फोटो क्लिक कर देखें वीडियो।कोटा। शहर में निजी बिजली कंपनी केईडीएल के खिलाफ चल रहा विरोध रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस मामले में बुधवार को भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने केईडीएल के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसमें महिलाओं ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को फूलों का गुलदस्ता देकर और धोवना दिखाकर वापस कोलकाता जाने की मांग की। साथ ही कोटा नहीं छोड़ने पर धोवने से कूटने की धमकी भी दे दी। 2. कैशलेस पर भरोसा नहीं? लोगों के हाथ में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा कैश इंटरव्यू का सही नज़रिया Top Posts & Pages सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों की हालत नहीं चुकाए गए लोन की वजह से पहले से ही खराब है. अगर मुद्रा योजना के तहत दिए जाने वाले लोन की भी यही स्थिति रही तो ये सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों के एनपीए में इजाफा कर सकती है. योगदानकर्ता ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि दिल्ली में बिजली के दाम कम करने के दावों के बीच अब महंगी बिजली की आशंका क्यों जोर पकड़ रही है. दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया है कि बिजली कंपनियों पर लगाम लगाने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है. शहरों की मौजूदा व नई बिजली दरें Post navigation 41 Views अब पाइए अपने शहर ( Noida News in Hindi) सबसे पहले पत्रिका वेबसाइट पर | Hindi News अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Patrika Hindi News App, Hindi Samachar की ताज़ा खबरें हिदी में अपडेट पाने के लिए लाइक करें Patrika फेसबुक पेज अपलोड आरटीआई ऑनलाईन आगरा इंडिया दीप ई - बिडिंग इस वेबसाइट से संबंधित सवालों के लिए कृपया वेब सूचना प्रबंधक से सम्‍पर्क करें: [email protected] Contact बिजली कंपनियों के घाटे की पड़ताल नहीं की गई और हर साल कंपनियां अपने घाटे को कानूनी जामा पहनाती जा रही हैं, लेकिन सरकार की लापरवाही की वजह से उनका दावा कानूनी तौर पर पुख्ता हो रहा है, क्योंकि सरकार ने घाटे को लेकर कंपनियों से न तो कोई पूछताछ की और न ही इस बारे में कोई जानकारी ही जुटाई गई, नतीजा ये हुआ कि साल दर साल कंपनियों के घाटे की फाइलें सरकार के पास जमा हो रही है और एक तरह से सरकार की मौन स्वीकृति इस घाटे को मिल रही है, अब अगर मामला कोर्ट में भी जाता है, तो यहां सरकार की लापरवाही से खुद उसका पक्ष कम हो रहा है, ऐसे में दिल्ली में टैरिफ बढ़ने की आशंका मजूबत हो रही है. Dansk INDvsENG: भारत के पास सीरीज में वापसी करने का आखिरी मौका, तीसरा टेस्ट आज से राज्यपाल संदेश 7. नहीं बंद होंगी मुफ्त बैंकिंग सेवाएं, सरकार ने खबरों का किया खंडन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार में बिजली के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। संसाधन सीमित हैं, पर सुधार जारी है और इसकी बदौलत ही बिहार नई ऊंचाइयों को छुएगा। अब ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि पूरे देश में बिजली दर एक हो। 0 replies 0 retweets 1 like अम्बा प्रसाद रिपोर्टः फ्रित्ज मूरी बारां नैनवां में एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम Electricity cheap in Delhi Explore Our Articles and Examples सीतामढ़ी Shayari Latest TV Technologies in India अटल बिहारी वाजपेई के निधन पर शोक में डूबा शहर कई पार्टियों ने शोक सभा का आयोजन कर दिया श्रद्धांजलि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत / सार्वजनिक संस्थानों को पूर्ण दस्तावेज के साथ आवेदन पत्र जमा करने, बिल वितरित करने और पंचायत राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों के साथ परामर्श में राजस्व एकत्र करने के लिए अधिकृत किया जा सकता है। ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड (आरईसी) पूरे देश में इस योजना के संचालन के लिए नोडल एजेंसी रहेगी। प्रधान मंत्री सहयोगी बिजल योजना निश्चित रूप से देश में समग्र आर्थिक विकास में सुधार लाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में निश्चित रूप से मदद करेगी। गाज़ियाबाद Himachal News in Hindi PROPERTY SHARE बिजली कंपनी ने 12 लाख यूनिट के फर्जी बिल वसूल लिए LATEST NEWS यूएस एक्सचेंज CoinMKT एपीआई लॉन्च करता है, USD / Dogecoin ट्रेडिंग जोड़ता है CONNECT WITH US बॉलीवुड ग्रामीण क्षेत्र      प्रमुख संवाददाता, लखनऊ गढवा इंदिरा गांधी ने ब्लू स्टार पर अटलजी से बात करने के लिए बनारस में टेलीफोन लाइन बिछवा दी थी 23 mins Slovenčina सीएम हैंल्पलाइन डैशबोर्ड Facebook © 2018 सब्सक्राइब न्यूज़लेटर कोर्पोरेट फिल्म VIDEO : प्राकृतिक आपदा से जूझता केरल, आसमान से दिखा बाढ़ का भयावह नजारा news18 hindi आस्था का अनूठी झलक, हथेली पर ज्योति लेकर दंडवत हो मां के दरबार पहुंचे... केबिल प्रयोगशाला देखें LIVE: अंतिम सफर पर निकले अटल जी, मोदी, शाह सहित जनसैलाब यात्रा में वेब CONGRESS ENTANGLE VIRBHADRA 18 नई विद्युत योजनाएं, 1850 करोड़ का सालाना बजट मंजूर अक्षम यूनिट : बदरपुर पावर प्लांट में यूनिट नंबर 1, 2 और 3 अक्षम हैं। इसमें खर्च ज्यादा आता है और बिजली कम। लेकिन टोटल खर्च डिस्कॉम के खाते में आता है और यही कंज्यूमर की जेब पर भी भारी पड़ता है। नई यूनिट शुरू होनी चाहिए और अक्षम यूनिट बंद होनी चाहिए। नवभारत टाइम्स | Updated:Mar 16, 2018, 08:00AM IST 500 मेगावाट के लिए 30 कंपनियों ने लगाई बोली शाहजहांपुर : ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के तहत जनपद में संचालित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना... nakul devarshi | Jaipur, Rajasthan, India C to L वित्तीय समावेशन को मापने वाला ग्लोबल फाइंडेक्स डेटाबेस 2017 और वर्ल्ड बैंक की ओर से जारी फिनटेक रिवॉल्यूशन के मुताबिक, ‘दुनिया भर में 13 फीसदी वयस्क और 20 फीसदी खाताधारियों के पास निष्क्रिय खाता है जिसमें पिछले 12 महीने से कोई पैसा न जमा किया जा रहा है और न ही निकाला जा रहा है और न ही किसी डिजिटल तरीके से ही उसमें कोई लेन-देन हो रहा है.’ केरल बाढ़: मोदी से गुहार लगा टीवी पर रोने लगे MLA- 'प्लीज हेलिकॉप्टर भेजिए, नहीं तो 50000 मर जाएंगे' VIDEO: गाजीपुर जेल में बंद कैदियों ने सीसीटीवी कैमरे लगाने का किया विरोध तुला राशि वाले अपने काम को समय पर पूरा करेंगे। आज व्यापार में नए एग्रीमेंट न साईन न करें। आज घर में......Read more अयोध्या विवाद : सुप्रीम कोर्ट से ही तय होगा राम मंदिर का भविष्य बिजली कंपनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक प्रत्यय अमृत व एनटीपीसी के सीएमडी गुरदीप सिंह ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि 17 अप्रैल को कैबिनेट ने इन बिजली घरों को एनटीपीसी को देने पर सहमति दी थी। एमओयू पर हस्ताक्षर एनटीपीसी के डायरेक्टर कॉमर्शियल एके गुप्ता व कंपनी के प्रबंध निदेशक आर लक्ष्मणन ने किया। करार होने के बाद बरौनी से 684 करोड़ , कांटी से 54.69 करोड़ और नवीनगर से 136 करोड़ कुल 865 करोड़ सालाना बचत होगी। करार के समय मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव अतीश चंद्रा व मनीष कुमार वर्मा, विशेष सचिव अनुपम कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। हालांकि, पानी में उतरे केईडीएल भगाओ संघर्ष समिति के संयोजक हिम्मत सिंह हाड़ा की सुबह से शाम तक पानी में खड़े रहने के बाद तबियत भी बिगड़ गई. जिसके बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती तक करवाने की नौबत आ गई और कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती करवाना पड़ा.    ऊर्जा लागत की तुलना करें - इलेक्ट्रिक कंपनी ऊर्जा लागत की तुलना करें - सस्ते ऊर्जा दरें ऊर्जा लागत की तुलना करें - बिजली की कीमतें
Legal | Sitemap