देवाशीष सिंह PunjabKesari.in अरुण कुमार सोनी VIDEO: पुल पर कार्य के चलते लग रहा घंटों तक जाम, नहीं की गई वैकल्पिक व्यवस्था इसलिए इस मंदीर का विकास करना आवश्यक है। बालक भोजन में बाउरीसाई ,कितापीड ,लालबजार,सुबानसाईं,कराईकेला,पुरनाडीह, हुडांगदा, कोचासाई, बरडीह ,देंगसर्गी, गोपालपुर, रांगरिंग समेत 64 गांव के लोग शामिल हुए थे। महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) ने कई पदों के लिए वैकेंसी निकाली है. इच्छुक उम्मीदवार 28 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं. खबरें एक झलक में Timeline किसान महापंचायत का गांव बंद आंदोलन, किसानों ने दी गिरफ्तारी, किसानों की कर्ज माफी की मांग महत्वपूर्ण लिंक्स विशेषज्ञों का कहना है कि निर्धारित लक्ष्य को पाने के लिए इन दोनों ही योजनाओं की रफ्तार उल्लेखनीय गति से बढ़ानी पड़ेगी. एलपीजी की खपत में 2014-15 और 1015-16 के बीच 10.5 फीसदी और 9 फीसदी का इजाफा देखा गया है वहीं उज्ज्वला योजना शुरू होने के बाद 2016-17 और 2017-18 में एलपीजी की खपत में वृद्धि दर 10.1 फीसदी और 8 फीसदी देखी गई है जो कि योजना शुरू होने से पहले के बराबर ही है. रिआयत कृषि उपभोक्ता- 4.80 - 4.70 नालंदा काशीपुर राज्यवार ख़बरें Technology अपने पसंदीदा टॉपिक्स चुनें close Show Full Articleं आस्था pgcalirajpur डीबीएन न्यूज़/मुज़फ़्फ़रपुर:-(रूपेश कुमार). आज दिनांक 29-5-2018 सुबह करीब 9 बजे से 12 बजे तक मुज़फ़्फ़रपुर जिला के गायघाट थाना क्षेत्र में जारंग हाई-स्कूल चौक जो कि NH57 के अंतर्गत आता है आज वँहा लोगो ने एस्सेल के खिलाप सड़क पे उतर कर किया हला-बोल. गायघाट प्रखंड में थम नही रहा मेंटेनेन्स के नाम पर बिजली की कटौती, कभी बिजली की आँख मिचौली, कभी घन्टो तक बिजली नही देना ये एस्सेल कम्पनी के लिए आम बात हो चुक्की है. भारत में बिजली की कमी के बीच जानकार शंका जता रहे हैं कि जिस देश में बिजली की किल्लत है वहां बिजली की कार ज्यादा सफल नहीं होगी. लेकिन महिंद्रा को भरोसा है कि ये शंकाए बेवजह हैं. ट्रेवल पश्चिमी सिंहभूम AAP J&K‏ @AAPJammuKashmr 18 Aug 2015 News Feed मुखिया संघ के अध्यक्ष, चंदनकियारी आर.टी.आई. कार्य के लिए पत्र जारी किये जाने की तारीख से 24 महीनों की अवधि के भीतर योजना को पूरा किया जाएगा। ऑक्सिलरोमापी अंशांकन सुविधा तथा वीडियो अंकीय अभिलेखन तथा सुधार प्रणाली 22 Views Home Powered by WordPress and Smartline. आतंकी बुरहान वानी का एनकाउंटर करने वाले पुलिस अफसर सस्पेंड? एलआईसी कैंसर कवर प्लान 905 – www.licindia.in पूर्व क्षेत्र कंपनी अंतर्गत विभिन्न जिलों में काम लेने वाली नौ कंपनियों को टर्मिनेट कर दिया गया है। इन कंपनियों द्वारा काम नहीं किया जा रहा था। आगे नियमानुसार इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। देश विदेश 300 मीटर ऊंची उत्तर भारत की बुर्ज खलीफा बनकर तैयार, नजीब जंग का भी बनेगी ठिकाना 54 mins Internet & Communication last » राजस्थान                         100                 6.10 रुपए  (नई दर से) कॉरपोरेट जब भी खांसता था बच्‍चा आती थी सीटी की आवाज, डॉक्‍टर्स भी हैरान पानी को लेकर जनता सड़क पर, हाइवे जाम, डीजीपी होमगार्ड का फंसा वाहन Gujarat Scheme मूवी मसाला इस वेबसाइट की अंतर्वस्‍तु केन्‍द्रीय विद्युत अनुसंधान संस्‍थान, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रकाशित एवं व्‍यवस्थित है। #raipur 52 Views All rights reserved. योजना का प्रमुख भाग अलग-अलग फीडर की व्‍यवस्‍था कर उप-पारेषण तथा वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाना है और सभी स्तरों जैसे इनपुट पाइंट, फीडर और वितरण ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाना है। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत पहले ही ‘माइक्रो और ऑफ ग्रिड वितरण नेटवर्क और ग्रामीण विद्युतीकरण’ का कार्य किया जा चुका है। बिहार पी.सी.एस. Toggle navigation August 16, 2018 इंट्रानेट झारखंड December 2017 यूपीएससी - मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम हरियाणा सरकार करेगी 100 कैदियों को आजाद फिट महिला और दलित उद्यमियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने को लेकर शुरू की गई मुद्रा योजना का खूब जोर-शोर से प्रचार किया गया और कहा गया कि ये मोदी सरकार की नौकरी पैदा करने की बड़ी कामयाब पहल है. हालांकि औसत कर्ज लेने की रकम को बारीकी से देखने पर पता चलता है कि वास्तविकता कुछ और ही है. कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी कि वह अपनी जलशक्ति का उपयोग तथा विकास सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से करेगा। राज्य की जल-विद्युत बनाने की नीति अक्टूबर 2002 को बनी। उसका मुख्य उद्देश्य था राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाया जाय और उसकी बनाई बिजली राज्य को ही नहीं बल्कि देश के उत्तरी विद्युत वितरण केन्द्र को भी मिले। उसके निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं के कार्यांवयन की बांट, क्रिया तथा पर्यावरण पर प्रभाव को जाँचने तथा निरीक्षण करने के बाद पता लगा कि 48 योजनाएं जो 1993 से 2006 तक स्वीकृत की गई थीं, 15 वर्षों के बाद केवल दस प्रतिशत ही पूरी हो पाईं। उन सब की विद्युत उत्पादन क्षमता 2,423.10 मेगावाट आंकी गई थी, लेकिन मार्च 2009 तक वह केवल 418.05 मेगावाट ही हो पाईं। इसका कैग के अनुसार मुख्य कारण थे भूमि प्राप्ति में देरी, वन विभाग से समय पर आज्ञा न ले पाना तथा विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार बदलाव करते रहना, जिससे राज्य सरकार को आर्थिक हानि हुई। अन्य प्रमुख कारण थे, योजना संभावनाओं की अपूर्ण समीक्षा, उनके कार्यान्वयन में कमी तथा उनका सही मूल्यांकन, जिसे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को करना था, न कर पाना। प्रगति की जाँच के लिए सही मूल्यांकन पद्धति की आवश्यकता थी जो बनाने, मशीनरी तथा सामान लगने के समय में हुई त्रुटियों को जाँच करने का काम नहीं कर पाई, न ही यह निश्चित कर पाई कि वह त्रुटियाँ फिर न हों। निजी कंपनियों पर समझौते की जो शर्तें लगाई गई थीं उनका पालन भी नहीं हो पाया। डायबिटीज, ब्‍लड प्रेशर और कैंसर की दवाओं के तय होंगे दाम टेक लीक बिज़नस न्यूज़ से सुपरहिट फिल्मी दुनिया राकेश कुमार सनोरिया‏ @SANORIA1 Jun 10 LATEST VIDEO म्युचुअल फंड     A | B | C | D | E | F | G | H | I | J | K | L | M | N | O | P | Q | R | S | T | U | V | W | X | Y | Z हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application Himachal Pradesh News Hindi(हिमाचल प्रदेश) कातिल की गिरफ्तारी को लेकर मारवाड़ी कॉलेज के छात्र छात्राओं ने किया सड़क जाम नगर तथा मण्‍डल रिपोर्ट जानें क्यों मनाते हैं हरियाली तीज, इससे जुड़े रोचक तथ्य वास्तु Solve this simple math problem and enter the result. E.g. for 1+3, enter 4. Bihar News in Hindi बताया जा रहा है कि भागिनाथ शेळके ने 10 मई को सुबह 4.30 से 5 बजे के बीच फांसी लगाई है। इसके बाद उसके परिजनों ने उसके शव को स्वीकार करने से मना कर दिया। भागिनाथ शेळके के परिजन बिजली कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मृतक ने उसको दिए गए बिजली बिल को लेकर महाराष्ट्र राज्य बिजली बोर्ड के अधिकरियों से भी मुलाकात की थी मगर उन्होंने उसकी न सुनी। अधिकारीयों ने उसे बिजली का बिल जमा करने के लिए कहा था। परिजनों का आरोप है कि फरवरी महीने से भागिनाथ शेळके, गारखेड़ा के महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी के दफ्तर में चक्कर काट रहा था। परिजनों का कहना है कि जब मृतक ने अपने सुसाइड नोट में बिजली कंपनी को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है तो फिर उस पर केस क्यों दर्ज नहीं हो रहा है। 162 dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 26, 2018, 05:50 PM IST कांग्रेस प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने कहा, ‘‘अगर जनता के बारे में सोचा होता तो ये बढ़ोतरी नहीं होती. अगर आपका कदम ठीक था तो सप्ताह भर पहले दाम बढ़ा देते लेकिन नगर निकाय चुनावों के कारण ऐसा नहीं किया गया. यह एक तानाशाहीपूर्ण कदम है.’’ Quintype also availabe on: August 2017 SBI कार्डधारक ध्यान दें: 31 दिसंबर के बाद बंद हो जाएगा आपका डेबिट कार्ड, जानिए क्यों Google ने खुद जारी की है लिस्ट, एंड्रॉयड यूजर्स तुरंत डिलीट कर दें ये 145 एप्स विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाया है कि बिजली वितरण कंपनियों से सरकार की मिलीभगत के कारण बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहती तो बिजली कंपनियों की ओर से उपभोक्ताओं को भेजे जाने वाले बिल में लगभग 20 फीसद की कमी हो सकती थी। दिल्ली सरकार सिर्फ दिखावे के लिए बिजली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की धमकी देती रहती है। July 18, 2018 The expected outcome of Pradhan Mantri Sahaj Bijli Har Ghar Yojana is as follows: TV Serials अन्य विशेष खबरों के लिए पढ़िये पंजाब केसरी की अन्य रिपोर्ट। Tweet with a location "> वास्तु Daily Bhaskar 15 अगस्त 2015 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 1,000 दिनों के भीतर सभी 18,452 विस्थापित विद्युत गांवों को विद्यमान करने की घोषणा की थी। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आज देश में केवल 3,046 बसे हुए गांव विद्युतीकरण के लिए शेष हैं। By: Inextlive | Publish Date: Sat 10-Mar-2018 03:17:17 PM (IST) हिमाचल प्रदेश पी.सी.एस. बिजली-सड़क-पानी से सुपरहिट सिरमौर AAPVerified account उफ़ ये कार... सबसे ज्‍यादा पढ़ी गई जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन संविधान की प्रतियां जलाए जाने के विरोध में कई जगह FIR, दिल्ली में बड़े प्रदर्शन की तैयारी Dharam तेजू महतो अटलजी नकारात्मक सोच से हमेशा दूर रहे, उनके व्यंग्य पर लोग तिलमिलाते तो जरूर थे, पर आहत नहीं होते: लालकृष्ण आडवाणी 14 mins बिज़नेस की अन्य ख़बरें RC विशेष - नहरी क्षेत्रों में अपर्याप्त एवं असामायिक विद्युत आपूर्ति का प्रामाणिक निराकरण, डिग्गी निर्माण से सिंचाई की सुनिश्चितता, आसान शर्तों पर ऋण 9 वर्ष के लिए उपलब्ध। ऊर्जा लागत की तुलना करें - सस्ते बिजली की आपूर्ति ऊर्जा लागत की तुलना करें - व्यापार बिजली की कीमतें ऊर्जा लागत की तुलना करें - विद्युत आपूर्ति
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