मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम Gujarati Videos ऊर्जा बचाने वाले घर #livecities Like/Dislike Leader Related to This News Religion दीवार में अनुभूति के रंग भरकर “बाघ और जंगल की दुनिया” दिखाने वाले स्टूडेंट्स हुए पुरुस्कृत  होम  » समाचार  » कारोबार  » जानिए ऐसा क्या करेंगे कि मिलेगा सस्ती ब्याज दर पर लोन क्राइम रिपोर्ट आज पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री बनेंगे इमरान खान, थोड़ी देर में लेंगे शपथ इंडिया Website यूपी के जेल राज्य मंत्री ने बाराबंकी जेल अधीक्षक के खिलाफ कराया केस दर्ज खेल जगत बिजली बिल के भार से दबा उपभोक्ता और बिजली कंपनी की रैंकिंग पहुंची 31वें स्थान पर Next : मंगलनाथ के पुजारी को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी, आर्थिक अनियमितता की जांच बैठाई, जांच होने तक पूजा करवाना प्रतिबंधित Leave a Reply जवाब –  परियोजना का प्रस्ताव राज्य डिस्कॉम / ऊर्जा विभाग द्वारा तैयार किए जाएंगे और सचिव (विद्युत) की अध्यक्षता वाली अंतर-मंत्रिस्तरीय निगरानी समिति द्वारा अनुमोदित, भारत सरकार स्वीकृत परियोजनाओं के तहत विद्युतीकरण कार्य संबंधित डिस्कॉम / विद्युत विभाग द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा। टर्नकी ठेकेदारों के माध्यम से या विभागीय रूप से या अन्य उपयुक्त एजेंसियों के माध्यम से मानदंडों के अनुसार यह काम करने में सक्षम हैं। अगले 5 आइटम्स » 1 2 3 4 … 46 हमेशा कनेक्टेड रहें केबिल व संधारित्र प्रभाग (सी डी डी) Nai Dunia यूरोप और अमेरिका में बने घरों में ठंड से बचने के लिए हीटिंग सिस्टम लगाया जाता है. सामान्य तौर पर ये प्राकृतिक गैस या दूसरे पारंपरिक ईंधन से चलता है. अब ऐसे घर डिजाइन किए जा रहे हैं जो ऊर्जा बचा सकें. (28.04.2014)   UP: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डाली तो रासुक में गिरफ्तारी प्रदेश महासचिव महिला कांग्रेस सह जिला अध्यक्ष बुद्धि जीवी मंच विचार विभाग 14 अगस्त 2018 संरचनात्मक सामग्री परीक्षण प्रयोगशाला भाषा चुनिए बलराम ताल योजना अगर राज्य का आकलन सही तरीके से किया जाए तो ना तो यहां बेरोजगारी की समस्या खत्म हुई है और ना ही पलायन का। यहां ना तो गरीबी खत्म हुई है और ना ही जीवन जीने के तरीकों में कोई सुधार हुआ है। स्वास्थ्य और शिक्षा के हालात पर हर दिन बहस हो रही है। 404 : Page Not Found रायपुर (*On an order value between Rs. 10, 000 and Rs. 14,999) under a CC BY-NC-SA 2.5 IN license. ट्रेन्ट ब्रिज ‘बिजली कंपनी विलफुल डिफॉल्ट नहीं है तो उसे NCLT में नहीं ले जाया जा सकता’ अधिकतम वर्तमान उन्होंने कहा, ''राज्य चाहते थे कि इन वस्तुओं पर उनकी स्वायतता बनी रहे. रियल स्टेट को लेकर कहा जा रहा है इसमें ब्लैक मनी का प्रवाह ज़्यादा होता है. ऐसे में अगर यह जीएसटी के भीतर रहता तो उस पर लगाम कसा जा सकता था.'' ड्राइविंग लाइसेंस मंदिर Lifestyle MLA BJP ख़बरें ज़रा हटके सिंचाई खबर : चर्चा में केरल UP: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डाली तो रासुक में गिरफ्तारी Do You Know? 31 जुलाई 2018 नानी मां के नुस्खे प्रत्येक न्यूज़ (e)    Increased economic activities and jobs होमगार्ड जवानों का दैनिक वेतन बढ़ेगा, हटाए गए 3000 होमगार्ड जवानों को फिर से काम पर लिया जाएगा किशोर कुमार Back Top मुख्य पृष्ठ अनु. व वि. योजनाएँ अनुसंधान योजना विद्युत पर अनुसंधान योजना (आरएसओपी) MAJOR CITIES पोल करें स्वतंत्रता दिवस पर 25 कैदियों को रिहा किया गया JOBSखबरेंजनरल नॉलेजकरंट अफेयर्ससक्सेस स्टोरी योजना के अनुदान का हिस्सा विशिष्ट वर्ग राज्यों के अतिरिक्त अन्य राज्यों के लिए 60 फीसदी (अनुशंसित उपलब्धि अर्जित करने पर 75 प्रतिशत तक) और विशिष्ट वर्ग राज्यों के लिए 85 फीसदी (अनुशंसित उपलब्धि अर्जित करने पर 90 प्रतिशत तक) तक है। अतिरिक्त अनुदान के लिए अपेक्षित उपलब्धियां हैं : योजना का समय पर पूरा होना, एटी एंड सी में अपेक्षित कमी और राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी को अग्रिम रूप से जारी करना। सिक्किम समेत सभी पूर्वोत्तर राज्य, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड विशिष्ट वर्ग राज्यों में शामिल हैं। महंगी बिजली का हल निकालने की दिशा में ऊर्जा मंत्रालय ने 17 जुलाई को जारी किए गए मेरिट ऑर्डर पर एक अगस्त तक सीईआरसी, सीईए और राज्यों के ऊर्जा सचिवों से राय मांगी थी। इसमें थर्मल ऊर्जा उत्पादन तथा शेड्यूलिंग के नियमों में ढील देने को लेकर ज्यादातर ने सकारात्मक पक्ष पेश किया। जवाब सकारात्मक होने की वजह बिजली कंपनियों की लागत में कमी और एकरूपता बताई जा रही है। सरकार इस व्यवस्था को ट्रायल के आधार पर एक साल के लिए लागू कर सकती है, उसके बाद पुनर्विचार कर आगे कदम बढ़ाएगी।  झटका : बिहार में बिजली पांच फीसदी हुई महंगी, जानें क्या है नई दर  सरकारी योजनाओं के बारे में अंग्रेजी में पढ़ें  विद्युत नियामक आयोग ने रेग्युलेटरी सरचार्ज में यह कटौती पिछले साल जारी बिजली टैरिफ में लागू परफॉरमेंस शर्तों के आधार पर की गई है। लाइन लॉस कम करने का तय लक्ष्य पूरा करने में नाकाम रही बिजली कंपनियों को जुर्माने के तौर पर अब तक वसूले जा रहे 2.84 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज में अलग-अलग दर पर कटौती की गई है। पश्चिमांचल के जिलों में लाइन लॉस का निर्धारित लक्ष्य पूरा हो जाने के कारण कंपनी के सरचार्ज में कोई कटौती नहीं की गई है। इसके चलते एनसीआर समेत मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर सरीखे जिलों में उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। गजब! विवादित जमीन का निपटारा करते-करते थानाध्यक्ष ही बन गया…   ⁄  हरियाणा मप्र में बिजली के दामों में 8 से 10% बढ़ोतरी अख्तर हाशमी उत्पादों मध्यांचल के बिजली उपभोक्ताओं को 0.73 फीसदी सरचार्ज देना होता है। एक हजार रुपये पर हर महीने करीब 7 रुपये। दूसरा रेग्यूलेटरी सरचार्ज 2.38 फीसदी सभी बिजली कंपनियों के उपभोक्ताओं पर लागू है। Lucknow News से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए NBT के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें एम ई डी फोटो गैलरी राष्ट्रीय पर्व को मनाते हैं लेकिन राष्ट्रीयता का मतलब नहीं समझते हैं – प्रधानाध्यापक बिजली चुनें - मेरे पास सस्ता बिजली बिजली चुनें - ऊर्जा लागत की तुलना करें बिजली चुनें - मेरे पास बिजली उपयोगिता कंपनियां
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