JOBSखबरेंजनरल नॉलेजकरंट अफेयर्ससक्सेस स्टोरी जिला सचिव आजसू पार्टी रांची पूर्व उप- प्रमुख बुंडू 101-200      4.00 परीक्षण रिपोर्ट का सत्यापन HARYANA GK साक्षात्कार CallIndia.com विशेष पृष्ठ उत्तर प्रदेश के औरैया में दो साधुओं की हत्या, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश असिस्टेंट इंजीनियर Of India इसी तरह छोटे (एलटीएस) व बड़े उद्योग (एचटीएस) के उपभोक्ताओं को भी सस्ती बिजली मिलेगी. कंपनी ने अपने प्रस्ताव में लो-टेंशन व हाइटेंशन के उपभोक्ताओं के लिए दर कम करने का प्रस्ताव दिया है. हालांकि एलटीएस-एचटीएस में फिक्स चार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव है. एलटीएस में 200 के स्थान पर 220 रुपये प्रतिमाह तो एचटी में 300 के स्थान पर 500 रुपये प्रति किलोवाट/माह का प्रस्ताव है. डिजाइन सेवाएँ You Are At: View Results 5 www.pressnote.in 01 मई 2018, 12:01 AM ग्वालियर, विशेष प्रतिनिधि। लोकायुक्त ने सोमवार को बिजली कंपनी के कनिष्ठ यंत्री एम पावसे के खिलाफ न्यायालय में चालन पेश कर दिया है। कनिष्ठ यंत्री एम पावसे को लोकायुक्त ने जून 2017 को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इस संबंध में आवेदक अनुरुद्ध सिंह राठौर ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के सामने आवेदन प्रस्तुत किया था जिसमें बताया गया था कि उनकी कस्बा पोरसा में भिण्ड रोड पर मेसर्स कामतानाथ ट्रेडिंग कंपनी के नाम से तेल मिल है। बिजली कंपनी के सर्तकता दल ने उनके आॅयल मिल पर छापा डाला था। इस दल में कंपनी के कनिष्ठ यंत्री एम पावसे भी शामिल थे। छापे के बाद कंपनी की तरफ से उनके पास तीन लाख सत्तर हजार, तिरेपन रुपए का बिजली चोरी एवं पेनल्टी का नोटिस आया था। सलमान की फिल्म ‘भारत’ में रेट्रो लुक में नजर आएंगी दिशा पटानी 3. पहले IIT और अब CAT में 100 प्रतिशत नंबर ला कर हासिल किया पहला रैंक SAVE SAL'S PLACE, PROVINCETOWN सुप्रीम कोर्ट का फोटो। VIDEO: हत्या कर खुद को घर में किया बंद फोन: 080-2207 2234 एन.सी.ई.आर.टी. टेस्ट सूचना का अधिकार अधिनियम डाक कर्मी डॉक्टर के घर लाखों की डकैती करनाल June 14, 2018 OMG! चिड़ियाघर में गधे को जेब्रा जैसा पेंट किया, बड़े कान देखकर लोगों ने यूं उड़ाया मजाक गोपनियता वन क्षेत्र पदाधिकारी (RFO) बेरमो बिजली कंपनियों ने गठन के बाद सातवीं बार बिजली दरों में बढ़ोतरी की है। यही नहीं पड़ोसी राज्यों में तुलना में प्रदेश में बिजली दरों में प्रदेश अव्वल नंबर पर आ गया है। उपयोगी अंग्रेज़ी लेखों के अनुवाद क्रय तथा सिविल इंजीनियरी विभाग की रिपोर्टें NEXT बच्चे खूब मन लगाकर पढ़ाई करें, बाकी चिन्ता शासन पर छोड़ दें –मंत्री श्री जैन, ऊर्जा मंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर स्कूली विद्यार्थियों के साथ मध्याह्न भोजन किया कटकमसांडी धर्म क्षेत्र 5 किलोवाट से अधिक और 50 किलोवाट या 56 केवीए तक के लोड के लिए 300 रुपये प्रति किलोवाट सिस्टम लोडिंग चार्ज जमा कराया जाता था। अब 5 किलोवाट तक कोई सिस्टम लोडिंग चार्ज नहीं देना होगा। अलबत्ता 5 किलोवाट से ऊपर के कनेक्शन के लिए पहले की ही तरह 300 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से सिस्टम लोडिंग चार्ज जमा कराया जाएगा। पहाड़ में सब्सिडी का लाभ लेकर पिरुल से पैदा करे बिजली : सीडीओ इकबाल खान कसौटी जिंदगी की रिमेक में मिस्टर बजाज का रोल प्ले करेंगे? 14 mins Bank/SSC तैयारी फोन में लोकेशन ऑफ है? फिर भी आप पर है गूगल की नजर, ऐसे करें बंद #एशियन गेम्स ख़बरेंमर्डर मिस्ट्रीचर्चित कांडसाइबर क्राइमसीरियल किलरसेक्स स्कैंडलबाहुबलीमोस्ट वॉन्टेडवीडियोनायकपुलिस फाइल सेफोटो -25 डिग्री सेल्सियस से 85 डिग्री सेल्सियस राज्यों से Bombay Burrp - अनमीटर्ड ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं की 180 व 200 रुपये प्रति किलोवाट के स्थान पर अब 300 रुपये प्रति किलोवाट की दर से भुगतान करना पड़ेगा। 1 अप्रैल से इन उपभोक्ताओं की दर 100 रुपये प्रति किलोवाट और बढ़ जाएगी और इन्हें 400 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से बिल चुकाना होगा। Polski इसके पूर्व मण्डल अध्यक्ष मुकेश कुमार राय के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने भगवानपुर चौक से जुलूस निकाला और प्रखंड मुख्यालय पर पहुंच पुतला दहन किया. इस मौके पर अमलेश कुमार चुन्नू, राजेश राय, बबलू चौधरी, संजीव चौधरी, निरंजन कुमार राय, सकलदेव राउत, रूपेश चौधरी, संजय चौधरी, प्रवीण शेखर, अमित शर्मा, मनीष कुमार समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित थे. ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि दिल्ली में बिजली के दाम कम करने के दावों के बीच अब महंगी बिजली की आशंका क्यों जोर पकड़ रही है. दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया है कि बिजली कंपनियों पर लगाम लगाने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है. पहली बार परफॉरमेंस के आधार पर सस्ती बिजली: बिजली कंपनियों के परफॉरमेंस के आधार पर रेग्युलेटरी सरचार्ज में कटौती कर बिजली सस्ती देने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। नियामक आयोग के चेयरमैन देशदीपक वर्मा ने कहा कि जो कंपनियां लाइन लॉस कम करने में पिछड़ गई उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा। आगे भी यह प्रतिस्पर्धा जारी रहेगी। हमें खेद हैं कि आप opt-out कर चुके हैं। June 13, 2018 बिजली कंपनियां दो तरह से बिजली खरीदती हैं। वह बिजली उत्पादक कंपनी से 10 या 20 साल के लिए लॉन्ग टर्म अग्रीमेंट करती है या फिर जरूरत के मुताबिक शॉर्ट टर्म अग्रीमेंट होता है। यह पावर एक्सचेंज के जरिए या फिर बाइलेटरल (द्विपक्षीय) हो सकता है। जहां से बिजली मिल जाए वहीं से कंपनियां बिजली खरीद लेती हैं। अभी इस तरह का कोई सिस्टम नहीं है कि अगर बिजली कंपनी कम दाम पर बिजली खरीदे तो उन्हें कुछ फायदा हो। बिजली कंपनियां जिस दाम पर बिजली खरीदती है वह उसके खर्च में जुड़ जाता है और आखिरकार वह खर्च उपभोक्ताओं के हिस्से में आता है। अगर बिजली कंपनियां कम दाम पर बिजली लेंगी तो उपभोक्ताओं पर भी कम बोझ पड़ेगा। aamaadmiparty.org #लाइट कैमरा एक्शन March 25, 2018 Binod Karan आपका ज़िला 0 राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने लाइन लॉस का पूरा भार बिजली उपभोक्ताओं पर न डालने की वकालत की। उन्होंने ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि बिजली कंपनियों के घाटे के आधार पर जो रेग्युलेटरी सरचार्ज लगाया जाता है। उसका 50 प्रतिशत हिस्सा उपभोक्ताओं और 50 प्रतिशत हिस्सा बिजली कंपनियों को देना चाहिए। ताकि बिजली कंपनियों की लापरवाही का खामियाजा ईमानदार उपभोक्ताओं पर न पड़े। अब यूपी में शहरी इलाकों में 300 से 1000 यूनिट के लिए 8 रुपये प्रतियूनिट की दर तय की गई है। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी बिजली की दरों में बढ़ोतरी हुई। ग्रामीण अनमीटर्ड व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 600 रुपए बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह देना हेागा। शहरी इलाकों में 300 से 1000 यूनिट 8 रुपये प्रतियूनिट किया गया है। शहरी व्यावसायिक फिक्स चार्ज 200 से बढ़ाकर 300 रुपये किया गया है। शहरी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक 7 रुपए प्रति यूनिट की दर चुकानी होगी। Leaders Instagram SHRIKHAND YATRA बिगनर्स के लिये सुझाव एशियाई खेल खबरे सुने दिल्ली के एम्स में चल रहा था इलाज, राजनीति के युग का हुआ अंत नई दिल्ली। रडार न्यूज   देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न... Times of India | Economic Times | iTimes | Marathi News | Bangla News | Kannada News | Gujarati News | Tamil News | Telugu News | Malayalam News | Business Insider | ZoomTv | Economic Times | BoxTV | Gaana | Shopping | IDiva | Astrology | Matrimonial | Breaking News | घरेलू (ग्रामीण) डीएस वन (200 यूनिट से अधिक) 1.70  4.75 Himachal News in Hindi देश की खबरें बजाज हिंदुस्तान ने बिजली कंपनी में अपनी 17.51 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगा संजय शर्मा‏ @sharma__sanjay 18 Aug 2015 कपिल शर्मा आज भी मुख्यधारा के भारतीय मीडिया का एक बड़ा हिस्सा केवल विशेष व समृद्ध वर्ग के लोगों की चिंताओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व कर रहा है। इस संविदा में हाशिए पर खड़े समाज जिसमें देश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाएं, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर शामिल हैं, उनके हितों एवं संघर्षों को आसानी से नजरअंदाज कर दिया जाता है। हाशिए पर खड़े समाज की आवाज बनने का नेशनल दस्तक एक प्रयास है। This question is for testing whether or not you are a human visitor and to prevent automated spam submissions. Designed by Hocalwire शासी परिषद् प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सौभाग्य-प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य उन सभी घरों तक बिजली पहुँचाना है, जहाँ अभी तक नहीं पहुँची  है। बच्चियों से रेप की घटना पर तेजस्वी का विराट प्रदर्शन, नीतीश कुमार को आई शर्म ग्रहों को जाने केंद्र सरकार की नीतियाँ और उपलब्धियाँ 0 लेनदारों में कमी करनी चाहिए। श्रेयांश कुमार राजसमंद Religion  National News बैंकिंग बीमा चीन-अमेरिका वार्ता से बाजार खिला, रुपया संभला संजीव रंजन उर्फ छोटू पासवान चंपारण (प) लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बेटियों के नाम सबसे ज्यादा मेडल जल-विद्युत योजनाओं से हानि कक्षा कार्यक्रम रोजगार April, 2016 वातावरण की उपेक्षा की यह स्थिति थी कि खुदाई तथा सुरंग बनाने से निकला सारा मलवा खुलेआम नदी में डाला जा रहा था। योजना बनाने वालों ने किंचित भी परवाह नहीं की कि ऐसा करने से पानी दूषित हो जाएगा तथा जल में रहने वाले जीवों की हानि होगी। जो वृक्ष या वन लगाने की बात योजना वालों ने की थी वह पूरी नहीं की गई। अड़तीस प्रतिशत योजनाओं ने कोई पेड़ नहीं लगाए, योजनाओं की सड़कें तथा सुरंगें बनाने से पहाड़ों के ढलानों को नुकसान हुआ। इन सब बातों का प्रतिकूल प्रभाव नदियों के नीचले भागों में पड़ा। नीचे के जल प्रवाह की माप होनी चाहिए थी तथा उसके मानदंड बनाए जाने चाहिए थे ताकि योजनाओं का वातावरण पर दुष्प्रभाव न पडे, उससे भूमिगत पानी का संचय हो रहा है या नहीं। सिंचाई के लिए क्या बचा पानी पर्याप्त है कि नहीं तथा नदी में कितनी बालू-मिट्टी जमा हो रही है ? यह देखा जाना चाहिए था कि योजनाओं के बनने के बाद पर्यावरण तथा प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और उसकी लगातार समीक्षा होनी चाहिए थी। बिजली यंत्रों को चलने से यदि कोई दुष्प्रभाव पड़ रहा है तो उनके संचालन में बदलाव किया जाना चाहिए था। भारत सरकार के सुझावों के अनुसार एक प्रतिशत बिजली सरकार को सहायता के लिए मुफ्त दी जानी चाहिए थी। विषय सूची चतरा by team livecities in BIHAR 0 ग्रामीण क्षेत्रों में 2 से 5 किलोवाट तक कनेक्शन लेने वालों को 60 रुपये प्रति किलोवाट जमा करना पड़ता था, जबकि शहरी क्षेत्रों में 2 किलोवाट से ऊपर और 5 किलोवाट से कम के कनेक्शन के लिए 150 रुपये प्रति किलोवाट जमा कराया जाता था।  Updated on 10/25/2017 पत्रिका तथ्य तथा आंकडे वर्ग 1 उन्होंने कहा कि बैठक के पहले दिन 1211 में से छह को छोड़कर बाकी सभी वस्तुओं के लिए जीएसटी दर तय कर ली गई। परिषद कल सोना, फुटवियर, ब्रांडेड आइटम व बीड़ी के लिए कर की दर तय करेगी। उन्होंने कहा,' बाकी के लिए दरों को अंतिम रुप दे दिया गया है।' इसी तरह पैकेज्ड खाद्य वस्तुओं के लिए जीएसटी अभी तय की जानी है। उन्होंने कहा कि कल की बैठक में सेवाओं पर कर की दर भी तय की जाएगी। प्रधानाध्यापक, आदिवासी उच्च विद्यालय छपरगढा Dharmender Chaudhary [Updated:28 Jan 2016, 4:59 PM IST] भाजपा जिलाकोषाध्यक्ष जमशेदपुर महानगर पिछड़ा मोर्चा Send प्रतीकात्मक फोटो. महाभारत 2019: 7 में से 5 सांसदों से दिल्ली की जनता नाराज, सीलिंग सबसे बड़ा फैक्टर 24 mins पढ़ेः भाजपा राज में अवैध खुदाई का कारोबार खुलेआम जारी अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की खबर से स्थगित हुआ... SECTIONS अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भविष्यवक्ता एवं वाममार्गी तांत्रिक, तंत्र सम्राट डबल गोल्ड मेडलिस्ट, स् नालंदा : खास खबर – रहने के लिहाज़ से पटना से आगे निकला बिहारशरीफ। 23 Views इंडस्ट्री VIDEO: गोरबंद में देखिए राजस्थानी लोक गीत 'जोगी रे दीवाना' Asian Games 2018: क्या गेम्स शुरू होने से पहले ही दो गोल्ड मेडल हार गया भारत! ऊर्जा लागत की तुलना करें - ऊर्जा प्रदायक चुनें ऊर्जा लागत की तुलना करें - बिजली और गैस प्रदाता ऊर्जा लागत की तुलना करें - इलेक्ट्रिक कंपनी आज स्विच करें
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