पिथौरागढ़ Purnia Promote this Tweet वास्तु टिप्स: इन 5 कारणों से आपके घर में नहीं टिकता पैसा, अपनाएं ये आसान उपाय Justice For Noura | Don't execute Noura for self defense against the man who raped her! विदेशी मामले जीवन शैली दूसरे चरण के आवेदन 16-05-2017 से आगामी आदेश तक दिये जा सकते है। ************************************************************************************ पहली बार परफॉरमेंस के आधार पर सस्ती बिजली: बिजली कंपनियों के परफॉरमेंस के आधार पर रेग्युलेटरी सरचार्ज में कटौती कर बिजली सस्ती देने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। नियामक आयोग के चेयरमैन देशदीपक वर्मा ने कहा कि जो कंपनियां लाइन लॉस कम करने में पिछड़ गई उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा। आगे भी यह प्रतिस्पर्धा जारी रहेगी। Navigation power company वार्ड पार्षद - 53 धनबाद नगर निगम स्कीम का स्वरूप पकवान रिव्यु राजभाषा अनुभाग Deutsche Welle भोपाल अनंत की यात्रा पर निकले अटल बिहारी वाजपेयी, केजरीवाल-सिसोदिया ने स्मृति स्थल पर दी अंतिम विदाई We care CONGRESS ENTANGLE VIRBHADRA उपयोग करने की शर्तें Follow more accounts to get instant updates about topics you care about. राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र द्वारा होस्ट की गई साईट। विषयवस्तु का स्वामित्व, अनुसरण तथा उसका अद्यतन विदयुत मंत्रालय द्वारा किया जाता है। बीते दिनों संसद में पेश एक आंकड़े के अनुसार जन धन योजना के तहत खुले 59 लाख खाते बंद हो चुके हैं. (फोटो: पीटीआई) शेयर करें सिस्टम लोडिंग चार्ज खत्म करने की मांग लंबे समय से हो रही थी। यह मामला आयोग द्वारा टैरिफ सरलीकरण कमेटी के समक्ष भी रखा गया और समिति ने इसे खत्म करने की सिफारिश भी की थी। पिछले दिनों आयोग ने इसे समाप्त करने के संकेत दिए थे।  इस वेबसाइट की अंतर्वस्‍तु केन्‍द्रीय विद्युत अनुसंधान संस्‍थान, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रकाशित एवं व्‍यवस्थित है। Intellect : महादेवी के ज्ञान में थी जबलपुर की खुशबू वन क्षेत्र पदाधिकारी (RFO) बेरमो Latest News फैशन Dainikbhaskar Joined August 2010 बाजार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार में बिजली के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। संसाधन सीमित हैं, पर सुधार जारी है और इसकी बदौलत ही बिहार नई ऊंचाइयों को छुएगा। अब ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि पूरे देश में बिजली दर एक हो। Video Interests हरियाणा ने केंद्र से की कोल इंडिया लिमिटेड की मनमानी की शिकायत अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इस ऐलान से दिल्ली के 38 लाख ग्राहकों को फायदा होगा। इसके पहले अरविंद केजरीवाल ने बिजली कंपनियों की ऑडिट के लिए सीएजी से भी मुलाकात की थी। सीएजी ऑडिट करने के लिए तैयार भी हो गया है। इस बीच बिजली कंपनियों से ऑडिट पर उनका जवाब मांगा गया है। कंपनियों को कल तक जवाब देना है। अहमदाबाद The Express Group | The Indian Express | The Financial Express | Loksatta | inUth | Ramnath Goenka Awards ख़ास Don't worry... it happens to the best of us. संपादक की पसंद Instagram वार्षिक रिपोर्ट इसलिए योजना को सभी पहलुओं के बारे में लोगों को जागरूक बनाने के लिए व्यापक मल्टी-मीडिया अभियान चलाया जाएगा। बिजली विभाग के साथ-साथ सौभाग्य योजना के बारे में जागरुकता पैदा करने के लिए डिस्कॉम के अधिकारियों ने ग्रामीण इलाकों में शिविरों का आयोजन भी किया था। जागरूकता अभियान में स्कूल शिक्षक, ग्राम पंचायत सदस्य, स्थानीय साक्षर / शिक्षित युवा भी शामिल होंगे। 12 Sat Aug 18 2018 00:26:44 GMT-0500 (Central Daylight Time) What's Trending TWITTER Promoted by 226 supporters Українська мова सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2022 तक पांच करोड़ नए घर बनाने का लक्ष्य रखा है जिनमें से तीन करोड़ ग्रामीण और शहर के बाहरी इलाकों में बनाए जाएंगे. पश्चिमी भारत INDvsENG : इस 20 वर्षीय क्रिकेटर का नॉटिंघम में टेस्ट डेब्यू करना तय! ऐसे समझें फर्जीवाड़ा, उपभोक्ताओं को लगाया चूना अगर आप कोई सूचना, लेख, आॅडियो-वीडियो या सुझाव हम तक पहुंचाना चाहते हैं तो इस ईमेल आईडी पर भेजें: [email protected] जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में सेना की पेट्रोलिंग पार्टी पर ग्रेनेड हमला, सर्च ऑपरेशन जारी पावर परचेज मैकेनिजम : आरडब्लूए प्रतिनिधि अनिल सूद ने कहा कि बिजली कंपनियां सरप्लस बिजली किस रेट पर बेच रही हैं और किस रेट पर खरीद रही हैं, इसे ट्रांसपेरेंट होना चाहिए और पब्लिक स्क्रूटनी के लिए खुला होना चाहिए। अगर पावर एक्सचेंज में बिजली 3 रुपये प्रति यूनिट बिक रही है और दिल्ली की कंपनियां उसे 2 रुपये में बेच रही हैं तो पब्लिक इसकी मॉनिटरिंग करेगी और गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी। All content © The Wire, unless otherwise noted or attributed. Follow Us On : 248 करोड़ बढ़ी सब्सिडी  डीईआरसी चेयरमैन पी. डी. सुधाकर ने कहा कि अभी बिजली कंपनियां सस्ती बिजली खरीदने के कोई गंभीर प्रयास नहीं करती। हम ऐसा सिस्टम बनाना चाहते हैं कि अगर बिजली कंपनियां खर्च कम करती हैं तो उसका जो फायदा होगा उसका कुछ हिस्सा कंपनी को मिलेगा। वह एक तरह से बिजली कंपनी के लिए इंसेंटिव होगा। अभी ऐसा कोई इंसेंटिव नहीं है। हम चाहते हैं कि ऐसा हो। अगर वह मेहनत करके खर्च कम करते हैं तो उन्हें इसका इनाम मिले और इससे कंस्यूमर को भी फायदा होगा। business1 day ago प्रदेश में बिजली चोरी, छीजत कम करने की गरज से बिजली कंपनियां बीते पांच साल में करीब तीन हजार करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च कर चुकी हैं लेकिन फिर भी कई जिलों में बिजली छीजत का आकंड़ा 25 फीसदी से ज्यादा बना हुआ है। बिजली कंपनियों ने छीजत बीस फीसदी से कम करने का लक्ष्य तय किया था जो कुछ जिलों में शहरी इलाकों को छोड़कर अब तक अधूरा रहा है। अपने पसंदीदा टॉपिक्स चुनें close बैडरूम को बनाना हैं रोमांटिक तो इस कलर करें यूज संजीव रंजन उर्फ छोटू पासवान FROM WEB45 Colleges ranked by prettiest studentsAd: FROPKY.COMTake a step closer towards your [email protected]$ 150 p.m#HappyEMIsAd: Godrej EmeraldNRI's Booked Home at Shapoorji Pune at Rs 45,000Ad: Joyville by Shapoorji PallonjiFROM NAVBHARAT TIMESराहुल गांधी और इस लड़की की जोड़ी का सच क्या है?स्तन के नौ प्रकारआतंकी बुरहान वानी का एनकाउंटर करने वाले पुलिस अफसर सस्पेंड?From The Web मोटो जेड2 प्ले 64जीबी (लूनर ग्रे, 4जीबी रैम) 15 शहरों में रिलांयस-बीपी करेगा घरों में गैस का वितरण, लाइसेंस लेने के लिए लगाई बोली © Copyright Network18 Media and Investments Ltd 2016. All rights reserved. NETWORK 18 SITES CONTACT US. PRIVACY POLICY. LEGAL DISCLAIMER. COMPLAINT. AUTHORS. INVESTOR INFO. CAREERS. WHERE TO WATCH वातावरण की उपेक्षा की यह स्थिति थी कि खुदाई तथा सुरंग बनाने से निकला सारा मलवा खुलेआम नदी में डाला जा रहा था। योजना बनाने वालों ने किंचित भी परवाह नहीं की कि ऐसा करने से पानी दूषित हो जाएगा तथा जल में रहने वाले जीवों की हानि होगी। जो वृक्ष या वन लगाने की बात योजना वालों ने की थी वह पूरी नहीं की गई। अड़तीस प्रतिशत योजनाओं ने कोई पेड़ नहीं लगाए, योजनाओं की सड़कें तथा सुरंगें बनाने से पहाड़ों के ढलानों को नुकसान हुआ। इन सब बातों का प्रतिकूल प्रभाव नदियों के नीचले भागों में पड़ा। नीचे के जल प्रवाह की माप होनी चाहिए थी तथा उसके मानदंड बनाए जाने चाहिए थे ताकि योजनाओं का वातावरण पर दुष्प्रभाव न पडे, उससे भूमिगत पानी का संचय हो रहा है या नहीं। सिंचाई के लिए क्या बचा पानी पर्याप्त है कि नहीं तथा नदी में कितनी बालू-मिट्टी जमा हो रही है ? यह देखा जाना चाहिए था कि योजनाओं के बनने के बाद पर्यावरण तथा प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और उसकी लगातार समीक्षा होनी चाहिए थी। बिजली यंत्रों को चलने से यदि कोई दुष्प्रभाव पड़ रहा है तो उनके संचालन में बदलाव किया जाना चाहिए था। भारत सरकार के सुझावों के अनुसार एक प्रतिशत बिजली सरकार को सहायता के लिए मुफ्त दी जानी चाहिए थी। लखनऊ। वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) के एक जुलाई से कार्यान्वयन के बाद सामान्य उपभोग का सामान मसलन केश तेल, साबुन और टूथपेस्ट सस्ते हो जाएंगे, साथ ही बिजली की दरें भी घटेंगी। जीएसटी परिषद ने कल अनाज को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का फैसला किया है। ©cea.nic.in - केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण, सेवा भवन, रामाकृष्ण पुरम, सेक्टर-1, नई दिल्ली - 110 066 और अधिक समाचारों के लिए अगले पेज पर जाएं, दोस्तों के साथ साझा करने नीचे क्लिक करें लखनऊः एलडीए ने घटाए फ्लैटों के दाम, 14 अगस्त से होंगे रजिस्ट... यूपी के 100 स्कूलों को मिला हिंदी कीबोर्ड, शुरू हुआ उज्जवल विकास अभियान Facebook साझा कीजिए योर मनीः युवाओं के लिए कौनसे फंड हैं बेस्ट National Dastak स‍िनेमा Bihar Cafe Jarnail SinghVerified account राज्यपाल का संदेश NEWSLETTER Shadik - August 17, 2018 Apr 28 2018 7:15AM प्रमुख कमोडिटी   ⁄  Free Electricity scheme Saubhagya Yojana begins in Dehradun सस्ता बिजली प्रदाता - विद्युत कंपनियां सस्ता बिजली प्रदाता - मुफ्त बिजली सस्ता बिजली प्रदाता - बिजली की कीमत
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