Kashmir News in Hindi ये फिल्में रही बैन डार्क जोन घोषित होने से पूर्व निर्मित नवकूप/ डगकम बोर वेैल/कैविटी पाईप बोर वेैल/नलकूप पर विद्युत कनेक्शन हेतु विद्युत वितरण निगम में मॉग पत्र के आधार पर राशि जमा करवाने हेतु कृषकों को ऋण की सुविधा  50000/रू0 से 1-00 लाख तक 9 वर्ष की अवधि के लिए देय  तथा कुओं पर डीजल पम्प सैट के स्थान पर समान अश्वशक्ति के विद्युत मोटर हेतु भी ऋण की व्यवस्था। Bloomberg Quint Dharmender Chaudhary [Updated:31 Jan 2016, 8:02 AM IST] Shadik - August 16, 2018 महासचिव झारखंड प्रदेश तांती स्वासी कल्याण समिति Related Articles (Topic wise) मध्य प्रदेश                         100                5.06 रुपए  दरीदा पंचायत मुखिया सरकारी निर्देशिका ऐसे समझें फर्जीवाड़ा, उपभोक्ताओं को लगाया चूना व्यावसायिक (ग्रामीण) (0-100 यूनिट)  2.20  5.25 प्रोजेक्ट रिव्‍यू केरल के मौजूदा हालात न... अजितेश कुमार उदय: राज्य विद्युत् विभाग की भागीदारी का ज्ञा. 13th जनवरी 2016 दृष्टि मीडिया विद्युत प्रणाली विंग Investor| इसी तरह छोटे (एलटीएस) व बड़े उद्योग (एचटीएस) के उपभोक्ताओं को भी सस्ती बिजली मिलेगी. कंपनी ने अपने प्रस्ताव में लो-टेंशन व हाइटेंशन के उपभोक्ताओं के लिए दर कम करने का प्रस्ताव दिया है. हालांकि एलटीएस-एचटीएस में फिक्स चार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव है. एलटीएस में 200 के स्थान पर 220 रुपये प्रतिमाह तो एचटी में 300 के स्थान पर 500 रुपये प्रति किलोवाट/माह का प्रस्ताव है. कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी कि वह अपनी जलशक्ति का उपयोग तथा विकास सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से करेगा। राज्य की जल-विद्युत बनाने की नीति अक्टूबर 2002 को बनी। उसका मुख्य उद्देश्य था राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाया जाय और उसकी बनाई बिजली राज्य को ही नहीं बल्कि देश के उत्तरी विद्युत वितरण केन्द्र को भी मिले। उसके निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं के कार्यांवयन की बांट, क्रिया तथा पर्यावरण पर प्रभाव को जाँचने तथा निरीक्षण करने के बाद पता लगा कि 48 योजनाएं जो 1993 से 2006 तक स्वीकृत की गई थीं, 15 वर्षों के बाद केवल दस प्रतिशत ही पूरी हो पाईं। उन सब की विद्युत उत्पादन क्षमता 2,423.10 मेगावाट आंकी गई थी, लेकिन मार्च 2009 तक वह केवल 418.05 मेगावाट ही हो पाईं। इसका कैग के अनुसार मुख्य कारण थे भूमि प्राप्ति में देरी, वन विभाग से समय पर आज्ञा न ले पाना तथा विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार बदलाव करते रहना, जिससे राज्य सरकार को आर्थिक हानि हुई। अन्य प्रमुख कारण थे, योजना संभावनाओं की अपूर्ण समीक्षा, उनके कार्यान्वयन में कमी तथा उनका सही मूल्यांकन, जिसे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को करना था, न कर पाना। प्रगति की जाँच के लिए सही मूल्यांकन पद्धति की आवश्यकता थी जो बनाने, मशीनरी तथा सामान लगने के समय में हुई त्रुटियों को जाँच करने का काम नहीं कर पाई, न ही यह निश्चित कर पाई कि वह त्रुटियाँ फिर न हों। निजी कंपनियों पर समझौते की जो शर्तें लगाई गई थीं उनका पालन भी नहीं हो पाया। हिमाचल प्रदेश पी.सी.एस. फक्कड़ पुलिसिया ‘भगत’ जिसने, पैंट पर लिखे नंबर से ही कर दिया एक रात में चार कत्ल का ‘पर्दाफाश’ क्राइम रिपोर्ट बिजली बिल जमा करने लंबी कतार 2 हजार लोगों ने जमा किए 34 लाख आँध्रप्रदेश मेगपुर, मनिया, धौलपुर निवासी अमन पुत्र अजमेरी की बहन सुष्मिता पत्नी ललित ताजगंज के कुआंखेड़ा में रहती है। अमन कुछ दिन पहले बहन के यहां आया था।  Shayari प्रशासनिक रिपोर्ट पो बा सं 8066, सदशिवनगर (पी ओ) , 0 replies 0 retweets 2 likes आराम से कटेगा बुढ़ापा, इन 5 जगह करें निवेश ब्‍यूटी पार्लर खोलने के ल‍िए जिसने द‍िए 4 लाख रुपये, मह‍िला ने कर दी उसी की हत्‍.. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं स्टाइलिश दिखने के लिए जान्हवी और खुशी की फैशनेबल ड्रेेसेज को करें कॉपी Health: गर्मी के मौसम में फिट एंड फ्रैश रखेगी ग्रीन टी  मुख्य खबरें मीट, दूध, दही, ताज़ा सब्जियां, शहद, गुण, प्रसाद, कुमकुम, बिंदी और पापड़ को जीएसटी दायरे से बाहर रखा गया है। इसके कारण खाद्य पदार्थ खासकर गेंहू और चावल सस्ते होंगे क्योंकि जीएटी लागू होने के बाद इन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा जबकि अब तक इन उत्पादों पर वैट लगता था। दिनेश सिंह गल्फ उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने राज्य में बिजली की नई दरों को मंज़ूरी दे दी है. Web Title power companies without wilful defaulter tag cant be taken to nclt VIDEO: कांग्रेस की रैली में तिरंगे का अपमान Ways To Setup A Shock Proof House For Kids JOBSखबरेंजनरल नॉलेजकरंट अफेयर्ससक्सेस स्टोरी लांच हुअा Samsung Galaxy Note 9, जानिए कीमत और फीचर्स 2 months ago कंपनी ने बताया घाटा, आयोग ने पाया 531 करोड़ अधिक राजस्व अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने वालों का लगा तांता जुलाई 11, 2018 Razia Ansari Big News, ट्रेंडिंग, देश विदेश 0 ये हैं मानव इतिहास के 10 सबसे धनी व्यक्ति Latest भारत के पीसी मार्केट में 28 फीसदी की ग्रोथ, अल्ट्रा स्लिम नोटबुक ने बढ़ाई मांग 50 mins बेगूसराय में फांसी पर झूला युवक, वीडियो फेसबुक पर लाइव हो रहा था आपका ज़िला Gold Price NEWS घाटशिला मैनपुरी पेट्रोल-डीजल के बाद अब महंगी होगी बिजली, हम आपके लिए अपने कंटेंट को बेहतर बनाने के लिए कूकीज का इस्तेमाल करते हैं. अधिक जानकारी डाटा सुरक्षा पेज पर उपलब्ध है. उत्तरी भारत इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सभी श्रेणियों में कुल मिलाकर औसतन 12.73 फीसदी की वृद्धि की है। विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अनुसार पावर कार्पोरेशन ने 2 दिसंबर को नई दरों का सार्वजनिक प्रकाशन कराया था। कानूनन सार्वजनिक प्रकाशन के एक सप्ताह बाद नई दरें प्रभावी हो जाती हैं। अफसरों का कहना है कि शनिवार से नई दरें प्रभावी हो जाएंगी। इसके लिए तैयारियां कर ली गई हैं। बिलिंग सॉफ्टवेयर में संशोधन आदि की प्रक्रिया पूरी करा ली गई है। About text formats यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर अपनी संवेदनाएं जाहिर की और कहा कि उनका जाना राजनीति में एक महायुग का अंत है। Mahanagar Times उत्पाद विवरण: HPSC प्रयोगपृष्ठ हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से शुरू की गई म्हारा गांव-जगमग गांव योजना एक बेहतरीन प्रयोग है जिसने परंपरागत राजनैतिक सांस्कृति को बदलने का कार्य किया है। इससे पूर्व सत्ता में आने की इच्छा रखने वाले सभी राजनेता लोगों को बिजली के बिल फाडऩे के लिए प्रेरित करते थे और सत्ता में आने के पश्चात उन पर गोलियां चलवाते थे। वर्तमान सरकार ने इस परंपरा को तोड़ते हुए लोगों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने की  शुरूआत की है। helo Search ज्यादा पठित करेंट अफेयर्स दिशानिर्देश / संकल्पों / अधिसूचनाएं जालौन के बागी गांव में मां-बेटे की गला रेतकर हत्या दिल्ली बिजली बोर्ड ने बिजली बिल का फिक्स्ड चार्ज बढ़ाकर बिजली की दरों में कमी कर दी, जिसका फायदा हर महीने 400 यूनिट बिजली खर्च करने वाले को होगा सोलर पावर कंपनियों के बीच छिड़ी प्राइस वार को इस प्रोजेक्ट से हवा मिल सकती है। दरअसल हाल में ही एनटीपीसी सोलर पावर के क्षेत्र आने से बिजली की कीमतें 5 रुपए से नीचे जाने की उम्मीद है। अभी तक सबसे सस्ती सोलर पावर मध्‍य प्रदेश में 5.05 रुपए प्रति यूनिट की दर से कंपनियों से करार किया था। लेकिन एनटीपीसी इससे भी कम 4.75 रुपए प्रति यूनिट सोलर पावर बेचने की तैयारी कर रही है। वहीं, एनटीपीसी की रिवर्स बिडिंग के जरिए सोलर पावर प्रोड्यूसर्स से बिजली खरीदने की योजना है। कंपनी लगभग 15 हजार मेगावाट सोलर पावर खरीदेगी। एनटीपीसी को उम्मीद है कि इस बिडिंग में सोलर प्रोड्यूसर 3.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिड करेंगे। प्रिंट करें यह पेज प्रिंट करें 500 से अधिक--6.20--6.50 (दर रुपये प्रति यूनिट में) उस समय सीएसपीडीसीएल 28वें स्थान पर था। ताजा रिपोर्ट में 31वां रैंक दिया गया है। दोनों ही रिपोर्ट में कंपनी को बी ग्रेड दिया गया है। कंपनी को 100 में से 35 से 50 के बीच अंक मिले हैं। यानी कंपनी का परिचालन (ऑपरेशनल) और वित्तीय प्रदर्शन औसत से नीचे है। #Mulk देश की खबरें हेल्थ टॉप स्टोरी सबसे ज्यादा राजस्व जमा करने वाले एनसीआर और पश्चिमांचल के उपभोक्ताओं को विद्युत नियामक आयोग ने दस फीसदी अतिरिक्त बिजली सप्लाई का तोहफा देने का फैसला किया है। आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन को तय शिडय़ूल से दस फीसदी ज्यादा बिजली सप्लाई की सलाह दी है। चेयरमैन ने लाइन लॉस कम करने का लक्ष्य पूरा करने के लिए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के अफसरों को बधाई दी है। RSS Feed पल्स दर: 1600 बोर व्यास: 8 मिमी Lifestyle अयोध्या विवाद : सुप्रीम कोर्ट से ही तय होगा राम मंदिर का भविष्य पर्यटन ELECTRIC TAXI SOLAN अमरावती August 17, 2018 पर्यावरण मंत्रालय चुप क्यों है ? 5/6 देखिए, केरल में बाढ़ से ताश के पत्तों की तरह ढही इमारत अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न नोएडा का डॉली: तीन महिलाओं से शादी कर की बड़ी ठगी, गर्लफ्रेंड समेत अरेस्ट जिले का गजेटियर भारत के पीसी मार्केट में 28 फीसदी की ग्रोथ, अल्ट्रा स्लिम नोटबुक ने बढ़ाई मांग 50 mins सपा आजादी के 71 साल बाद भी कुपोषण से हर साल होती है 3000 बच्चों की मौत west bengal चमोली साइबर संसार BUY NOW Copyright @ 2016 Drishti The Vision Foundation, India. All rights reserved News18 India केरियर Bosnian B/H/S हाजीपुर प्रत्येक न्यूज़ 500 से अधिक--6.20--6.50 (दर रुपये प्रति यूनिट में) पाकिस्तान: इमरान खान का शपथ-ग्रहण आज, तैयारियां पूरी Cashback on offer price: 3000 4/6 सरल बिजली बिल स्कीम में मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना-2018 में पंजीकृत श्रमिक उपभोक्ताओं को घरेलू कनेक्शन के लिए प्रति माह 200 रुपये अथवा पिछले 12 माह का औसत जो भी कम हो, का बिल ही भरना होगा। बिल की शेष राशि राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में भरेगी। स्कीम का लाभ 88 लाख श्रमिक उपभोक्ताओं को मिलेगा। श्रमिकों के हक में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा उठाया गया यह सबसे बड़ा कदम है। स्कीम के लागू होने से अब श्रमिक की आय का एक बड़ा हिस्सा बिजली खर्च से बचेगा। बची हुई यह राशि उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई आदि में खर्च हो सकेगी। स्कीम का स्वरूप न सिर्फ व्यापक है बल्कि श्रमिकों का व्यापक हित भी इससे जुड़ा हुआ है, जिसके दूरगामी परिणाम सुखद होंगें। यह प्रावधान रखा गया है कि पंजीकृत श्रमिकों के परिवार की समग्र आई.डी. में दिखाये गये सदस्यों में से कोई भी उपभोक्ता होने पर वह लाभ का पात्र होगा। अगर उपभोक्ता चाहे तो नि:शुल्क नामांतरण भी करवा सकता है। July 8, 2018 किस वजह से गोलवलकर ने थपथपाई थी युवा अटल की पीठ विद्युत नियामक आयोग ने रेग्युलेटरी सरचार्ज में यह कटौती पिछले साल जारी बिजली टैरिफ में लागू परफॉरमेंस शर्तों के आधार पर की गई है। लाइन लॉस कम करने का तय लक्ष्य पूरा करने में नाकाम रही बिजली कंपनियों को जुर्माने के तौर पर अब तक वसूले जा रहे 2.84 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज में अलग-अलग दर पर कटौती की गई है। पश्चिमांचल के जिलों में लाइन लॉस का निर्धारित लक्ष्य पूरा हो जाने के कारण कंपनी के सरचार्ज में कोई कटौती नहीं की गई है। इसके चलते एनसीआर समेत मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर सरीखे जिलों में उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सस्ता बिजली प्रदाता - अधिक युक्तियों के लिए यहां क्लिक करें सस्ता बिजली प्रदाता - विद्युत ऊर्जा सस्ता बिजली प्रदाता - आज स्विच करें
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