम बढ़ा दिया गया है और प्रति यूनिट बिजली का बिल घटा दिया गया है. इसका फायदा उन लोगों को मिलेगा जो हर महीने 400 यूनिट से कम इस्तेमाल करते हैं. Sections निदेशालय, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा "बिट्कोइन की मौत और क्रिप्टोकाउंक्चर का भविष्य" - अल्फा की मांग | $ 4, 576. 90 Mobile टेली टॉक श्री राम नवमी समारोह फॉर्म एलसीडी डिस्प्ले एकल चरण इलेक्ट्रिक मीटर, छेड़छाड़ प्रूफ प्रीपेड पावर मीटर बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक बिजली उपभोग में मिलने वाली छूट को बढ़ाकर 60 यूनिट कर दिया गया है. Top Ten Appliances वैकल्पिक विषय - दर्शनशास्त्र Rohini, Delhi किशनगंज বাংলা ... और पूर्व प्रधानमंत्री ने दे दिए ढाई सौ करोड़ के पैकेज बर्बाद होता खजाना निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा? Urdu اردو कार्यक्रम सस्ते पावर प्लांट : अभी दिल्ली को करीब 65 पर्सेंट पावर एनटीपीसी से मिलती है। एनटीपीसी के दादरी 1, दादरी 2, अरावली और बदरपुर पावर प्लांट मेन हैं। ये चारों प्लांट ही एनटीपीसी के सबसे महंगे पावर प्लॉटों में से हैं। इनसे महंगी बिजली मिलती है और डिस्कॉम को वह खर्च उपभोक्ताओं से ही लेना पड़ता है। अगर दिल्ली को सिंगरौली, रिहानहिंद जैसे सस्ते पावर प्लांट से बिजली मिले तो दिल्ली में बिजली के रेट कम हो सकते हैं। लेकिन इसमें पावर मिनिस्ट्री की मदद चाहिए। निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? कंपनी को आयोग ने दिया टास्क  झांसी पारस HMRI में लिगामेंट सर्जरी का बढ़ा क्रेज, दो फुटबाॅलरों का हुआ सफल ऑपरेशन BIHAR वी टी यू अनुसंधान केंद्र इन 10 तरीकों से नारियल तेल का इस्तेमाल करेंगे तो दिखेंगे यंग Trending सरकार कुल्लू के बाजार रहे बंद, व्यापारियों ने दी अटलजी को श्रद्धांजलि Whatsappसब्सक्राइब एजुकेशन महिन्द्रा मराज़ो के डैशबोर्ड से जुड़ी जानकारी आई सामने, जानिए August 11, 2018 at 12:10 pm लोकप्रिय खास बातें अधिक जानकारी के लिए दस्तावेज़ डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें (आकार: 1087KB, प्रारूप: PDF, भाषा: हिंदी / अंग्रेजी) नई दिल्ली: दिल्ली में बिजली के दाम घट गए हैं लेकिन फिक्स चार्जेस बढ़ा दिए गए हैं. घरेलू बिजली की दरें  एक से डेढ़ रुपये प्रति यूनिट कम की गईंहैं. दिल्ली बिजली नियामक प्राधिकरण (डीईआरसी) की बुधवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. रू-ब-रू / अतिथि कॉलम अब यूपी में शहरी इलाकों में 300 से 1000 यूनिट के लिए 8 रुपये प्रतियूनिट की दर तय की गई है। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी बिजली की दरों में बढ़ोतरी हुई। ग्रामीण अनमीटर्ड व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 600 रुपए बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह देना हेागा। शहरी इलाकों में 300 से 1000 यूनिट 8 रुपये प्रतियूनिट किया गया है। शहरी व्यावसायिक फिक्स चार्ज 200 से बढ़ाकर 300 रुपये किया गया है। शहरी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक 7 रुपए प्रति यूनिट की दर चुकानी होगी। Godrej AC Technologies in India – Review नियामक आयोग के सचिव पीएन सिंह ने कहा कि विद्युत वितरण कंपनी ने वर्ष 2018-19 के लिए औसत लागत 6.44 पैसा के मुताबिक 120 करोड़ की राजस्व कमी बताई थी। आयोग ने परीक्षण के बाद राजस्व कमी के स्थान पर 531 करोड़ रुपये के अधिक राजस्व की गणना को मान्य किया। आयोग ने बिजली कंपनी की मांग 6.44 पैसे की जगह 6.20 पैसे की दर को मान्य किया है। Related Articles (District wise) It looks like nothing was found at this location. You can try a search instead. ... और पूर्व प्रधानमंत्री ने दे दिए ढाई सौ करोड़ के पैकेज Font help ललिता देवी महोबा गुफा में फंसे बच्चों को सीखनी होगी गोताखोरी 03.07.2018 कॉरपोरेट सीतामढ़ी प्रवासी भारतीय रोजगार Bhaskar News Network 05-08-2018 गढ़वा Primary Menu Previous Previous post: ज्ञान रंजन सिन्हा ईडीएफ यह प्रोजेक्‍ट अरेवा से टेक ओवर करेगी। अरेवा ने यह कॉन्‍ट्रैक्‍ट 2009 में हासिल किया था। ईडीएफ, इसमें 84 फीसदी हिस्‍सेदारी फ्रांस सरकार की है, ने जुलाई 2015 में अरेवा में नियंत्रण हिस्‍सेदारी हासिल करने के बाद इस प्रोजेक्‍ट को अपने हाथ में लिया है। अरेवा, इसमें भी फ्रांस सरकार की बड़ी हिस्‍सेदारी है, इस प्रोजेक्‍ट को शुरू नहीं कर पाई, क्‍योंकि एनपीसीआईएल के साथ प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट को लेकर कुछ विवाद था और स्‍थानीय लोगों भी इस प्रोजेक्‍ट का विरोध कर रहे हैं। जैतापुर भूकंप की दृष्टि से सक्रिय क्षेत्र में स्थित है, इसलिए पर्यावरणविद इससे भारी नुकसान की आंशका जता रहे हैं। हेल्थ टॉप स्टोरी रांची आंध्र प्रदेश सरकारी निर्देशिका धनबाद: श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी का मनाया गया 130वां जन्‍मोत्‍सव कब और क्यों मनाई जाती है व्रत पूर्णिमा? जानिए व्रत की विधि और इसके लाभ न्यूज निचोड़ At 11 AM : अमर रहेंगे अटल! सिंह ने कहा कि जलाशयों में सौर परियोजनाएं लगाने के लिये अधिकारियों की एक टीम भाखड़ा नांगल गयी ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां कितनी क्षमता की परियोजनाएं लगायी जा सकती है. अपतटीय क्षेत्र में सर्वे का काम जारी है. ‘‘ इन सब उपायों से हम 2022 तक अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में लक्ष्य से अधिक 2,00,000 मेगावाट क्षमता सृजित करने की उम्मीद कर रहे हैं.’’ उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2022 तक अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में 1,75,000 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है. Copyright © 2017 Reporters Corridor. All rights reserved. वोडाफोन ने उतारा नया 99 रुपये का प्लान कीवर्ड बिजली, पहाड़, गुफा, हवा गैजेट्स बाजार में उछाल, सेंसेक्स 100 और निफ्टी में 30 अंक.. Time: 2018-08-18T05:24:44Z फोकस 33 के.व्ही से अधिक वोल्टेज पर नवीन कनेक्शन हेतु विद्युत निरीक्षक द्वारा रेखाचित्र अनुमोदन तथा चार्जिंग अनुमति संबंधी नवीन सेवा को लोक सेवा प्रबंधन अधिनियम अंतर्गत शामिल करने की अधिसूचना। Section जवानी में कर लें ये काम, वरना बुढ़ापे में मुश... ऊर्जा उत्पादक संघ के क्षमता प्रोडक्शन के प्रबंध निदेशक अशोक खुराना के मुताबिक, अगर गवर्नमेंट सभी पक्षकारों की राय के मुताबिक आगे बढ़ती है, तो उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा . केंद्रीय ग्रिड तंत्र सीमित नहीं रहेगी व सभी संयंत्रों में एकरूपता आएगी . Copyright © 2017 Firstpost.com — All rights reserved. NETWORK 18 SITES गुजरातहिमाचल प्रदेशमहाराष्ट्रहरियाणापंजाबराजस्थानछत्तीसगढ़झारखंडमध्य प्रदेशदिल्लीबिहारउत्तर प्रदेश नई दिल्ली। इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बीएसईएस ने मोबाइल कॉमर्स प्लेटफॉर्म Paytm के साथ गठबंधन किया है। इसके तहत बिजली बिल भुगतान करने पर उपभोक्ताओं को कैशबैक दिया जाएगा। बीएसईएस के प्रवक्ता ने कहा कि पेमेंट करने के एक हफ्ते बाद बिलों का भुगतान करने वाले ग्राहकों को 200 रुपए तक कैशबैक मिलेगा। हालांकि कंपनी के मुताबिक पेमेंट डेट से पहले अन्य सभी भुगतानों के लिए यह योजना फरवरी से मार्च तक वैध रहेगी। ऊर्जा विभाग अधिसूचनाये आलेख भविष्यफल पात्र गृहस्थी राशन कार्ड पी एस एवं एल एफ वार्षिक रिपोर्ट महाराजगंज सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2022 तक पांच करोड़ नए घर बनाने का लक्ष्य रखा है जिनमें से तीन करोड़ ग्रामीण और शहर के बाहरी इलाकों में बनाए जाएंगे. राज्‍यों से मुख्य पृष्ठ पर जाएं जयपुर। प्रदेश की छोटी ढाणियों और खेतोंं में मकान बनाकर रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। खेतों में मकान बनाकर रहने वालों को बिजली कनेक्शन देने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण घरेलू कनेक्शन योजना शुरू की है। इस योजना मेेंं 19 सितंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे, जो कि 30 अक्टूबर तक किए जाएंगे। Guruvaani Country Code For customers of लैपटॉप्स ARCHIVES गोरखपुर Health + गैजेट Published: 2017-03-30 13:39:03.0 राज्यपाल ने राजभवन में देखे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम By RC Desk2 On May 11,2018 11:32:51 AM Community D शाहडोल RC रेडियो VIDEO: पार्टी कार्यकर्ताओं ने वाजपेयी जी के दिखाए रास्ते पर चलने का किया आह्वान Fit आइए जानते हैं बिजली की दरों में बढोतरी को लेकर किन मुद्दों पर गुप्ता ने सरकार को घेरा सरकार ने निजी कंपनियों के उस हिसाब किताब को लेकर कोई पड़ताल नहीं की, जो कंपनियों ने सरकार के पास जमा कराया. हर साल कंपनियां फर्जी घाटा सरकार के सामने पेश करती हैं और सरकार चुपचाप उसे अपने पास रख लेती है, इसका मतलब है कि सरकार की मौन स्वीकृति है. अब कंपनियों ने इसी घाटे को आधार बनाकर बिजली की बढ़ी हुई दरें डीईआरसी के सामने पेश कर दी हैं. सरकार तो (सीएजी) आडिट कराने की बात करती थी, लेकिन अब उस मामले पर चुप है, केजरीवाल जी को जवाब देना चाहिए कि आखिर दिल्ली वालों को सस्ती बिजली के सपने दिखाकर बिजली महंगी करने की तैयारी क्यों की जा रही है. सरकार हर साल दो हज़ार करोड़ रुपए निजी बिजली कंपनियों को सब्सि़डी के तौर पर दे रही है, दिल्ली की जनता की कमाई का पैसा कंपनियों को दिया जा रहा है और अब दिल्ली की जनता पर ही टैरिफ का बोझ बढाने की तैयारी हो रही है. हालांकि कोई सरकार के दावें पर कैसे सवाल खड़ा सकता है, अगर इन दावों को सही भी मान लिया जाए तो गांव के विद्युतीकरण से गांववालों को कोई फायदा तो हुआ नहीं है क्योंकि विद्युत आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता की हालत बनी हुई है. अगर इन्हें 24 घंटे बिजली दी भी जाती है तो इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि गांव वाले इस बिजली का उपभोग करने में सक्षम होंगे. Macedonian Македонски बैगुल जलाशय में मात्स्यिकी विकास हेतु संस्तुतियाँ (Recommendations for fisheries development in Bagul reservoir) Promoted by 10 supporters इस पोस्ट को शेयर करें Google+ इंडिया टीवी : Use the search bar at the top to find what your looking for. नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने वालों को नहीं छोड़ेगी पटना पुलिस, ठोकेगी 13 सौ का जुर्माना भी BIHAR Updated: 27 Jun, 2017 10:24 AM एसी और फ्रिज, च्यूइंगम, चॉकलेट्स, कस्टर्ड पाउडर और चॉकलेट निर्मित पदार्थ 28 प्रतिश टैक्स दर में आएंगे। गुड्स एंड सर्विस टैक्स 1 जुलाई 2017 से लागू होगा , जीएसटीएन ने कहा हम हैं तैयार © 2018, Change.org, Inc.Certified B Corporation सुप्रीम कोर्ट पहुंची चुनाव से पहले सस्ती बिजली देने और बिल माफ करने की योजना ऊर्जा लागत की तुलना करें - गैस बिजली ऊर्जा लागत की तुलना करें - इलेक्ट्रिक कंपनियां ऊर्जा लागत की तुलना करें - कोई जमा के साथ सस्ता बिजली
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