taken off. पटना,17 अप्रैल (हि.स.)। राज्य कैबिनेट की मंगलवार को यहां हुई बैठक में इस वर्ष अप्रैल से बिजली की बढ़ी हुई टैरिफ दरों में उपभोक्ताओं को सब्सिडी देकर सरकार ने दावा किया है कि बिहार की बिजली दर सभी पड़ोसी राज्यों यूपी और पश्चिम बंगाल से काफी कम है । कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष बिजली दर में सब्सिडी के कारण राज्य सरकार के खजाने पर 4137 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा । पिछले वर्ष 2952 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गयी थी. उन्होंने बताया कि सब्सिडी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर ज्योति योजना के तहत बिजली की दर प्रति यूनिट 2.45 रुपये पड़ेगी । पश्चिम बंगाल में यह 3.44 रुपये और यूपी में 3.39 रुपये प्रति यूनिट है । इसी तरह शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली दरें भी पड़ोसी राज्यों से कम हैं । इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपयोग और कृषि व सिंचाई के लिए बिजली दर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी है । इस पर वर्तमान दर से ही बिजली बिल का भुगतान करना होगा । शहरी क्षेत्रों की बिजली दर में महज 10 पैसे प्रति यूनिट की ही बढ़ोतरी की गयी है | अब यह 5.30 रुपये प्रति यूनिट से बढ़कर 5.40 रुपये हो गयी है । मुख्य सचिव ने कहा कि बरौनी, कांटी और नवीनगर बिजलीघरों को एनटीपीसी को ट्रांसफर कर दिया गया है । इन यूनिटों से राज्य को अपने स्तर पर बिजली उत्पादन काफी महंगा पड़ रहा था । बरौनी थर्मल पॉवर स्टेशन से अभी बिजली उत्पादन में प्रति यूनिट 5.75 रुपये का खर्च आ रहा है, जबकि बाढ़ एनटीपीसी से बिजली खरीदने पर यह खर्च 4.25 पैसे प्रति यूनिट ही पड़ेगा । इस वजह से सभी बिजली उत्पादन ईकाइयों को एनटीपीसी को ही स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है । इससे सरकार को 875 करोड़ रुपये सालाना की बचत होने का अनुमान है । वर्ष 2017-18 के लिए बिजली उपलब्धता करीब 27 हजार 178 मिलियन यूनिट है, जबकि 2018-19 के लिए बिजली उपलब्धता का लक्ष्य 29 हजार 403 मिलियन यूनिट निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष से 8% अधिक है । सब्सिडी के बाद बिजली दर :-कुटीर उद्योग- 2.45,घरेलू (ग्रामीण)- 3.17,घरेलू (शहरी)- 5.40,गैर-घरेलू (ग्रामीण)- 4.00,गैर-घरेलू (शहरी)- 8.25,कृषि एवं सिंचाई-1 - 1.50,कृषि एवं सिंचाई-2 - 7.75,औद्योगिक सेवा-1 - 8.35,(19 केवी तक) औद्योगिक सेवा-2 - 8.32 (19 केवी से ज्यादा और 74 केवी से कम) औद्योगिक सेवा-1 - 8.67,(11 केवी) औद्योगिक सेवा-2 - 8.60,(33 केवी), औद्योगिक सेवा-3 - 8.01,(132 केवी) (सभी आंकड़े रुपये प्रति यूनिट में) हिन्दुस्थान समाचार/अरुण/शंकर वास्तु टिप्स: इन 5 कारणों से आपके घर में नहीं टिकता पैसा, अपनाएं ये आसान उपाय FROM WEBTake a step closer towards your [email protected]$ 150 p.m#HappyEMIsAd: Godrej EmeraldNRI's Booked Home at Shapoorji Pune at Rs 45,000Ad: Joyville by Shapoorji PallonjiExplore endless entertainment for $15/mo.Ad: SLING INTERNATIONALFROM NAVBHARAT TIMESदेखें, कहां छुट्टियां बिता रही हैं जैकलीनराहुल गांधी और इस लड़की की जोड़ी का सच क्या है?स्तन के नौ प्रकारFrom The Web Hollywood News मेनू बदल रेलयात्रियों से वसूली जा रही दोहरी कीमत, मांगने पर भी नहीं दिखाते रेट लिस्ट राज्य सरकार की नीति में उल्लेख नहीं था कि योजनाओं को नदियों का पानी प्रयोग करने के बाद कितना नीचे की धारा में छोड़ना चाहिए। पानी सुरंगों में डालने तथा प्रयोग करने के बाद नीचे नदी की पुरानी घाटी में बहाव कितना रहेगा ? पाँच योजनाओं की जाँच करने के बाद देखा गया कि नदियों की सुरंगों के समाप्त होने के बाद निचले भागों में पानी नहीं था और वे बिलकुल सूखे पड़े थे। कहीं कुछ बूदें रिसती दिखाई दे रही थीं। जो वातावरण को बनाए रखने लायक नहीं थी। नदियों से रिसकर जो पानी भूमितल में जमा होता था वह भी समाप्ति पर था। बिना सोचे-समझे राज्य सरकार नदियों पर जो अंधाधुंध जल-विद्युत योजनाएं बना रही थी उनका मिला-जुला नतीजा वातावरण के लिए घातक था। अभी 42 जल-विद्युत परियोजनाएं कार्य कर रही थीं, 203 और या तो बन रही थीं या तैयारी में थी। बहुत सारी अन्य विचाराधीन थी। खो गया है आपका स्मार्टफोन तो गूगल मैप की मदद से ऐसे खोजें भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है।वहीं उनके परिजन भी शोक में डूबे हैं। टीम दृष्टि उन्होंने कहा कि मांग आधारित टैरिफ तीन फेज यथा एनडीएस 2, एनडीएस 3 एवं एलटीआईएस 2 उपभोक्ता श्रेणियों में आवश्यक किया गया है। नेगी ने बताया कि उपभोक्ता के अग्रिम भुगतान पर एवं प्रीपेड मीटरयुक्त उपभोक्ता के लिए सूद मिलने की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि कुटीर ज्योति बीपीएल (ग्रामीण) के लिए संबंध भार की सीमा बढ़ाकर 100 वाट की गई है। इस अवसर पर आयोग के दो अन्य सदस्य राजीव अमित और एससी झा भी उपस्थित थे। Asian Games 2018: खेल गांव में खिलाड़ियों को पसंद आ रहा खाना, छोटे कमरे से है शिकायत राज्यपाल ने राजभवन में देखे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम धर्म-आस्था satendra bartwal | News18 Uttarakhand सब्स्क्राइब कीजिए हमारा न्यूजलेटर रोग और उपचार वातानुकूलक परीक्षण प्रयोगशाला आदि प्रकार टॉवर परीक्षण स्टेशन (पी टी टी एस) SHRIKHAND YATRA   Previous Storyएन्‍वायरमेंट के साथ पैसे भी बचाएंगी ई-कॉमर्स कंपनियां, अमेजन ने शुरू की साइकिल पर डिलिवरी Next StoryEPFO के लिए UAN जरूरी, जानिए इससे जुड़ी 3 अहम बातें   # सस्ती बिजली यात्रा/पर्यटन संबंधी सलाह ज़ी स्पेशल सरकार Radio City October 2017 Mon, 20 Aug 2018 08:30 PM IST अगर आप इस परिभाषा के मुताबिक देखे तो विद्युतीकरण हो रखे एक गांव में बिजली तो पहुंच चुकी है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गांव के सभी घरों में बिजली का कनेक्शन हो. आईसीआईसीआई बैंक: केरल के ग्राहकों से इस महीने ईएमआई चुकाने में देरी पर पेनल्टी नहीं लेगा 1 mins इमरान के शपथ ग्रहण समारोह में सबसे 'ताकतवर' शख्स ने सिद्धू का किया स्वागत Click to share on Facebook (Opens in new window) हमीरपुर महाभारत 2019: 7 में से 5 सांसदों से दिल्ली की जनता नाराज, सीलिंग सबसे बड़ा फैक्टर 24 mins पढ़ाने का तरीका मणिपुर परिवाद पर सुनवाई करते हुए फोरम अध्यक्ष इंद्रा सिंह ने मीटर रीडिंग लेकर वास्तविक खपत पर बिल देने और परिवादी को मानसिक परेशानी के रूप में 2000 और परिवाद व्यय के 1000 रुपए भुगतान करने के आदेश विद्युत कंपनी को दिए हैं।  कोर्पोरेट फिल्म Kesari TV मुखपृष्ठ को लौटें। सामग्री को स्किप करें सक्रिय राजनीति से बाहर होकर... इसी तरह छोटे (एलटीएस) व बड़े उद्योग (एचटीएस) के उपभोक्ताओं को भी सस्ती बिजली मिलेगी. कंपनी ने अपने प्रस्ताव में लो-टेंशन व हाइटेंशन के उपभोक्ताओं के लिए दर कम करने का प्रस्ताव दिया है. हालांकि एलटीएस-एचटीएस में फिक्स चार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव है. एलटीएस में 200 के स्थान पर 220 रुपये प्रतिमाह तो एचटी में 300 के स्थान पर 500 रुपये प्रति किलोवाट/माह का प्रस्ताव है. 3. वर्ष 2018-19 में साउथ बिहार 20 फीसदी व नॉर्थ बिहार कंपनी 22 फीसदी तक तकनीकी-व्यवसायिक नुकसान लाए। अभी कंपनी का नुकसान 36 फीसदी है। अगले वित्तीय वर्ष में नुकसान को 15 फीसदी पर लाया जाए।  भारत के पीसी मार्केट में 28 फीसदी की ग्रोथ, अल्ट्रा स्लिम नोटबुक ने बढ़ाई मांग 50 mins अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की खबर से स्थगित हुआ... Web Title:Electricity rate increases in Bihar Sajid on महाराष्ट्र “श्रवण बाल सेवा राज्य निवृत्तिवेतन योजना 2017” Mandsaur weather छपरा वास्तु शुद्धिपत्र वाजपेयी को संघी और फासिस्ट बताने वाले प्रोफेसर पर हमला, अस्पताल में भर्ती क्रिकेटस्कोर कार्डवीडियोखेल की अन्य खबरेंइंटरव्‍यूओपीनियन NIOS Dled ऊर्जा सुधारों ने विश्व में पहचान दिलाई विद्युत सम्पर्क दिल्ली वालों को 50 पर्सेंट कम दाम पर बिजली देने का आम आदमी पार्टी का वादा पूरा तो हो सकता है, लेकिन इसकी राह आसान नहीं है। अरविंद केजरीवाल उन कदमों को लागू कर सकते हैं जो दिल्ली की आरडब्लूए लंबे वक्त से मांग कर रही हैं, लेकिन इससे बिजली के रेट पर कुछ ही फर्क पड़ेगा। रेट काफी घटाने के लिए दिल्ली को केंद्र सरकार की मदद की जरूरत पड़ेगी। accel companies कुल खपत का 17% हिस्सा  लेट आने पर कर्मचारियों का ढोल बजाकर और माला पहनाकर स्वागत लांच हुअा Samsung Galaxy Note 9, जानिए कीमत और फीचर्स शाहरुख और अजय को क्‍लासमेट बनाना चाहती हैं काजोल, लेकिन आमिर खान को नहीं! जानें क्‍यों Joined July 2012 बिजली दरों के मामले में पड़ोसी राज्यों में श्रेणीवार बिजली दरों की तुलना में प्रदेश में बिजली दरें सर्वाधिक हो चुकी हैं और बिजली कंपनियों के वित्तीय घाटे में हो रही लगातार बढ़ोतरी व उदय योजना में मिले अनुदान की शर्तों के अनुसार बिजली कंपनियों को मिली छूट से आगामी समय में फिर से बिजली दरों में बढ़ोतरी होना भी लगभग तय है।  Português तराजू में एक तरफ नमक तो दूसरी तरफ मेवा उच्‍च वोल्‍टता प्रयोगशाला 41 Views प्रिया प्रकाश का नया वीडियो वायरल, आंखों से फिर किये कातिलाना इशारे बिजली कंपनियां अगर बिजली उत्पादक कंपनियों से कम दाम पर बिजली खरीदती हैं तो उन्हें इसके बदले इंसेंटिव मिल सकता है। दिल्ली इलैक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी अथॉरिटी (डीईआरसी) इस योजना पर विचार कर रही है। अभी इस संबंध में सभी की राय ली जा रही है। फाइनल होते ही इसके बारे में ऑर्डर जारी कर दिए जाएंगे। इससे बिजली कंपनियों के साथ ही कंस्यूमर को भी फायदा होगा, क्योंकि इससे उनका बिल का बोझ कुछ कम होगा। पे स्केल: Apps लोवर सबोर्डिनेट सर्विसेज़ (अवर) मैनुअल-13,14 & 15 अन्य खेल प्रदेश में बिजली चोरी, छीजत कम करने की गरज से बिजली कंपनियां बीते पांच साल में करीब तीन हजार करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च कर चुकी हैं लेकिन फिर भी कई जिलों में बिजली छीजत का आकंड़ा 25 फीसदी से ज्यादा बना हुआ है। बिजली कंपनियों ने छीजत बीस फीसदी से कम करने का लक्ष्य तय किया था जो कुछ जिलों में शहरी इलाकों को छोड़कर अब तक अधूरा रहा है। सुगम्य भारत अभियान क्रेडिट कार्ड से मिलते हैं ये बड़े फायदे WHAT WE DO © One.in Digitech Media Pvt. Ltd. All Rights Reserved. अधिनियम/नियम केजरीवाल सरकार को कांग्रेस ने बताया विफल  मंत्री श्री जैन ने हासामपुरा में स्व.दिगंबरराव तिजारे स्टेडियम का लोकार्पण किया, विधायक ट्रॉफी 2018 का पुरस्कार वितरण भी किया अटलजी को श्रद्धांजलि देने जा रहे अग्निवेश की भाजपा मुख्यालय के बाहर पिटाई 10 mins पावर प्लांट लगाने के लिए सरकार निविदा निकालेगी. बताया जाता है कि तीन-चार कंपनियां ने इस सिलसिले में ऊर्जा विभाग और राज्य पावर जेनरेशन बिजली कंपनी से संपर्क भी किया है. कंपनी सूत्रों के अनुसार जो कंपनी राज्य को सस्ती बिजली देगी उसे सोलर पावर प्लांट लगाने में प्राथमिकता मिलेगी. पीरपैंती व कजरा में जमीन उपलब्ध है.  बिजली की लागत - इलेक्ट्रिक कंपनी स्विच करें बिजली की लागत - विद्युत योजना की तुलना करें बिजली की लागत - इलेक्ट्रिक बिल कैसे कम करें
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