बेगूसराय में फांसी पर झूला युवक, वीडियो फेसबुक पर लाइव हो रहा था पावर डाटा प्रबंधन प्रभाग इसरो नैनो उपग्रह बनाने के लिए क्षमता विकास कार्यक्रम शुरू करेगा Investor जिला भाजपा महामंत्री एससी मोर्चा Twitter Hindi News »Madhya Pradesh »Shivpuri» अब बिजली कंपनी में अनुकंपा नियुक्ति शुरू अमित शाह आज रांची में, BJP आईटी सेल के 500 युवाओं को करेंगे संबोधित आयुषमान भारत योजना स्वास्थ्य मित्र नौकरियां RC चकल्लस इसके पश्चात पुलिस ने मेले में छापेमारी कर जुआ खेला रहे बबलू बिरुवा के  चचेरे भाई कुशल टीयू को 32 हजार रूपये एवं बाइक के साथ गिरफ्तार किया। इस दौरान मौके का फायदा उठाकर बबलू बिरुवा फरार हो गया। मापयंत्र सुविधाऍं Sign In जहां मन करता है उड़ जाता है ये जोड़ा राष्ट्रीय जलग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रम 6 7 8 9 10 11 12 राज्यवार ख़बरें Pages FROM NETWORK18   Previous Storyई-कॉमर्स कंपनी अमेजन का नेट प्रॉफि‍ट घटा, एक रात में CEO जेफ बेजोस ने गंवाएं 6 अरब डॉलर Next StoryEPFO के लिए UAN जरूरी, जानिए इससे जुड़ी 3 अहम बातें   राज्य विशेष पाठ्य-सामग्री उच्‍च धारा लघु पथन परीक्षण सुविधा उन्नाव शेयर     A | B | C | D | E | F | G | H | I | J | K | L | M | N | O | P | Q | R | S | T | U | V | W | X | Y | Z | अन्य Punjab Kesari SMARTPHONE यूएस एक्सचेंज CoinMKT एपीआई लॉन्च करता है, USD / Dogecoin ट्रेडिंग जोड़ता है Trending Now नईदुनिया विशेष Sat, 18th August 2018, 10:56 IST निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? जनगणना पॉलीक्लोरीनेटेड बाइफिनाइल ( पीसीबी) मोदी द्वारा ज़ोर-शोर से शुरू की गईं विभिन्न योजनाओं की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? लेकिन इस योजना पर बहुत ही धीमी गति से काम बढ़ रहा है. शहरी आबादी के लिए दो करोड़ मकान बनाने के लक्ष्य में से दिसंबर 2017 के आखिरी तक सिर्फ 4.13 लाख मकान ही तैयार हो पाए थे और 15.65 लाख मकान निर्माणाधीन थे. August 18,2018 10:28:33 AM जॉन अब्राहम की बॉडी बनवाई इस शख्स ने 6 पैक्स एब्स के बारे में ये सीक्रेट्स किए शेयर 6 mins मीटर निरंतर Go to Home >> बीएनपी परिबास ग्राहक आचरण 'लाइव' ब्लॉकचैन पेमेंट्स रिआयत Click to share on Twitter (Opens in new window) 80 ए (वैकल्पिक) आगामी वित्तीय वर्ष 2018-19 की नई बिजली दर का निर्णय बुधवार को विनियामक आयोग के अध्यक्ष एसके नेगी, सदस्य राजीव अमित व आरके चौधरी ने संयुक्त रूप से सुनाया। अध्यक्ष ने कहा कि साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड को 9,603 करोड़ और नॉर्थ बिहार कंपनी को 7207.62 करोड़ रुपए राजस्व की जरूरत का प्रस्ताव दिया था। समीक्षा के बाद आयोग ने साउथ बिहार के लिए 9228.64 करोड़ और नॉर्थ बिहार के लिए 7106 करोड़ की जरूरत को मंजूर किया है। दोनों कंपनियों ने 2018-19 के लिए कुल 5121.87 करोड़ घाटा का प्रस्ताव दिया था, लेकिन जांच में मात्र 747.44 करोड़ ही पाया गया। कंपनी ने राजस्व नुकसान को कम करने के लिए 44 फीसदी बिजली दर वृद्धि का प्रस्ताव दिया, जिसे आयोग ने बड़े उद्योग को छोड़कर बाकी श्रेणी के उपभोक्ताओं को मात्र पांच फीसदी वृद्धि का निर्णय लिया है।  लाइव सिटीज डेस्कः बिहार के लिए एक बुरी खबर है. बताया जा रहा है कि तेलंगाना के मेदक में समस्तीपुर के तीन मजदूरों की मौत हो गई है. हादसा सिलिंडर फटने से हुआ है. सभी […] पाकिस्तान: इमरान खान का शपथ-ग्रहण आज, तैयारियां पूरी बक्सर सिक्कालेख सोशल वायरल सम्पर्क 2001 ऊर्जा संरक्षण अधिनियम के तहत नियम / विनियम जवाब – नहीं, किसी भी श्रेणी के उपभोक्ताओं को मुफ्त में बिजली प्रदान करने के लिए इस योजना में कोई प्रावधान नहीं है। उपयोग की गयी बिजली की लागत का भुगतान संबंधित उपभोक्ताओं को डिस्कॉम / बिजली विभाग द्वारा तय की गयी यूनिट के आधार पर करना होगा। पोर्टल के बारे में एम आइ एस बरनाला/संगरूर समाज मुखपृष्ठ बारिश के बावजूद पारा 45 डिग्री सेल्सियस Wed, 22 Aug 2018 08:30 PM IST जहां विद्युत लाइन नहीं, वहां सोलर लाइट power schemes 1850 गुजरात चुनाव: पटेलों के बीच माधव सिंह सोलंकी के शासन की याद ताजा कराएगी भाजपा Comment All rights are reserved by Deshbandhu. Copyright @ 2018. देशबन्धु बाहरी साइटों पर मौजूद सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. चाईबासा : आरोपी का साला गांव के मेले में जुआ खेलाते हुए नकद के साथ गिरफ्तार   भारत के बारे में Story first published: Monday, September 1, 2014, 14:43 [IST] साइट इं.ए 7 अथवा ऊपरवाले में 1024 x 768 रेसोल्‍युशन, मोजि़ला 3.5 अथवा ऊपर, गूगल क्रोम 3 अथवा ऊपरवाले में बेहतर देखा जा सकता है। जन गण मन की बात, एपिसोड 289: अटल बिहारी वाजपेयी का राजनीतिक जीवन लाल किले पर आज 15 अगस्त की फुल ड्रेस रिहर्सल, बच कर चलें आजादी की लड़ाई का सूत्र खादी अब बन रहा फैशन का नया ट्रेंड अगले दो वर्षों के लिए योजना का बजट 17,000 करोड़ रु है। जन्मदिन विशेष : भोजपुरी सिनेमा को पहचान दिलाने वाले रवि किशन… सिनेमा केंद्र सरकार की कोयले से चलने वाले बिजली उत्पादन संयंत्रों को हतोत्साहित करने की नीति के कारण एनटीपीसी दिल्ली की तीनों बिजली कंपनियों को जो बिजली 4.3 रुपया प्रति यूनिट के दर से बेचता था, अब उसके दाम 3.8 रुपए प्रति यूनिट कम कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त एनटीपीसी ने अपने थर्मल पावर प्लांटों में विद्युत उत्पादन की लागत में लगभग 14 फीसद की कमी की है। इस कारण दिल्ली के उपभोक्ताओं को लगभग 20 फीसद कम दामों पर बिजली उपलब्ध कराई जानी चाहिए, लेकिन बिजली कंपनियां अभी भी महंगे दामों पर बिजली बेच रही हैं। स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे से लहराया राजधानी, देखिए दिल्ली से ग्राउंड रिपोर्ट उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया  पावर टैरिफ सब्सिडी प्रदान करने की यह योजना 15 अगस्त, 2015 से प्रभावी होगी तथा 5 वर्ष तक की अवधि के लिए जारी रहेगी। अरुण कुमार मानते हैं कि जीएसटी लागू करने का दबाव मल्टिनेशनल कंपनियों की ओर से भी था. उन्होंने कहा कि ये नहीं चाहते थे कि उन्हें भारत के अलग-अलग राज्य में अलग-अलग टैक्स से जूझना पड़े. हालांकि इससे छोटे व्यापारियों पर असर पड़ सकता है. लघु सिचाई योजनाएं.. About Us | Privacy Policy | Contact Us | Feedback | Sitemap | RSS दिल्ली/एनसीआर Delhi Scheme सचिवालय में नए भर्ती चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नियुक्तियां देने पर हाईकोर्ट की रोक 13 प्रवक्ता ने बताया कि स्वीकृत राशि राज्य सरकार के खजाने के माध्यम से सीधे आवेदक के बैंक खाते में जमा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सब्सिडी राशि जारी होने से पहले आवेदक को हलफनामा और पूर्व-रसीद जमा करनी होगी और निदेशक, उद्योग और वाणिज्य पावर टैरिफ सब्सिडी की मंजूरी के लिए सक्षम प्राधिकारी होंगे। हिन्दुस्तान job: सशस्त्र सीमा बल में SI, ASI और हेड कांस्टेबल के पद पर 181 वैकेंसी, क्लिक कर पढ़ें रोजगार क्षेत्र की ताजा खबरें नीदरलैंड में जल्द शुरू होगा दुनिया का पहला समुद्र में तैरता डेयरी फार्म, रोबोट निकालेंगे गायों का दूध 18 mins LATEST VIDEO नोडल अधिकारी (वेबसाइट) राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने पूजन किया 16/08/2018 लग्जरी फीचर्स से लैस Renault Kwid को देखकर कोई भी हो जाएगा दीवाना, कीमत 3 लाख से भी कम टेक कम्पैरिजन 繁體中文 Latest News हिन्दी न्यूज़ | News | मराठी | বাংলা | ગુજરાતી | ಕನ್ನಡ | தமிழ் | తెలుగు | മലയാള | Petitions promoted by other Change.org users स्कूल में छड़ी से पीटते थे मौलवी साहब, जब मंत्री बना तो... किस्सा सुनाते हुए भावुक हुए राजनाथ सिंह कांग्रेस का देशभर में अनशन शुरू नौवां सवाल –  इस योजना को पूरे देश में कैसे लागू किया जाएगा? इंटीरियर डैकोरेशन आर-पार : आज़ादी मिल गई लेकिन हमारे जवानों को शहादत से आज़ादी कब मिलेगी? पर्मालिंक https://p.dw.com/p/2ra7K 255 Retweets ऐप डाउनलोड करें दिल्ली में इस कार की कीमत 5लाख 90 हज़ार रुपये (11000 डॉलर) रखी गई है. भारत में पेश किए जाने के बाद इस कार को अगले साल से अफ़्रीका और यूरोप के बाज़ारों में उपलब्ध होगी. बदलेगा कई ट्रेनों का समय, आज और कल से होंगे कई बदलाव Search India Result 2018 Settings शहरी आवास मंत्रालय ने 2018-19 में 26 लाख, 2019-20 में 26 लाख, 2020-21 में 30 लाख और 2021-22 में 29.8 लाख मकान बनाने की योजना बनाई हुई है. हालांकि निर्माण की धीमी गति को देखते हुए यह लक्ष्य एक चुनौती की तरह लग रहा है. उदाहरण के लिए 2016-17 में सिर्फ 1.49 लाख ही मकान तैयार हो पाए थे जबकि 32.6 लाख का लक्ष्य रखा गया था. Care Today संपर्क उनका जवाब था, ‘जन धन खाते ग्राहकों के अनुरोध पर बंद किए गए हैं. कुछ जन धन खाते ग्राहकों के अनुरोध पर साधारण बचत खातों में तब्दील करवाने की वजह से बंद हुए हैं. कुछ मामलों में ये खाते इसलिए बंद करवाए गए हैं क्योंकि एक ही बैंक में एक आदमी के कई खाते पहले से थे.’ Recommended लाइव सिटीज डेस्क : बिजली कंपनी में 1200 नन टेक्निकल पदों पर बहाली होगी. बिजली कंपनी ने इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है. परीक्षा लेने के लिए माह के अंत तक विशेषज्ञ एजेंसी का चयन करने के लिए टेंडर निकाला जाएगा. एजेंसी चयन होने के बाद रिक्तियां निकाली जाएंगी. जो लोग इस जनगणना में शामिल नहीं हैं, उन्हें 500 रुपए में कनेक्शन दिया जाएगा और इसे 10 किश्तों में वसूला जाएगा।  जल संकट फीडबैक भेजें 24×7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी घरों में कनेक्टिविटी प्रदान करना एक शर्त है। ऊर्जा प्रदान करने के मुद्दे को सुलझाने के लिए सौभाग्य योजना के एक योजनाबद्ध समर्थन है। Hindi News »Bihar »Patna» बिजली कंपनी में 2000 पदों पर होगी बहाली विवो वी 7 32 जीबी (शैम्पेन गोल्ड, 4 जीबी रैम) 1- 100                4.27 पारेशण तीन-चार कंपनियों ने ऊर्जा विभाग से किया संपर्क टैबलेट रिलेशनशिपरहन सहनराइट डाइटफिटनेसपैसों की बात पर्यटन संस्कृति और विरासत हमारी पुस्तकें Aries (मेष) | Updated:Feb 27, 2016, 09:00AM IST करंट अफेयर्स चीन में एक आदमी के कान में रहते थे 26 तिलचट्टे August 18,2018 10:28:00 AM क्या वाकई मक्का में होटल की बिल्डिंग गिरने से हाजी शहीद हुए विद्युत योजना की तुलना करें - बिजली की आपूर्ति विद्युत योजना की तुलना करें - बिजली कंपनियों को आज बदलें विद्युत योजना की तुलना करें - सस्ते बिजली योजनाएं
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