आज के हिन्दुस्तान से आधिकारिक सूचना के अनुसार, अगर गांव के कम से कम 10% घरों में विद्युत कनेक्शन प्राप्त होता है, तो गांव को विद्युतीकृत माना जाता है। अनुमान के मुताबिक, देश में 4.5 करोड़ ग्रामीण परिवार अभी भी बिजली के बिना रह रहे हैं। प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना ‘उजाला’ योजना को भी बढ़ावा देगी जो कि कई ऊर्जा बचत उपकरण जैसे पंखे, एलईडी बल्ब और अन्य सेवाएं प्रदान करती है। संदिग्ध युवक निकला शातिर अपराधी, कमर से पिस्टल तो बाइक भी चोरी का June 27, 2018 TOLL FREE केरल में बाढ़ से भारी तबाही, गर्भवती महिला का हेलीकॉप्टर से किया गया रेस्क्यू Mobile Apps ENGvsIND: विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में 37 टेस्ट मैचों में किए हैं 37 बदलाव @AamAadmiParty जनता को वेवकूफ बनाना बुस यही काम बाकि रह गया है बिजली कंपनियो का #DiscomFacts धर्म कर्म संतकबीरनगर राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजनाएँ (एनपीपी) का परिदृश्‍य विद्युत पर अनुसंधान योजना (आरएसओपी) हाईटेंशन (एचटीएस 132केवी)  6.25  5.75 अतिथि सारांश प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना, सौभाग्य फ्री बिजली कनैक्शन फरीदाबाद कार रिव्‍यूज फर्रुखाबाद कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी कि वह अपनी जलशक्ति का उपयोग तथा विकास सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से करेगा। राज्य की जल-विद्युत बनाने की नीति अक्टूबर 2002 को बनी। उसका मुख्य उद्देश्य था राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाया जाय और उसकी बनाई बिजली राज्य को ही नहीं बल्कि देश के उत्तरी विद्युत वितरण केन्द्र को भी मिले। उसके निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं के कार्यांवयन की बांट, क्रिया तथा पर्यावरण पर प्रभाव को जाँचने तथा निरीक्षण करने के बाद पता लगा कि 48 योजनाएं जो 1993 से 2006 तक स्वीकृत की गई थीं, 15 वर्षों के बाद केवल दस प्रतिशत ही पूरी हो पाईं। उन सब की विद्युत उत्पादन क्षमता 2,423.10 मेगावाट आंकी गई थी, लेकिन मार्च 2009 तक वह केवल 418.05 मेगावाट ही हो पाईं। इसका कैग के अनुसार मुख्य कारण थे भूमि प्राप्ति में देरी, वन विभाग से समय पर आज्ञा न ले पाना तथा विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार बदलाव करते रहना, जिससे राज्य सरकार को आर्थिक हानि हुई। अन्य प्रमुख कारण थे, योजना संभावनाओं की अपूर्ण समीक्षा, उनके कार्यान्वयन में कमी तथा उनका सही मूल्यांकन, जिसे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को करना था, न कर पाना। प्रगति की जाँच के लिए सही मूल्यांकन पद्धति की आवश्यकता थी जो बनाने, मशीनरी तथा सामान लगने के समय में हुई त्रुटियों को जाँच करने का काम नहीं कर पाई, न ही यह निश्चित कर पाई कि वह त्रुटियाँ फिर न हों। निजी कंपनियों पर समझौते की जो शर्तें लगाई गई थीं उनका पालन भी नहीं हो पाया। Divya Shree Music Today Today's e-Paper > आशीष कुमार सलमान खान की लग्जीरियस वैनिटी वैन में है मेकअप और स्टडी रूम, भारत के प्रोड्यूसर ने शेयर किए फोटो 47 mins Home > देश > उत्तराखंड में एक अप्रैल से बिजली महंगी   विकासनगर होम Tags: arvind kejriwalDelhi electricityDelhi electricity price cutDelhi power tariff cutDelhi power tariff reductionदिल्ली इलेक्ट्रिसिटी 19 replies 255 retweets 162 likes दिवाली खत्म होते ही महाराष्ट्र के लोगों को बिजली दर में बढ़ोतरी का झटका लगा है। बिजली बिल में बढ़ोतरी के लिए महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग ने महावितरण को हरी झंडी दे दी है। बिल में बढ़ोतरी एक नवंबर से हुई है और अगले चार सालों तक 4 स्लैब के तहत बिजली बिल में बढ़ोतरी होगी। चालू वित्त वर्ष में 1.5 फीसदी, 2017-18 में 2 फीसदी, 2018-19 में 1.20 फीसदी और 2019-20 में 1.27 फीसदी कीमतों में बढ़ोतरी की जाएगी। फिलहाल एक यूनिट पर करीब 4 पैसे का बोझ बढ़ेगा, लेकिन चार सालों की बात करें तो ग्राहकों पर कुल 9141 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा। प्रश्नपत्र IV NEXT Thanks. Twitter will use this to make your timeline better. Undo मंदसौर जिले की प्रमुख खबरे Books वेस्ट मैनेजमेंट के लिए एक्सपर्ट कमिटी बने: सुप्रीम कोर्ट चालू परियोजना ताज़ा ख़बर Search हास्य-व्यंग्य भिंड कर्नाटक जबलपुर। फीडर सेपरेशन, सिस्टम स्टेबलिंग सहित अरबों रुपए का काम लेने वाली नौ और कंपनियां बिजली कंपनी का काम छोड़कर भाग गई हैं। इससे पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को तगड़ा झटका लगा है। बिजली कंपनी ने सभी कंपनियों को टर्मिनेट कर दिया है। इससे पहले जबलपुर सिटी सर्किल में डेढ़ अरब से भी ज्यादा का काम लेने वाली नई दिल्ली की यूबी कंपनी (जिसके कर्ताधर्ता विजय माल्या थे) ने अपना बोरिया बिस्तर समेटकर बिजली कंपनी को चूना लगाया था। Solar Power देवशयनी एकादशी 23 जुलाई को : इस दिन व्रत करने से पापों का होता है नाश, 4 महीनों तक नहीं होते शुभ कार्य 44 mins चौकीदार की चाकू से गोदकर हत्या, खाली प्लॉट... घाटमपुर रोहतक The Wire is published by the Foundation for Independent Journalism, a not-for-profit company registered under Section 8 of the Company Act, 2013. चकल्लस संजीव उपाध्याय बांसवाड़ा राज्य सरकार की नीतियाँ हाईकोर्ट के फैसले पर एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि इससे बैंकों को स्ट्रेस्ड एकाउंट्स के रिजॉल्यूशन के लिए अधिक समय मिलेगा। कुमार ने बताया, 'बैंक कुछ बिजली कंपनियों के साथ लोन रिजॉल्यूशन पर बात कर रहे हैं।' भाजपा नेता सह पार्षद आदित्यपुर नगर निगम वार्ड संख्या 16 Promoted by 24 supporters जय प्रकाश भाई पटेल डीएम दिवाकर ने कहा कि शराब के साथ भी यही बात है. उन्होंने कहा कि सरकार शराब माफ़ियाओं पर नियंत्रण करना चाहती तो सबसे पहले उसे जीएसटी के दायरे में लाती. Monday 30 July , 2018 श्रीमती देवयानी मुर्मू अटल सरकार में पहली बार बना विनिवेश विभाग, Maruti सहित कई कंपनियों का... लखनऊ - सिस्टम लोडिंग चार्ज, मिनिमम चार्ज हो सकता है खत्म संबंधित लिंक तमिलनाडु के थेनी, मदुरै में बाढ़ का अलर्ट: 8,410 लोग राहत शिविरों में तरुण और उसकी गर्लफ्रेंड दुर्गाशा उर्फ गुड़िया के ठगी का मायाजाल तोड़ने में पीड़िता नर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारतखेल दिल्लीमूवी-मस्तीNBT ब्लॉगमुंबईजोक्स अपना ब्लॉगलखनऊटेकघर-परिवारअन्य शहरऑटोफोटो धमालदुनियाबिज़नस ETसंडे NBT राशिफल शुभ यात्राविचारNBT मोबाइलNBT ऐप   Previous StoryReduce Power: RBI गवर्नर की पावर होगी कम, अब MPC तय करेगी नीतिगत दरें Next StoryEPFO के लिए UAN जरूरी, जानिए इससे जुड़ी 3 अहम बातें   श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीका को 178 रनों से हराया 6kV चीन में हो रही है भारतीय नोट की छपाई? शशि थरूर ने उठाया सवाल... 100 यूनिट से ज्यादा खपत को लेकर भले ही स्थिति स्पष्ट नहीं है लेकिन 100 यूनिट तक 200 रुपए बिल आने पर 250 से 300 रुपए तक का फायदा होगा। ग्रामीण क्षेत्र में मौजूदा दरों से अभी 100 यूनिट पर 450 और शहरी क्षेत्र में 500 रुपए औसत बिल बनता है। इसमें से 200 रुपए ही भरना होंगे, बाकी राशि सरकार सब्सिडी के रूप में कंपनी को जमा करवाएगी। बिजली विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जिले में कई ऐसी सोसायटी हैं जिनका बिजली बिल बकाया है और उनके कनेक्शन काटे जाएंगे। जबकि वहां रहने वाले लोगों का कहना है कि उन्होंने समय से बिल्डर को बिल के पैसे दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि सोसायटी के आर.डब्लू.ए को इसकी जानकारी दी जा रही है और यदि समय से बिल का भुगतान नहीं किया गया तो सोसायटी की बिजली काट दी जाएगी। कैरियर / कोर्सेज कला और साहित्य 0 replies 0 retweets 2 likes उत्तराखंड में बिजली। 0:50 कटकमसांडी : मारपीट में घायल हुये लोगों से मिले विधायक Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 21, 2018, 02:20 AM IST Locations Solar कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - सस्ते व्यापार बिजली कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - बिजली कंपनी कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - ऊर्जा प्रदाता चुनें
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