Spanish Español बड़ोग पंचायत के 2 गांवों में फोरलेन निर्माण का मलबा बना लोगों के लिए... कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी कि वह अपनी जलशक्ति का उपयोग तथा विकास सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से करेगा। राज्य की जल-विद्युत बनाने की नीति अक्टूबर 2002 को बनी। उसका मुख्य उद्देश्य था राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाया जाय और उसकी बनाई बिजली राज्य को ही नहीं बल्कि देश के उत्तरी विद्युत वितरण केन्द्र को भी मिले। उसके निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं के कार्यांवयन की बांट, क्रिया तथा पर्यावरण पर प्रभाव को जाँचने तथा निरीक्षण करने के बाद पता लगा कि 48 योजनाएं जो 1993 से 2006 तक स्वीकृत की गई थीं, 15 वर्षों के बाद केवल दस प्रतिशत ही पूरी हो पाईं। उन सब की विद्युत उत्पादन क्षमता 2,423.10 मेगावाट आंकी गई थी, लेकिन मार्च 2009 तक वह केवल 418.05 मेगावाट ही हो पाईं। इसका कैग के अनुसार मुख्य कारण थे भूमि प्राप्ति में देरी, वन विभाग से समय पर आज्ञा न ले पाना तथा विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार बदलाव करते रहना, जिससे राज्य सरकार को आर्थिक हानि हुई। अन्य प्रमुख कारण थे, योजना संभावनाओं की अपूर्ण समीक्षा, उनके कार्यान्वयन में कमी तथा उनका सही मूल्यांकन, जिसे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को करना था, न कर पाना। प्रगति की जाँच के लिए सही मूल्यांकन पद्धति की आवश्यकता थी जो बनाने, मशीनरी तथा सामान लगने के समय में हुई त्रुटियों को जाँच करने का काम नहीं कर पाई, न ही यह निश्चित कर पाई कि वह त्रुटियाँ फिर न हों। निजी कंपनियों पर समझौते की जो शर्तें लगाई गई थीं उनका पालन भी नहीं हो पाया। MevoFit Drive को फ्री में प्राप्त करे Home > देश > बिजली, दूध, अनाज, सब्जियां सस्ती, तेल घी होगा महंगा, GST से आम लोगों को और क्या-क्या फायदा, पढ़ें पूरी रिपोर्ट लातेहार : दीपावली से पूर्व शहर के सभी घरों तक... रिलेशनशिप Follow Us On: दिल्ली से और इतिहास: जब केवल दो दिन में हुआ पांच दिन के टेस्ट मैच का फैसला Get more of what you love टेली मसाला 443 Views ऊर्जा मंत्रालय इस योजना के कार्यान्वयन प्राधिकरण होगा। हेल्थ एंड ब्यूटी आरएसओपी के नाम से लोक प्रिय विद्युत पर अनुसंधान योजना का आरंभ 1961 में विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया । सीपीआरआई 2001 से इस योजना का प्रबन्धन कर रहा है। . Englishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡ Take Me Home इन दरों में नहीं हुआ बदलाव 97,131 likes Hindi News »Bihar »Patna» बिजली कंपनी में 2000 पदों पर होगी बहाली निविदाएं फेसबुक पर हमारा अनुसरण करें Mar 28, 2018, 04:11 PM IST फायदे की खबर opinion Bijli Bachao is your source for unbiased information on saving electricity. We do not sell any products, nor do we provide auditing services. We only provide well researched information. जयपुर। प्रदेश की छोटी ढाणियों और खेतोंं में मकान बनाकर रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। खेतों में मकान बनाकर रहने वालों को बिजली कनेक्शन देने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण घरेलू कनेक्शन योजना शुरू की है। इस योजना मेेंं 19 सितंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे, जो कि 30 अक्टूबर तक किए जाएंगे। पद का नाम: प्रदेस महासचिव युवा काँग्रेस सह अध्यक्ष युवा लायंस फोर्स कार्ड प्रीपेमेंट एकल चरण इलेक्ट्रिक मीटर, सर्ज संरक्षण वायरलेस पावर मीटर लातेहार अर्थजगत वाजपेयी निमोनिया से पीड़ित थे, काम नहीं कर रहे थे कई अंग: चिकित्सक हॉकी फेसबुक पर हमारा अनुसरण करें फी स्ट्रक्चर Haryana News in Hindi 02018-07-17T12:10:37 हमारे बारे में दिल्ली कांग्रेस की बैठक अनुसूचित जाति कल्याण SiteMap 144 माटीगढ़ पंचायत मुखिया CONGRESS ENTANGLE VIRBHADRA शिक्षा विभाग को पता नहीं: 17 अगस्त अवकाश है | MP NEWS सपोर्ट द वायर मध्यप्रदेश शासन, भारत समाजसेवी आराभुसाई, कटकमसांडी वहीं, इन प्रतिक्रियाओं का जवाब देते हुए बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि पिछली सरकार ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दरें संशोधित नहीं की, इसलिए मौजूदा सरकार को ऐसा करना पड़ रहा है. Gallery आलोक कुमार, प्रमुख सचिव (ऊर्जा) और अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन थाना प्रभारी, बालीडीह थाना LATEST NEWS Web Title: अमेरिकी कंपनी देगी भारत को सस्ती सोलर पावर ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं गैर कृषि उपभोक्ताओं की आपूर्ति व सुविधा हेतु कृषि और गैर कृषि फीडरों को अलग-अलग बांटकर बिजली पहुंचाने। ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर, फीडरों का सुदृढ़ीकरण। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत पहले से ही मंजूर माइक्रो ग्रिड और ऑफ ग्रिड वितरण नेटवर्क एवं ग्रामीण विद्युतीकरण परियोजनाओं को पूरा करने सहित नए उपकेंद्र, लाइन विस्तार, उपकेंद्रों के पावर ट्रांसफार्मर बनाने का कार्य होना है। इसके लिए संभाग में करीब 96 करोड़ रुपए खर्च होने हैं।     उन्होंने कहा कि नारनौंद क्षेत्र में 54 ऐसी ढाणियां है जिनमें न तो आर.डी.एस. फीडर से और न ही कृषि फीडर से बिजली आपूर्ति हो रही है। ऐसी ढाणियों को सौभाग्य योजना के तहत बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए विभाग द्वारा 113 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। इन ढाणियों में ऑफ ग्रिड मैथ्ड अपनाते हुए सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली मुहैया करवाई जाए। Jagbani Website Saturday, 04 Aug, 1.59 pm Promoted by 65 supporters aamaadmiparty.org फिल्‍मी खबरेंट्रेलरगॉसिपफिल्म समीक्षाइंटरव्यूछोटा पर्दा स्टार टॉक वायरल वीडियो बर्थडे स्पेशल परदेसी सिनेमा Check Also हृदय रोग से महिलाओं में मौत का ज्यादा खतरा : स्टडी ब्रजेश ठाकुर के पटना फ्लैट से मिली ऐसी ऐसी चीजें की नाम भी लेना मुश्किल Bijli Bachao in Media SYNDICATION ईमेल पर न्यूज़ पाएं GST दीवारों के रंग और सेक्स में है संबंध ज्यादातर लोगों के लिए घर का सबसे फेवरिट हिस्सा बेडरूम होता है… जामताड़ा एटक नेता सिंदरी यामाहा के YZF R15 बाइक का नया लिमिटेड एडिशन मॉडल लॉन्च प्रबंधन आर ई एस डी आज का राशिफल #Ind VS Eng सुधेड़ में पलटा पंजाब के श्रद्धालुओं का वाहन, 3 घायल अक्टूबर 25, 2017 बीटीसीसीहिना, हूबी, ओकाइन् फेस एडमिनिस्टिक सज़ा ... 0 Of India 500 से अधिक--6.20--6.50 (दर रुपये प्रति यूनिट में) कॉपीराइट © 2017. उर्जा विभाग, मध्य प्रदेश शासन. सर्वाधिकार सुरक्षित read more अजमेर जिला परिषद में आयोजित हुई स्वच्छता पर कार्यशाला सैंड आर्टिस्ट ने जुहू बीच पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को... 09:41 देवघर के व्यवसायियों ने पूर्व पीएम को दी अश्रुपूर्ण विदाई विद्युत प्रणाली प्रभाग प्रेषित समय :08:53:32 AM / Wed, Jun 13th, 2018 बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 184 अंक गिरा और निफ्टी.. फाइनेंशियल प्लानिंग से जुड़े सवाल-जवाब विद्युत प्रदायक बदलें - विद्युत आपूर्ति विद्युत प्रदायक बदलें - आज प्रदाता स्विच करें विद्युत प्रदायक बदलें - सस्ते विद्युत आपूर्ति
Legal | Sitemap